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    <title>धाकड़ समाचार &amp; : आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI)</title>
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    <description>धाकड़ समाचार &amp; : आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI)</description>
    <dc:language>HI</dc:language>
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    <dc:rights>Copyright 2026 धाकड़ समाचार    &amp; All Rights Reserved.</dc:rights>
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        <title>Google Photos में आया AI Wardrobe फीचर, तस्वीरों से बनेगा डिजिटल क्लोजेट</title>
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        <description><![CDATA[ Google Photos में 25 सितंबर को कई नए फीचर जोड़े गए। इनमें AI-powered Wardrobe फीचर भी शामिल है, जो यूजर्स की तस्वीरों में दिखाई देने वाले कपड़ों को डिजिटल कलेक्शन में व्यवस्थित करता है।
यूजर अपने फोटो में मौजूद कपड़ों को एक डिजिटल वॉर्डरोब के रूप में देख सकता है। इसके जरिए अलग-अलग कपड़ों को मिलाकर आउटफिट तैयार करने और वर्चुअली देखने की सुविधा दी गई है। यह फीचर भारत समेत अमेरिका और ब्राजील में योग्य Android और iOS यूजर्स के लिए उपलब्ध है।
Google Photos में Moods नाम का नया एडिटिंग फीचर भी जोड़ा गया है। इसके जरिए तस्वीरों पर 35mm फिल्म और 2000s digicam जैसे स्टाइल लागू किए जा सकते हैं।
इसके अलावा ऐप में नए Remix templates और Markup टूल में सुधार किए गए हैं। Markup में संवेदनशील जानकारी को ब्लर करने के लिए redact pen भी जोड़ा गया है।
Google के अनुसार नए फीचर्स का उद्देश्य फोटो लाइब्रेरी को व्यवस्थित करने और तस्वीरों को जल्दी एडिट करने के विकल्प बढ़ाना है। ]]></description>
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        <pubDate>Fri, 25 Sep 2026 22:10:30 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Piyush Raghuwanshi</dc:creator>
        <media:keywords>Google Photos, AI Wardrobe, Gemini, Artificial Intelligence, Google India</media:keywords>
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        <title>ग्रामीण सड़कों की खराबी अब AI बताएगा, मोबाइल वीडियो से होगी पहचान</title>
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        <description><![CDATA[ नई तकनीक का परीक्षण प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के तहत बनी ग्रामीण सड़कों पर किया जा रहा है। इसके लिए ग्रामीण विकास मंत्रालय ने AI आधारित रोड-कंडीशन असेसमेंट सिस्टम के ट्रायल को सैद्धांतिक मंजूरी दी है। यह सिस्टम Centre for Development of Advanced Computing (C-DAC) और National Rural Infrastructure Development Agency (NRIDA) के सहयोग से विकसित किया जा रहा है।
रिपोर्ट के अनुसार, देशभर में इस तकनीक का फील्ड-वैलिडेशन अभ्यास सितंबर की शुरुआत से शुरू किया गया है। इसमें राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की चयनित Programme Implementation Units को शामिल किया गया है।
पारंपरिक व्यवस्था में सड़क की स्थिति जानने के लिए अधिकारियों द्वारा मौके पर जाकर निरीक्षण किया जाता है और eMARG मोबाइल एप के जरिए जियो-टैग्ड तस्वीरें अपलोड की जाती हैं। नई व्यवस्था में वाहनों पर मौजूद मोबाइल उपकरणों से सड़क के वीडियो रिकॉर्ड किए जा रहे हैं।
AI सिस्टम परीक्षण के दौरान सात तरह की दिखाई देने वाली खराबियों की पहचान करने पर केंद्रित है। इनमें गड्ढे, सड़क की लंबवत और क्षैतिज दरारें, किनारों का टूटना, सतह का धंसना, पैच और वनस्पति से जुड़ी बाधाएं शामिल हैं।
हालांकि AI से मिलने वाले परिणामों को अंतिम फैसला नहीं माना जाएगा। इंजीनियर मौके पर सड़क की खराबियों का भौतिक सत्यापन करेंगे और AI से प्राप्त आकलन के साथ वास्तविक स्थिति की तुलना करेंगे। यानी फिलहाल तकनीक का इस्तेमाल मानव निरीक्षण की जगह लेने के बजाय सड़क रखरखाव से जुड़े फैसलों में सहायता के लिए किया जा रहा है।
इस परीक्षण का उद्देश्य सड़क निरीक्षण को तकनीक आधारित बनाना और खराबियों की पहचान की प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित करना है। परीक्षण सफल रहने पर ऐसी तकनीक ग्रामीण सड़क रखरखाव की निगरानी में उपयोगी हो सकती है। ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 21 Sep 2026 15:48:06 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Piyush Raghuwanshi</dc:creator>
        <media:keywords>AI सड़क निरीक्षण, ग्रामीण सड़क, PMGSY, मोबाइल वीडियो, सड़क खराबी, C-DAC, NRIDA</media:keywords>
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    <item>
        <title>Air India Boeing 787 के Fuel Control Switch में नहीं मिली खराबी, जांच अभी जारी</title>
        <link>https://dhakarsamachar.in/air-india-boeing-787-fuel-control-switch-no-abnormality-july-2026</link>
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        <description><![CDATA[ नई दिल्ली, 29 जुलाई 2026: Air India के Boeing 787 विमान से जुड़ी एक महत्वपूर्ण तकनीकी जांच में फिलहाल किसी बड़ी खराबी की पुष्टि नहीं हुई है। भारत सरकार ने संसद में जानकारी देते हुए बताया कि Boeing द्वारा किए गए विस्तृत परीक्षण में विमान के Fuel Control Switch में कोई असामान्यता नहीं पाई गई। यह वही तकनीकी प्रणाली है, जिसे फरवरी 2026 में लंदन से बेंगलुरु आने वाली Air India की एक उड़ान के चालक दल ने जांच के लिए रिपोर्ट किया था।

यह मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि Boeing 787 विमान से जुड़ी तकनीकी सुरक्षा को लेकर पिछले कुछ समय से लगातार निगरानी बढ़ाई गई है। फरवरी में लंदन हीथ्रो से बेंगलुरु आने वाली Air India की उड़ान के बाद पायलट की रिपोर्ट में Fuel Control Switch के व्यवहार को लेकर चिंता जताई गई थी। इसके बाद विमान को ग्राउंड कर दिया गया और मामले की तकनीकी जांच शुरू की गई।

फरवरी में क्या हुआ था?

2 फरवरी 2026 को Air India का Boeing 787-8 विमान, जो लंदन हीथ्रो से बेंगलुरु की उड़ान पर था, अपनी यात्रा पूरी करने के बाद जांच के दायरे में आया। विमान के Pilot Defect Report में बाएं Fuel Control Switch से संबंधित समस्या दर्ज की गई थी।

रिपोर्ट के अनुसार, स्विच को हल्का दबाने पर उसके RUN से CUTOFF स्थिति में जाने और चयनित स्थिति में सकारात्मक रूप से लॉक न होने की शिकायत दर्ज की गई थी। इस रिपोर्ट के बाद विमान को आगे की जांच के लिए ग्राउंड किया गया।

इसके बाद Air India ने Boeing की निर्धारित प्रक्रियाओं के अनुसार Fuel Control Switch की जांच और functional testing कराई। यह प्रक्रिया DGCA के अधिकारियों की मौजूदगी में की गई थी। प्रारंभिक निरीक्षण के बाद OEM यानी Original Equipment Manufacturer की ओर से स्विच को mechanically functioning as designed बताया गया था।

Boeing की विस्तृत जांच में क्या सामने आया?

अब सरकार ने संसद में बताया है कि Boeing द्वारा किए गए विस्तृत परीक्षण में Fuel Control Switch में कोई abnormality नहीं मिली। हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि पूरे मामले की जांच समाप्त हो गई है।

नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने संसद के उच्च सदन में बताया कि विमान के पूरे thrust control module की अतिरिक्त जांच Boeing की सुविधा में अभी जारी है। यानी संबंधित तकनीकी प्रणाली के दूसरे हिस्सों का भी परीक्षण किया जा रहा है।

इससे स्पष्ट है कि जांच एजेंसियां केवल एक स्विच के परीक्षण तक सीमित नहीं रहना चाहतीं, बल्कि पूरे सिस्टम को तकनीकी रूप से जांच रही हैं।

DGCA की भूमिका

इस पूरे मामले में DGCA यानी Directorate General of Civil Aviation की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही है। फरवरी की घटना के बाद नियामक ने विमान की continued airworthiness सुनिश्चित करने के लिए आगे की जांच के निर्देश दिए थे।

नागरिक उड्डयन मंत्रालय की आधिकारिक जानकारी के अनुसार, Boeing 787-8 विमान की Fuel Control Switch प्रणाली की OEM स्तर पर जांच DGCA अधिकारियों की निगरानी में की गई थी। जांच के परिणामों के आधार पर स्विच को serviceable माना गया था, लेकिन DGCA ने आगे की जांच के लिए OEM facility पर निरीक्षण जारी रखने का निर्णय लिया।

विमान यात्रियों के लिए इसका क्या मतलब है?

किसी विमान के तकनीकी हिस्से में शिकायत दर्ज होने के बाद उसकी जांच किया जाना विमानन क्षेत्र की सामान्य सुरक्षा प्रक्रिया का हिस्सा है। इस मामले में भी शिकायत सामने आने के बाद विमान को जांच के लिए रोका गया और संबंधित तकनीकी प्रणाली का निरीक्षण किया गया।

फिलहाल उपलब्ध जानकारी के अनुसार Fuel Control Switch में कोई असामान्यता नहीं मिली है। हालांकि पूरी thrust control module की जांच जारी होने के कारण अंतिम निष्कर्ष आने तक पूरे मामले को पूरी तरह समाप्त मानना उचित नहीं होगा।

जांच अभी क्यों महत्वपूर्ण है?

विमानन सुरक्षा में किसी भी तकनीकी शिकायत को गंभीरता से लिया जाता है, खासकर तब जब वह इंजन नियंत्रण या ईंधन प्रणाली से संबंधित हो। यही कारण है कि संबंधित एजेंसियां केवल शिकायत किए गए हिस्से को देखने के बजाय पूरे सिस्टम की जांच कर रही हैं।

सरकार द्वारा संसद में दी गई जानकारी से यह भी स्पष्ट होता है कि तकनीकी जांच अभी जारी है और आगे की रिपोर्ट के आधार पर ही अंतिम तस्वीर सामने आएगी। Boeing की सुविधा में thrust control module की जांच पूरी होने के बाद मामले से जुड़ी अतिरिक्त जानकारी सामने आने की उम्मीद है।

निष्कर्ष

Air India के Boeing 787 विमान से जुड़े Fuel Control Switch मामले में फिलहाल कोई तकनीकी असामान्यता नहीं मिली है। फरवरी में लंदन-बेंगलुरु उड़ान के बाद पायलट की रिपोर्ट के आधार पर शुरू हुई जांच में Boeing ने संबंधित स्विच की विस्तृत जांच की। हालांकि विमान के पूरे thrust control module की अतिरिक्त तकनीकी जांच अभी जारी है।

इसलिए वर्तमान स्थिति में सबसे महत्वपूर्ण तथ्य यही है कि Fuel Control Switch में कोई abnormality नहीं पाई गई है, लेकिन संबंधित तकनीकी जांच अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है। आगे की जांच और आधिकारिक निष्कर्ष के बाद ही मामले की पूरी तस्वीर स्पष्ट होगी। ]]></description>
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        <pubDate>Fri, 31 Jul 2026 09:46:22 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Piyush Raghuwanshi</dc:creator>
        <media:keywords>Air India Boeing 787, Fuel Control Switch, Air India News 2026, Boeing 787 News, DGCA News, Aviation News India, Air India Flight, विमान सुरक्षा</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग बढ़ी, ऑटो कंपनियां नए मॉडल लॉन्च करने की तैयारी में</title>
        <link>https://dhakarsamachar.in/india-electric-vehicle-demand-growth-auto-companies-new-models</link>
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        <description><![CDATA[ नई दिल्ली। भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) का बाजार तेजी से विस्तार कर रहा है। पेट्रोल और डीजल की बढ़ती लागत, पर्यावरण को लेकर बढ़ती जागरूकता और सरकार की नीतियों के कारण इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग में लगातार वृद्धि देखने को मिल रही है।

ऑटोमोबाइल कंपनियां अब इलेक्ट्रिक कार, बाइक और स्कूटर के नए मॉडल बाजार में उतारने की तैयारी कर रही हैं। कंपनियों का फोकस बेहतर बैटरी क्षमता, ज्यादा रेंज और कम चार्जिंग समय वाले वाहनों पर है ताकि ग्राहकों को बेहतर विकल्प मिल सकें।

विशेषज्ञों के अनुसार, भारत में इलेक्ट्रिक वाहन उद्योग को बढ़ावा देने में चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार अहम भूमिका निभाएगा। देश के कई शहरों में चार्जिंग स्टेशन बढ़ाए जा रहे हैं, जिससे लोगों का भरोसा EV की ओर बढ़ रहा है।

सरकार भी इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाओं के जरिए कंपनियों और ग्राहकों को प्रोत्साहित कर रही है। इसका उद्देश्य प्रदूषण कम करना और ऊर्जा आयात पर निर्भरता घटाना है।

ऑटो सेक्टर के जानकारों का मानना है कि आने वाले वर्षों में इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी और बढ़ सकती है। खासतौर पर दोपहिया इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में तेजी से बढ़ने की उम्मीद है।

हालांकि, बैटरी की कीमत, चार्जिंग नेटवर्क और वाहन की शुरुआती लागत अभी भी इस क्षेत्र की बड़ी चुनौतियां हैं। कंपनियां इन समस्याओं को दूर करने के लिए नई तकनीक और किफायती मॉडल पर काम कर रही हैं। ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 27 Jul 2026 09:20:03 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Piyush Raghuwanshi</dc:creator>
        <media:keywords>भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों की मांग तेजी से बढ़ रही है। ऑटो कंपनियां नए EV मॉडल लॉन्च कर बाजार में अपनी पकड़ मजबूत करने की तैयारी कर रही हैं।</media:keywords>
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