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    <title>धाकड़ समाचार &amp; : गैजेट्स</title>
    <link>https://dhakarsamachar.in/rss/category/Gadgets</link>
    <description>धाकड़ समाचार &amp; : गैजेट्स</description>
    <dc:language>HI</dc:language>
    <dc:creator></dc:creator>
    <dc:rights>Copyright 2026 धाकड़ समाचार    &amp; All Rights Reserved.</dc:rights>
    <item>
        <title>भारत में AI इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार तेज, सेमीकंडक्टर क्षमता पर भी जोर</title>
        <link>https://dhakarsamachar.in/भारत-में-ai-इंफ्रास्ट्रक्चर-विस्तार-तेज-सेमीकंडक्टर-क्षमता-पर-भी-जोर</link>
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        <description><![CDATA[ AI के बढ़ते इस्तेमाल के बीच भारत में डिजिटल और तकनीकी इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की गतिविधियां तेज हुई हैं। डेटा सेंटर, सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग को रणनीतिक क्षेत्रों में शामिल किया जा रहा है।
24 सितंबर को Microsoft ने तेलंगाना में अपने India South Central data centre region को लाइव किया। यह क्लाउड और AI सेवाओं के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध कराने की दिशा में कदम है।
Economic Affairs Secretary Anuradha Thakur ने भी 24 सितंबर को कहा कि भारत को सेमीकंडक्टर जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में क्षमता निर्माण की जरूरत है ताकि वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच देश की तकनीकी क्षमता मजबूत हो।
सेमीकंडक्टर चिप्स मोबाइल फोन, कंप्यूटर, ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स और AI सिस्टम समेत कई क्षेत्रों में इस्तेमाल होते हैं। इसलिए इनके उत्पादन और आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करना महत्वपूर्ण माना जाता है।
भारत में इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण बढ़ने के साथ सेमीकंडक्टर की घरेलू मांग भी बढ़ रही है।
मुख्य बिंदु
AI और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर पर भारत में जोर।
Microsoft ने तेलंगाना डेटा सेंटर लाइव किया।
सेमीकंडक्टर को रणनीतिक क्षेत्र बताया गया।
इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग में चिप्स की मांग बढ़ रही है।
डेटा सेंटर AI सेवाओं का आधार हैं। ]]></description>
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        <pubDate>Fri, 25 Sep 2026 23:07:57 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Piyush Raghuwanshi</dc:creator>
        <media:keywords>AI India, Semiconductor India, Data Centre, Electronics Manufacturing, Technology</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>बेंगलुरु में Electronica India 2026 शुरू, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग पर जोर</title>
        <link>https://dhakarsamachar.in/बेंगलुरु-में-electronica-india-2026-शुरू-इलेक्ट्रॉनिक्स-मैन्युफैक्चरिंग-पर-जोर</link>
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        <description><![CDATA[ भारत में इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण और उत्पादन तकनीक से जुड़े क्षेत्र को एक मंच देने के उद्देश्य से बेंगलुरु में Electronica India और productronica India 2026 का आयोजन शुरू हुआ।
Bangalore International Exhibition Centre में आयोजित इस कार्यक्रम में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग से जुड़ी कंपनियां, कंपोनेंट सप्लायर, उत्पादन तकनीक उपलब्ध कराने वाली कंपनियां, खरीदार और उद्योग विशेषज्ञ शामिल हो रहे हैं।
आयोजन में इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स, मैन्युफैक्चरिंग सिस्टम और उत्पादन से जुड़ी नई तकनीकों को प्रदर्शित किया जा रहा है। भारत में इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण क्षमता बढ़ने के साथ ऐसे आयोजनों को उद्योग के लिए नए कारोबारी संपर्क और तकनीकी सहयोग का मंच माना जाता है।
कार्यक्रम में भारत के अलावा अंतरराष्ट्रीय स्तर की कंपनियों और उद्योग प्रतिनिधियों की भागीदारी भी है। इससे घरेलू निर्माताओं को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला से जुड़े अवसरों और नई उत्पादन तकनीकों को समझने का मौका मिल सकता है।
इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में सेमीकंडक्टर, कंपोनेंट निर्माण और इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों की असेंबली जैसे क्षेत्रों में निवेश और उत्पादन बढ़ाने पर भारत लगातार जोर दे रहा है। ऐसे में यह आयोजन उद्योग जगत के लिए महत्वपूर्ण है। ]]></description>
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        <pubDate>Wed, 23 Sep 2026 00:19:44 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Piyush Raghuwanshi</dc:creator>
        <media:keywords>Electronica India 2026, productronica India, Bengaluru, electronics manufacturing, semiconductor</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>भारत में सेमीकंडक्टर निर्माण को नई गति, Semicon India 2026 में वैश्विक कंपनियों की भागीदारी</title>
        <link>https://dhakarsamachar.in/भारत-में-सेमीकंडक्टर-निर्माण-को-नई-गति-semicon-india-2026-में-वैश्विक-कंपनियों-की-भागीदारी</link>
        <guid>https://dhakarsamachar.in/भारत-में-सेमीकंडक्टर-निर्माण-को-नई-गति-semicon-india-2026-में-वैश्विक-कंपनियों-की-भागीदारी</guid>
        <description><![CDATA[ भारत में सेमीकंडक्टर उद्योग को विकसित करने की दिशा में चल रहे प्रयासों के बीच Semicon India 2026 का पांचवां संस्करण 17 से 19 सितंबर तक आयोजित किया गया। तीन दिवसीय सम्मेलन और प्रदर्शनी का विषय “Silicon to Systems: Building the Ecosystem” रखा गया। इसमें सेमीकंडक्टर उद्योग से जुड़ी भारतीय और अंतरराष्ट्रीय कंपनियों, विशेषज्ञों, शोधकर्ताओं तथा नीति-निर्माताओं ने हिस्सा लिया।
सम्मेलन का मुख्य फोकस केवल चिप निर्माण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पूरे सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम को मजबूत करने पर रहा। इसमें डिजाइन, विनिर्माण, पैकेजिंग, डिस्प्ले तकनीक, इलेक्ट्रॉनिक्स और प्रतिभा विकास जैसे क्षेत्रों पर चर्चा हुई। विभिन्न सत्रों में उद्योग और सरकार के बीच सहयोग बढ़ाने तथा वैश्विक कंपनियों के साथ तकनीकी साझेदारी को मजबूत करने के मुद्दे सामने आए।
सम्मेलन से एक दिन पहले प्रमुख वैश्विक चिप कंपनियों के शीर्ष अधिकारियों के साथ एक राउंडटेबल बैठक भी हुई। इसमें Micron Technology, ASML, Intel और Tata Electronics जैसी कंपनियों के प्रतिनिधियों ने भारत में तकनीकी सहयोग, निवेश और प्रतिभा विकास से जुड़े विषयों पर चर्चा की।
भारत के लिए सेमीकंडक्टर क्षेत्र इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादों में चिप्स की आवश्यकता लगातार बढ़ रही है। स्मार्टफोन, कंप्यूटर, ऑटोमोबाइल, दूरसंचार उपकरण, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और कई औद्योगिक प्रणालियां सेमीकंडक्टर तकनीक पर निर्भर हैं। घरेलू स्तर पर उत्पादन क्षमता बढ़ने से वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में भारत की भूमिका बढ़ सकती है।
Semicon India 2026 में डिस्प्ले तकनीक और महिला नेतृत्व जैसे विषयों पर भी विशेष सत्र आयोजित किए गए। इसके अलावा विभिन्न देशों के साथ तकनीकी और औद्योगिक सहयोग बढ़ाने के लिए छह कंट्री राउंडटेबल आयोजित किए गए। इसका उद्देश्य भारत के सेमीकंडक्टर क्षेत्र को अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों से जोड़ना और निवेश के नए अवसर विकसित करना था।
भारत में सेमीकंडक्टर उद्योग के विस्तार का असर इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग और इससे जुड़े रोजगार क्षेत्रों पर भी पड़ सकता है। चिप निर्माण के साथ-साथ डिजाइन, टेस्टिंग, पैकेजिंग, उपकरण निर्माण और तकनीकी सेवाओं के लिए प्रशिक्षित इंजीनियरों और विशेषज्ञों की मांग बढ़ने की संभावना है।
सम्मेलन के दौरान उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने भारत में तेजी से विकसित हो रहे सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम का उल्लेख किया। सरकार की ओर से भी निवेश और तकनीकी सहयोग को आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया। इससे भारत की इलेक्ट्रॉनिक्स और चिप निर्माण क्षमता को अगले चरण में ले जाने की दिशा में प्रयास जारी रहने का संकेत मिलता है। ]]></description>
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        <pubDate>Sun, 20 Sep 2026 00:14:08 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Piyush Raghuwanshi</dc:creator>
        <media:keywords>Semicon India 2026, Semiconductor India, सेमीकंडक्टर, चिप निर्माण, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग, भारत निवेश, टेक्नोलॉजी</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>भारत में सेमीकंडक्टर निर्माण को मिला बड़ा बढ़ावा, नई परियोजनाओं पर सरकार का फोकस</title>
        <link>https://dhakarsamachar.in/भारत-में-सेमीकंडक्टर-निर्माण-को-मिला-बड़ा-बढ़ावा-नई-परियोजनाओं-पर-सरकार-का-फोकस</link>
        <guid>https://dhakarsamachar.in/भारत-में-सेमीकंडक्टर-निर्माण-को-मिला-बड़ा-बढ़ावा-नई-परियोजनाओं-पर-सरकार-का-फोकस</guid>
        <description><![CDATA[ नई दिल्ली, 28 अगस्त 2026। भारत ने सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण के क्षेत्र में अपनी क्षमता बढ़ाने के लिए नई परियोजनाओं पर काम तेज कर दिया है। सरकार का लक्ष्य देश को वैश्विक सेमीकंडक्टर आपूर्ति श्रृंखला का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाना और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के लिए दूसरे देशों पर निर्भरता कम करना है।
सेमीकंडक्टर क्षेत्र पर बढ़ा जोर
मोबाइल फोन, कंप्यूटर, इलेक्ट्रिक वाहन, रक्षा उपकरण, दूरसंचार और आधुनिक औद्योगिक मशीनों में सेमीकंडक्टर चिप का इस्तेमाल होता है। डिजिटल अर्थव्यवस्था के विस्तार के साथ इन चिप्स की मांग लगातार बढ़ रही है।
भारत सरकार पिछले कुछ वर्षों से देश में चिप निर्माण और उससे जुड़े उपकरणों के उत्पादन को बढ़ावा दे रही है। इसके लिए कंपनियों को प्रोत्साहन और तकनीकी सहायता उपलब्ध कराने की नीति अपनाई गई है।
देश में बनेंगी आधुनिक चिप्स
भारत में सेमीकंडक्टर निर्माण के लिए स्थापित की जा रही परियोजनाओं में चिप निर्माण के साथ-साथ पैकेजिंग और परीक्षण जैसी सुविधाओं को भी शामिल किया जा रहा है। इससे भारत में पूरी आपूर्ति श्रृंखला विकसित करने में मदद मिल सकती है।
सरकार का प्रयास है कि केवल तैयार इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों का निर्माण ही नहीं, बल्कि उनके लिए आवश्यक महत्वपूर्ण घटकों का उत्पादन भी देश में हो।
रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद
सेमीकंडक्टर उद्योग में बड़े स्तर पर निवेश से इंजीनियरिंग, अनुसंधान, तकनीकी संचालन और विनिर्माण से जुड़े रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना है।
विशेषज्ञों के अनुसार इस क्षेत्र में काम करने के लिए इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिकल, कंप्यूटर साइंस, मैकेनिकल और मटेरियल साइंस जैसे क्षेत्रों के प्रशिक्षित युवाओं की आवश्यकता बढ़ सकती है।
इसके साथ ही विश्वविद्यालयों और तकनीकी संस्थानों में सेमीकंडक्टर डिजाइन और संबंधित तकनीकों पर शोध को बढ़ावा देने की जरूरत भी महसूस की जा रही है।
वैश्विक कंपनियों की नजर भारत पर
दुनिया में सेमीकंडक्टर उत्पादन कुछ चुनिंदा देशों में केंद्रित है। वैश्विक कंपनियां अपनी आपूर्ति श्रृंखला को अलग-अलग देशों में फैलाने की कोशिश कर रही हैं। भारत इस बदलाव का लाभ उठाकर अपने इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण क्षेत्र को मजबूत करना चाहता है।
भारत में बड़ा घरेलू बाजार, कुशल युवा कार्यबल और इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन का बढ़ता आधार विदेशी कंपनियों के लिए आकर्षण का कारण बन सकता है।
आत्मनिर्भर भारत को मिलेगा समर्थन
सेमीकंडक्टर निर्माण को ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। घरेलू स्तर पर चिप उत्पादन बढ़ने से इलेक्ट्रॉनिक्स और अन्य रणनीतिक क्षेत्रों में आयात पर निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है।
विशेष रूप से रक्षा, दूरसंचार और ऑटोमोबाइल जैसे क्षेत्रों के लिए सेमीकंडक्टर की विश्वसनीय आपूर्ति महत्वपूर्ण है।
चुनौतियां भी कम नहीं
भारत के सामने सेमीकंडक्टर उद्योग विकसित करने में कई चुनौतियां हैं। चिप निर्माण के लिए अत्याधुनिक तकनीक, बड़ी पूंजी, प्रशिक्षित मानव संसाधन, स्थिर बिजली आपूर्ति और उच्च गुणवत्ता वाली जल व्यवस्था की आवश्यकता होती है।
इसके अलावा वैश्विक स्तर पर स्थापित कंपनियों के साथ प्रतिस्पर्धा करना भी एक बड़ी चुनौती होगी। इसलिए केवल फैक्ट्री स्थापित करना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि लंबे समय तक तकनीकी क्षमता और अनुसंधान में निवेश करना भी जरूरी होगा।
भारत के लिए बड़ा अवसर
सेमीकंडक्टर क्षेत्र में भारत की बढ़ती सक्रियता देश के इलेक्ट्रॉनिक्स और तकनीकी उद्योग के लिए महत्वपूर्ण अवसर पैदा कर रही है। यदि परियोजनाएं निर्धारित समय पर सफलतापूर्वक लागू होती हैं, तो भारत वैश्विक चिप आपूर्ति श्रृंखला में अपनी हिस्सेदारी बढ़ा सकता है।
सरकार का फोकस अब चिप निर्माण के साथ-साथ डिजाइन, पैकेजिंग, परीक्षण और संबंधित उपकरणों के घरेलू उत्पादन पर भी है। इससे आने वाले वर्षों में भारत के तकनीकी विनिर्माण क्षेत्र को नई दिशा मिल सकती है। ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 29 Aug 2026 10:40:46 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Piyush Raghuwanshi</dc:creator>
        <media:keywords>सेमीकंडक्टर इंडिया, चिप निर्माण, सेमीकंडक्टर मिशन, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग, आत्मनिर्भर भारत</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>भारत में सेमीकंडक्टर निर्माण को मिला बड़ा बढ़ावा, नई परियोजनाओं पर सरकार का फोकस</title>
        <link>https://dhakarsamachar.in/भारत-में-सेमीकंडक्टर-निर्माण-को-मिला-बड़ा-बढ़ावा-नई-परियोजनाओं-पर-सरकार-का-फोकस-213</link>
        <guid>https://dhakarsamachar.in/भारत-में-सेमीकंडक्टर-निर्माण-को-मिला-बड़ा-बढ़ावा-नई-परियोजनाओं-पर-सरकार-का-फोकस-213</guid>
        <description><![CDATA[ नई दिल्ली, 28 अगस्त 2026। भारत ने सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण के क्षेत्र में अपनी क्षमता बढ़ाने के लिए नई परियोजनाओं पर काम तेज कर दिया है। सरकार का लक्ष्य देश को वैश्विक सेमीकंडक्टर आपूर्ति श्रृंखला का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाना और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के लिए दूसरे देशों पर निर्भरता कम करना है।
सेमीकंडक्टर क्षेत्र पर बढ़ा जोर
मोबाइल फोन, कंप्यूटर, इलेक्ट्रिक वाहन, रक्षा उपकरण, दूरसंचार और आधुनिक औद्योगिक मशीनों में सेमीकंडक्टर चिप का इस्तेमाल होता है। डिजिटल अर्थव्यवस्था के विस्तार के साथ इन चिप्स की मांग लगातार बढ़ रही है।
भारत सरकार पिछले कुछ वर्षों से देश में चिप निर्माण और उससे जुड़े उपकरणों के उत्पादन को बढ़ावा दे रही है। इसके लिए कंपनियों को प्रोत्साहन और तकनीकी सहायता उपलब्ध कराने की नीति अपनाई गई है।
देश में बनेंगी आधुनिक चिप्स
भारत में सेमीकंडक्टर निर्माण के लिए स्थापित की जा रही परियोजनाओं में चिप निर्माण के साथ-साथ पैकेजिंग और परीक्षण जैसी सुविधाओं को भी शामिल किया जा रहा है। इससे भारत में पूरी आपूर्ति श्रृंखला विकसित करने में मदद मिल सकती है।
सरकार का प्रयास है कि केवल तैयार इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों का निर्माण ही नहीं, बल्कि उनके लिए आवश्यक महत्वपूर्ण घटकों का उत्पादन भी देश में हो।
रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद
सेमीकंडक्टर उद्योग में बड़े स्तर पर निवेश से इंजीनियरिंग, अनुसंधान, तकनीकी संचालन और विनिर्माण से जुड़े रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना है।
विशेषज्ञों के अनुसार इस क्षेत्र में काम करने के लिए इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रिकल, कंप्यूटर साइंस, मैकेनिकल और मटेरियल साइंस जैसे क्षेत्रों के प्रशिक्षित युवाओं की आवश्यकता बढ़ सकती है।
इसके साथ ही विश्वविद्यालयों और तकनीकी संस्थानों में सेमीकंडक्टर डिजाइन और संबंधित तकनीकों पर शोध को बढ़ावा देने की जरूरत भी महसूस की जा रही है।
वैश्विक कंपनियों की नजर भारत पर
दुनिया में सेमीकंडक्टर उत्पादन कुछ चुनिंदा देशों में केंद्रित है। वैश्विक कंपनियां अपनी आपूर्ति श्रृंखला को अलग-अलग देशों में फैलाने की कोशिश कर रही हैं। भारत इस बदलाव का लाभ उठाकर अपने इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण क्षेत्र को मजबूत करना चाहता है।
भारत में बड़ा घरेलू बाजार, कुशल युवा कार्यबल और इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन का बढ़ता आधार विदेशी कंपनियों के लिए आकर्षण का कारण बन सकता है।
आत्मनिर्भर भारत को मिलेगा समर्थन
सेमीकंडक्टर निर्माण को ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियान के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। घरेलू स्तर पर चिप उत्पादन बढ़ने से इलेक्ट्रॉनिक्स और अन्य रणनीतिक क्षेत्रों में आयात पर निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है।
विशेष रूप से रक्षा, दूरसंचार और ऑटोमोबाइल जैसे क्षेत्रों के लिए सेमीकंडक्टर की विश्वसनीय आपूर्ति महत्वपूर्ण है।
चुनौतियां भी कम नहीं
भारत के सामने सेमीकंडक्टर उद्योग विकसित करने में कई चुनौतियां हैं। चिप निर्माण के लिए अत्याधुनिक तकनीक, बड़ी पूंजी, प्रशिक्षित मानव संसाधन, स्थिर बिजली आपूर्ति और उच्च गुणवत्ता वाली जल व्यवस्था की आवश्यकता होती है।
इसके अलावा वैश्विक स्तर पर स्थापित कंपनियों के साथ प्रतिस्पर्धा करना भी एक बड़ी चुनौती होगी। इसलिए केवल फैक्ट्री स्थापित करना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि लंबे समय तक तकनीकी क्षमता और अनुसंधान में निवेश करना भी जरूरी होगा।
भारत के लिए बड़ा अवसर
सेमीकंडक्टर क्षेत्र में भारत की बढ़ती सक्रियता देश के इलेक्ट्रॉनिक्स और तकनीकी उद्योग के लिए महत्वपूर्ण अवसर पैदा कर रही है। यदि परियोजनाएं निर्धारित समय पर सफलतापूर्वक लागू होती हैं, तो भारत वैश्विक चिप आपूर्ति श्रृंखला में अपनी हिस्सेदारी बढ़ा सकता है।
सरकार का फोकस अब चिप निर्माण के साथ-साथ डिजाइन, पैकेजिंग, परीक्षण और संबंधित उपकरणों के घरेलू उत्पादन पर भी है। इससे आने वाले वर्षों में भारत के तकनीकी विनिर्माण क्षेत्र को नई दिशा मिल सकती है। ]]></description>
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