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    <title>धाकड़ समाचार &amp; : भारत</title>
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    <description>धाकड़ समाचार &amp; : भारत</description>
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    <dc:rights>Copyright 2026 धाकड़ समाचार    &amp; All Rights Reserved.</dc:rights>
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        <title>पूर्वांचल में भारी बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट, बिजली विभाग ने जारी किए सुरक्षा निर्देश</title>
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        <description><![CDATA[ वाराणसी। पूर्वांचल में 26 सितंबर को खराब मौसम को लेकर बिजली विभाग ने विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश जारी किए हैं। पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड, वाराणसी की ओर से 25 सितंबर की रात जारी सूचना के अनुसार छत्तीसगढ़ से उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ रहा डिप्रेशन रात करीब 11 बजे सिंगरौली और सोनभद्र सीमा के पास पहुंचने की संभावना जताई गई है। इसके बाद इसके प्रयागराज के पश्चिमी हिस्से से होते हुए लखनऊ की ओर बढ़ने का अनुमान है।
मौसम की स्थिति को देखते हुए पूर्वी उत्तर प्रदेश में 26 सितंबर को भारी से बहुत भारी बारिश और करीब 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है। कुछ स्थानों पर हवा की गति 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
विभाग ने जोखिम के आधार पर जिलों को तीन श्रेणियों में बांटा है। कैटेगरी-1 में सोनभद्र, मिर्जापुर, प्रयागराज, कौशांबी, फतेहपुर और प्रतापगढ़ को रखा गया है। इन जिलों में आज रात से 26 सितंबर दोपहर तक सबसे अधिक सतर्कता बरतने के निर्देश हैं।
कैटेगरी-2 में महराजगंज, सिद्धार्थनगर, कुशीनगर, गोरखपुर, देवरिया, बस्ती और संत कबीर नगर शामिल हैं। यहां 26 सितंबर शाम से 27 सितंबर सुबह तक भारी बारिश का जोखिम बताया गया है। वहीं कैटेगरी-3 में वाराणसी, चंदौली, भदोही, जौनपुर, गाजीपुर, आजमगढ़, मऊ और बलिया को रखा गया है।
बिजली विभाग ने तेज हवा, पेड़ या बिजली के खंभे गिरने, तार टूटने अथवा स्पार्किंग की स्थिति में प्रभावित 11 केवी फीडर को तत्काल बंद करने के निर्देश दिए हैं। हालांकि पूरे जिले की बिजली आपूर्ति बंद नहीं की जाएगी, बल्कि केवल प्रभावित फीडर को जरूरत के अनुसार बंद किया जाएगा।
विभाग ने बिजली बहाल करने से पहले पूरी लाइन की जांच करने, टूटे कंडक्टर, झुके खंभों और पेड़ों की शाखाओं को हटाने के निर्देश दिए हैं। अस्पताल, वॉटर वर्क्स और अन्य आवश्यक सेवाओं वाले फीडरों को केवल अंतिम विकल्प के रूप में बंद करने और प्राथमिकता के आधार पर बहाल करने को कहा गया है।
इसके अलावा बिजली विभाग की टीमों को अतिरिक्त खंभे, कंडक्टर, इंसुलेटर, ट्रांसफार्मर, आरी, कुल्हाड़ी और अन्य जरूरी उपकरण पहले से तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं। उपभोक्ताओं से भी अपील की गई है कि तेज बारिश या आंधी के दौरान गिरे हुए बिजली के तारों को न छुएं और ऐसी स्थिति की सूचना 1912 पर दें। ]]></description>
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        <pubDate>Fri, 25 Sep 2026 23:20:26 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Piyush Raghuwanshi</dc:creator>
        <media:keywords>मौसम चेतावनी, पूर्वांचल मौसम, भारी बारिश, तेज हवा, बिजली विभाग, वाराणसी, सोनभद्र, मिर्जापुर, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश मौसम, विद्युत सुरक्षा, 26 सितंबर मौसम</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>दक्षिण छत्तीसगढ़ के दूरदराज क्षेत्र तक रेलवे ट्रैक पहुंचा</title>
        <link>https://dhakarsamachar.in/दक्षिण-छत्तीसगढ़-के-दूरदराज-क्षेत्र-तक-रेलवे-ट्रैक-पहुंचा</link>
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        <description><![CDATA[ दक्षिण छत्तीसगढ़ के दूरदराज क्षेत्रों में रेल कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए चल रही परियोजना में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। भारतीय रेलवे के अनुसार दल्लीराजहरा-रावघाट नई रेल लाइन के तारोकी-रावघाट सेक्शन तक ट्रैक पहुंच गया है।
यह परियोजना क्षेत्रीय कनेक्टिविटी के लिहाज से महत्वपूर्ण है। नए रेल मार्ग से दूरदराज इलाकों को देश के अन्य हिस्सों से रेल नेटवर्क के माध्यम से जोड़ने में मदद मिल सकती है।
रेल कनेक्टिविटी से यात्रियों के साथ-साथ माल ढुलाई की क्षमता भी बढ़ सकती है। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था और परिवहन व्यवस्था पर प्रभाव पड़ सकता है।
रेल मंत्रालय ने 23 सितंबर को इस प्रगति की जानकारी जारी की। ]]></description>
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        <pubDate>Fri, 25 Sep 2026 23:05:52 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Piyush Raghuwanshi</dc:creator>
        <media:keywords>Chhattisgarh Railway, Rowghat Railway Line, Indian Railways, Taroki, Connectivity</media:keywords>
    </item>
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        <title>दक्षिण मध्य रेलवे में पहली बार Kavach 4.0 शुरू, सुरक्षा तकनीक को बढ़ावा</title>
        <link>https://dhakarsamachar.in/दक्षिण-मध्य-रेलवे-में-पहली-बार-kavach-40-शुरू-सुरक्षा-तकनीक-को-बढ़ावा</link>
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        <description><![CDATA[ भारतीय रेलवे ने रेल सुरक्षा तकनीक के क्षेत्र में Kavach 4.0 को दक्षिण मध्य रेलवे में पहली बार कमीशन किया है। इसकी जानकारी रेल मंत्रालय ने 23 सितंबर को जारी की।
Kavach एक स्वदेशी Automatic Train Protection प्रणाली है। इसका उद्देश्य कुछ परिस्थितियों में ट्रेन संचालन के दौरान सुरक्षा बढ़ाना है।
Kavach 4.0 के कमीशन होने से दक्षिण मध्य रेलवे के संबंधित रेल मार्गों पर आधुनिक ट्रेन सुरक्षा तकनीक का उपयोग बढ़ेगा।
भारतीय रेलवे अलग-अलग जोन और मार्गों पर Kavach प्रणाली के विस्तार पर काम कर रहा है। इसके लिए ट्रैक, सिग्नलिंग और ट्रेन से जुड़े उपकरणों को तकनीकी प्रणाली के साथ जोड़ा जाता है।
रेल सुरक्षा में ऐसी तकनीकों का इस्तेमाल मानव त्रुटि से जुड़े कुछ जोखिमों को कम करने के लिए किया जाता है। हालांकि रेलवे संचालन में लोको पायलट, सिग्नलिंग और अन्य सुरक्षा व्यवस्थाएं भी महत्वपूर्ण रहती हैं। ]]></description>
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        <pubDate>Fri, 25 Sep 2026 23:03:50 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Piyush Raghuwanshi</dc:creator>
        <media:keywords>Kavach 4.0, Indian Railways, Railway Safety, South Central Railway, Train Protection</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>यूपी के 36 रेलवे स्टेशनों पर बनेंगे हाई&amp;लेवल प्लेटफॉर्म, यात्रियों को मिलेगी सुविधा</title>
        <link>https://dhakarsamachar.in/यूपी-के-36-रेलवे-स्टेशनों-पर-बनेंगे-हाई-लेवल-प्लेटफॉर्म-यात्रियों-को-मिलेगी-सुविधा</link>
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        <description><![CDATA[ उत्तर प्रदेश के रेलवे यात्रियों के लिए रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी महत्वपूर्ण योजना सामने आई है। उत्तर मध्य रेलवे 36 रेलवे स्टेशनों पर हाई-लेवल प्लेटफॉर्म विकसित कर रहा है।
हाई-लेवल प्लेटफॉर्म होने से ट्रेन के दरवाजे और प्लेटफॉर्म के बीच ऊंचाई का अंतर कम होता है। इससे यात्रियों के लिए ट्रेन में चढ़ना और उतरना आसान हो सकता है।
रेलवे के अनुसार इस व्यवस्था से वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांग यात्रियों को विशेष सुविधा मिल सकती है। भारी सामान लेकर यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए भी चढ़ने-उतरने की प्रक्रिया आसान होने की उम्मीद है।
रेलवे स्टेशनों पर यात्री सुविधाओं का विस्तार भारतीय रेलवे के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास का हिस्सा है। हाई-लेवल प्लेटफॉर्म के साथ स्टेशन पर अन्य सुविधाओं को भी जरूरत के अनुसार बेहतर किया जाता है।
उत्तर मध्य रेलवे के अधिकार क्षेत्र में उत्तर प्रदेश के कई महत्वपूर्ण रेलवे रूट आते हैं। इन रूटों पर यात्रियों की बड़ी संख्या को देखते हुए स्टेशन सुविधाओं का आधुनिकीकरण लगातार किया जा रहा है।
36 स्टेशनों पर प्लेटफॉर्म अपग्रेड होने के बाद यात्रियों को स्टेशन पर ट्रेन पकड़ने और उतरने के दौरान पहले की तुलना में बेहतर सुविधा मिल सकती है। ]]></description>
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        <pubDate>Wed, 23 Sep 2026 00:24:58 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Piyush Raghuwanshi</dc:creator>
        <media:keywords>UP Railway Stations, North Central Railway, High Level Platform, Uttar Pradesh, Railway</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>इलाहाबाद हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, रेल हादसा मुआवजा पूरी राशि में देने का निर्देश</title>
        <link>https://dhakarsamachar.in/इलाहाबाद-हाईकोर्ट-का-बड़ा-फैसला-रेल-हादसा-मुआवजा-पूरी-राशि-में-देने-का-निर्देश</link>
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        <description><![CDATA[ इलाहाबाद हाईकोर्ट ने रेलवे दुर्घटनाओं से जुड़े मुआवजा मामलों में दावेदारों को राहत देने वाला महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। अदालत ने रेलवे क्लेम्स ट्रिब्यूनल (RCT) को निर्देश दिया कि वयस्क और सक्षम प्रमुख दावेदारों को अदालत या ट्रिब्यूनल द्वारा निर्धारित मुआवजे की पूरी राशि उपलब्ध कराई जाए।
मामले में अदालत के सामने यह मुद्दा आया था कि मुआवजे की बड़ी राशि को लंबे समय तक फिक्स्ड डिपॉजिट में रखने की व्यवस्था किस हद तक उचित है। रिपोर्ट के अनुसार, कुछ मामलों में मुआवजे की 90 प्रतिशत राशि एफडी में रखने की प्रथा अपनाई जाती थी, जबकि दावेदार को तत्काल केवल सीमित राशि उपलब्ध होती थी। हाईकोर्ट ने इस व्यवस्था पर सवाल उठाया।
अदालत ने कहा कि किसी व्यक्ति की आर्थिक स्थिति या साक्षरता के आधार पर उसकी मुआवजा राशि को इस तरह रोकना समानता के संवैधानिक सिद्धांत से जुड़ा प्रश्न उठाता है। कोर्ट ने संविधान के अनुच्छेद 14 के संदर्भ में ऐसी व्यवस्था पर विचार किया और प्रमुख दावेदारों को पूरी राशि जारी करने का निर्देश दिया।
रेलवे दुर्घटनाओं के मामलों में मुआवजा राशि दुर्घटना में हुए नुकसान और लागू कानूनी प्रावधानों के आधार पर निर्धारित की जाती है। रेलवे क्लेम्स ट्रिब्यूनल ऐसे दावों की सुनवाई करता है और पात्र दावेदारों के पक्ष में मुआवजे का आदेश जारी कर सकता है।
अदालत के इस आदेश का महत्व इसलिए भी है क्योंकि मुआवजा पाने वाले परिवारों के लिए स्वीकृत राशि कई बार तत्काल आर्थिक जरूरतों को पूरा करने का महत्वपूर्ण माध्यम होती है। पूरी राशि उपलब्ध होने से पात्र दावेदार उसे अपनी जरूरत के अनुसार इस्तेमाल कर सकेंगे, हालांकि संबंधित मामले के आदेश और कानूनी प्रक्रिया लागू रहेंगी।
हाईकोर्ट का आदेश विशेष रूप से उन मामलों पर केंद्रित है जहां दावेदार वयस्क और सक्षम हैं। इसका मतलब यह नहीं है कि हर प्रकार के दावे में राशि बिना किसी कानूनी प्रक्रिया के तुरंत जारी हो जाएगी। नाबालिगों या विशेष परिस्थितियों वाले मामलों में अलग न्यायिक निर्देश लागू हो सकते हैं।
अदालत के इस फैसले के बाद रेलवे दुर्घटना मुआवजा मामलों में ट्रिब्यूनल की राशि जारी करने की प्रक्रिया पर भी ध्यान बढ़ा है। फैसला दावेदारों को मुआवजा उपलब्ध कराने और उनकी व्यक्तिगत परिस्थितियों के आधार पर राशि रोकने की न्यायिक प्रक्रिया से संबंधित है। ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 21 Sep 2026 15:35:44 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Piyush Raghuwanshi</dc:creator>
        <media:keywords>इलाहाबाद हाईकोर्ट, रेलवे मुआवजा, Railway Claims Tribunal, रेल हादसा, न्यायालय फैसला, मुआवजा राशि</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>OneTag सुविधा शुरू, अब FASTag बदले बिना बदल सकेंगे जारीकर्ता बैंक</title>
        <link>https://dhakarsamachar.in/onetag-सुविधा-शुरू-अब-fastag-बदले-बिना-बदल-सकेंगे-जारीकर्ता-बैंक</link>
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        <description><![CDATA[ FASTag भारत के राष्ट्रीय राजमार्गों पर इलेक्ट्रॉनिक टोल भुगतान की व्यवस्था है। अब तक यदि किसी वाहन मालिक को FASTag का जारीकर्ता बैंक बदलना होता था, तो कई मामलों में नया FASTag लेना पड़ता था। OneTag सुविधा इस प्रक्रिया को अधिक पोर्टेबल बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई है।
NHAI के अनुसार, OneTag के जरिए उपयोगकर्ता अपने वाहन पर पहले से लगे FASTag को बरकरार रखते हुए दूसरे जारीकर्ता के पास पोर्ट कर सकता है। यानी बैंक बदलने के लिए वाहन की विंडस्क्रीन पर लगा भौतिक FASTag बदलना जरूरी नहीं होगा। इससे FASTag प्रबंधन से जुड़ी प्रक्रिया सरल होने की उम्मीद है।
यह सुविधा Rajmargyatra ऐप के माध्यम से उपलब्ध कराई गई है। ऐप उपयोगकर्ता को FASTag पोर्टेबिलिटी की प्रक्रिया में मार्गदर्शन करता है। उपयोगकर्ता को उपलब्ध विकल्पों के अनुसार अपने वाहन और मौजूदा FASTag से संबंधित जानकारी देकर पोर्टेबिलिटी प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
OneTag की खासियत यह है कि इसमें FASTag की भौतिक पहचान को बनाए रखते हुए जारीकर्ता बदलने की सुविधा दी गई है। इससे उन वाहन मालिकों के लिए प्रक्रिया आसान हो सकती है जो किसी दूसरे बैंक की FASTag सेवा का इस्तेमाल करना चाहते हैं, लेकिन वाहन पर लगा मौजूदा टैग हटाना नहीं चाहते।
NHAI ने Rajmargyatra ऐप में FASTag से जुड़ी अन्य सेवाएं भी उपलब्ध कराई हैं। इनमें FASTag Annual Pass, FASTag Local Pass और राष्ट्रीय राजमार्ग आपातकालीन हेल्पलाइन 1033 जैसी सुविधाएं शामिल हैं।
OneTag सुविधा को FASTag व्यवस्था में उपयोगकर्ता की पसंद और पोर्टेबिलिटी बढ़ाने की दिशा में एक कदम माना जा रहा है। हालांकि, बैंक बदलने की प्रक्रिया में संबंधित जारीकर्ता और ऐप द्वारा मांगी गई पात्रता, सत्यापन तथा KYC संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करना होगा।
नई सुविधा के बाद FASTag उपयोगकर्ताओं को बैंक बदलने के लिए हर बार नया भौतिक टैग लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इससे टैग बदलने से जुड़ी प्रक्रिया और वाहन पर नए टैग लगाने की आवश्यकता कम हो सकती है। ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 21 Sep 2026 15:18:14 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Piyush Raghuwanshi</dc:creator>
        <media:keywords>OneTag, FASTag, NHAI, Rajmargyatra App, FASTag portability, टोल भुगतान, राष्ट्रीय राजमार्ग</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>आंध्र प्रदेश में ₹22,178 करोड़ के नए निवेश को मंजूरी, करीब 20 हजार रोजगार का अनुमान</title>
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        <description><![CDATA[ आंध्र प्रदेश में औद्योगिक निवेश को लेकर बड़ा फैसला सामने आया है। राज्य सरकार ने 28 नई परियोजनाओं के लिए ₹22,177.84 करोड़ के निवेश को मंजूरी दी है। इन परियोजनाओं से लगभग 19,739 रोजगार के अवसर पैदा होने का अनुमान लगाया गया है। मंजूरी 18 सितंबर को हुई राज्य निवेश संवर्धन बोर्ड (SIPB) की 21वीं बैठक में दी गई।
नई परियोजनाओं का दायरा कई क्षेत्रों में फैला हुआ है। इनमें ऊर्जा, आईटी और संचार, खाद्य प्रसंस्करण, विनिर्माण और पर्यटन से संबंधित प्रस्ताव शामिल हैं। राज्य सरकार के अनुसार, इन क्षेत्रों में निवेश बढ़ने से औद्योगिक गतिविधियों और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा मिल सकता है।
इन नए प्रस्तावों के बाद राज्य निवेश संवर्धन बोर्ड द्वारा मंजूर की गई परियोजनाओं की कुल संख्या करीब 387 हो गई है। इन सभी परियोजनाओं में संभावित कुल निवेश लगभग ₹14.05 लाख करोड़ बताया गया है। इनके माध्यम से 10.79 लाख से अधिक रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना जताई गई है।
बैठक में आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्र में पोर्ट आधारित औद्योगिक और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क विकसित करने पर भी जोर दिया गया। राज्य के पास करीब 974 किलोमीटर लंबी समुद्री तटरेखा है। सरकार बंदरगाहों को सड़क, रेल और हवाई संपर्क से जोड़कर व्यापक लॉजिस्टिक्स व्यवस्था विकसित करने की दिशा में काम कर रही है।
तकनीकी क्षेत्र में भी राज्य ने महत्वाकांक्षी योजनाएं सामने रखी हैं। आंध्र प्रदेश सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और क्वांटम टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में निवेश आकर्षित करने पर ध्यान दे रहा है। इसके अलावा फोटोनिक्स, ड्रोन और बायोटेक्नोलॉजी जैसे उभरते क्षेत्रों को भी औद्योगिक विकास की रणनीति में शामिल किया गया है।
ऊर्जा क्षेत्र में सौर और पवन ऊर्जा, बैटरी स्टोरेज तथा दुर्लभ खनिजों से जुड़ी परियोजनाओं पर भी काम किया जा रहा है। राज्य सरकार ने 160 GW के हरित ऊर्जा लक्ष्य की दिशा में अब तक 113.75 GW क्षमता सुरक्षित होने की जानकारी दी है।
सरकार की योजना पारंपरिक विनिर्माण के साथ-साथ उच्च तकनीक और शोध आधारित उद्योगों को भी बढ़ावा देने की है। इसके लिए कौशल विकास, महिला उद्यमिता और निर्यात बढ़ाने जैसे क्षेत्रों को भी निवेश नीति के साथ जोड़ा जा रहा है।
नई परियोजनाओं का वास्तविक प्रभाव उनके क्रियान्वयन, निवेश के जमीन पर उतरने और निर्धारित रोजगार अवसरों के बनने के बाद स्पष्ट होगा। फिलहाल मंजूरियां राज्य में औद्योगिक निवेश के प्रस्तावित विस्तार को दर्शाती हैं। ]]></description>
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        <pubDate>Sun, 20 Sep 2026 00:27:21 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Piyush Raghuwanshi</dc:creator>
        <media:keywords>आंध्र प्रदेश निवेश, Industrial Projects, Andhra Pradesh Investment, रोजगार, सेमीकंडक्टर, AI, क्वांटम टेक्नोलॉजी, उद्योग</media:keywords>
    </item>
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        <title>दिल्ली एयरपोर्ट पर तीसरा रनवे शुरू, बढ़ेगी विमानों की संचालन क्षमता</title>
        <link>https://dhakarsamachar.in/दिल्ली-एयरपोर्ट-पर-तीसरा-रनवे-शुरू-बढ़ेगी-विमानों-की-संचालन-क्षमता</link>
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        <description><![CDATA[ राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर विमान संचालन क्षमता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। एयरपोर्ट का तीसरा रनवे अब परिचालन में आ गया है। इसके साथ एयरपोर्ट के रनवे नेटवर्क में एक और महत्वपूर्ण सुविधा जुड़ गई है, जिससे बढ़ते हवाई यातायात को संभालने में मदद मिलने की उम्मीद है।
नए रनवे के साथ रैपिड एग्जिट टैक्सीवे भी विकसित किया गया है। इसका उद्देश्य विमानों को रनवे से तेजी से बाहर निकलने में सहायता करना है, ताकि रनवे को अगले विमान के लिए कम समय में उपलब्ध कराया जा सके। एयरपोर्ट के परिचालन में रनवे की उपलब्धता और विमानों के बीच समय का प्रबंधन महत्वपूर्ण होता है।
परियोजना में आधुनिक नेविगेशन और लाइटिंग सिस्टम को भी शामिल किया गया है। ये प्रणालियां विमानों के संचालन और रनवे के उपयोग को बेहतर ढंग से प्रबंधित करने में सहायता करती हैं। खासतौर पर व्यस्त हवाईअड्डों पर आधुनिक तकनीकी प्रणालियां परिचालन को अधिक व्यवस्थित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
दिल्ली एयरपोर्ट देश के सबसे व्यस्त विमानन केंद्रों में से एक है। यहां घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों तरह की उड़ानों का बड़ा नेटवर्क संचालित होता है। राजधानी की भौगोलिक स्थिति और दिल्ली-एनसीआर की बड़ी आबादी के कारण एयरपोर्ट पर हवाई यातायात लगातार महत्वपूर्ण बना हुआ है।
तीसरे रनवे के शुरू होने से एयरपोर्ट के पास विमानों के टेकऑफ और लैंडिंग के प्रबंधन के लिए अतिरिक्त बुनियादी ढांचा उपलब्ध हो गया है। हालांकि किसी भी रनवे की वास्तविक क्षमता मौसम, एयर ट्रैफिक कंट्रोल, विमान के प्रकार और अन्य परिचालन परिस्थितियों पर भी निर्भर करती है।
नई सुविधा दिल्ली के विमानन बुनियादी ढांचे के विस्तार का हिस्सा है। एयरपोर्ट पर यात्री संख्या और उड़ानों की संख्या बढ़ने के साथ टर्मिनल, रनवे, टैक्सीवे और एयर ट्रैफिक मैनेजमेंट जैसी सुविधाओं को भी विकसित करना आवश्यक होता है।
रैपिड एग्जिट टैक्सीवे और बेहतर लाइटिंग तथा नेविगेशन सिस्टम के साथ तीसरे रनवे का परिचालन एयरपोर्ट की क्षमता और परिचालन लचीलेपन को बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचागत बदलाव है। ]]></description>
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        <pubDate>Sun, 20 Sep 2026 00:24:20 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Piyush Raghuwanshi</dc:creator>
        <media:keywords>BEML, Bullet Train, Mumbai Ahmedabad High Speed Rail, NHSRCL, हाई स्पीड रेल, रेलवे प्रोजेक्ट, भारत रेलवे</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>BEML को मुंबई&amp;अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना से ₹5,400 करोड़ का बड़ा ऑर्डर</title>
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        <description><![CDATA[ मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना को लेकर एक महत्वपूर्ण औद्योगिक विकास सामने आया है। सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी BEML को नेशनल हाई स्पीड रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड (NHSRCL) से ₹5,400 करोड़ से अधिक का ऑर्डर मिला है। यह ऑर्डर हाई-स्पीड रेल परियोजना के लिए ट्रेनसेट की आपूर्ति और उनके रखरखाव से संबंधित है।
मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर भारत की प्रमुख रेल अवसंरचना परियोजनाओं में शामिल है। इसका उद्देश्य दोनों प्रमुख आर्थिक केंद्रों के बीच तेज गति वाली रेल सेवा विकसित करना है। परियोजना में आधुनिक हाई-स्पीड ट्रेन तकनीक, समर्पित ट्रैक और संबंधित रेल बुनियादी ढांचे का विकास शामिल है।
BEML को मिला नया ऑर्डर भारतीय विनिर्माण क्षेत्र के लिए भी महत्वपूर्ण है। हाई-स्पीड रेल के लिए ट्रेनसेट तैयार करने में अत्याधुनिक इंजीनियरिंग, डिजाइन, परीक्षण और रखरखाव क्षमताओं की आवश्यकता होती है। ऐसे प्रोजेक्ट घरेलू रेल निर्माण कंपनियों को उच्च तकनीक वाले रेलवे उपकरणों के क्षेत्र में काम करने का अवसर देते हैं।
ऑर्डर में केवल ट्रेनसेट की आपूर्ति ही नहीं, बल्कि लंबे समय तक रखरखाव से जुड़ी जिम्मेदारियां भी शामिल हैं। भारतीय रेल क्षेत्र में आधुनिक ट्रेनसेट के रखरखाव के लिए विशेष तकनीकी व्यवस्था, प्रशिक्षित इंजीनियर और निर्धारित मानकों के अनुसार नियमित निरीक्षण जरूरी होता है।
मुंबई-अहमदाबाद कॉरिडोर के विकास के साथ भारत में हाई-स्पीड रेल तकनीक से जुड़ा अनुभव भी बढ़ेगा। इससे भविष्य में देश के अन्य संभावित हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर के लिए तकनीकी क्षमता विकसित करने में मदद मिल सकती है।
रेलवे क्षेत्र में हाल के वर्षों में ट्रेन निर्माण और आधुनिक रेल नेटवर्क के विस्तार पर भी जोर दिया गया है। इसी क्रम में BEML को मिला यह ऑर्डर देश के रेल विनिर्माण क्षेत्र में बड़े औद्योगिक अनुबंधों में शामिल हो गया है।
इस परियोजना में घरेलू कंपनियों की भागीदारी बढ़ने से स्थानीय आपूर्ति श्रृंखला को भी काम मिलने की संभावना रहती है। ट्रेन निर्माण के साथ-साथ इलेक्ट्रॉनिक्स, मैकेनिकल सिस्टम, कोच उपकरण, परीक्षण और रखरखाव जैसी कई गतिविधियां इससे जुड़ी होती हैं। ]]></description>
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        <pubDate>Sun, 20 Sep 2026 00:20:21 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Piyush Raghuwanshi</dc:creator>
        <media:keywords>BEML, Bullet Train, Mumbai Ahmedabad High Speed Rail, NHSRCL, हाई स्पीड रेल, रेलवे प्रोजेक्ट, भारत रेलवे</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>भारत के प्रत्यक्ष कर संग्रह में 13 प्रतिशत बढ़ोतरी, ₹12.12 लाख करोड़ पहुंचा आंकड़ा</title>
        <link>https://dhakarsamachar.in/भारत-के-प्रत्यक्ष-कर-संग्रह-में-13-प्रतिशत-बढ़ोतरी-1212-लाख-करोड़-पहुंचा-आंकड़ा</link>
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        <description><![CDATA[ भारत के सरकारी राजस्व से जुड़ा एक महत्वपूर्ण आंकड़ा सामने आया है। 17 सितंबर 2026 तक देश का शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रह 13 प्रतिशत बढ़कर ₹12.12 लाख करोड़ पहुंच गया। यह वृद्धि पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में दर्ज की गई है। प्रत्यक्ष कर में मुख्य रूप से व्यक्तिगत आयकर और कॉर्पोरेट आयकर जैसे कर शामिल होते हैं।
आंकड़ों के अनुसार, इस अवधि में सकल प्रत्यक्ष कर संग्रह ₹14.32 लाख करोड़ से अधिक रहा। सकल संग्रह में रिफंड को घटाने से शुद्ध कर संग्रह का आंकड़ा प्राप्त होता है। इस साल रिफंड में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है, जिसके बावजूद शुद्ध संग्रह में दोहरे अंक की वृद्धि दर्ज की गई।
कर संग्रह में कॉर्पोरेट टैक्स के साथ-साथ सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स यानी STT का भी योगदान रहा। शेयर बाजार में होने वाले निर्धारित लेनदेन पर STT लगाया जाता है और बाजार गतिविधियों के बढ़ने या घटने का असर इसके संग्रह पर पड़ सकता है।
प्रत्यक्ष कर संग्रह सरकार के वित्तीय प्रबंधन के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। इससे केंद्र सरकार को विभिन्न सार्वजनिक खर्चों और विकास से जुड़े कार्यक्रमों के लिए राजस्व उपलब्ध होता है। हालांकि कर संग्रह में वृद्धि को केवल एक कारण से जोड़ना उचित नहीं होता, क्योंकि इसमें आर्थिक गतिविधि, कर अनुपालन, कंपनियों के मुनाफे, व्यक्तिगत आय और बाजार से जुड़े लेनदेन सहित कई कारकों की भूमिका रहती है।
इसी अवधि में भारत की अर्थव्यवस्था से जुड़े अन्य संकेतक भी चर्चा में रहे। Business Standard के अनुसार, सरकार के शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रह में वृद्धि के साथ विदेशी मुद्रा भंडार, प्रत्यक्ष विदेशी निवेश और अन्य आर्थिक संकेतकों में भी बदलाव दर्ज किए गए हैं।
प्रत्यक्ष कर संग्रह में बढ़ोतरी का एक पहलू करदाताओं की संख्या और अनुपालन से भी जुड़ा है। डिजिटल माध्यमों के बढ़ते इस्तेमाल के साथ आय और लेनदेन से संबंधित जानकारी के मिलान की क्षमता बढ़ी है। इससे कर प्रशासन को संभावित अंतर की पहचान करने और रिटर्न तथा भुगतान की निगरानी में मदद मिल सकती है।
हालांकि, कर संग्रह बढ़ने का अर्थ यह नहीं है कि हर व्यक्ति या हर क्षेत्र पर कर समान रूप से बढ़ा है। कुल आंकड़ा पूरे देश के कर संग्रह को दर्शाता है और इसमें अलग-अलग प्रकार के करदाताओं तथा आर्थिक गतिविधियों का संयुक्त प्रभाव शामिल होता है।
आने वाले महीनों में प्रत्यक्ष कर संग्रह का रुझान सरकार की राजस्व स्थिति और वित्तीय योजना के लिए महत्वपूर्ण रहेगा। वित्त वर्ष 2026-27 के दौरान कर संग्रह के अंतिम आंकड़े पूरे वर्ष के प्रदर्शन के बाद ही स्पष्ट होंगे। ]]></description>
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        <pubDate>Sun, 20 Sep 2026 00:17:03 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Piyush Raghuwanshi</dc:creator>
        <media:keywords>प्रत्यक्ष कर संग्रह, Direct Tax Collection, भारत अर्थव्यवस्था, आयकर, कॉर्पोरेट टैक्स, सरकारी राजस्व, Tax Revenue</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>LPG सब्सिडी के लिए आधार बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण 1 अक्टूबर से अनिवार्य</title>
        <link>https://dhakarsamachar.in/lpg-सब्सिडी-के-लिए-आधार-बायोमेट्रिक-प्रमाणीकरण-1-अक्टूबर-से-अनिवार्य</link>
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        <description><![CDATA[ केंद्र सरकार ने घरेलू LPG सब्सिडी से जुड़ी व्यवस्था में बदलाव की घोषणा की है। 1 अक्टूबर 2026 से सब्सिडी वाले घरेलू LPG रिफिल का लाभ लेने के लिए पात्र उपभोक्ताओं को आधार आधारित बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण कराना होगा। इसकी जानकारी 19 सितंबर को सरकारी स्तर पर जारी की गई।
बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण का उद्देश्य लाभार्थी की पहचान को आधार रिकॉर्ड से सत्यापित करना है। इसके तहत पात्र उपभोक्ता की पहचान की पुष्टि होने के बाद ही संबंधित सब्सिडी लाभ की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। सरकार की ओर से यह कदम सब्सिडी व्यवस्था में पहचान सत्यापन को मजबूत करने के तौर पर बताया गया है।
LPG देश के घरेलू ऊर्जा उपयोग का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। बड़ी संख्या में परिवार खाना पकाने के लिए LPG सिलेंडर का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में सब्सिडी से जुड़े नियमों में बदलाव का सीधा असर उन उपभोक्ताओं पर पड़ सकता है जो सरकारी सहायता के लिए पात्र हैं।
नई व्यवस्था में आधार प्रमाणीकरण की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। उपभोक्ताओं को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनका आधार विवरण संबंधित LPG कनेक्शन और लाभार्थी रिकॉर्ड के साथ सही तरीके से जुड़ा हो। किसी तरह की जानकारी में अंतर होने पर सत्यापन प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।
सरकार की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, नया नियम सब्सिडी वाले घरेलू LPG रिफिल पर लागू होगा। इसका अर्थ यह है कि सभी LPG उपभोक्ताओं को समान रूप से सब्सिडी लाभ नहीं मिलता और बायोमेट्रिक आवश्यकता का संबंध सब्सिडी प्राप्त करने की पात्रता से है।
यह बदलाव ऐसे समय में किया जा रहा है जब सरकार विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं में आधार आधारित पहचान सत्यापन का इस्तेमाल बढ़ा रही है। आधार प्रमाणीकरण के जरिए लाभ को वास्तविक पात्र व्यक्ति तक पहुंचाने और रिकॉर्ड को अपडेट रखने की प्रक्रिया को मजबूत करने का प्रयास किया जाता है।
उपभोक्ताओं के लिए महत्वपूर्ण तारीख 1 अक्टूबर 2026 है। जिन लोगों को घरेलू LPG पर सरकारी सब्सिडी मिलती है, उन्हें नए नियम के अनुसार बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण की आवश्यकता को ध्यान में रखना होगा। संबंधित LPG वितरण व्यवस्था और सरकारी दिशानिर्देशों के अनुसार प्रक्रिया पूरी की जा सकेगी। ]]></description>
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        <pubDate>Sun, 20 Sep 2026 00:11:37 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Piyush Raghuwanshi</dc:creator>
        <media:keywords>LPG Subsidy, Aadhaar Biometric Authentication, घरेलू गैस, LPG, आधार सत्यापन, भारत सरकार, गैस सब्सिडी</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>NTPC ने 413 करोड़ का बैटरी स्टोरेज प्रोजेक्ट ठेका खत्म किया</title>
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        <description><![CDATA[ सरकारी बिजली कंपनी NTPC ने महाराष्ट्र के मौदा सुपर थर्मल पावर स्टेशन में प्रस्तावित 400 MWh बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) परियोजना को लेकर बड़ा कदम उठाया है। कंपनी ने G R Infraprojects Ltd को दिया गया ₹413.37 करोड़ का अनुबंध समाप्त कर दिया है। यह अनुबंध मार्च 2026 में दिया गया था और परियोजना को निर्धारित समय के भीतर पूरा किया जाना था।
NTPC के अनुसार, परियोजना की कुछ महत्वपूर्ण गतिविधियों में लगातार देरी हुई। कंपनी ने ठेकेदार के साथ कई स्तरों पर बातचीत के बाद सुधारात्मक कदम उठाने के निर्देश भी दिए थे। हालांकि, NTPC के मुताबिक अपेक्षित सुधार नहीं हुआ और परियोजना की प्रगति निर्धारित आवश्यकताओं के अनुरूप नहीं रही। इसके बाद कंपनी ने अनुबंध समाप्त करने का निर्णय लिया।
अनुबंध समाप्त होने के बाद NTPC ने लगभग ₹91 करोड़ की उपलब्ध परफॉर्मेंस और अन्य प्रतिभूतियां अनुबंध की शर्तों के तहत भुनाने की जानकारी दी है। साथ ही परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए दोबारा टेंडर प्रक्रिया शुरू की गई है। कंपनी का उद्देश्य नए ठेकेदार का चयन कर परियोजना को समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाना है।
मौदा BESS परियोजना का उद्देश्य बिजली ग्रिड में ऊर्जा भंडारण की क्षमता बढ़ाना है। बैटरी स्टोरेज सिस्टम ऐसी बिजली को बाद में इस्तेमाल करने में मदद कर सकता है जो उत्पादन के समय तुरंत ग्रिड में खपत नहीं होती। विशेष रूप से सौर और पवन ऊर्जा जैसी बदलती उत्पादन वाली नवीकरणीय ऊर्जा के साथ बड़े पैमाने पर स्टोरेज सिस्टम ग्रिड संचालन में उपयोगी हो सकते हैं।
भारत में नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता बढ़ने के साथ ऊर्जा भंडारण की आवश्यकता भी बढ़ रही है। ऐसे में बड़े बैटरी स्टोरेज प्रोजेक्ट बिजली की मांग और उपलब्धता के बीच संतुलन बनाने में भूमिका निभा सकते हैं। मौदा परियोजना भी इसी व्यापक ऊर्जा भंडारण ढांचे का हिस्सा थी।
दूसरी ओर, G R Infraprojects ने सितंबर में अपने एक खुलासे में NTPC के BESS अनुबंध से जुड़े संविदात्मक मुद्दों और अन्य परिस्थितियों का उल्लेख किया था तथा विवाद समाधान प्रक्रिया का सहारा लेने की बात कही थी। दोनों पक्षों के बीच अनुबंध को लेकर अलग-अलग दावे हैं, जबकि NTPC ने परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए पुनः निविदा प्रक्रिया शुरू कर दी है। ]]></description>
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        <pubDate>Sun, 20 Sep 2026 00:09:00 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Piyush Raghuwanshi</dc:creator>
        <media:keywords>NTPC, Mouda BESS, Battery Energy Storage System, महाराष्ट्र, ऊर्जा भंडारण, बिजली परियोजना, ग्रिड स्टोरेज</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>34 हजार ग्रामीण युवाओं को मिलेगा कौशल प्रशिक्षण, अगले महीने से शुरू होंगे बैच</title>
        <link>https://dhakarsamachar.in/34-हजार-ग्रामीण-युवाओं-को-मिलेगा-कौशल-प्रशिक्षण-अगले-महीने-से-शुरू-होंगे-बैच</link>
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        <description><![CDATA[ नई दिल्ली, 19 सितंबर 2026। ग्रामीण विकास मंत्रालय ने देश के ग्रामीण युवाओं को रोजगार से जुड़े कौशल प्रदान करने के लिए दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल्य योजना (DDU-GKY) 2.0 के तहत लगभग 34 हजार युवाओं को प्रशिक्षण देने की तैयारी की है। प्रशिक्षण कार्यक्रम अगले महीने से अधिकांश राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में शुरू किए जाने हैं।
अगले महीने शुरू होंगे प्रशिक्षण बैच
ग्रामीण विकास मंत्रालय ने प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू करने की तैयारियों की समीक्षा की है। इसके लिए 14 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ तैयारियों को लेकर बैठक की गई।
योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों के ऐसे युवाओं को प्रशिक्षण देने पर ध्यान दिया जाएगा, जिन्हें रोजगार के लिए तकनीकी और व्यावसायिक कौशल की जरूरत है। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद युवाओं को रोजगार के अवसरों से जोड़ने की प्रक्रिया भी योजना का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
रोजगार योग्य कौशल पर फोकस
DDU-GKY का उद्देश्य ग्रामीण युवाओं को बाजार की मांग के अनुरूप कौशल प्रशिक्षण देना है। अलग-अलग क्षेत्रों की जरूरत के अनुसार युवाओं को विभिन्न रोजगार से जुड़े प्रशिक्षण दिए जाते हैं।
इसमें तकनीकी काम, सेवा क्षेत्र और अन्य रोजगारपरक गतिविधियों से जुड़े कौशल शामिल हो सकते हैं। प्रशिक्षण की प्रकृति संबंधित क्षेत्र और उपलब्ध पाठ्यक्रमों के अनुसार अलग-अलग हो सकती है।
ग्रामीण युवाओं के लिए अवसर
ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के सीमित अवसरों के कारण युवाओं को अक्सर काम की तलाश में दूसरे शहरों की ओर जाना पड़ता है। कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रमों का उद्देश्य युवाओं को उनके कौशल के आधार पर रोजगार के लिए तैयार करना है।
प्रशिक्षण के साथ रोजगार से जुड़ाव होने पर युवाओं को निजी क्षेत्र में नौकरी तलाशने में मदद मिल सकती है। इससे ग्रामीण परिवारों की आय के स्रोतों में भी वृद्धि की संभावना रहती है।
राज्यों के साथ तैयारियों की समीक्षा
मंत्रालय ने योजना के अगले चरण को शुरू करने से पहले राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ तैयारियों की समीक्षा की है। प्रशिक्षण केंद्रों, बैच शुरू करने और युवाओं तक योजना की जानकारी पहुंचाने जैसे मुद्दे इस प्रक्रिया का हिस्सा हैं।
अगले महीने से प्रशिक्षण शुरू होने के बाद अलग-अलग राज्यों में युवाओं के लिए बैच संचालित किए जाएंगे। प्रशिक्षण की संख्या और उपलब्ध पाठ्यक्रम स्थानीय जरूरतों के अनुसार अलग हो सकते हैं।
कौशल विकास से रोजगार जोड़ने की कोशिश
DDU-GKY 2.0 के तहत प्रशिक्षण को केवल कौशल सीखने तक सीमित रखने के बजाय रोजगार से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है। इसका उद्देश्य ग्रामीण युवाओं को ऐसे कौशल उपलब्ध कराना है, जिनकी रोजगार बाजार में मांग है।
लगभग 34 हजार युवाओं के प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत ग्रामीण क्षेत्रों में कौशल विकास को बढ़ाने की दिशा में एक नया चरण है। आने वाले महीनों में इन प्रशिक्षण बैचों के माध्यम से युवाओं को विभिन्न रोजगार क्षेत्रों के लिए तैयार किया जाएगा। ]]></description>
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        <pubDate>Sun, 20 Sep 2026 00:02:45 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Piyush Raghuwanshi</dc:creator>
        <media:keywords>DDU-GKY 2.0, ग्रामीण युवा प्रशिक्षण, कौशल विकास, रोजगार प्रशिक्षण, ग्रामीण रोजगार, Skill Development India</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>अगस्त में खुदरा महंगाई बढ़कर 4.82%, खाद्य कीमतों ने बढ़ाया दबाव</title>
        <link>https://dhakarsamachar.in/अगस्त-में-खुदरा-महंगाई-बढ़कर-482-खाद्य-कीमतों-ने-बढ़ाया-दबाव</link>
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        <description><![CDATA[ नई दिल्ली, 14 सितंबर 2026। भारत में खुदरा महंगाई अगस्त 2026 में बढ़कर 4.82 प्रतिशत हो गई। जुलाई में यह 4.45 प्रतिशत थी। केंद्र सरकार के सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार अगस्त का CPI आंकड़ा नए आधार वर्ष 2024 वाली श्रृंखला में अब तक का सबसे ऊंचा स्तर है। अगस्त का आंकड़ा फिलहाल अनंतिम (Provisional) है।
खाद्य महंगाई भी बढ़ी
महंगाई बढ़ने में खाद्य वस्तुओं की कीमतों की अहम भूमिका रही। अगस्त में खाद्य महंगाई 5.95 प्रतिशत रही, जबकि जुलाई में यह 5.52 प्रतिशत थी। ग्रामीण क्षेत्रों में खाद्य महंगाई 6.13 प्रतिशत और शहरी क्षेत्रों में 5.64 प्रतिशत दर्ज की गई।
खाद्य टोकरी में कुछ प्रमुख वस्तुओं की कीमतों में सालाना आधार पर तेज वृद्धि दर्ज की गई। प्याज की महंगाई दर अगस्त में 48.27 प्रतिशत और लहसुन की 43.60 प्रतिशत रही। अदरक की महंगाई दर 73.82 प्रतिशत रही, हालांकि जुलाई के 83.57 प्रतिशत की तुलना में इसमें कमी आई।
ग्रामीण क्षेत्रों में ज्यादा महंगाई
आंकड़ों के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों में खुदरा महंगाई 5.23 प्रतिशत रही, जबकि शहरी क्षेत्रों में यह 4.31 प्रतिशत दर्ज की गई। जुलाई में ग्रामीण और शहरी महंगाई क्रमशः 4.84 प्रतिशत और 3.96 प्रतिशत थी।
इससे पता चलता है कि अगस्त में कीमतों में बढ़ोतरी का असर ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में रहा, लेकिन ग्रामीण उपभोक्ताओं के लिए महंगाई दर अधिक रही।
लगातार तीसरे महीने बढ़ी CPI
हालिया आंकड़ों में खुदरा महंगाई में लगातार बढ़ोतरी का रुझान दिखाई दे रहा है। मई 2026 में CPI महंगाई 3.93 प्रतिशत थी, जो जून में 4.38 प्रतिशत, जुलाई में 4.45 प्रतिशत और अगस्त में 4.82 प्रतिशत हो गई।
इस अवधि में खाद्य कीमतों में बदलाव महंगाई के प्रमुख कारकों में रहा। इसके अलावा परिवहन, शिक्षा और अन्य सेवाओं से जुड़े खर्चों में भी सालाना आधार पर वृद्धि दर्ज की गई।
किन क्षेत्रों में बढ़ीं कीमतें
अगस्त के आंकड़ों के अनुसार व्यक्तिगत देखभाल, सामाजिक सुरक्षा और विविध वस्तुओं एवं सेवाओं की श्रेणी में महंगाई 15.17 प्रतिशत रही। रेस्तरां और आवास सेवाओं की श्रेणी में यह 8.38 प्रतिशत दर्ज की गई।
परिवहन से जुड़ी महंगाई 4.60 प्रतिशत और शिक्षा सेवाओं की महंगाई 3.73 प्रतिशत रही। कपड़े और जूते-चप्पल की श्रेणी में महंगाई 3.56 प्रतिशत दर्ज की गई।
आगे के आंकड़ों पर रहेगी नजर
महंगाई के आंकड़े घरेलू खर्च और आर्थिक नीतियों के लिए महत्वपूर्ण माने जाते हैं। आने वाले महीनों में खाद्य कीमतों, ऊर्जा लागत और अन्य वस्तुओं की कीमतों में होने वाले बदलाव पर नजर रहेगी।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक सितंबर 2026 के CPI आंकड़े अक्टूबर में जारी किए जाएंगे। इससे यह पता चलेगा कि अगस्त में दर्ज बढ़ोतरी आगे भी जारी रहती है या कीमतों का दबाव कम होता है। ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 19 Sep 2026 23:45:11 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Piyush Raghuwanshi</dc:creator>
        <media:keywords>खुदरा महंगाई 2026, CPI Inflation August 2026, भारत महंगाई, खाद्य महंगाई, अगस्त CPI, आर्थिक समाचार</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>भारत में सेमीकंडक्टर क्षेत्र को बड़ा बढ़ावा, Applied Materials करेगी 5 अरब डॉलर का निवेश</title>
        <link>https://dhakarsamachar.in/भारत-में-सेमीकंडक्टर-क्षेत्र-को-बड़ा-बढ़ावा-applied-materials-करेगी-5-अरब-डॉलर-का-निवेश</link>
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        <description><![CDATA[ नई दिल्ली, 17 सितंबर 2026। अमेरिकी सेमीकंडक्टर उपकरण कंपनी Applied Materials ने भारत में अगले 10 वर्षों के दौरान करीब 5 अरब डॉलर निवेश करने की घोषणा की है। कंपनी ने यह ऐलान SEMICON India 2026 के दौरान किया। प्रस्तावित निवेश का फोकस भारत में रिसर्च एंड डेवलपमेंट, सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन के विस्तार और तकनीकी प्रतिभाओं को विकसित करने पर रहेगा।
140 एकड़ का रिसर्च पार्क प्रस्तावित
कंपनी की योजना भारत में लगभग 140 एकड़ का उन्नत सेमीकंडक्टर रिसर्च पार्क विकसित करने की है। इसमें क्लीनरूम सुविधाएं, इंजीनियरिंग और रिसर्च से जुड़ी सुविधाएं तथा कंपनियों, सप्लायर्स और अन्य संस्थानों के साथ सहयोग के लिए व्यवस्था की जाएगी।
यह पार्क भारत में सेमीकंडक्टर तकनीक के अनुसंधान और उत्पाद विकास को बढ़ाने के उद्देश्य से प्रस्तावित किया गया है। कंपनी ने बताया कि भारत में पहले से मौजूद उसकी इंजीनियरिंग क्षमताओं को भी इस विस्तार से आगे बढ़ाया जाएगा।
सप्लाई चेन क्षमता 10 गुना बढ़ाने का लक्ष्य
Applied Materials ने वर्ष 2035 तक भारत में अपनी सप्लाई चेन क्षमता को 10 गुना बढ़ाने का लक्ष्य रखा है। इसके तहत भारतीय कंपनियों को वैश्विक सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन से जोड़ने और विदेशी सप्लायर्स को भारत में अपनी गतिविधियां बढ़ाने के अवसर देने की योजना है।
कंपनी के मुताबिक भारत में उसका मौजूदा संचालन पहले से ही हजारों कर्मचारियों को रोजगार देता है। प्रस्तावित योजना में रिसर्च और डेवलपमेंट से जुड़े कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने तथा विश्वविद्यालयों के साथ प्रशिक्षण और कौशल विकास कार्यक्रमों को विस्तार देने पर भी जोर रहेगा।
SEMICON India में कई निवेश प्रस्ताव
SEMICON India 2026 में सिर्फ Applied Materials ने ही निवेश की घोषणा नहीं की। केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री के अनुसार, Semicon 2.0 के तहत करीब 11 से 12 अरब डॉलर के निवेश प्रस्ताव सामने आए हैं।
इन प्रस्तावों में सेमीकंडक्टर उपकरण, सामग्री, गैस, रसायन और सब्सट्रेट जैसे क्षेत्रों से जुड़े निवेश शामिल हैं। इन प्रस्तावों में से कई को अगले दो से तीन वर्षों में आगे बढ़ाने की बात कही गई है, हालांकि कंपनियों की अंतिम मंजूरी अलग-अलग प्रक्रियाओं पर निर्भर करेगी।
भारत में सेमीकंडक्टर निर्माण पर बढ़ता जोर
सेमीकंडक्टर का इस्तेमाल मोबाइल फोन, कंप्यूटर, इलेक्ट्रिक वाहन, संचार उपकरण और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़े सिस्टम समेत कई तकनीकी उत्पादों में होता है। दुनियाभर में AI और कंप्यूटिंग की मांग बढ़ने के साथ चिप और उससे जुड़ी सप्लाई चेन का महत्व भी बढ़ा है।
भारत में सेमीकंडक्टर क्षेत्र को विकसित करने के लिए सरकार और निजी कंपनियों की ओर से निवेश योजनाएं सामने आ रही हैं। Applied Materials का नया निवेश मुख्य रूप से उपकरण, रिसर्च, सप्लाई चेन और प्रतिभा विकास से जुड़ा है। कंपनी खुद मुख्य रूप से सेमीकंडक्टर बनाने वाली चिप कंपनी नहीं, बल्कि चिप निर्माण में इस्तेमाल होने वाले उपकरणों की प्रमुख निर्माता है।
आगे की दिशा
भारत में सेमीकंडक्टर क्षेत्र के विस्तार के साथ स्थानीय सप्लायर्स, इंजीनियरिंग कंपनियों और तकनीकी संस्थानों के लिए नए अवसर बनने की संभावना है। हालांकि प्रस्तावित निवेश का बड़ा हिस्सा आने वाले वर्षों में लागू होना है, इसलिए इसके वास्तविक प्रभाव का आकलन परियोजनाओं के आगे बढ़ने के बाद ही किया जा सकेगा।
Applied Materials की घोषणा भारत में सेमीकंडक्टर से जुड़े अनुसंधान, सप्लाई चेन और कौशल विकास को लेकर चल रही गतिविधियों में एक महत्वपूर्ण नया निवेश प्रस्ताव है। ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 19 Sep 2026 23:43:13 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Piyush Raghuwanshi</dc:creator>
        <media:keywords>Applied Materials India, सेमीकंडक्टर निवेश, SEMICON India 2026, भारत चिप निर्माण, semiconductor research park, India semiconductor</media:keywords>
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    <item>
        <title>उत्तर प्रदेश में महिलाओं की डेयरी से बदली ग्रामीण अर्थव्यवस्था, चार लाख महिलाएं जुड़ीं</title>
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        <description><![CDATA[ लखनऊ, 8 सितंबर 2026। उत्तर प्रदेश में महिलाओं की भागीदारी से डेयरी क्षेत्र तेजी से बदल रहा है। राज्य के ग्रामीण इलाकों में महिलाओं को दूध उत्पादन और उसके संगठित कारोबार से जोड़ने की पहल का असर अब बड़े स्तर पर दिखाई देने लगा है। उत्तर प्रदेश राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़े आंकड़ों के अनुसार करीब 31 जिलों की चार लाख महिलाएं महिला-नेतृत्व वाले डेयरी नेटवर्क का हिस्सा बन चुकी हैं। यह नेटवर्क प्रतिदिन लगभग 12.5 लाख लीटर दूध एकत्र कर रहा है। महिलाओं को मिला रोजगार का नया माध्यम
ग्रामीण क्षेत्रों में डेयरी का काम लंबे समय से परिवारों की आय का हिस्सा रहा है, लेकिन अब इसे महिलाओं के लिए व्यवस्थित रोजगार और उद्यमिता के अवसर के रूप में विकसित किया जा रहा है। स्वयं सहायता समूहों और ग्रामीण आजीविका कार्यक्रमों के माध्यम से महिलाओं को दूध उत्पादन, संग्रह और बाजार से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है।
इस पहल से महिलाओं को घर के आसपास ही आय का साधन उपलब्ध हो रहा है। इससे उन्हें परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के साथ-साथ अपने स्तर पर वित्तीय निर्णय लेने में भी मदद मिल रही है।
73 हजार से अधिक महिलाएं बनीं &#039;लखपति दीदी&#039;
डेयरी क्षेत्र में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी का एक महत्वपूर्ण परिणाम यह है कि 73 हजार से अधिक महिलाएं &#039;लखपति दीदी&#039; की श्रेणी में पहुंच चुकी हैं। इसका मतलब है कि इन महिलाओं ने अपनी आजीविका गतिविधियों के जरिए सालाना एक लाख रुपये या उससे अधिक की आय हासिल करने की दिशा में सफलता पाई है।  डेयरी को संगठित तरीके से बढ़ावा देने से महिलाओं के लिए केवल दूध बेचने तक सीमित अवसर नहीं रह जाते। पशुपालन, दूध संग्रह, स्थानीय बिक्री और संबंधित गतिविधियों में भी आर्थिक अवसर पैदा होते हैं।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिल रहा फायदा
डेयरी क्षेत्र की मजबूती का असर केवल महिलाओं की आय तक सीमित नहीं रहता। इससे पशुपालन, चारा, दूध संग्रह, परिवहन और स्थानीय बाजार से जुड़े कई लोगों को भी फायदा मिलता है।
ग्रामीण परिवारों के लिए नियमित दूध उत्पादन आय का अपेक्षाकृत स्थिर स्रोत बन सकता है। इससे खेती पर निर्भरता कम करने और परिवार की कुल आय बढ़ाने में मदद मिल सकती है।
स्वयं सहायता समूहों की अहम भूमिका
महिलाओं को डेयरी से जोड़ने में स्वयं सहायता समूहों की भूमिका महत्वपूर्ण है। समूह के माध्यम से महिलाएं एक-दूसरे से जुड़कर संसाधनों और अनुभवों को साझा करती हैं। इससे छोटे स्तर पर शुरू की गई गतिविधियों को बड़े नेटवर्क से जोड़ने में आसानी होती है।
सरकार की ग्रामीण आजीविका योजनाओं का उद्देश्य महिलाओं को केवल सहायता देना नहीं बल्कि उन्हें स्थायी आय के साधनों से जोड़ना है। डेयरी क्षेत्र में यह मॉडल तेजी से विस्तार करता दिखाई दे रहा है।
आगे और विस्तार की उम्मीद
उत्तर प्रदेश देश के सबसे बड़े दूध उत्पादक राज्यों में शामिल है। ऐसे में डेयरी क्षेत्र में महिलाओं की भागीदारी बढ़ने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को और मजबूती मिल सकती है। आने वाले समय में बेहतर पशुपालन तकनीक, दूध की गुणवत्ता, बाजार तक पहुंच और प्रशिक्षण जैसी सुविधाओं पर ध्यान दिया जाता है तो महिलाओं की आय में और वृद्धि की संभावना है।
महिलाओं के नेतृत्व में विकसित हो रहा यह डेयरी नेटवर्क उत्तर प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और उद्यमिता का नया मॉडल तैयार कर रहा है। चार लाख महिलाओं की भागीदारी और प्रतिदिन 12.5 लाख लीटर दूध संग्रह का आंकड़ा बताता है कि डेयरी अब केवल पारंपरिक पशुपालन नहीं रह गया है, बल्कि ग्रामीण महिलाओं के लिए संगठित आर्थिक गतिविधि का रूप ले रहा है। ]]></description>
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        <pubDate>Fri, 11 Sep 2026 12:27:00 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Piyush Raghuwanshi</dc:creator>
        <media:keywords>उत्तर प्रदेश डेयरी, महिला सशक्तिकरण, लखपति दीदी, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, महिला डेयरी नेटवर्क</media:keywords>
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    <item>
        <title>उत्तर प्रदेश के 25 जिलों में बाढ़ का असर, राहत और बचाव अभियान तेज</title>
        <link>https://dhakarsamachar.in/उत्तर-प्रदेश-के-25-जिलों-में-बाढ़-का-असर-राहत-और-बचाव-अभियान-तेज</link>
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        <description><![CDATA[ लखनऊ, 8 सितंबर 2026। उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में लगातार बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर के कारण बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। प्रदेश के 25 जिले बाढ़ से प्रभावित बताए गए हैं। पूर्वी उत्तर प्रदेश से लेकर पश्चिमी हिस्सों तक कई इलाकों में जलभराव और नदी के बढ़े जलस्तर ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
कई इलाकों में बढ़ा जलस्तर
लगातार बारिश के कारण कई नदियों का जलस्तर बढ़ गया है। निचले इलाकों में पानी पहुंचने से ग्रामीण आबादी को सुरक्षित स्थानों की ओर जाने के लिए कहा गया है। कई जगहों पर सड़क संपर्क भी प्रभावित हुआ है, जिससे लोगों की आवाजाही मुश्किल हुई है।
प्रशासन की ओर से नदी किनारे और निचले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। जलस्तर पर लगातार निगरानी रखी जा रही है ताकि जरूरत पड़ने पर समय रहते लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा सके।
बचाव दल और नावों की तैनाती
बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य तेज कर दिया गया है। आपदा राहत टीमों के साथ नावों को भी तैनात किया गया है। जिन इलाकों में सड़क मार्ग से पहुंचना मुश्किल है, वहां जरूरत के अनुसार हवाई माध्यम से भी राहत सामग्री पहुंचाने की तैयारी की जा रही है।
प्रशासन ने प्रभावित लोगों के लिए अस्थायी राहत शिविर बनाए हैं। इन शिविरों में भोजन, पीने का पानी और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जा रही है।
किसानों को भी नुकसान की चिंता
बाढ़ का असर ग्रामीण क्षेत्रों और कृषि पर भी पड़ रहा है। खेतों में पानी भरने से फसलों को नुकसान होने की आशंका बढ़ गई है। कई किसान लगातार बढ़ते जलस्तर को लेकर चिंतित हैं।
बाढ़ का पानी लंबे समय तक खेतों में जमा रहने पर फसलों के साथ-साथ मिट्टी की गुणवत्ता और कृषि गतिविधियों पर भी असर पड़ सकता है। प्रशासन की ओर से स्थिति सामान्य होने के बाद नुकसान का आकलन किए जाने की संभावना है।
स्वास्थ्य और बिजली व्यवस्था पर भी नजर
बाढ़ के दौरान जलजनित बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए स्वास्थ्य विभाग को प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। राहत शिविरों में साफ पानी और आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया जा रहा है।
कई प्रभावित इलाकों में बिजली आपूर्ति को लेकर भी सावधानी बरती जा रही है। पानी भरे क्षेत्रों में विद्युत दुर्घटनाओं की आशंका को देखते हुए संबंधित विभाग स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की
प्रशासन ने लोगों से बाढ़ के पानी में अनावश्यक रूप से जाने से बचने और आधिकारिक निर्देशों का पालन करने की अपील की है। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए कहा गया है।
प्रदेश में बारिश और नदियों के जलस्तर की स्थिति लगातार बदल रही है। ऐसे में आने वाले दिनों में मौसम और नदी के स्तर के आधार पर राहत अभियान को और बढ़ाया जा सकता है।
उत्तर प्रदेश में इस समय बाढ़ की चुनौती केवल ग्रामीण क्षेत्रों तक सीमित नहीं है, बल्कि सड़क, बिजली, कृषि और जनजीवन पर भी इसका असर पड़ रहा है। प्रशासन और राहत एजेंसियां प्रभावित लोगों तक जरूरी सहायता पहुंचाने में जुटी हुई हैं। ]]></description>
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        <pubDate>Fri, 11 Sep 2026 12:23:50 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Piyush Raghuwanshi</dc:creator>
        <media:keywords>उत्तर प्रदेश बाढ़, UP Flood 2026, यूपी बारिश, बाढ़ प्रभावित जिले, राहत बचाव अभियान, नदी जलस्तर</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>धाकड़ समाचार 5 सितम्बर 2026</title>
        <link>https://dhakarsamachar.in/dhakar-samachar-5-sept-2026</link>
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        <description><![CDATA[  ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 05 Sep 2026 13:22:57 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Piyush Raghuwanshi</dc:creator>
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    </item>
    <item>
        <title>सुप्रीम कोर्ट से NSE को बड़ी राहत, SEBI के साथ विवाद सुलझने के बाद IPO का रास्ता साफ</title>
        <link>https://dhakarsamachar.in/सुप्रीम-कोर्ट-से-nse-को-बड़ी-राहत-sebi-के-साथ-विवाद-सुलझने-के-बाद-ipo-का-रास्ता-साफ</link>
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        <description><![CDATA[ नई दिल्ली, 3 सितंबर 2026 | भारत के शेयर बाजार के लिए 3 सितंबर 2026 का दिन काफी महत्वपूर्ण रहा। सुप्रीम कोर्ट ने नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) से जुड़े लंबे समय से चल रहे को-लोकेशन और डार्क फाइबर मामलों में भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) की याचिकाओं का निपटारा कर दिया। यह घटनाक्रम NSE के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है, क्योंकि इन मामलों के कारण उसके लंबे समय से प्रस्तावित IPO की प्रक्रिया पर नियामकीय और कानूनी अड़चनें बनी हुई थीं।
यह मामला भारतीय पूंजी बाजार के इतिहास के सबसे लंबे समय तक चलने वाले नियामकीय विवादों में से एक रहा है। इसके केंद्र में NSE के ट्रेडिंग सिस्टम तक कुछ ब्रोकर्स की पहुंच, सर्वर से कनेक्शन और उस व्यवस्था से जुड़े नियमों के पालन के सवाल थे। कई वर्षों तक जांच, नियामकीय कार्रवाई, अपील और न्यायिक प्रक्रिया चलने के बाद अब दोनों पक्षों के बीच समझौते के रास्ते से मामला आगे बढ़ा है।
क्या है पूरा मामला?
NSE भारत का सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज है। यहां हर दिन बड़ी संख्या में शेयर और डेरिवेटिव सौदों का कारोबार होता है। आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक ट्रेडिंग में किसी ट्रेडिंग सिस्टम तक पहुंच की गति बहुत महत्वपूर्ण हो सकती है। कुछ मिलीसेकंड का अंतर भी विशेष रूप से हाई-फ्रीक्वेंसी ट्रेडिंग में महत्वपूर्ण माना जाता है।
NSE से जुड़ा को-लोकेशन विवाद इसी सवाल के आसपास सामने आया था कि क्या कुछ ब्रोकर्स को एक्सचेंज के ट्रेडिंग सर्वरों के पास विशेष सुविधाएं या ऐसी पहुंच मिली जिससे उन्हें दूसरे बाजार प्रतिभागियों की तुलना में फायदा मिल सकता था।
मामले में यह आरोप जांच के केंद्र में रहा कि कुछ ब्रोकर्स को NSE के सिस्टम तक ऐसी पहुंच मिली जिससे उन्हें बाजार संबंधी जानकारी या ऑर्डर निष्पादन में संभावित समयगत लाभ मिल सकता था। इसके बाद नियामक स्तर पर जांच शुरू हुई और मामला लंबे समय तक विभिन्न कानूनी मंचों पर चलता रहा।
को-लोकेशन का मतलब क्या है?
को-लोकेशन का मतलब ऐसी व्यवस्था से है जिसमें ट्रेडिंग सदस्य अपने सर्वर या कंप्यूटर सिस्टम को एक्सचेंज के डेटा सेंटर के बहुत करीब स्थापित करते हैं। इसका उद्देश्य डेटा और ऑर्डर को तेजी से एक्सचेंज के ट्रेडिंग सिस्टम तक पहुंचाना होता है।
आज के इलेक्ट्रॉनिक शेयर बाजार में ट्रेडिंग की गति बेहद महत्वपूर्ण है। खासकर एल्गोरिदमिक और हाई-फ्रीक्वेंसी ट्रेडिंग में कंप्यूटर प्रोग्राम बहुत कम समय में बड़ी संख्या में ऑर्डर भेज और रद्द कर सकते हैं।
इसी कारण एक्सचेंज के सर्वर तक पहुंच की व्यवस्था में समानता और निष्पक्षता महत्वपूर्ण होती है। यदि किसी बाजार प्रतिभागी को दूसरों की तुलना में अनुचित तकनीकी लाभ मिलता है, तो इससे बाजार की निष्पक्षता पर सवाल उठ सकता है।
NSE के मामले में इसी तरह की व्यवस्थाओं को लेकर नियामकीय विवाद पैदा हुआ था।
डार्क फाइबर विवाद क्या था?
इस मामले का दूसरा महत्वपूर्ण हिस्सा डार्क फाइबर कनेक्टिविटी से जुड़ा था। डार्क फाइबर का सामान्य अर्थ ऐसी ऑप्टिकल फाइबर लाइन से है जिसका इस्तेमाल डेटा ट्रांसमिशन के लिए किया जा सकता है, लेकिन जिसमें पहले से सक्रिय इलेक्ट्रॉनिक संचार उपकरण नहीं लगे होते।
स्टॉक मार्केट में तेज कनेक्टिविटी का महत्व देखते हुए कुछ ब्रोकर्स ने ऐसी फाइबर कनेक्टिविटी का इस्तेमाल किया था। नियामक ने इस बात की जांच की कि क्या इस व्यवस्था के कारण कुछ बाजार प्रतिभागियों को NSE के ट्रेडिंग सिस्टम तक दूसरों की तुलना में तेज या विशेष प्रकार की पहुंच मिली।
यही कारण है कि को-लोकेशन और डार्क फाइबर से जुड़े मामलों को एक साथ देखा गया और इन पर लंबे समय तक कानूनी प्रक्रिया चली।
मामला कई वर्षों तक क्यों चला?
यह विवाद पहली बार लगभग एक दशक पहले चर्चा में आया था। इसके बाद SEBI ने मामले की जांच की और अलग-अलग चरणों में नियामकीय आदेश जारी किए।
NSE ने इन आदेशों और आरोपों से जुड़े पहलुओं को विभिन्न कानूनी मंचों पर चुनौती दी। मामला Securities Appellate Tribunal यानी प्रतिभूति अपीलीय न्यायाधिकरण तक पहुंचा। वहां कुछ मामलों में NSE को राहत मिली और इसके बाद SEBI ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया।
इस तरह मामला केवल नियामकीय जांच तक सीमित नहीं रहा बल्कि कई वर्षों तक न्यायिक प्रक्रिया का हिस्सा बना रहा।
लंबे समय तक चलने वाली इस प्रक्रिया का असर NSE की प्रस्तावित सार्वजनिक सूचीबद्धता पर भी पड़ा। NSE लंबे समय से स्वयं को शेयर बाजार में सूचीबद्ध कराने की योजना बना रहा था, लेकिन पुराने नियामकीय विवादों के कारण IPO को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो पा रही थी।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले से क्या बदला?
3 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट ने SEBI की अपीलों का निपटारा कर दिया। यह फैसला उस समझौते के बाद आया जिसमें NSE ने पुराने मामलों को निपटाने के लिए करीब 1,491 करोड़ रुपये का भुगतान करने पर सहमति जताई थी।
इस समझौते के बाद लंबित विवाद को आगे बढ़ाने की जरूरत काफी हद तक समाप्त हो गई। इससे NSE के सामने मौजूद एक महत्वपूर्ण कानूनी बाधा दूर हो गई।
यहां यह समझना जरूरी है कि सुप्रीम कोर्ट का मामला निपटाना और NSE का IPO तुरंत लॉन्च होना एक ही बात नहीं है। IPO के लिए अभी भी बाजार नियामक की मंजूरी, दस्तावेजों की प्रक्रिया, मूल्य निर्धारण और अन्य आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करनी होती हैं।
फिर भी पुराने विवाद के निपटारे ने NSE की सार्वजनिक सूचीबद्धता की दिशा में एक बड़ा कदम जरूर आगे बढ़ाया है।
NSE के IPO के लिए क्यों महत्वपूर्ण है फैसला?
NSE का IPO भारतीय शेयर बाजार के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। NSE स्वयं देश के सबसे बड़े स्टॉक एक्सचेंजों में शामिल है और इसके प्लेटफॉर्म पर बड़ी मात्रा में इक्विटी तथा डेरिवेटिव कारोबार होता है।
किसी स्टॉक एक्सचेंज का खुद शेयर बाजार में सूचीबद्ध होना एक महत्वपूर्ण घटना होती है। इससे आम और संस्थागत निवेशकों को एक्सचेंज में हिस्सेदारी खरीदने का अवसर मिल सकता है।
NSE की संभावित लिस्ट ]]></description>
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        <pubDate>Fri, 04 Sep 2026 20:25:26 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Piyush Raghuwanshi</dc:creator>
        <media:keywords>NSE IPO 2026, NSE Supreme Court, SEBI NSE case, को-लोकेशन मामला, डार्क फाइबर मामला, NSE IPO, शेयर बाजार, भारतीय पूंजी बाजार</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>भारत का विदेशी मुद्रा भंडार रिकॉर्ड 740.80 अरब डॉलर पर पहुंचा</title>
        <link>https://dhakarsamachar.in/भारत-का-विदेशी-मुद्रा-भंडार-रिकॉर्ड-74080-अरब-डॉलर-पर-पहुंचा</link>
        <guid>https://dhakarsamachar.in/भारत-का-विदेशी-मुद्रा-भंडार-रिकॉर्ड-74080-अरब-डॉलर-पर-पहुंचा</guid>
        <description><![CDATA[ नई दिल्ली, 4 सितंबर 2026 | भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 28 अगस्त 2026 को समाप्त सप्ताह में बढ़कर रिकॉर्ड 740.80 अरब डॉलर पहुंच गया। भारतीय रिजर्व बैंक के आंकड़ों के अनुसार, यह लगातार नौवां सप्ताह है जब देश के विदेशी मुद्रा भंडार में बढ़ोतरी दर्ज की गई है।विदेशी मुद्रा भंडार में बड़ी बढ़ोतरी
एक सप्ताह में भारत के विदेशी मुद्रा भंडार में करीब 11.47 अरब डॉलर की वृद्धि हुई। इस बढ़ोतरी के बाद भारत का कुल भंडार 740.80 अरब डॉलर के नए रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियां करीब 600.67 अरब डॉलर, जबकि देश का स्वर्ण भंडार करीब 116.41 अरब डॉलर रहा।NRI जमा और डॉलर की आवक बनी प्रमुख वजह
भंडार में इस मजबूत वृद्धि के पीछे विदेशी मुद्रा की बढ़ी हुई आवक को प्रमुख कारण माना जा रहा है। जून में शुरू की गई विशेष योजनाओं के तहत विदेशी मुद्रा जमा और विदेशों से होने वाली उधारी को बढ़ावा मिला। इन योजनाओं के माध्यम से बड़ी मात्रा में डॉलर भारत में आए, जिससे बैंकिंग प्रणाली और देश के विदेशी मुद्रा भंडार को मजबूती मिली।रुपये को मिल सकता है सहारा
विदेशी मुद्रा भंडार का रिकॉर्ड स्तर भारत की बाहरी वित्तीय स्थिति के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बड़े विदेशी मुद्रा भंडार से जरूरत पड़ने पर भारतीय रिजर्व बैंक को रुपये में अत्यधिक उतार-चढ़ाव को नियंत्रित करने और बाहरी आर्थिक दबावों से निपटने में मदद मिल सकती है। इस दौरान रुपये में भी डॉलर के मुकाबले लगभग 0.3% की मजबूती दर्ज की गई। ]]></description>
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        <pubDate>Fri, 04 Sep 2026 20:10:26 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Piyush Raghuwanshi</dc:creator>
        <media:keywords>भारत विदेशी मुद्रा भंडार, Forex Reserves India, RBI, 740.80 अरब डॉलर, रुपये की मजबूती, भारतीय अर्थव्यवस्था</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>प्रधानमंत्री मोदी ने की नेपाल में फंसे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा की समीक्षा</title>
        <link>https://dhakarsamachar.in/प्रधानमंत्री-मोदी-ने-की-नेपाल-में-फंसे-भारतीय-नागरिकों-की-सुरक्षा-की-समीक्षा</link>
        <guid>https://dhakarsamachar.in/प्रधानमंत्री-मोदी-ने-की-नेपाल-में-फंसे-भारतीय-नागरिकों-की-सुरक्षा-की-समीक्षा</guid>
        <description><![CDATA[ नई दिल्ली, 29 अगस्त 2026। नेपाल में आई भीषण बाढ़ और प्राकृतिक आपदा के बीच भारत सरकार ने वहां फंसे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और राहत कार्यों की स्थिति की समीक्षा तेज कर दी है। नेपाल के प्रभावित इलाकों में बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक, पर्यटक और तीर्थयात्री मौजूद थे, जिसके कारण भारत के लिए उनकी सुरक्षित निकासी और परिजनों तक सही जानकारी पहुंचाना प्राथमिकता बन गया है।
भारतीय नागरिकों की जानकारी जुटाने पर जोर
नेपाल में बाढ़ और भूस्खलन के कारण कई इलाकों में संपर्क व्यवस्था प्रभावित हुई है। सड़कें क्षतिग्रस्त होने और कुछ क्षेत्रों में मोबाइल तथा इंटरनेट सेवाओं में बाधा के कारण लोगों से संपर्क करने में परेशानी आ रही है।
भारत सरकार ने नेपाल में मौजूद भारतीय नागरिकों की स्थिति की जानकारी जुटाने के लिए नेपाली प्रशासन और भारतीय मिशन के साथ समन्वय बढ़ाया है। जिन लोगों का संपर्क अपने परिवारों से टूट गया है, उनकी जानकारी अलग-अलग माध्यमों से जुटाई जा रही है।
तीर्थयात्रियों पर विशेष ध्यान
नेपाल में भारतीय नागरिकों की संख्या अधिक होने का एक कारण धार्मिक और पर्यटन यात्राएं भी हैं। कैलाश मानसरोवर यात्रा, पशुपतिनाथ मंदिर और अन्य धार्मिक स्थलों की यात्रा करने वाले कई भारतीय नागरिक नेपाल के रास्ते से आते-जाते हैं।
आपदा के दौरान ऐसे यात्रियों की सुरक्षा को लेकर परिवारों में चिंता बढ़ गई। सरकार ने प्रभावित क्षेत्रों में मौजूद भारतीय नागरिकों को स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है।
राहत और बचाव अभियान जारी
नेपाल में नेपाली सेना, पुलिस और स्थानीय राहत दल प्रभावित लोगों को सुरक्षित निकालने में जुटे हुए हैं। कई स्थानों पर सड़क और पुल क्षतिग्रस्त होने के कारण राहत दलों को प्रभावित इलाकों तक पहुंचने में कठिनाई हो रही है।
जहां सड़क मार्ग से पहुंचना संभव नहीं है, वहां वैकल्पिक माध्यमों से लोगों तक जरूरी सहायता पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। भोजन, पानी, दवाइयां और अन्य जरूरी सामान प्रभावित लोगों तक पहुंचाना राहत अभियान की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है।
भारत की ओर से लगातार समन्वय
भारत और नेपाल के बीच भौगोलिक और सामाजिक संबंधों को देखते हुए दोनों देशों के अधिकारियों के बीच लगातार संपर्क बना हुआ है। भारत अपने नागरिकों की सुरक्षा के साथ-साथ नेपाल के राहत प्रयासों में भी सहयोग कर रहा है।
आपदा के बाद भारत की ओर से राहत सामग्री उपलब्ध कराने के प्रयास किए गए हैं। जरूरत के अनुसार आगे भी सहायता भेजे जाने की संभावना है।
परिवारों को सही जानकारी देने की चुनौती
ऐसी आपदा के दौरान सोशल मीडिया पर कई तरह की अपुष्ट सूचनाएं तेजी से फैलती हैं। इससे प्रभावित लोगों के परिवारों में चिंता और बढ़ सकती है।
सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक माध्यमों से प्राप्त जानकारी पर भरोसा करें। लापता लोगों के बारे में सही जानकारी जुटाने में समय लग सकता है, क्योंकि कई प्रभावित क्षेत्र अभी भी राहत टीमों की पहुंच से बाहर हैं।
सीमा क्षेत्रों में भी निगरानी
नेपाल से सटे भारतीय राज्यों में भी प्रशासन को सतर्क किया गया है। सीमा क्षेत्रों में आने-जाने वाले लोगों की स्थिति पर नजर रखी जा रही है। नेपाल से भारत लौटने वाले भारतीय नागरिकों को आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के लिए संबंधित एजेंसियां समन्वय कर रही हैं।
सीमा पर प्राकृतिक आपदा के कारण यातायात और आवागमन प्रभावित होने की स्थिति में लोगों को वैकल्पिक रास्तों और सुरक्षित मार्गों की जानकारी उपलब्ध कराना भी महत्वपूर्ण है।
आपदा ने बढ़ाई क्षेत्रीय तैयारी की जरूरत
नेपाल की हालिया प्राकृतिक आपदा ने हिमालयी क्षेत्र में आपदा प्रबंधन की चुनौतियों को एक बार फिर सामने ला दिया है। पहाड़ी क्षेत्रों में अचानक आने वाली बाढ़, भूस्खलन और तेज बारिश के कारण लोगों को सुरक्षित निकालना मैदानी इलाकों की तुलना में काफी कठिन होता है।
भारत और नेपाल दोनों के लिए भविष्य में सीमा पार आपदा चेतावनी और सूचना साझा करने की व्यवस्था को और मजबूत करना उपयोगी हो सकता है।
आगे भी जारी रहेगा राहत अभियान
फिलहाल नेपाल में राहत और बचाव अभियान जारी है। भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और जिन लोगों से संपर्क नहीं हो पाया है, उनकी जानकारी जुटाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
भारत सरकार की प्राथमिकता अपने नागरिकों को सुरक्षित निकालने के साथ-साथ नेपाल के राहत प्रयासों में आवश्यक सहयोग देना है। स्थिति सामान्य होने तक दोनों देशों के अधिकारियों के बीच समन्वय जारी रहने की उम्मीद है। ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 29 Aug 2026 16:25:25 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Piyush Raghuwanshi</dc:creator>
        <media:keywords>नेपाल बाढ़, भारतीय नागरिक, पीएम मोदी, नेपाल में भारतीय, राहत बचाव, भारतीय तीर्थयात्री</media:keywords>
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    <item>
        <title>भारत में डिजिटल भुगतान का नया रिकॉर्ड, UPI लेनदेन में लगातार तेजी</title>
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        <description><![CDATA[ नई दिल्ली, 28 अगस्त 2026। भारत में डिजिटल भुगतान का विस्तार लगातार जारी है और यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) देश के डिजिटल लेनदेन का सबसे प्रमुख माध्यम बना हुआ है। अगस्त महीने में भी UPI के जरिए होने वाले भुगतान में मजबूत गतिविधि देखने को मिली है। छोटे दुकानदारों से लेकर बड़े कारोबार तक, QR कोड और मोबाइल आधारित भुगतान का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है।
छोटे भुगतान से लेकर बड़े कारोबार तक UPI का विस्तार
UPI की शुरुआत के बाद भारत में डिजिटल भुगतान के तरीके में बड़ा बदलाव आया है। पहले जहां नकद भुगतान रोजमर्रा की खरीदारी का मुख्य माध्यम था, वहीं अब चाय की दुकान, सब्जी विक्रेता, किराना स्टोर, पेट्रोल पंप और बड़े शॉपिंग सेंटर तक UPI भुगतान स्वीकार कर रहे हैं।
मोबाइल फोन और इंटरनेट की उपलब्धता बढ़ने के साथ डिजिटल भुगतान ग्रामीण और छोटे शहरों तक भी तेजी से पहुंचा है। अब ग्राहक बैंक खाते से सीधे दूसरे व्यक्ति या व्यापारी को कुछ ही सेकंड में पैसे भेज सकता है।
QR कोड बना सबसे आसान माध्यम
UPI के विस्तार में QR कोड की बड़ी भूमिका रही है। व्यापारी को केवल QR कोड प्रदर्शित करना होता है और ग्राहक अपने मोबाइल से उसे स्कैन करके भुगतान कर सकता है।
इस व्यवस्था ने छोटे व्यापारियों के लिए डिजिटल भुगतान को काफी आसान बनाया है। उन्हें अलग से कार्ड मशीन रखने की जरूरत नहीं पड़ती और ग्राहक भी नकदी रखने की आवश्यकता कम महसूस करता है।
बैंकिंग व्यवस्था में भी बदलाव
UPI के बढ़ते इस्तेमाल से बैंकिंग सेवाओं में भी बदलाव आया है। ग्राहक अब पैसे भेजने, बिल भुगतान करने, मोबाइल रिचार्ज और ऑनलाइन खरीदारी जैसे काम सीधे मोबाइल ऐप के माध्यम से कर सकता है।
इससे बैंक शाखाओं पर छोटे-छोटे लेनदेन का दबाव कम करने में भी मदद मिली है। डिजिटल भुगतान के कारण लेनदेन का रिकॉर्ड भी इलेक्ट्रॉनिक रूप में उपलब्ध रहता है।
छोटे कारोबारियों को फायदा
डिजिटल भुगतान से छोटे कारोबारियों को भी कई फायदे मिलते हैं। भुगतान सीधे बैंक खाते में पहुंचने से नकदी संभालने की जरूरत कम होती है। इससे रोजाना के कारोबार का हिसाब रखना भी आसान हो सकता है।
कई छोटे दुकानदार अब ग्राहकों को UPI के जरिए भुगतान करने के लिए प्रोत्साहित करते हैं। खासकर ऐसे स्थानों पर जहां छोटे मूल्य के भुगतान अधिक होते हैं, वहां UPI का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है।
ग्रामीण क्षेत्रों में भी बढ़ी पहुंच
UPI का इस्तेमाल केवल महानगरों तक सीमित नहीं रहा है। छोटे शहरों और ग्रामीण क्षेत्रों में स्मार्टफोन और इंटरनेट की पहुंच बढ़ने के साथ डिजिटल भुगतान का उपयोग भी बढ़ा है।
सरकार और बैंकिंग संस्थानों की ओर से डिजिटल वित्तीय साक्षरता बढ़ाने के प्रयासों से भी लोगों को मोबाइल भुगतान के बारे में जानकारी मिली है।
हालांकि ग्रामीण क्षेत्रों में अभी भी इंटरनेट कनेक्टिविटी, डिजिटल जागरूकता और साइबर सुरक्षा जैसी चुनौतियां मौजूद हैं। इन क्षेत्रों में डिजिटल भुगतान के विस्तार के लिए विश्वसनीय नेटवर्क और जागरूकता दोनों जरूरी हैं।
साइबर सुरक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता
डिजिटल भुगतान के बढ़ने के साथ साइबर धोखाधड़ी से बचाव भी महत्वपूर्ण हो गया है। विशेषज्ञ लगातार लोगों को सलाह देते हैं कि UPI PIN किसी के साथ साझा न करें और किसी अनजान व्यक्ति के कहने पर स्क्रीन शेयर या संदिग्ध लिंक का इस्तेमाल न करें।
यह समझना जरूरी है कि UPI PIN पैसे प्राप्त करने के लिए नहीं, बल्कि भुगतान को अधिकृत करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। इसलिए किसी अनजान व्यक्ति द्वारा PIN मांगने पर उसे साझा नहीं करना चाहिए।
बैंक और भुगतान कंपनियां भी लगातार सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने और संदिग्ध लेनदेन की पहचान करने के लिए तकनीक का इस्तेमाल कर रही हैं।
भारत के डिजिटल अर्थतंत्र के लिए महत्वपूर्ण
UPI का विस्तार भारत के डिजिटल अर्थतंत्र की मजबूती का एक महत्वपूर्ण संकेत माना जाता है। डिजिटल भुगतान से कारोबार के लेनदेन अधिक व्यवस्थित हो सकते हैं और औपचारिक वित्तीय व्यवस्था में लोगों की भागीदारी बढ़ सकती है।
इसके अलावा UPI की सफलता ने भारत को वैश्विक डिजिटल भुगतान के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उदाहरण के रूप में स्थापित किया है। कई अन्य देशों में भी भारत की डिजिटल भुगतान प्रणाली में रुचि दिखाई गई है।
आगे और बढ़ने की संभावना
आने वाले समय में UPI का इस्तेमाल केवल घरेलू भुगतान तक सीमित नहीं रहने की संभावना है। सीमा पार भुगतान, छोटे कारोबारियों के लिए नए डिजिटल वित्तीय उत्पाद और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर UPI जैसी प्रणालियों के विस्तार से डिजिटल भुगतान का दायरा और बढ़ सकता है।
हालांकि इसके साथ साइबर सुरक्षा, डेटा सुरक्षा और डिजिटल साक्षरता पर भी समान रूप से ध्यान देना होगा।
भारत में UPI का बढ़ता इस्तेमाल यह दिखाता है कि डिजिटल भुगतान अब केवल शहरी और तकनीकी उपयोगकर्ताओं तक सीमित नहीं है। रोजमर्रा के छोटे-बड़े लेनदेन में इसकी भूमिका लगातार बढ़ रही है और यह देश की वित्तीय व्यवस्था में एक महत्वपूर्ण बदलाव बन चुका है। ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 29 Aug 2026 14:22:49 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Piyush Raghuwanshi</dc:creator>
        <media:keywords>UPI, डिजिटल भुगतान, भारत डिजिटल पेमेंट, ऑनलाइन पेमेंट, QR भुगतान, डिजिटल इंडिया</media:keywords>
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    <item>
        <title>भारत के विदेशी मुद्रा भंडार ने बनाया नया रिकॉर्ड, 729.33 अरब डॉलर के पार</title>
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        <description><![CDATA[ नई दिल्ली, 28 अगस्त 2026। भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 21 अगस्त को समाप्त सप्ताह में बढ़कर 729.33 अरब डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, एक सप्ताह में देश के विदेशी मुद्रा भंडार में करीब 12.42 अरब डॉलर की बढ़ोतरी हुई है। यह भारत की बाहरी वित्तीय स्थिति के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।एक सप्ताह में 12.42 अरब डॉलर की बढ़ोतरी
आरबीआई के आंकड़ों के मुताबिक 21 अगस्त को समाप्त सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार में 12.42 अरब डॉलर की वृद्धि हुई। इससे कुल भंडार 729.33 अरब डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया।
इस बढ़ोतरी में विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियों का सबसे बड़ा योगदान रहा। सप्ताह के दौरान विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियों में लगभग 9.5 अरब डॉलर की वृद्धि हुई। इसके अलावा सोने के भंडार के मूल्य में भी करीब 2.8 अरब डॉलर की बढ़ोतरी दर्ज की गई। विदेशी मुद्रा भंडार में क्या-क्या शामिल है?
भारत का विदेशी मुद्रा भंडार केवल अमेरिकी डॉलर के रूप में रखा पैसा नहीं होता। इसमें विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियां, सोना, अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) में भारत की विशेष आहरण अधिकार यानी SDR और रिजर्व ट्रांच पोजिशन भी शामिल होती हैं।
21 अगस्त तक भारत के कुल भंडार में करीब 591.3 अरब डॉलर की विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियां, 114.2 अरब डॉलर का सोना, 18.9 अरब डॉलर के SDR और लगभग 4.9 अरब डॉलर की IMF रिजर्व ट्रांच पोजिशन शामिल थी।विदेशी निवेश और एनआरआई जमा से मिला सहारा
विदेशी मुद्रा भंडार में इस तेज बढ़ोतरी के पीछे विदेशी पूंजी प्रवाह को प्रमुख कारणों में माना जा रहा है। जून में आरबीआई ने विदेशों से होने वाली उधारी और विदेशी मुद्रा जमा से जुड़े कुछ नियमों में बदलाव किए थे। इसके तहत कुछ विदेशी मुद्रा लेनदेन और हेजिंग सुविधाओं को अधिक आकर्षक बनाया गया था।
इन उपायों के बाद देश में विदेशी मुद्रा का प्रवाह बढ़ा। रिपोर्ट के अनुसार 5 जून से 21 अगस्त के बीच आरबीआई से जुड़े इन प्रोत्साहनों के माध्यम से करीब 73 अरब डॉलर का प्रवाह हुआ, जिसमें लगभग 65 अरब डॉलर एनआरआई जमा से आया।रुपये और अर्थव्यवस्था के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह रिकॉर्ड?
विदेशी मुद्रा भंडार किसी देश की बाहरी आर्थिक मजबूती का महत्वपूर्ण संकेतक होता है। पर्याप्त विदेशी मुद्रा भंडार होने से देश को आयात भुगतान, वैश्विक आर्थिक संकट और मुद्रा बाजार में अचानक आने वाले दबावों से निपटने में मदद मिलती है।
भारत जैसे बड़े आयातक देश के लिए यह भंडार विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। कच्चा तेल, इलेक्ट्रॉनिक सामान, मशीनरी और कई अन्य आवश्यक वस्तुओं के आयात के लिए विदेशी मुद्रा की जरूरत होती है। मजबूत भंडार होने से अंतरराष्ट्रीय भुगतान क्षमता बेहतर बनी रहती है।
इसके अलावा जब वैश्विक बाजार में अस्थिरता बढ़ती है और किसी देश की मुद्रा पर दबाव आता है, तब केंद्रीय बैंक के पास बाजार में हस्तक्षेप करने के लिए पर्याप्त विदेशी मुद्रा उपलब्ध रहती है।
आरबीआई ने एक सुविधा समय से पहले बंद की
विदेशी मुद्रा के बड़े प्रवाह को देखते हुए आरबीआई ने अपनी एक विदेशी मुद्रा जमा संबंधी हेजिंग सुविधा को निर्धारित समय से करीब एक महीने पहले बंद करने का फैसला किया। इसका कारण यह बताया गया कि इस सुविधा के जरिए अपेक्षा से काफी अधिक विदेशी मुद्रा देश में आ गई थी। इससे संकेत मिलता है कि विदेशी पूंजी का प्रवाह इतना मजबूत रहा कि केंद्रीय बैंक को संबंधित सुविधा को निर्धारित अवधि से पहले ही समाप्त करना पड़ा।
सोने के भंडार का भी बढ़ा योगदान
विदेशी मुद्रा भंडार में सोने का योगदान भी लगातार महत्वपूर्ण बना हुआ है। 21 अगस्त तक भारत के स्वर्ण भंडार का मूल्य करीब 114.2 अरब डॉलर बताया गया है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों में बदलाव का असर भी भारत के स्वर्ण भंडार के डॉलर मूल्य पर पड़ता है। इसलिए सोने के मूल्य में बढ़ोतरी होने पर कुल विदेशी मुद्रा भंडार में भी वृद्धि दिखाई दे सकती है।
बाहरी क्षेत्र के लिए सकारात्मक संकेत
अर्थशास्त्रियों के अनुसार विदेशी मुद्रा भंडार का रिकॉर्ड स्तर भारत की बाहरी वित्तीय स्थिति के लिए सकारात्मक संकेत है। इससे देश की आयात भुगतान क्षमता मजबूत होती है और वैश्विक निवेशकों के बीच भी भारत की वित्तीय स्थिरता को लेकर भरोसा बढ़ सकता है।
हालांकि, विदेशी मुद्रा भंडार में वृद्धि का अर्थ यह नहीं है कि अर्थव्यवस्था की सभी चुनौतियां समाप्त हो गई हैं। वैश्विक व्यापार, तेल की कीमतें, विदेशी निवेश, रुपये की विनिमय दर और अंतरराष्ट्रीय बाजार की परिस्थितियां आगे भी भारत के बाहरी क्षेत्र को प्रभावित करती रहेंगी।
फिलहाल 729.33 अरब डॉलर का रिकॉर्ड विदेशी मुद्रा भंडार भारत के लिए एक महत्वपूर्ण आर्थिक उपलब्धि है। लगातार बढ़ता भंडार देश को वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं से निपटने के लिए अतिरिक्त वित्तीय सुरक्षा प्रदान करता है। ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 29 Aug 2026 04:59:14 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Piyush Raghuwanshi</dc:creator>
        <media:keywords>भारत विदेशी मुद्रा भंडार, RBI, Forex Reserves, 729.33 अरब डॉलर, भारतीय अर्थव्यवस्था, विदेशी मुद्रा</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>भारत ने कच्ची चीनी के 10 लाख टन शुल्क&amp;मुक्त आयात को दी मंजूरी</title>
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        <description><![CDATA[ नई दिल्ली, 20 अगस्त 2026। केंद्र सरकार ने घरेलू बाजार में चीनी की बढ़ती कीमतों को नियंत्रित करने और पर्याप्त आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए 10 लाख मीट्रिक टन कच्ची चीनी के शुल्क-मुक्त आयात की अनुमति दी है। वाणिज्य मंत्रालय की ओर से जारी सूचना के अनुसार यह फैसला उपभोक्ताओं को बढ़ती कीमतों से राहत देने के उद्देश्य से लिया गया है।

बढ़ती कीमतों के बीच सरकार का फैसलादेश में चीनी की कीमतें रिकॉर्ड स्तर के आसपास पहुंचने के बाद सरकार ने बाजार में आपूर्ति बढ़ाने का निर्णय लिया है। सरकार को उम्मीद है कि शुल्क-मुक्त आयात से घरेलू बाजार में चीनी की उपलब्धता बढ़ेगी और कीमतों पर दबाव कम होगा।

त्योहारी मांग को देखते हुए कदम

आने वाले महीनों में त्योहारों के कारण चीनी की मांग बढ़ने की संभावना है। ऐसे समय में पर्याप्त स्टॉक बनाए रखना सरकार और चीनी उद्योग के लिए महत्वपूर्ण है। आयात की अनुमति से घरेलू आपूर्ति में कमी को पूरा करने में मदद मिल सकती है।

इससे पहले सरकार ने थोक उपभोक्ताओं के लिए चीनी के स्टॉक पर भी सीमा लगाई थी। इन दोनों कदमों का उद्देश्य जमाखोरीको रोकना और बाजार में नियमित आपूर्ति बनाए रखना है।

उपभोक्ताओं को राहत की उम्मीद

सरकार के इस फैसले के बाद बाजार में चीनी की उपलब्धता बढ़ने की उम्मीद है। यदि आयातित चीनी समय पर घरेलू बाजार में पहुंचती है, तो आने वाले समय में कीमतों पर दबाव कम हो सकता है। ]]></description>
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        <pubDate>Thu, 20 Aug 2026 15:51:48 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Piyush Raghuwanshi</dc:creator>
        <media:keywords>चीनी आयात, कच्ची चीनी, चीनी के दाम, केंद्र सरकार, महंगाई, भारत समाचार</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>रुपये में निर्यात भुगतान पर भारत का बड़ा फैसला</title>
        <link>https://dhakarsamachar.in/रुपये-में-निर्यात-भुगतान-पर-भारत-का-बड़ा-फैसला</link>
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        <description><![CDATA[ भारत ने रुपये में निर्यात भुगतान को लेकर नियमों में दी बड़ी राहत

नई दिल्ली, 20 अगस्त 2026। भारत सरकार ने रुपये में होने वाले निर्यात भुगतानों को लेकर व्यापार नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव किया है। नए बदलाव के तहत रुपये में प्राप्त निर्यात भुगतान को विदेशी मुद्रा में प्राप्त भुगतान के बराबर माना जाएगा, जिससे निर्यातकों को व्यापार नीति से मिलने वाले लाभों का फायदा उठाने में आसानी होगी।

रुपये के अंतरराष्ट्रीय इस्तेमाल को बढ़ावा देने की कोशिश

सरकार का यह कदम अंतरराष्ट्रीय व्यापार में भारतीय रुपये की भूमिका बढ़ाने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। अब निर्यातकों को विदेशी मुद्रा के बजाय रुपये में भुगतान स्वीकार करने पर भी व्यापार से जुड़े प्रोत्साहनों में समानता मिलेगी। इससे भारत के व्यापारिक साझेदारों के साथ रुपये में लेन-देन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

विदेशी मुद्रा पर निर्भरता कम करने की दिशा में कदम

भारत लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय व्यापार में रुपये के इस्तेमाल को बढ़ाने की कोशिश कर रहा है। नए नियमों से निर्यातकों और विदेशी व्यापार साझेदारों के लिए रुपये में व्यापार करना अधिक आकर्षक हो सकता है। इससे अमेरिकी डॉलर जैसी विदेशी मुद्राओं पर निर्भरता को कुछ हद तक कम करने में मदद मिल सकती है।विशेषज्ञों के अनुसार, यदि अधिक देश और कारोबारी भारतीय रुपये में व्यापारिक भुगतान स्वीकार करते हैं, तो इससे रुपये के अंतरराष्ट्रीय उपयोग को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही भारतीय कंपनियों के लिए सीमा पार व्यापार में भुगतान के विकल्प भी बढ़ेंगे।

निर्यातकों को मिल सकता है फायदा

नए नियमों से उन भारतीय निर्यातकों को विशेष लाभ मिलने की उम्मीद है जो ऐसे देशों के साथ व्यापार करते हैं जहां रुपये में भुगतान की व्यवस्था संभव है। सरकार की कोशिश है कि व्यापारिक प्रक्रियाओं को आसान बनाया जाए और भारतीय मुद्रा को वैश्विक व्यापार में अधिक स्वीकार्य बनाया जाए।

यह फैसला ऐसे समय में आया है जब भारत अपने निर्यात को बढ़ाने और वैश्विक व्यापार में अपनी हिस्सेदारी मजबूत करने पर जोर दे रहा है। ]]></description>
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        <pubDate>Thu, 20 Aug 2026 15:41:07 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Piyush Raghuwanshi</dc:creator>
        <media:keywords>भारतीय रुपया, निर्यात भुगतान, भारत व्यापार, रुपये में व्यापार, निर्यात नियम 2026</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>प्रधानमंत्री ने ‘विकसित भारत 2047’ के लिए युवाओं को दिया नवाचार का मंत्र</title>
        <link>https://dhakarsamachar.in/प्रधानमंत्री-ने-विकसित-भारत-2047-के-लिए-युवाओं-को-दिया-नवाचार-का-मंत्र</link>
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        <description><![CDATA[ नई दिल्ली। स्वतंत्रता दिवस के अगले दिन प्रधानमंत्री ने ‘विकसित भारत 2047’ अभियान को आगे बढ़ाते हुए देश के युवाओं से नवाचार और तकनीकी विकास में सक्रिय भागीदारी की अपील की। उन्होंने कहा कि आने वाले दो दशकों में भारत को विश्व की अग्रणी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल करने में युवाओं की सबसे बड़ी भूमिका होगी।

प्रधानमंत्री ने स्टार्टअप, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, सेमीकंडक्टर निर्माण, डिजिटल शिक्षा और कौशल विकास जैसे क्षेत्रों को भविष्य की सबसे बड़ी ताकत बताया। उन्होंने विश्वविद्यालयों और तकनीकी संस्थानों से उद्योगों के साथ मिलकर शोध एवं नवाचार को बढ़ावा देने का आह्वान किया। सरकार का उद्देश्य रोजगार सृजन के साथ आत्मनिर्भर भारत को मजबूत करना है।

विशेषज्ञों का मानना है कि तकनीक आधारित उद्यमिता, अनुसंधान और डिजिटल अवसंरचना पर बढ़ता निवेश भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण आधार तैयार करेगा। ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 17 Aug 2026 06:59:24 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Piyush Raghuwanshi</dc:creator>
        <media:keywords>विकसित भारत 2047, प्रधानमंत्री, युवा, स्टार्टअप, Innovation, भारत समाचार</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>स्वतंत्रता दिवस पर राष्ट्रपति ने देशवासियों को एकता और विकास का संदेश दिया</title>
        <link>https://dhakarsamachar.in/स्वतंत्रता-दिवस-पर-राष्ट्रपति-ने-देशवासियों-को-एकता-और-विकास-का-संदेश-दिया</link>
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        <description><![CDATA[ नई दिल्ली। भारत के 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति ने राष्ट्र के नाम अपने संबोधन में देशवासियों को एकता, संविधान और विकास के मार्ग पर आगे बढ़ने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि भारत की सबसे बड़ी शक्ति उसकी विविधता और युवा आबादी है, जो देश को नई ऊंचाइयों तक ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।

राष्ट्रपति ने शिक्षा, डिजिटल नवाचार, महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भर भारत जैसे विषयों पर विशेष जोर देते हुए कहा कि आने वाले वर्षों में भारत को ज्ञान और तकनीक आधारित वैश्विक नेतृत्व की दिशा में आगे बढ़ना होगा। उन्होंने सैनिकों, किसानों, वैज्ञानिकों और युवाओं के योगदान की सराहना करते हुए सभी नागरिकों से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी की अपील की।

देशभर में स्वतंत्रता दिवस समारोह उत्साहपूर्वक मनाए गए, जहां सरकारी संस्थानों, विद्यालयों और विश्वविद्यालयों में ध्वजारोहण तथा सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 17 Aug 2026 06:57:46 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Piyush Raghuwanshi</dc:creator>
        <media:keywords>स्वतंत्रता दिवस 2026, राष्ट्रपति भाषण, राष्ट्र के नाम संदेश, भारत समाचार</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>रक्षा मंत्रालय ने स्वदेशी रक्षा उपकरणों की नई खरीद को दी मंजूरी</title>
        <link>https://dhakarsamachar.in/रक्षा-मंत्रालय-ने-स्वदेशी-रक्षा-उपकरणों-की-नई-खरीद-को-दी-मंजूरी</link>
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        <description><![CDATA[ नई दिल्ली। रक्षा मंत्रालय ने भारतीय सशस्त्र बलों की परिचालन क्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से स्वदेशी रक्षा उपकरणों की नई खरीद को मंजूरी प्रदान की है। इस निर्णय के तहत देश में विकसित आधुनिक ड्रोन, संचार प्रणाली, निगरानी उपकरण और अन्य सैन्य तकनीकों की खरीद को प्राथमिकता दी जाएगी। सरकार का कहना है कि यह पहल ‘आत्मनिर्भर भारत’ और ‘मेक इन इंडिया’ अभियान को मजबूत करेगी तथा रक्षा उत्पादन में घरेलू कंपनियों की भागीदारी बढ़ाएगी।

रक्षा अधिकारियों के अनुसार स्वदेशी तकनीक अपनाने से आयात पर निर्भरता कम होगी और सेना को आधुनिक उपकरण तेज़ी से उपलब्ध हो सकेंगे। साथ ही इससे देश के रक्षा उद्योग, अनुसंधान संस्थानों और स्टार्टअप क्षेत्र को भी प्रोत्साहन मिलेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि यह फैसला राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ-साथ भारत को वैश्विक रक्षा विनिर्माण केंद्र बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 17 Aug 2026 06:56:20 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Piyush Raghuwanshi</dc:creator>
        <media:keywords>रक्षा मंत्रालय, भारतीय सेना, स्वदेशी हथियार, रक्षा समाचार 2026</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>केंद्र सरकार ने किसानों के लिए नई कृषि सहायता योजना लागू की</title>
        <link>https://dhakarsamachar.in/kisan-krishi-sahayata-yojana-2026</link>
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        <description><![CDATA[ नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने किसानों की आय बढ़ाने और कृषि क्षेत्र को आधुनिक बनाने के उद्देश्य से नई कृषि सहायता योजना की शुरुआत की है। इस योजना के तहत छोटे और सीमांत किसानों को उन्नत बीज, सिंचाई उपकरण, जैविक खेती तथा कृषि मशीनरी पर आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। सरकार का कहना है कि योजना का लाभ सीधे पात्र किसानों के बैंक खातों में डीबीटी (Direct Benefit Transfer) के माध्यम से भेजा जाएगा।

कृषि मंत्रालय के अनुसार योजना का उद्देश्य उत्पादन लागत कम करना, फसल की गुणवत्ता बढ़ाना और तकनीक आधारित खेती को बढ़ावा देना है। राज्यों के कृषि विभागों को लाभार्थियों का पंजीकरण शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और किसानों की आर्थिक स्थिति सुधारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 17 Aug 2026 06:53:35 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Piyush Raghuwanshi</dc:creator>
        <media:keywords>किसान योजना, कृषि सहायता, भारत सरकार, खेती, कृषि समाचार</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>सुप्रीम कोर्ट ने बुलडोजर कार्रवाई पर सख्त टिप्पणी, राज्यों को दिए स्पष्ट निर्देश</title>
        <link>https://dhakarsamachar.in/supreme-court-bulldozer-action-order</link>
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        <description><![CDATA[ नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने बुलडोजर कार्रवाई से जुड़े मामलों की सुनवाई के दौरान राज्यों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी संपत्ति को बिना निर्धारित कानूनी प्रक्रिया अपनाए ध्वस्त नहीं किया जा सकता। अदालत ने टिप्पणी की कि कानून का शासन लोकतंत्र की मूल भावना है और प्रशासनिक कार्रवाई संविधान के दायरे में ही होनी चाहिए।

सुनवाई के दौरान न्यायालय ने कहा कि नोटिस देना, पक्षकार को सुनवाई का अवसर प्रदान करना तथा वैधानिक प्रक्रिया पूरी करना प्रत्येक प्रशासनिक कार्रवाई की अनिवार्य शर्त है। कोर्ट ने सभी राज्य सरकारों और स्थानीय निकायों को निर्देश दिया कि भविष्य में किसी भी ध्वस्तीकरण अभियान से पहले निर्धारित नियमों का सख्ती से पालन किया जाए।

याचिकाकर्ताओं का कहना था कि कई स्थानों पर बिना पर्याप्त नोटिस के मकानों और दुकानों पर बुलडोजर चलाया गया, जिससे लोगों के मौलिक अधिकार प्रभावित हुए। इस पर अदालत ने कहा कि यदि किसी निर्माण को अवैध माना जाता है, तब भी कार्रवाई केवल विधि सम्मत प्रक्रिया के अनुसार ही होगी।

कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार यह फैसला देशभर में चलने वाली प्रशासनिक ध्वस्तीकरण कार्रवाइयों के लिए एक महत्वपूर्ण मिसाल माना जा रहा है। इससे भविष्य में नागरिक अधिकारों की सुरक्षा और प्रशासनिक जवाबदेही दोनों को मजबूती मिलने की उम्मीद है। सुप्रीम कोर्ट ने संबंधित प्राधिकरणों से अनुपालन रिपोर्ट भी मांगी है तथा निर्देशों का उल्लंघन होने पर उचित कार्रवाई की चेतावनी दी है। ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 17 Aug 2026 06:51:58 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Piyush Raghuwanshi</dc:creator>
        <media:keywords>सुप्रीम कोर्ट, बुलडोजर कार्रवाई, कोर्ट आदेश, राष्ट्रीय समाचार 2026</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>जुलाई 2026 में खुदरा महंगाई 4.45% पहुंची, खाद्य कीमतों से बढ़ा दबाव</title>
        <link>https://dhakarsamachar.in/july-retail-inflation-4-45-percent-india</link>
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        <description><![CDATA[ जुलाई 2026 में भारत की खुदरा महंगाई (Consumer Price Index-CPI) बढ़कर 4.45% दर्ज की गई, जो जून के 4.38% की तुलना में अधिक है। लगातार दूसरे महीने महंगाई भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के 4% लक्ष्य से ऊपर रही, हालांकि यह अभी भी RBI की 2% से 6% की निर्धारित सीमा के भीतर है। नए आंकड़ों से स्पष्ट है कि खाद्य वस्तुओं की बढ़ती कीमतें आम परिवारों के मासिक बजट पर सबसे बड़ा असर डाल रही हैं। जुलाई 2026 में भारत की खुदरा महंगाई (Consumer Price Index-CPI) बढ़कर 4.45% दर्ज की गई, जो जून के 4.38% की तुलना में अधिक है। लगातार दूसरे महीने महंगाई भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) के 4% लक्ष्य से ऊपर रही, हालांकि यह अभी भी RBI की 2% से 6% की निर्धारित सीमा के भीतर है। नए आंकड़ों से स्पष्ट है कि खाद्य वस्तुओं की बढ़ती कीमतें आम परिवारों के मासिक बजट पर सबसे बड़ा असर डाल रही हैं। सरकार द्वारा जारी CPI आंकड़ों के अनुसार जुलाई में सबसे अधिक तेजी खाद्य महंगाई में देखने को मिली। प्याज, अदरक, लहसुन, मसाले और अन्य दैनिक उपयोग की वस्तुओं के दाम बढ़ने से खाद्य मुद्रास्फीति 5.52% तक पहुंच गई। हालांकि कुछ राज्यों में टमाटर की कीमतों में गिरावट आई, लेकिन अन्य सब्जियों और मसालों की महंगाई ने कुल खाद्य सूचकांक को ऊपर बनाए रखा।

ग्रामीण भारत में महंगाई का असर शहरी क्षेत्रों की तुलना में अधिक रहा। जुलाई में ग्रामीण महंगाई 4.84% दर्ज की गई, जबकि शहरी क्षेत्रों में यह 3.96% रही। विशेषज्ञों के अनुसार कमजोर मानसून, परिवहन लागत और कृषि आपूर्ति में क्षेत्रीय असंतुलन के कारण गांवों में खाद्य पदार्थ अपेक्षाकृत महंगे रहे। इसका सीधा प्रभाव निम्न और मध्यम आय वाले परिवारों पर पड़ा है, जिनकी आय का बड़ा हिस्सा भोजन पर खर्च होता है।

आर्थिक विश्लेषकों का मानना है कि जुलाई के आंकड़े RBI के लिए महत्वपूर्ण संकेत हैं। हाल ही में केंद्रीय बैंक ने रेपो रेट 5.25% पर स्थिर रखा था और महंगाई पर लगातार निगरानी रखने की बात कही थी। यदि आने वाले महीनों में खाद्य कीमतें और बढ़ती हैं तो अक्टूबर की मौद्रिक नीति बैठक में ब्याज दरों पर दोबारा चर्चा हो सकती है। फिलहाल कोर महंगाई अपेक्षाकृत नियंत्रित बनी हुई है, जिससे तत्काल दर वृद्धि की संभावना कम मानी जा रही है।

महंगाई बढ़ने का असर केवल रसोई तक सीमित नहीं है। होटल, रेस्तरां, पैकेज्ड फूड और डेयरी उत्पादों की लागत में भी धीरे-धीरे वृद्धि देखी जा रही है। व्यवसायों के लिए कच्चे माल और परिवहन खर्च बढ़ने से उपभोक्ताओं तक महंगी वस्तुएं पहुंच सकती हैं। वहीं किसानों के लिए यह स्थिति मिश्रित है—जहां कुछ फसलों के बेहतर दाम मिल सकते हैं, वहीं मौसम संबंधी जोखिम उत्पादन को प्रभावित कर सकते हैं।

विशेषज्ञों का अनुमान है कि यदि अगस्त और सितंबर में मानसून सामान्य रहता है तो सब्जियों और अनाज की आपूर्ति सुधरेगी, जिससे महंगाई में कुछ नरमी आ सकती है। दूसरी ओर यदि भारी बारिश या बाढ़ जैसी परिस्थितियां बनी रहीं तो खाद्य कीमतों पर दबाव जारी रह सकता है। सरकार आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति बढ़ाने, बफर स्टॉक का उपयोग करने और बाजार निगरानी के जरिए कीमतों को नियंत्रित रखने की रणनीति पर काम कर रही है।

कुल मिलाकर जुलाई 2026 के महंगाई आंकड़े यह संकेत देते हैं कि भारतीय अर्थव्यवस्था स्थिर वृद्धि के साथ आगे बढ़ रही है, लेकिन खाद्य महंगाई अभी भी सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है। आने वाले महीनों में मौसम, कृषि उत्पादन और वैश्विक ऊर्जा कीमतें तय करेंगी कि महंगाई किस दिशा में जाती है। ]]></description>
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        <pubDate>Sun, 16 Aug 2026 20:45:11 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Piyush Raghuwanshi</dc:creator>
        <media:keywords>Retail Inflation 2026, CPI July 2026, Food Inflation India, RBI Inflation, महंगाई समाचार</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>सरकार LIC में 6.5% हिस्सेदारी बेचने की तैयारी में</title>
        <link>https://dhakarsamachar.in/सरकार-LIC-में-6.5-हिस्सेदारी-बेचने-की-तैयारी-में</link>
        <guid>https://dhakarsamachar.in/सरकार-LIC-में-6.5-हिस्सेदारी-बेचने-की-तैयारी-में</guid>
        <description><![CDATA[ नई दिल्ली, 10 अगस्त 2026: केंद्र सरकार ने भारतीय जीवन बीमा निगम यानी LIC में अपनी 6.5 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचकर ₹31,552 करोड़ जुटा लिए हैं। यह बिक्री Offer for Sale (OFS) के माध्यम से की गई और इसके बाद LIC में सरकार की हिस्सेदारी घटकर लगभग 90 प्रतिशत रह गई है। वहीं कंपनी में सार्वजनिक हिस्सेदारी बढ़कर 10 प्रतिशत हो गई है। �
यह सरकार के लिए LIC के IPO के बाद पहला बड़ा विनिवेश है। मई 2022 में LIC के IPO के दौरान सरकार ने 3.5 प्रतिशत हिस्सेदारी बेची थी। इस बार की 6.5 प्रतिशत हिस्सेदारी बिक्री को भारत के सबसे बड़े Offer for Sale में से एक माना जा रहा है। �
सरकार ने क्यों बेची LIC की हिस्सेदारी?
LIC में हिस्सेदारी बेचने का एक प्रमुख उद्देश्य SEBI के Minimum Public Shareholding (MPS) नियम को पूरा करना था। LIC को 16 मई 2027 तक कम से कम 10 प्रतिशत सार्वजनिक हिस्सेदारी हासिल करनी थी। OFS के बाद यह लक्ष्य समयसीमा से पहले ही पूरा हो गया। �
Reuters +1
सरकार की ओर से हिस्सेदारी बेचने का दूसरा उद्देश्य अपने स्वामित्व वाली कंपनियों में सार्वजनिक भागीदारी बढ़ाना और विनिवेश के माध्यम से सरकारी राजस्व जुटाना भी है।
कितनी हिस्सेदारी बेची गई?
सरकार ने शुरुआत में LIC की 2.5 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने का प्रस्ताव रखा था। इसके साथ अतिरिक्त 4 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने का Green Shoe Option भी रखा गया था। मजबूत निवेशक मांग के बाद अतिरिक्त हिस्सेदारी बेचने का विकल्प इस्तेमाल किया गया और कुल बिक्री 6.5 प्रतिशत तक पहुंच गई। �
NDTV Profit
सरकार ने कुल लगभग 82.23 करोड़ LIC शेयर बेचे। बिक्री के लिए शुरुआती Floor Price ₹382 प्रति शेयर तय किया गया था। �
सरकार को कितनी रकम मिली?
6.5 प्रतिशत हिस्सेदारी की बिक्री से केंद्र सरकार को कुल ₹31,552 करोड़ प्राप्त हुए। यह राशि सरकार के विनिवेश और परिसंपत्ति मौद्रीकरण से जुड़े राजस्व लक्ष्यों के लिहाज से महत्वपूर्ण है। �
रिपोर्टों के अनुसार, इस एक लेनदेन से सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के Miscellaneous Receipts के अपने बजट अनुमान का लगभग दो-तिहाई हिस्सा हासिल कर लिया। �
LIC में अब सरकार की कितनी हिस्सेदारी?
OFS से पहले LIC में सार्वजनिक हिस्सेदारी करीब 3.5 प्रतिशत थी। 6.5 प्रतिशत हिस्सेदारी की बिक्री के बाद सार्वजनिक हिस्सेदारी बढ़कर 10 प्रतिशत हो गई है।
वहीं केंद्र सरकार की हिस्सेदारी घटकर लगभग 90 प्रतिशत रह गई है। इससे LIC ने SEBI के तय Minimum Public Shareholding के महत्वपूर्ण लक्ष्य को निर्धारित समय से काफी पहले हासिल कर लिया है। �
निवेशकों की कैसी रही प्रतिक्रिया?
LIC के OFS को निवेशकों की ओर से मजबूत प्रतिक्रिया मिली। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, बिक्री में पर्याप्त मांग देखने को मिली और Offer को oversubscription भी मिला। मजबूत संस्थागत मांग के चलते सरकार ने अतिरिक्त हिस्सेदारी बेचने के विकल्प का इस्तेमाल किया। �
LawBeat +1
2022 के IPO के बाद पहली बड़ी बिक्री
LIC का शेयर बाजार में IPO मई 2022 में आया था। उस समय केंद्र सरकार ने कंपनी में 3.5 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचकर लगभग ₹21,000 करोड़ जुटाए थे। इसके बाद 2026 की OFS बिक्री सरकार का LIC में पहला बड़ा follow-on divestment रहा। �
Reuters
सरकार के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह सौदा?
LIC में हिस्सेदारी बिक्री से सरकार को एक तरफ बड़ी रकम प्राप्त हुई है, वहीं दूसरी तरफ कंपनी में सार्वजनिक हिस्सेदारी बढ़ाने का नियामकीय लक्ष्य भी पूरा हो गया है।
यह सरकार की व्यापक Disinvestment Strategy का भी हिस्सा है, जिसके तहत सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों में सरकारी हिस्सेदारी को चरणबद्ध तरीके से कम करके बाजार में सार्वजनिक भागीदारी बढ़ाने की कोशिश की जाती है।
निष्कर्ष
LIC में सरकार की 6.5 प्रतिशत हिस्सेदारी बिक्री अब पूरी हो चुकी है। OFS के जरिए केंद्र सरकार ने ₹31,552 करोड़ जुटाए और LIC में सार्वजनिक हिस्सेदारी बढ़कर 10 प्रतिशत हो गई। सरकार की हिस्सेदारी करीब 90 प्रतिशत रह गई है। यह सौदा LIC के लिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि कंपनी ने SEBI के Minimum Public Shareholding लक्ष्य को 16 मई 2027 की समयसीमा से पहले हासिल कर लिया है। �

Source: 10 अगस्त 2026 तक उपलब्ध रिपोर्टों के आधार पर। ]]></description>
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        <pubDate>Sun, 16 Aug 2026 09:44:54 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Piyush Raghuwanshi</dc:creator>
        <media:keywords>बिजनेस न्यूज़, भारत, अर्थव्यवस्था</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>RBI ने Repo Rate 5.25% पर बरकरार रखा</title>
        <link>https://dhakarsamachar.in/RBI-ने-Repo-Rate-5.25-पर-बरकरार-रखा</link>
        <guid>https://dhakarsamachar.in/RBI-ने-Repo-Rate-5.25-पर-बरकरार-रखा</guid>
        <description><![CDATA[ तारीख: 5 अगस्त 2026 (बुधवार)। RBI की 3–5 अगस्त तक चली Monetary Policy Committee (MPC) बैठक के बाद गवर्नर संजय मल्होत्रा ने रेपो रेट को 5.25% पर यथावत रखने की घोषणा की। यह फैसला सर्वसम्मति से लिया गया और RBI ने अपनी Neutral नीति भी बरकरार रखी। 
mint
+1

Repo Rate क्या होता है?

रेपो रेट वह ब्याज दर है जिस पर RBI बैंकों को पैसा उधार देता है। यही दर आगे चलकर होम लोन, कार लोन और पर्सनल लोन की ब्याज दरों को प्रभावित करती है।

RBI के मुख्य फैसले

नीति दर

	

नई दर




Repo Rate

	

5.25%




SDF Rate

	

5.00%




MSF Rate

	

5.50%




Bank Rate

	

5.50%

RBI ने इन सभी प्रमुख दरों में कोई बदलाव नहीं किया। 
business-standard.com
+1

RBI ने दरें क्यों नहीं बदली?

RBI के अनुसार भारत की अर्थव्यवस्था मजबूत बनी हुई है, लेकिन वैश्विक स्तर पर कई अनिश्चितताएँ अभी भी मौजूद हैं:

पश्चिम एशिया (West Asia) का भू-राजनीतिक तनाव

कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव

मानसून और खाद्य महंगाई का जोखिम

वैश्विक व्यापार व सप्लाई चेन की अनिश्चितता

इन्हीं कारणों से RBI ने “Wait and Watch” यानी सावधानीपूर्ण रुख अपनाया। 
Business Standard
+1

आम लोगों पर क्या असर पड़ेगा?

होम लोन

EMI में तत्काल बदलाव नहीं

फ्लोटिंग रेट वाले उधारकर्ताओं को राहत।

FD निवेशक

जमा दरें स्थिर रहने की संभावना

बैंकों की ब्याज दरों में बड़ा बदलाव नहीं।

शेयर बाजार

स्थिर ब्याज दर से सकारात्मक संकेत

नीति स्थिरता निवेशकों का भरोसा बढ़ाती है।

अर्थव्यवस्था

Growth और Inflation के बीच संतुलन

RBI ने फिलहाल दोनों लक्ष्यों को संतुलित रखा।
GDP और महंगाई का अनुमान

RBI ने इस बैठक में आर्थिक विकास का अनुमान थोड़ा बढ़ाया और महंगाई का अनुमान थोड़ा घटाया:

सूचक

	

FY27 अनुमान




GDP Growth

	

6.7%




CPI Inflation

	

5.0%

इससे संकेत मिलता है कि RBI को आर्थिक वृद्धि पर भरोसा है, जबकि महंगाई पर नजर बनी रहेगी। ]]></description>
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        <pubDate>Sun, 16 Aug 2026 09:44:54 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Piyush Raghuwanshi</dc:creator>
        <media:keywords>बिजनेस न्यूज़, भारत, अर्थव्यवस्था</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>SBI का पहली तिमाही मुनाफा 13% बढ़ा</title>
        <link>https://dhakarsamachar.in/SBI-का-पहली-तिमाही-मुनाफा-13-बढ़ा</link>
        <guid>https://dhakarsamachar.in/SBI-का-पहली-तिमाही-मुनाफा-13-बढ़ा</guid>
        <description><![CDATA[ भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने वित्त वर्ष 2026–27 की पहली तिमाही (अप्रैल–जून) के नतीजे जारी किए। बैंक का शुद्ध लाभ (Net Profit) बढ़कर ₹21,121 करोड़ हो गया, जो पिछले साल की समान तिमाही के ₹19,160 करोड़ से लगभग 10% अधिक है। यह परिणाम बाजार के अनुमान से भी बेहतर रहा। 
The Economic Times
+1

नोट: कुछ सोशल मीडिया पोस्ट में 13% लिखा गया है, लेकिन आधिकारिक Q1 FY27 परिणामों के अनुसार वृद्धि लगभग 10.2% है। 
Reuters
+1

SBI के प्रमुख आंकड़े

सूचक

	

Q1 FY27

	

YoY बदलाव




शुद्ध लाभ

	

₹21,121 करोड़

	

+10.2%




ब्याज आय (NII)

	

₹46,992 करोड़

	

+15%




सकल NPA

	

1.47%

	

घटा




शुद्ध NPA

	

0.38%

	

घटा

Reuters
+1
मुनाफा बढ़ने की वजह

SBI के बेहतर नतीजों के पीछे मुख्य कारण रहे:

होम, गोल्ड और बिज़नेस लोन में मजबूत बढ़ोतरी

नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) में लगभग 15% की वृद्धि

खराब ऋण (NPA) में लगातार सुधार

डिजिटल बैंकिंग और रिटेल लोन से आय में मजबूती

Reuters
+1
ग्राहकों पर क्या असर पड़ेगा?

SBI की वित्तीय स्थिति और मजबूत हुई है।

बैंक की लोन देने की क्षमता बढ़ेगी।

फिलहाल होम लोन या FD की ब्याज दरों में इस नतीजे से कोई तत्काल बदलाव नहीं होगा।

मजबूत नतीजों के बाद SBI के शेयर में शुरुआती कारोबार में तेजी देखी गई। ]]></description>
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        <pubDate>Sun, 16 Aug 2026 09:44:53 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Piyush Raghuwanshi</dc:creator>
        <media:keywords>बिजनेस न्यूज़, भारत, अर्थव्यवस्था</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>भारत&amp;अमेरिका व्यापार वार्ता में बड़ी प्रगति, टैरिफ विवाद के समाधान की बढ़ी उम्मीद</title>
        <link>https://dhakarsamachar.in/india-economy-business-news-15-august-2026-2</link>
        <guid>https://dhakarsamachar.in/india-economy-business-news-15-august-2026-2</guid>
        <description><![CDATA[ नई दिल्ली, 11 अगस्त 2026: People walk across a wooden bridge over the Jhelum River in Srinagar, Jammu and Kashmir, India, on August 10, 2026. 
Reuters Connect

यह घटनाक्रम भारतीय अर्थव्यवस्था और कारोबारी माहौल के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस फैसले/घटनाक्रम का प्रभाव आने वाले दिनों में निवेश, व्यापार और बाजार की धारणा पर पड़ सकता है। 
Reuters Connect

क्यों महत्वपूर्ण है?

भारतीय कारोबार और निवेश माहौल से जुड़ा प्रमुख घटनाक्रम।

बाजार सहभागियों की नजर आगे आने वाले सरकारी और नियामकीय फैसलों पर।

उद्योग क्षेत्र में दीर्घकालिक आर्थिक प्रभाव की संभावना।

आगे क्या होगा?

अब संबंधित पक्षों की अगली कार्रवाई और आधिकारिक घोषणाओं पर बाजार की नजर रहेगी। आने वाले दिनों में इससे जुड़े विस्तृत दिशा-निर्देश या अतिरिक्त फैसले सामने आ सकते हैं। 
Reuters Connect

निष्कर्ष

15 अगस्त 2026 की यह खबर भारत के बिजनेस और आर्थिक परिदृश्य के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। आगे की नीति और बाजार की प्रतिक्रिया इसके प्रभाव को तय करेगी। ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 15 Aug 2026 16:41:58 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Piyush Raghuwanshi</dc:creator>
        <media:keywords>India Business News 2026, Economy News, Business Hindi, India Market News, Reuters India</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>RBI ने रुपये को संभालने के लिए बाजार में किया हस्तक्षेप, डॉलर के मुकाबले 95.30 पर बंद हुआ रुपया</title>
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        <description><![CDATA[ मुंबई, 10 अगस्त 2026: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने सोमवार को विदेशी मुद्रा बाजार में रुपये को सहारा देने के लिए हस्तक्षेप किया। कारोबारियों के अनुसार, केंद्रीय बैंक की संभावित डॉलर बिक्री ने रुपये में नई बिकवाली को सीमित करने में मदद की। दिन के कारोबार के अंत में भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 95.30 रुपये प्रति डॉलर पर बंद हुआ। पिछले कारोबारी सत्र में रुपया 95.2075 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।

रुपये पर एक तरफ कच्चे तेल की मजबूत कीमतों का दबाव बना हुआ था, वहीं दूसरी तरफ RBI की संभावित बाजार कार्रवाई ने मुद्रा में तेज गिरावट को रोकने में मदद की। कारोबारियों का मानना है कि केंद्रीय बैंक के हस्तक्षेप से बाजार में रुपये के खिलाफ नई शॉर्ट पोजीशन लेने वाले कारोबारियों में भी सावधानी बढ़ी है।

रुपये पर क्यों बना दबाव?

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में मजबूती भारतीय रुपये के लिए महत्वपूर्ण चुनौती है। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है। जब तेल महंगा होता है तो तेल आयात करने के लिए अधिक डॉलर की जरूरत पड़ती है, जिससे डॉलर की मांग बढ़ सकती है और रुपये पर दबाव आ सकता है।

10 अगस्त के कारोबार में भी तेल की कीमतों में मजबूती रुपये के लिए नकारात्मक कारक रही। हालांकि RBI के संभावित हस्तक्षेप ने इस दबाव को कुछ हद तक संतुलित किया।

RBI का हस्तक्षेप क्या होता है?

जब विदेशी मुद्रा बाजार में रुपये पर बहुत ज्यादा दबाव आता है, तो RBI बाजार में डॉलर की खरीद या बिक्री के जरिए उतार-चढ़ाव को नियंत्रित करने की कोशिश कर सकता है।

यदि RBI डॉलर बेचता है, तो बाजार में डॉलर की उपलब्धता बढ़ सकती है और रुपये में अचानक गिरावट को रोकने में मदद मिल सकती है। इसका उद्देश्य किसी एक निश्चित विनिमय दर को स्थायी रूप से तय करना जरूरी नहीं होता, बल्कि बाजार में अत्यधिक अस्थिरता को नियंत्रित करना भी हो सकता है।

कारोबारियों ने क्या बताया?

Reuters से बातचीत में चार कारोबारियों ने कहा कि RBI ने सोमवार को विदेशी मुद्रा बाजार में रुपये को समर्थन देने के लिए हस्तक्षेप किया होने की संभावना है। इससे बाजार में यह धारणा मजबूत हुई कि केंद्रीय बैंक रुपये में बहुत तेज गिरावट को रोकने के लिए सक्रिय है।

हालांकि RBI की ओर से इस विशेष कारोबारी सत्र में हस्तक्षेप की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई थी। इसलिए इसे रिपोर्ट में “संभावित हस्तक्षेप” के रूप में ही प्रस्तुत करना उचित है।

रुपये की स्थिति

सोमवार को रुपया मामूली कमजोर होकर 95.30 प्रति डॉलर पर बंद हुआ। यह पिछले बंद स्तर 95.2075 की तुलना में हल्की गिरावट थी।

इससे संकेत मिलता है कि बाजार में दबाव मौजूद होने के बावजूद मुद्रा में कोई बहुत बड़ी दैनिक गिरावट नहीं हुई।

विदेशी मुद्रा बाजार पर असर

RBI के संभावित हस्तक्षेप का एक महत्वपूर्ण असर बाजार की धारणा पर पड़ता है। यदि कारोबारियों को लगता है कि केंद्रीय बैंक अत्यधिक गिरावट की स्थिति में बाजार में सक्रिय हो सकता है, तो वे रुपये के खिलाफ बड़ी शॉर्ट पोजीशन लेने में सावधानी बरत सकते हैं।

Reuters के अनुसार, RBI की संभावित कार्रवाई ने रुपये के खिलाफ नई शॉर्ट पोजीशन को हतोत्साहित करने में मदद की।

आगे किन कारकों पर रहेगी नजर?

आने वाले दिनों में रुपये की दिशा कई घरेलू और वैश्विक कारकों पर निर्भर करेगी। इनमें सबसे महत्वपूर्ण कच्चे तेल की कीमतें, अमेरिकी डॉलर की वैश्विक स्थिति, विदेशी निवेश का प्रवाह और RBI की मुद्रा बाजार नीति शामिल हैं।

यदि तेल की कीमतें ऊंची बनी रहती हैं तो रुपये पर दबाव जारी रह सकता है। वहीं विदेशी पूंजी का मजबूत प्रवाह रुपये को कुछ समर्थन दे सकता है।

भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए महत्व

रुपये की विनिमय दर का असर आयात और निर्यात दोनों पर पड़ता है। कमजोर रुपया भारत के लिए कच्चे तेल और अन्य आयातित वस्तुओं की लागत बढ़ा सकता है। दूसरी ओर, कुछ निर्यातकों को कमजोर रुपये से प्रतिस्पर्धात्मक फायदा मिल सकता है।

इसी वजह से RBI के लिए मुद्रा बाजार में स्थिरता बनाए रखना व्यापक आर्थिक नीति का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

निष्कर्ष

10 अगस्त 2026 को भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 95.30 पर बंद हुआ। कारोबारियों के अनुसार RBI ने रुपये को समर्थन देने के लिए विदेशी मुद्रा बाजार में संभावित हस्तक्षेप किया, जबकि मजबूत तेल कीमतों ने मुद्रा पर दबाव बनाए रखा। RBI की संभावित कार्रवाई से रुपये में तेज गिरावट को सीमित करने और बाजार में शॉर्ट पोजीशन को हतोत्साहित करने में मदद मिली। ]]></description>
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        <pubDate>Wed, 12 Aug 2026 17:23:51 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Piyush Raghuwanshi</dc:creator>
        <media:keywords>RBI Rupee Intervention 2026, Indian Rupee News, Rupee Dollar Rate, RBI Forex Intervention, USD INR, Indian Economy, Currency News India</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>अमेरिकी सीनेट ने रूस पर नए प्रतिबंधों वाले बिल को मंजूरी दी, भारत पर 100% तक टैरिफ का खतरा</title>
        <link>https://dhakarsamachar.in/us-senate-russia-sanctions-bill-india-100-percent-tariff-august-8-2026</link>
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        <description><![CDATA[ नई दिल्ली/वॉशिंगटन, 8 अगस्त 2026: अमेरिकी सीनेट ने रूस पर नए आर्थिक प्रतिबंध लगाने वाले एक व्यापक विधेयक को मंजूरी दे दी है। इस विधेयक में अमेरिका के राष्ट्रपति को रूस से तेल और गैस खरीदने वाले प्रमुख देशों के उत्पादों पर 100% तक टैरिफ लगाने का अधिकार देने का प्रावधान है। भारत और चीन दुनिया के प्रमुख रूसी ऊर्जा खरीदारों में शामिल हैं, इसलिए इस प्रस्तावित व्यवस्था का भारत-अमेरिका व्यापार पर संभावित असर पड़ सकता है।

हालांकि, यह समझना महत्वपूर्ण है कि 100% टैरिफ भारत पर तत्काल लागू नहीं हुआ है। सीनेट से पारित विधेयक को आगे अमेरिकी प्रतिनिधि सभा की प्रक्रिया से गुजरना होगा और उसके बाद ही कानून बनने की स्थिति में राष्ट्रपति को दिए गए अधिकारों के तहत कोई कार्रवाई हो सकती है।

क्या है पूरा मामला?

अमेरिकी सीनेट ने रूस पर आर्थिक दबाव बढ़ाने के उद्देश्य से तैयार किए गए प्रतिबंध विधेयक को व्यापक समर्थन के साथ पारित किया। इसका मुख्य उद्देश्य रूस की ऊर्जा आय और उससे जुड़ी आर्थिक गतिविधियों पर दबाव डालना है।

विधेयक में रूस के अधिकारियों और अन्य संबंधित संस्थाओं पर प्रतिबंधों के साथ-साथ उन देशों पर अतिरिक्त आर्थिक दबाव डालने का प्रावधान है जो बड़ी मात्रा में रूसी तेल और गैस खरीदते हैं। भारत और चीन इस व्यवस्था के तहत संभावित रूप से प्रभावित होने वाले देशों में शामिल हैं।

भारत के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?

भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए विभिन्न देशों से कच्चा तेल खरीदता है। रूस भारत के प्रमुख तेल आपूर्तिकर्ताओं में से एक रहा है। इसलिए यदि भविष्य में अमेरिका इस कानून के तहत भारत पर अतिरिक्त टैरिफ लगाता है, तो इसका असर दोनों देशों के बीच व्यापार पर पड़ सकता है।

भारत के लिए सबसे बड़ी चिंता यह होगी कि अतिरिक्त अमेरिकी शुल्क से भारतीय उत्पादों की अमेरिकी बाजार में कीमत बढ़ सकती है। इससे कुछ भारतीय निर्यात क्षेत्रों की प्रतिस्पर्धात्मक स्थिति प्रभावित होने की संभावना है।

क्या अभी 100% टैरिफ लग गया है?

नहीं। यह सबसे महत्वपूर्ण बात है।

सीनेट द्वारा बिल पारित किए जाने का मतलब यह नहीं है कि भारत से आने वाले सभी उत्पादों पर तुरंत 100% टैरिफ लगा दिया गया है। मौजूदा स्थिति में यह एक संभावित अधिकार/प्रावधान है, जिसका इस्तेमाल आगे की कानूनी और राजनीतिक प्रक्रिया के बाद किया जा सकता है।

इसलिए इसे खबर में “भारत पर 100% टैरिफ लागू” लिखना सही नहीं होगा। सही शब्दावली होगी—“भारत पर 100% तक टैरिफ लगाने का संभावित अधिकार”।

भारत-अमेरिका व्यापार पर संभावित असर

यदि भविष्य में अतिरिक्त टैरिफ लागू किए जाते हैं, तो भारत से अमेरिका जाने वाले कई उत्पाद प्रभावित हो सकते हैं। इनमें इंजीनियरिंग सामान, औद्योगिक उत्पाद, रसायन, कपड़ा और अन्य निर्यात शामिल हो सकते हैं।

हालांकि वास्तविक प्रभाव इस बात पर निर्भर करेगा कि अमेरिका किन देशों और किन उत्पादों को अंतिम रूप से टैरिफ के दायरे में रखता है।

ऊर्जा व्यापार भी महत्वपूर्ण

भारत के लिए रूस से तेल खरीदना केवल व्यापार का मुद्दा नहीं बल्कि ऊर्जा सुरक्षा से भी जुड़ा हुआ है। भारत को बड़ी मात्रा में कच्चे तेल की आवश्यकता होती है और वैश्विक तेल कीमतों में बदलाव का सीधा असर भारतीय अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।

यदि किसी नीति के कारण भारत को महंगे वैकल्पिक स्रोतों से अधिक तेल खरीदना पड़ता है, तो इसका असर आयात बिल और घरेलू ऊर्जा कीमतों पर पड़ सकता है।

आगे क्या होगा?

सीनेट से पारित होने के बाद विधेयक की आगे की प्रक्रिया अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में होगी। इसके बाद कानून बनने और राष्ट्रपति द्वारा संभावित कार्रवाई की स्थिति में ही भारत पर किसी अतिरिक्त टैरिफ का वास्तविक प्रभाव सामने आएगा।

इसलिए आने वाले दिनों में भारत-अमेरिका के बीच राजनयिक बातचीत और व्यापारिक गतिविधियों पर नजर रखना महत्वपूर्ण होगा।

निष्कर्ष

8 अगस्त 2026 की यह खबर भारत के लिए इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि अमेरिकी सीनेट ने रूस पर नए प्रतिबंधों वाले विधेयक को मंजूरी दी है, जिसमें रूस से ऊर्जा खरीदने वाले प्रमुख देशों पर 100% तक अतिरिक्त टैरिफ लगाने का प्रावधान है। भारत इस संभावित व्यवस्था से प्रभावित हो सकने वाले प्रमुख देशों में शामिल है। हालांकि, भारत पर अभी 100% टैरिफ लागू नहीं हुआ है और विधेयक को आगे की अमेरिकी विधायी प्रक्रिया से गुजरना बाकी है। ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 08 Aug 2026 17:54:06 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Piyush Raghuwanshi</dc:creator>
        <media:keywords>US Senate Russia Sanctions Bill, India 100% Tariff, Russia Oil India, US India Trade 2026, Russia Sanctions, India Tariff News, International Trade News</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>भारत सरकार ने बायोगैस उत्पादन बढ़ाने के लिए ₹23,731 करोड़ की योजना को मंजूरी दी</title>
        <link>https://dhakarsamachar.in/india-approves-23731-crore-biogas-scheme-august-6-2026</link>
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        <description><![CDATA[ नई दिल्ली, 6 अगस्त 2026: केंद्र सरकार ने देश में Compressed Biogas (CBG) के उत्पादन और वितरण को बढ़ावा देने के लिए एक बड़े निवेश कार्यक्रम को मंजूरी दी है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इस उद्देश्य के लिए ₹23,731 करोड़ यानी करीब 2.5 अरब डॉलर के निवेश को मंजूरी दी है। सरकार का लक्ष्य बायोगैस के उत्पादन को बढ़ाने के साथ-साथ देश में स्वच्छ और वैकल्पिक ईंधन के इस्तेमाल को बढ़ावा देना है।

यह फैसला भारत की ऊर्जा सुरक्षा और Renewable Energy रणनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का एक बड़ा हिस्सा आयातित तेल और गैस से पूरा करता है। ऐसे में घरेलू स्तर पर तैयार होने वाले वैकल्पिक ईंधन को बढ़ावा देकर आयात पर निर्भरता कम करने की कोशिश की जा रही है।

क्या है Compressed Biogas?

Compressed Biogas यानी CBG एक ऐसा ईंधन है जिसे जैविक कचरे और अन्य जैविक पदार्थों से तैयार किया जाता है। इसके उत्पादन में कृषि अवशेष, पशुओं का गोबर, खाद्य अपशिष्ट और अन्य जैविक सामग्री का इस्तेमाल किया जा सकता है।

प्रसंस्करण के बाद तैयार गैस में मीथेन की मात्रा अधिक होती है और इसे उचित शुद्धिकरण के बाद ईंधन के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है।

₹23,731 करोड़ का निवेश क्यों महत्वपूर्ण?

सरकार द्वारा स्वीकृत ₹23,731 करोड़ की राशि का उद्देश्य देश में CBG से जुड़ी उत्पादन और वितरण क्षमता को बढ़ाना है। इससे निजी कंपनियों और ऊर्जा क्षेत्र में काम करने वाले निवेशकों के लिए नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।

सरकार के इस कदम से बायोगैस प्लांट स्थापित करने, जैविक कचरे का उपयोग बढ़ाने और उससे ऊर्जा तैयार करने वाले प्रोजेक्ट्स को प्रोत्साहन मिल सकता है।

किसानों को भी मिल सकता है फायदा

CBG उत्पादन के लिए कृषि अवशेष और पशु अपशिष्ट जैसे जैविक संसाधनों का इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों में उपलब्ध जैविक सामग्री को आर्थिक उपयोग में लाने का अवसर मिल सकता है।

यदि स्थानीय स्तर पर CBG प्लांट विकसित होते हैं, तो कृषि अवशेषों को केवल कचरा मानने के बजाय उन्हें ऊर्जा उत्पादन के लिए उपयोग किया जा सकेगा।

आयातित ईंधन पर निर्भरता कम करने की कोशिश

भारत अपनी कच्चे तेल की जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल और गैस की कीमतों में बदलाव का सीधा असर भारत की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।

ऐसे में घरेलू स्तर पर तैयार होने वाले CBG जैसे वैकल्पिक ईंधन को बढ़ावा देना ऊर्जा सुरक्षा के लिए उपयोगी हो सकता है। सरकार Renewable Energy और Alternative Fuels के माध्यम से ऊर्जा स्रोतों में विविधता लाने की कोशिश कर रही है।

पर्यावरण के लिहाज से भी महत्वपूर्ण

बायोगैस उत्पादन का एक महत्वपूर्ण पहलू जैविक कचरे का बेहतर इस्तेमाल है। कृषि अवशेष और अन्य जैविक कचरे को खुले में जलाने या बिना उचित प्रबंधन के छोड़ने के बजाय उनका उपयोग ऊर्जा उत्पादन में किया जा सकता है।

इससे Waste Management और Clean Energy दोनों क्षेत्रों को एक साथ बढ़ावा देने की संभावना है।

रोजगार और निवेश के अवसर

CBG क्षेत्र के विस्तार से प्लांट निर्माण, संचालन, कच्चे माल की आपूर्ति, परिवहन और रखरखाव जैसे क्षेत्रों में रोजगार के अवसर पैदा हो सकते हैं।

इसके अलावा Renewable Energy और Clean Fuel Sector में निजी निवेश बढ़ने की संभावना भी है।

सरकार की व्यापक ऊर्जा रणनीति

केंद्र सरकार लगातार Solar Energy, Wind Energy, Green Hydrogen और Biofuels जैसे क्षेत्रों में निवेश बढ़ा रही है। CBG को बढ़ावा देने का फैसला इसी व्यापक रणनीति का हिस्सा माना जा सकता है।

सरकार का उद्देश्य आने वाले वर्षों में देश के Energy Mix में स्वच्छ और घरेलू ऊर्जा स्रोतों की हिस्सेदारी बढ़ाना है।

निष्कर्ष

6 अगस्त 2026 को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने Compressed Biogas के उत्पादन और वितरण को बढ़ावा देने के लिए ₹23,731 करोड़ के निवेश को मंजूरी दी। यह कदम भारत की Renewable Energy और Energy Security Strategy के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे घरेलू स्तर पर वैकल्पिक ईंधन का उत्पादन बढ़ाने, जैविक कचरे का उपयोग करने और भविष्य में आयातित जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है। ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 08 Aug 2026 17:49:43 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Piyush Raghuwanshi</dc:creator>
        <media:keywords>India Biogas Scheme 2026, Compressed Biogas India, CBG Scheme, Renewable Energy India, Cabinet Decision August 2026, Green Energy India, Biogas News Hindi  Tags</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>टाटा मोटर्स के Jaguar Land Rover की बिक्री में गिरावट, अमेरिकी टैरिफ और चीन में कमजोर मांग का असर</title>
        <link>https://dhakarsamachar.in/tata-motors-jaguar-land-rover-sales-decline-us-tariffs-china-july-31-2026</link>
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        <description><![CDATA[ नई दिल्ली/लंदन, 31 जुलाई 2026: भारत की प्रमुख ऑटोमोबाइल कंपनी टाटा मोटर्स की लग्जरी वाहन निर्माता इकाई Jaguar Land Rover (JLR) ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में बिक्री में गिरावट दर्ज की है। कंपनी ने बताया कि अमेरिका द्वारा लगाए गए आयात शुल्क (Tariffs) और चीन में कमजोर मांग के कारण उसकी वैश्विक बिक्री प्रभावित हुई है। (reuters.com)

कंपनी के अनुसार, अप्रैल से जून 2026 की तिमाही में थोक बिक्री (Wholesale Sales) 8.5% घटकर लगभग 87,286 यूनिट रह गई, जबकि पिछले वर्ष की समान अवधि में यह अधिक थी।

अमेरिका के टैरिफ का पड़ा असर

JLR के लिए अमेरिका सबसे महत्वपूर्ण बाजारों में से एक है। लेकिन हाल के महीनों में अमेरिका द्वारा आयातित वाहनों पर लगाए गए अतिरिक्त टैरिफ के कारण कंपनी की लागत और बिक्री दोनों प्रभावित हुई हैं।

Reuters की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी व्यापार नीतियों में बदलाव के चलते कंपनी को अपने निर्यात और मूल्य निर्धारण (Pricing Strategy) में बदलाव करना पड़ा, जिससे बिक्री पर दबाव बढ़ा। (reuters.com)

चीन में कमजोर मांग

JLR की बिक्री पर दूसरा बड़ा असर चीन के ऑटोमोबाइल बाजार से आया। चीन दुनिया का सबसे बड़ा कार बाजार है, लेकिन वहां प्रीमियम और लग्जरी कारों की मांग पिछले कुछ समय से कमजोर बनी हुई है।

स्थानीय कंपनियों की बढ़ती प्रतिस्पर्धा और आर्थिक सुस्ती के कारण विदेशी लग्जरी कार निर्माताओं की बिक्री पर दबाव देखा जा रहा है। इसका असर Jaguar Land Rover पर भी पड़ा है।

कौन-से मॉडल बने मजबूत आधार?

हालांकि कुल बिक्री में गिरावट दर्ज हुई, लेकिन कंपनी ने बताया कि Range Rover, Range Rover Sport और Defender जैसे प्रीमियम मॉडल की मांग अपेक्षाकृत मजबूत बनी हुई है।

इन मॉडलों ने कंपनी के राजस्व को स्थिर बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। JLR का कहना है कि उसका फोकस उच्च-मार्जिन वाले प्रीमियम वाहनों पर बना रहेगा।

इलेक्ट्रिक वाहनों पर भी जोर

Jaguar Land Rover आने वाले वर्षों में इलेक्ट्रिक वाहनों (EVs) पर बड़े स्तर पर निवेश कर रही है।

कंपनी का लक्ष्य अपनी कई प्रमुख Jaguar और Land Rover श्रृंखलाओं को धीरे-धीरे इलेक्ट्रिक प्लेटफॉर्म पर लाना है। इसके लिए नए उत्पादन संयंत्रों और तकनीकी विकास पर भी निवेश जारी है।

विशेषज्ञों की राय

ऑटो सेक्टर के विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा गिरावट मुख्य रूप से वैश्विक परिस्थितियों का परिणाम है।

यदि अमेरिका में व्यापारिक नीतियां स्थिर होती हैं और चीन में मांग में सुधार आता है, तो JLR की बिक्री दोबारा बढ़ सकती है। हालांकि वैश्विक आर्थिक परिस्थितियां अभी भी ऑटो उद्योग के लिए चुनौती बनी हुई हैं।

टाटा मोटर्स पर क्या असर?

Jaguar Land Rover, टाटा मोटर्स के कुल राजस्व और मुनाफे में महत्वपूर्ण योगदान देती है।

इसलिए JLR की बिक्री में गिरावट का असर कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन पर पड़ सकता है। हालांकि कंपनी का मानना है कि प्रीमियम मॉडल और इलेक्ट्रिक वाहनों पर उसका फोकस भविष्य में विकास को गति देगा।

निष्कर्ष

31 जुलाई 2026 को जारी आंकड़ों के अनुसार, Jaguar Land Rover की पहली तिमाही की थोक बिक्री 8.5% घटकर लगभग 87,286 यूनिट रही। कंपनी ने इसके लिए मुख्य रूप से अमेरिकी आयात शुल्क और चीन में कमजोर मांग को जिम्मेदार बताया है। (reuters.com)

विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक बाजार में सुधार और इलेक्ट्रिक वाहनों पर बढ़ता निवेश भविष्य में कंपनी की वृद्धि के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 03 Aug 2026 16:30:58 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Piyush Raghuwanshi</dc:creator>
        <media:keywords>Jaguar Land Rover News, Tata Motors News 2026, JLR Sales, US Tariffs, China Auto Market, Auto News Hindi, Business News</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>केंद्रीय कैबिनेट ने PM&amp;KISAN योजना को 2031 तक बढ़ाने को दी मंजूरी, ₹3.16 लाख करोड़ होंगे खर्च</title>
        <link>https://dhakarsamachar.in/pm-kisan-scheme-extension-2031-cabinet-approval-july-31-2026</link>
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        <description><![CDATA[ नई दिल्ली, 31 जुलाई 2026: केंद्र सरकार ने देश के करोड़ों किसानों के लिए एक बड़ा फैसला लेते हुए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) योजना को अगले पांच वर्षों तक जारी रखने की मंजूरी दे दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में इस योजना को वित्त वर्ष 2027 से 2031 तक बढ़ाने का निर्णय लिया गया। इस अवधि के लिए सरकार ने ₹3.16 लाख करोड़ के बजट को मंजूरी दी है।

सरकार का कहना है कि इस फैसले का उद्देश्य किसानों की आय को स्थिर समर्थन देना, कृषि निवेश को बढ़ावा देना और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है। PM-KISAN देश की सबसे बड़ी प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) योजनाओं में से एक है, जिसके तहत पात्र किसान परिवारों के बैंक खातों में सीधे आर्थिक सहायता भेजी जाती है।

क्या है PM-KISAN योजना?

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की शुरुआत फरवरी 2019 में की गई थी। इस योजना के तहत पात्र किसान परिवारों को हर वर्ष ₹6,000 की आर्थिक सहायता दी जाती है। यह राशि ₹2,000 की तीन समान किस्तों में सीधे किसानों के बैंक खातों में भेजी जाती है।

योजना का मुख्य उद्देश्य छोटे और सीमांत किसानों को खेती से जुड़े खर्चों में सहायता प्रदान करना और उन्हें साहूकारों या अनौपचारिक ऋण पर निर्भरता से बचाना है।

₹3.16 लाख करोड़ की मंजूरी

कैबिनेट ने योजना को अगले पांच वर्षों तक जारी रखने के लिए ₹3.16 ट्रिलियन (₹3.16 लाख करोड़) की स्वीकृति दी है। यह राशि वित्त वर्ष 2027 से 2031 के दौरान किसानों को सहायता राशि देने के लिए उपयोग की जाएगी।

सरकार के अनुसार, यह निर्णय कृषि क्षेत्र में स्थिरता बनाए रखने और ग्रामीण क्षेत्रों में नकदी प्रवाह (Cash Flow) बढ़ाने के उद्देश्य से लिया गया है।

अब तक कितने किसानों को मिला लाभ?

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, योजना शुरू होने के बाद से अब तक 4.47 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि किसानों के खातों में सीधे ट्रांसफर की जा चुकी है।

अब तक 23 किस्तों के माध्यम से 9.49 करोड़ से अधिक किसानों को लाभ मिला है। सबसे हालिया किस्त में लगभग ₹18,984 करोड़ सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजे गए।

महिला किसानों को भी बड़ा लाभ

सरकार ने बताया कि इस योजना का लाभ बड़ी संख्या में महिला किसानों तक भी पहुंचा है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, अब तक ₹1.06 लाख करोड़ से अधिक की राशि महिला लाभार्थियों के खातों में ट्रांसफर की जा चुकी है। महिला किसान कुल लाभार्थियों का लगभग एक-चौथाई हिस्सा हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि महिलाओं के बैंक खातों में सीधे सहायता पहुंचने से ग्रामीण परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने में भी मदद मिली है।

किसानों पर क्या होगा असर?

योजना के विस्तार से किसानों को अगले पांच वर्षों तक नियमित आर्थिक सहायता मिलती रहेगी। खेती के लिए बीज, उर्वरक, कीटनाशक और अन्य कृषि सामग्री खरीदने में यह राशि उपयोगी साबित हो सकती है।

कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि यद्यपि ₹6,000 वार्षिक सहायता खेती की पूरी लागत को पूरा नहीं करती, लेकिन यह छोटे और सीमांत किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण अतिरिक्त आर्थिक सहयोग है।

सरकार का उद्देश्य

सरकार का कहना है कि PM-KISAN केवल एक सहायता योजना नहीं बल्कि किसानों की आय बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है। प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) प्रणाली के माध्यम से राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी जाती है, जिससे पारदर्शिता बढ़ती है और बिचौलियों की भूमिका समाप्त होती है।

निष्कर्ष

31 जुलाई 2026 को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने PM-KISAN योजना को 2031 तक बढ़ाने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया। इसके लिए ₹3.16 लाख करोड़ की मंजूरी दी गई है। इस फैसले से करोड़ों किसानों को अगले पांच वर्षों तक ₹6,000 वार्षिक सहायता मिलती रहेगी, जिससे कृषि निवेश और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को समर्थन मिलने की उम्मीद है। ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 03 Aug 2026 16:17:07 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Piyush Raghuwanshi</dc:creator>
        <media:keywords>PM Kisan Yojana 2026, PM-KISAN Extension, Cabinet Decision July 2026, किसान सम्मान निधि, Narendra Modi, Agriculture News Hindi, PM Kisan Scheme</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>वित्त मंत्रालय की मासिक आर्थिक समीक्षा: कच्चे तेल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी से भारत की अर्थव्यवस्था पर बढ़ सकता है दबाव</title>
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        <description><![CDATA[ भारत सरकार के वित्त मंत्रालय ने जुलाई 2026 की अपनी मासिक आर्थिक समीक्षा (Monthly Economic Review) में आगाह किया है कि यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतें लंबे समय तक ऊंचे स्तर पर बनी रहती हैं, तो इसका असर भारत की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है। समीक्षा के अनुसार इससे राजकोषीय घाटा (Fiscal Deficit) और चालू खाता घाटा (Current Account Deficit) दोनों पर दबाव बढ़ने की आशंका है। यह चेतावनी ऐसे समय आई है जब पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजार में अनिश्चितता बनी हुई है।

भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयातित कच्चे तेल से पूरा करता है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल महंगा होने का सीधा असर देश के आयात बिल पर पड़ता है। वित्त मंत्रालय ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि यदि तेल की कीमतें लंबे समय तक ऊंची रहती हैं, तो सरकार के वित्तीय प्रबंधन के सामने नई चुनौतियां खड़ी हो सकती हैं। साथ ही इससे विदेशी मुद्रा पर भी अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है।

महंगाई बढ़ने का भी खतरा

आर्थिक समीक्षा में कहा गया है कि महंगे कच्चे तेल का असर केवल पेट्रोल और डीजल तक सीमित नहीं रहता। परिवहन लागत बढ़ने से खाद्य पदार्थों, निर्माण सामग्री और अन्य आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में भी वृद्धि हो सकती है। इससे खुदरा महंगाई (Retail Inflation) बढ़ने का जोखिम रहेगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ऊर्जा लागत लगातार बढ़ती है, तो उद्योगों की उत्पादन लागत भी बढ़ेगी, जिसका असर अंततः आम उपभोक्ताओं पर पड़ सकता है। यही कारण है कि सरकार वैश्विक तेल बाजार की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।

कृषि क्षेत्र को लेकर भी चिंता

रिपोर्ट में केवल तेल की कीमतों का ही नहीं बल्कि मौसम संबंधी जोखिमों का भी उल्लेख किया गया है। वित्त मंत्रालय ने कहा है कि यदि प्रतिकूल मौसम या एल नीनो जैसी परिस्थितियां कृषि उत्पादन को प्रभावित करती हैं, तो खाद्य महंगाई बढ़ सकती है। हालांकि सरकार ने यह भी कहा कि देश में पर्याप्त खाद्यान्न भंडार और जलाशयों में उपलब्ध पानी जैसी स्थितियां संभावित जोखिमों को कुछ हद तक कम कर सकती हैं।

अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के प्रयास

आर्थिक समीक्षा में यह भी बताया गया कि सरकार कई ऐसे क्षेत्रों में निवेश बढ़ा रही है जो लंबे समय में भारत की आर्थिक मजबूती बढ़ा सकते हैं। इनमें सेमीकंडक्टर निर्माण, क्रिटिकल मिनरल्स, शिपबिल्डिंग, कोल गैसीफिकेशन और घरेलू विनिर्माण (Manufacturing) को बढ़ावा देने वाली योजनाएं शामिल हैं।

सरकार का मानना है कि इन क्षेत्रों में निवेश से आयात पर निर्भरता कम होगी, रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और भविष्य में वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) से जुड़े जोखिम भी घटेंगे।

विशेषज्ञों की राय

अर्थशास्त्रियों का कहना है कि भारत की अर्थव्यवस्था अभी भी दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है। लेकिन तेल की कीमतों में लगातार वृद्धि जैसी बाहरी चुनौतियां विकास दर को प्रभावित कर सकती हैं। उनका मानना है कि सरकार और भारतीय रिज़र्व बैंक दोनों को महंगाई और आर्थिक विकास के बीच संतुलन बनाकर आगे बढ़ना होगा।

आगे की राह

वित्त मंत्रालय ने अपनी समीक्षा में स्पष्ट किया है कि फिलहाल भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूत स्थिति में है, लेकिन वैश्विक हालात पर लगातार नजर रखना आवश्यक होगा। विशेष रूप से ऊर्जा कीमतों, भू-राजनीतिक तनाव और मौसम संबंधी जोखिमों को देखते हुए सरकार समय-समय पर आवश्यक कदम उठाती रहेगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि तेल की कीमतों में स्थिरता आती है और वैश्विक तनाव कम होता है, तो भारत की आर्थिक वृद्धि को अतिरिक्त मजबूती मिल सकती है। वहीं यदि कीमतें लंबे समय तक ऊंची बनी रहती हैं, तो सरकार को वित्तीय प्रबंधन और महंगाई नियंत्रण के लिए अतिरिक्त उपाय करने पड़ सकते हैं। ]]></description>
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        <pubDate>Fri, 31 Jul 2026 09:42:06 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Piyush Raghuwanshi</dc:creator>
        <media:keywords>वित्त मंत्रालय आर्थिक समीक्षा, जुलाई 2026, कच्चा तेल, भारत की अर्थव्यवस्था, Fiscal Deficit, Current Account Deficit, Oil Prices News, Business News Hindi</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>मानसून सत्र में ऑपरेशन सिंदूर पर संसद में जोरदार बहस, सरकार और विपक्ष आमने&amp;सामने</title>
        <link>https://dhakarsamachar.in/operation-sindoor-debate-parliament-monsoon-session-2026-hindi</link>
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        <description><![CDATA[ संसद के मानसून सत्र के दौरान ऑपरेशन सिंदूर को लेकर लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों में जोरदार बहस देखने को मिली। सरकार ने इस सैन्य अभियान को भारत की सुरक्षा और आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई बताया, जबकि विपक्ष ने अभियान से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर सरकार से जवाब मांगे। कई घंटों तक चली चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के नेताओं ने अपने-अपने तर्क रखे, जिसके कारण सदन का माहौल काफी गर्म रहा।

सरकार की ओर से रक्षा और गृह मंत्रालय से जुड़े मंत्रियों ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा के हित में चलाया गया था और इसका उद्देश्य आतंकवादी ढांचे को कमजोर करना तथा सीमा पार से होने वाली गतिविधियों पर प्रभावी कार्रवाई करना था। सरकार ने कहा कि सुरक्षा से जुड़े कई संवेदनशील तथ्यों को सार्वजनिक नहीं किया जा सकता, क्योंकि इससे राष्ट्रीय सुरक्षा प्रभावित हो सकती है।

विपक्ष ने उठाए कई सवाल

बहस के दौरान विपक्षी दलों ने सरकार से ऑपरेशन के विभिन्न पहलुओं पर स्पष्टीकरण मांगा। विपक्ष का कहना था कि संसद को अभियान से जुड़े तथ्यों, रणनीति और उसके परिणामों की अधिक जानकारी दी जानी चाहिए। कुछ सांसदों ने सुरक्षा तैयारियों, खुफिया जानकारी और भविष्य की रणनीति से जुड़े प्रश्न भी उठाए।

विपक्ष ने यह भी कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे विषयों पर सरकार को सभी दलों को विश्वास में लेना चाहिए ताकि लोकतांत्रिक प्रक्रिया मजबूत हो और जनता के बीच पारदर्शिता बनी रहे। हालांकि विपक्ष ने सुरक्षा बलों के साहस और योगदान की सराहना भी की।

सरकार का जवाब

सरकार ने विपक्ष के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि सुरक्षा बलों ने पूरी पेशेवर क्षमता के साथ अभियान को अंजाम दिया। सरकार ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े अभियानों की हर जानकारी सार्वजनिक करना उचित नहीं होता। संसद में सरकार ने यह भी दोहराया कि देश की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।

सदन में हंगामा

चर्चा के दौरान कई बार विपक्षी सांसदों ने सरकार के जवाबों पर असंतोष जताया। कुछ मुद्दों पर नारेबाजी भी हुई, जिसके कारण सदन की कार्यवाही कुछ समय के लिए बाधित हुई। बाद में अध्यक्ष के हस्तक्षेप के बाद चर्चा दोबारा शुरू हुई और सरकार ने अपना पक्ष विस्तार से रखा।

राजनीतिक महत्व

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ऑपरेशन सिंदूर केवल सुरक्षा का मुद्दा नहीं रहा, बल्कि मानसून सत्र के दौरान यह प्रमुख राजनीतिक विषय भी बन गया। सत्ता पक्ष इसे राष्ट्रीय सुरक्षा पर सरकार की दृढ़ नीति के रूप में प्रस्तुत कर रहा है, जबकि विपक्ष जवाबदेही और पारदर्शिता की मांग पर जोर दे रहा है।

आगे क्या?

फिलहाल सरकार ने स्पष्ट किया है कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े विषयों पर आवश्यक जानकारी संसद को दी जाती रहेगी, लेकिन संवेदनशील सूचनाओं को सार्वजनिक नहीं किया जाएगा। वहीं विपक्ष ने संकेत दिए हैं कि वह आने वाले दिनों में भी इस मुद्दे को संसद के भीतर और बाहर उठाता रहेगा। ]]></description>
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        <pubDate>Fri, 31 Jul 2026 09:25:35 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Piyush Raghuwanshi</dc:creator>
        <media:keywords>ऑपरेशन सिंदूर, संसद समाचार, मानसून सत्र 2026, लोकसभा समाचार, राज्यसभा, भारत समाचार, Operation Sindoor Debate, Parliament News Hindi</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>लोकसभा से पारित हुआ एंटी पेपर लीक संशोधन विधेयक 2026, सार्वजनिक परीक्षाओं में नकल पर होगी कड़ी कार्रवाई</title>
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        <description><![CDATA[ देश में लगातार सामने आ रहे परीक्षा प्रश्नपत्र लीक और नकल के मामलों पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से लोकसभा ने सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 को ध्वनिमत से पारित कर दिया। सरकार का कहना है कि यह संशोधन प्रतियोगी परीक्षाओं और सरकारी भर्ती परीक्षाओं की विश्वसनीयता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। संसद के मानसून सत्र के दौरान इस विधेयक पर कई घंटों तक चर्चा हुई और विपक्ष के विरोध के बीच इसे मंजूरी दी गई।

केंद्रीय सरकार का तर्क है कि पिछले कुछ वर्षों में विभिन्न राज्यों में भर्ती परीक्षाओं और प्रवेश परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाओं ने लाखों युवाओं के भविष्य को प्रभावित किया है। ऐसे मामलों पर सख्ती से रोक लगाने के लिए मौजूदा कानून में संशोधन आवश्यक था। सरकार के अनुसार, संशोधित कानून का उद्देश्य केवल दोषियों को दंडित करना नहीं बल्कि परीक्षा प्रणाली में जनता का विश्वास भी मजबूत करना है।

क्या हैं संशोधन की प्रमुख बातें?

संशोधन विधेयक के तहत पेपर लीक, प्रश्नपत्रों की अवैध बिक्री, परीक्षा प्रक्रिया में संगठित धोखाधड़ी और तकनीकी माध्यमों से नकल कराने जैसे अपराधों पर पहले की तुलना में अधिक कठोर दंड का प्रावधान किया गया है। सरकार ने स्पष्ट किया कि संगठित अपराधों में शामिल व्यक्तियों और गिरोहों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। कुछ मामलों में दोषियों को 10 वर्ष तक की सजा और 50 लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान किया गया है।

इसके अलावा जांच एजेंसियों को ऐसे मामलों की प्रभावी जांच के लिए अधिक अधिकार देने का भी प्रावधान किया गया है ताकि बड़े नेटवर्क का पता लगाया जा सके और भविष्य में पेपर लीक की घटनाओं को रोका जा सके।

संसद में हुई लंबी बहस

विधेयक पर चर्चा के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली। सरकार ने इसे छात्रों और युवाओं के हित में उठाया गया कदम बताया, जबकि विपक्ष ने कहा कि केवल कानून को कठोर बनाने से समस्या का समाधान नहीं होगा। विपक्षी सांसदों ने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाने, परीक्षा एजेंसियों की जवाबदेही तय करने और प्रशासनिक सुधारों की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

कुछ विपक्षी सदस्यों ने हाल की छात्र विरोध प्रदर्शन की घटनाओं का भी उल्लेख किया और सरकार से परीक्षा प्रबंधन प्रणाली में व्यापक सुधार करने की मांग की। बहस के दौरान सदन में कई बार हंगामा हुआ और कुछ विपक्षी दलों ने विरोध भी दर्ज कराया।

सरकार का पक्ष

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विधेयक पारित होने के बाद कहा कि यह कानून देश में विश्वसनीय और निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। सरकार का मानना है कि प्रतियोगी परीक्षाओं की पवित्रता बनाए रखना आवश्यक है ताकि मेहनत करने वाले अभ्यर्थियों के साथ न्याय हो सके।

सरकार ने यह भी कहा कि लाखों युवाओं का भविष्य सुरक्षित रखना उसकी प्राथमिकता है और पेपर लीक जैसे अपराधों के खिलाफ शून्य सहनशीलता की नीति अपनाई जाएगी।

छात्रों पर क्या होगा प्रभाव?

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि कानून का प्रभावी ढंग से पालन किया जाता है तो भर्ती परीक्षाओं और प्रवेश परीक्षाओं में पारदर्शिता बढ़ सकती है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि केवल कड़े दंड पर्याप्त नहीं होंगे। परीक्षा संचालन, साइबर सुरक्षा, डिजिटल निगरानी और परीक्षा एजेंसियों की जवाबदेही जैसे क्षेत्रों में भी सुधार आवश्यक होंगे।

आगे क्या होगा?

लोकसभा से पारित होने के बाद विधेयक संसद की शेष विधायी प्रक्रिया पूरी करेगा। इसके बाद राष्ट्रपति की मंजूरी मिलने पर संशोधित कानून लागू होगा। सरकार का दावा है कि इससे सार्वजनिक परीक्षाओं में नकल और पेपर लीक की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने में मदद मिलेगी तथा छात्रों का परीक्षा प्रणाली पर भरोसा और मजबूत होगा। ]]></description>
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        <pubDate>Fri, 31 Jul 2026 09:23:47 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Piyush Raghuwanshi</dc:creator>
        <media:keywords>एंटी पेपर लीक बिल 2026, Public Examination Amendment Bill 2026, पेपर लीक कानून, लोकसभा समाचार, संसद मानसून सत्र 2026, शिक्षा समाचार</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>संसद से पारित हुआ वंदे मातरम् विधेयक 2026, राष्ट्रीय गीत को मिला राष्ट्रगान जैसा कानूनी संरक्षण</title>
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        <description><![CDATA[ भारतीय संसद ने &#039;प्रिवेंशन ऑफ इंसल्ट्स टू नेशनल ऑनर (संशोधन) विधेयक, 2026&#039; को पारित कर दिया है। इस संशोधन के साथ ही देश के राष्ट्रीय गीत &#039;वंदे मातरम्&#039; को कानूनी रूप से वही संरक्षण प्रदान किया गया है, जो अब तक केवल राष्ट्रगान &#039;जन गण मन&#039; को प्राप्त था। यह विधेयक पहले राज्यसभा और उसके बाद लोकसभा से पारित हुआ। अब इसे कानून बनने के लिए राष्ट्रपति की मंजूरी का इंतजार है।

सरकार का कहना है कि &#039;वंदे मातरम्&#039; भारत की स्वतंत्रता आंदोलन की विरासत और राष्ट्रीय एकता का प्रतीक रहा है। इसी ऐतिहासिक महत्व को देखते हुए इसे कानूनी सुरक्षा प्रदान करने का निर्णय लिया गया है। सरकार का तर्क है कि राष्ट्रीय प्रतीकों के सम्मान को सुनिश्चित करने के लिए यह संशोधन आवश्यक था।

विधेयक में क्या प्रावधान हैं?

संशोधन के अनुसार, अब राष्ट्रीय गीत &#039;वंदे मातरम्&#039; का जानबूझकर अपमान करना, उसके गायन में बाधा डालना या उसका सार्वजनिक रूप से अनादर करना दंडनीय अपराध होगा। यह प्रावधान उसी कानून के अंतर्गत जोड़ा गया है, जिसके तहत पहले से राष्ट्रीय ध्वज, संविधान और राष्ट्रगान के अपमान पर कार्रवाई का प्रावधान मौजूद है।

संसद में हुई तीखी बहस

विधेयक पर संसद में लंबी और तीखी बहस देखने को मिली। सरकार ने इसे राष्ट्रीय सम्मान और देशभक्ति से जुड़ा कदम बताया, जबकि विपक्ष के कई दलों ने इसकी आवश्यकता पर सवाल उठाए। विपक्ष का कहना था कि मौजूदा कानून पहले से पर्याप्त हैं और नए संशोधन की जरूरत नहीं थी। कुछ विपक्षी दलों ने इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता से जुड़े मुद्दों के संदर्भ में भी उठाया।

राज्यसभा में बहस के दौरान कई विपक्षी सांसदों ने विरोध दर्ज कराया और कुछ दलों ने सदन से वॉकआउट भी किया। लोकसभा में भी विपक्ष ने अपनी असहमति व्यक्त की, हालांकि अंततः विधेयक दोनों सदनों से पारित हो गया।

सरकार का पक्ष

केंद्रीय सरकार का कहना है कि &#039;वंदे मातरम्&#039; केवल एक गीत नहीं बल्कि भारत के स्वतंत्रता संग्राम का प्रेरणास्रोत रहा है। अनेक स्वतंत्रता सेनानियों ने इस गीत को राष्ट्रीय चेतना का प्रतीक माना। सरकार के अनुसार, राष्ट्रीय गीत को राष्ट्रगान के समान कानूनी संरक्षण देना देश की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत का सम्मान है।

विपक्ष की आपत्तियां

विपक्षी दलों ने बहस के दौरान कहा कि राष्ट्रीय गीत का सम्मान पहले से ही देश के नागरिक करते हैं और इसके लिए अलग कानूनी प्रावधान बनाना आवश्यक नहीं है। कुछ नेताओं ने यह भी कहा कि ऐसे विषयों पर व्यापक राजनीतिक सहमति बननी चाहिए थी।

आगे क्या होगा?

संसद से पारित होने के बाद अब यह विधेयक राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। राष्ट्रपति की स्वीकृति मिलने के बाद यह संशोधन कानून का रूप ले लेगा और देशभर में लागू हो जाएगा। इसके बाद राष्ट्रीय गीत &#039;वंदे मातरम्&#039; को कानूनी रूप से वही संरक्षण प्राप्त होगा जो वर्तमान में राष्ट्रगान &#039;जन गण मन&#039; को हासिल है। ]]></description>
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        <pubDate>Fri, 31 Jul 2026 09:21:48 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Piyush Raghuwanshi</dc:creator>
        <media:keywords>वंदे मातरम् विधेयक 2026, Vande Mataram Bill Hindi, संसद समाचार, राष्ट्रीय गीत कानून, संसद मानसून सत्र 2026, भारत समाचार, Latest Parliament News</media:keywords>
    </item>
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        <title>भारत की आर्थिक वृद्धि दर पर दबाव, ऊंची तेल कीमतों और कमजोर निवेश से बढ़ी चिंता</title>
        <link>https://dhakarsamachar.in/india-economic-growth-forecast-oil-prices-investment-2026</link>
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        <description><![CDATA[ नई दिल्ली: भारत की अर्थव्यवस्था को लेकर जारी नवीनतम आर्थिक आकलनों में संकेत मिले हैं कि चालू वित्तीय वर्ष के दौरान आर्थिक वृद्धि दर पर दबाव बना रह सकता है। वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें, निजी निवेश में अपेक्षित तेजी का अभाव और अंतरराष्ट्रीय आर्थिक अनिश्चितताएं भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए प्रमुख चुनौतियों के रूप में सामने आ रही हैं। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि मजबूत घरेलू मांग और सरकारी पूंजीगत व्यय अर्थव्यवस्था को सहारा दे सकते हैं।

आर्थिक विश्लेषकों के अनुसार, कच्चे तेल की ऊंची कीमतों का सीधा असर आयात बिल पर पड़ता है। भारत अपनी ऊर्जा आवश्यकताओं का बड़ा हिस्सा आयात के माध्यम से पूरा करता है। ऐसे में तेल महंगा होने से परिवहन लागत बढ़ती है, जिससे वस्तुओं और सेवाओं की कीमतों पर दबाव पड़ सकता है। इसका प्रभाव महंगाई दर और उपभोक्ताओं की क्रय शक्ति पर भी दिखाई दे सकता है।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि निजी क्षेत्र का निवेश अभी उम्मीद के अनुरूप गति नहीं पकड़ पाया है। उद्योग जगत नई परियोजनाओं में निवेश को लेकर सतर्क बना हुआ है। यदि निवेश की रफ्तार धीमी रहती है, तो रोजगार सृजन और औद्योगिक उत्पादन की वृद्धि भी प्रभावित हो सकती है। यही कारण है कि आर्थिक विशेषज्ञ निवेश को बढ़ावा देने वाली नीतियों को महत्वपूर्ण मान रहे हैं।

हालांकि अर्थव्यवस्था के कई सकारात्मक संकेत भी सामने आ रहे हैं। सरकार द्वारा बुनियादी ढांचा परियोजनाओं पर लगातार खर्च किया जा रहा है, जिससे निर्माण, परिवहन और संबंधित क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को गति मिल रही है। डिजिटल अर्थव्यवस्था का विस्तार, सेवा क्षेत्र की मजबूती और घरेलू उपभोग भी भारतीय अर्थव्यवस्था को सहारा देने वाले प्रमुख कारक बने हुए हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि यदि वैश्विक बाजार में तेल की कीमतों में स्थिरता आती है और निजी निवेश में सुधार होता है, तो आर्थिक वृद्धि की रफ्तार फिर से मजबूत हो सकती है। साथ ही, मुद्रास्फीति पर नियंत्रण और स्थिर वित्तीय नीतियां भी विकास को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

अर्थशास्त्रियों का मानना है कि भारत अभी भी दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है। हालांकि बदलते वैश्विक आर्थिक हालात, भू-राजनीतिक तनाव और अंतरराष्ट्रीय व्यापार में अनिश्चितता को देखते हुए आने वाले महीनों में आर्थिक नीतियों पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता होगी।

सरकार ने भी कई अवसरों पर भरोसा जताया है कि मजबूत बुनियादी ढांचा, विनिर्माण क्षेत्र को बढ़ावा देने वाली योजनाएं, डिजिटल नवाचार और घरेलू मांग देश की आर्थिक प्रगति को आगे बढ़ाते रहेंगे। ऐसे में आने वाले महीनों के आर्थिक आंकड़े यह तय करेंगे कि भारत की विकास दर अनुमान के अनुरूप रहती है या उसमें और बदलाव देखने को मिलता है।

Key Highlights
ऊंची वैश्विक तेल कीमतों से भारतीय अर्थव्यवस्था पर दबाव।
निजी निवेश में सुस्ती को लेकर चिंता।
महंगाई और आयात बिल बढ़ने की आशंका।
सरकारी इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश से अर्थव्यवस्था को सहारा।
विशेषज्ञों ने दीर्घकालिक सुधार की संभावना जताई। ]]></description>
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        <pubDate>Tue, 28 Jul 2026 18:15:41 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Piyush Raghuwanshi</dc:creator>
        <media:keywords>ऊंची वैश्विक तेल कीमतों और निजी निवेश में सुस्ती के बीच भारत की आर्थिक वृद्धि दर पर दबाव बढ़ने की आशंका जताई गई है। जानिए पूरी रिपोर्ट।</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>सोने की कीमतों में फिर उछाल, वैश्विक बाजार के असर से बढ़ी निवेशकों की चिंता</title>
        <link>https://dhakarsamachar.in/gold-price-rise-global-market-impact-investors-concern</link>
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        <description><![CDATA[ ई दिल्ली। वैश्विक बाजार में जारी अनिश्चितताओं के बीच सोने की कीमतों में एक बार फिर तेजी देखने को मिली है। निवेशकों की बढ़ती मांग और अंतरराष्ट्रीय बाजार में सुरक्षित निवेश के विकल्प के रूप में सोने की बढ़ती लोकप्रियता के कारण इसके भाव में मजबूती दर्ज की जा रही है।

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, दुनिया के कई हिस्सों में आर्थिक और राजनीतिक अनिश्चितताओं का असर कीमती धातुओं पर पड़ रहा है। ऐसे समय में निवेशक सुरक्षित विकल्पों की ओर रुख करते हैं, जिससे सोने की मांग बढ़ जाती है।

भारत में भी सोने की कीमतों पर अंतरराष्ट्रीय बाजार के साथ-साथ डॉलर की मजबूती, आयात शुल्क और घरेलू मांग का असर पड़ता है। त्योहारी सीजन और शादियों के समय सोने की खरीदारी बढ़ने से घरेलू बाजार में इसकी मांग और मजबूत हो सकती है।

विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में सोने की कीमतों की दिशा वैश्विक अर्थव्यवस्था, केंद्रीय बैंकों की नीतियों और ब्याज दरों में बदलाव पर निर्भर करेगी। यदि महंगाई और वैश्विक तनाव बना रहता है, तो सोने में निवेशकों की रुचि बनी रह सकती है।

हालांकि, बाजार जानकार निवेशकों को सलाह दे रहे हैं कि सोने में निवेश करते समय कीमतों में उतार-चढ़ाव और लंबी अवधि के लक्ष्य को ध्यान में रखना चाहिए। सोना पारंपरिक रूप से भारतीय परिवारों के लिए निवेश और बचत का महत्वपूर्ण माध्यम रहा है ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 27 Jul 2026 09:15:41 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Piyush Raghuwanshi</dc:creator>
        <media:keywords>सोने की कीमतों में एक बार फिर तेजी देखने को मिल रही है। वैश्विक बाजार की हलचल और निवेशकों की बढ़ती मांग के कारण सोने के भाव में बढ़ोतरी दर्ज की गई।</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>IMF ने जताई चिंता, तेल की बढ़ती कीमतें और कमजोर मानसून भारत की आर्थिक वृद्धि पर डाल सकते हैं असर</title>
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        <description><![CDATA[ नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने भारत की अर्थव्यवस्था को लेकर चिंता जताई है। IMF के अनुसार, कच्चे तेल की बढ़ती अंतरराष्ट्रीय कीमतें और सामान्य से कमजोर मानसून वित्त वर्ष 2026-27 में देश की आर्थिक वृद्धि के लिए सबसे बड़े जोखिम साबित हो सकते हैं।

IMF का कहना है कि भारत अपनी तेल जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है। ऐसे में यदि वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतें ऊंची बनी रहती हैं, तो इसका सीधा असर महंगाई, उत्पादन लागत और आर्थिक विकास पर पड़ सकता है। वहीं, कमजोर मानसून का प्रभाव कृषि उत्पादन और ग्रामीण मांग पर भी देखने को मिल सकता है।

रिपोर्ट में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए भारत की GDP वृद्धि दर का अनुमान 6.4% रखा गया है। हालांकि, IMF का मानना है कि यदि वैश्विक परिस्थितियां अनुकूल रहीं और मानसून में सुधार हुआ, तो आने वाले वर्षों में आर्थिक गतिविधियों में तेजी देखने को मिल सकती है।

विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार के लिए महंगाई पर नियंत्रण, ऊर्जा आपूर्ति को स्थिर बनाए रखना और कृषि क्षेत्र को समर्थन देना आने वाले महीनों में अहम रहेगा। आर्थिक जानकारों के अनुसार, वैश्विक बाजार और मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखना जरूरी होगा, क्योंकि दोनों कारक भारत की विकास दर को प्रभावित कर सकते हैं। ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 27 Jul 2026 08:32:33 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Piyush Raghuwanshi</dc:creator>
        <media:keywords>अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने कहा है कि कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और कमजोर मानसून वित्त वर्ष 2026-27 में भारत की आर्थिक वृद्धि के लिए सबसे बड़े जोखिम बन सकते हैं।</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>पीएम मोदी ने परीक्षा प्रणाली में बड़े सुधार का किया ऐलान, विशेषज्ञ समिति करेगी बदलाव की तैयारी</title>
        <link>https://dhakarsamachar.in/pm-modi-exam-system-reform-task-force-announcement</link>
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        <description><![CDATA[ नई दिल्ली। देशभर में परीक्षा प्रणाली को लेकर उठे सवालों और छात्र आंदोलनों के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने परीक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने एक विशेषज्ञ समिति (टास्क फोर्स) के गठन की घोषणा की है, जो परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी, सुरक्षित और तकनीक आधारित बनाने के लिए सुझाव देगी।

सरकार के अनुसार, समिति परीक्षा आयोजित करने की प्रक्रिया, पेपर सुरक्षा, डिजिटल निगरानी और परीक्षा में पारदर्शिता बढ़ाने के उपायों पर काम करेगी। साथ ही पेपर लीक जैसी घटनाओं पर रोक लगाने के लिए कानूनी प्रावधानों को और सख्त बनाने की तैयारी भी की जा रही है।

हाल के दिनों में विभिन्न राज्यों में परीक्षा संबंधी अनियमितताओं को लेकर छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किए थे। इन घटनाओं के बाद परीक्षा व्यवस्था में बदलाव की मांग तेज हो गई थी। इसी पृष्ठभूमि में केंद्र सरकार ने सुधार प्रक्रिया शुरू करने का फैसला लिया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समिति की सिफारिशों को प्रभावी ढंग से लागू किया गया तो भविष्य में प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता बढ़ेगी और अभ्यर्थियों का भरोसा मजबूत होगा। सरकार का कहना है कि सुधार प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से लागू की जाएगी ताकि छात्रों को निष्पक्ष और सुरक्षित परीक्षा व्यवस्था मिल सके। ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 27 Jul 2026 08:25:49 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Piyush Raghuwanshi</dc:creator>
        <media:keywords>परीक्षा पेपर लीक विवाद के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए विशेषज्ञ समिति के गठन का ऐलान किया। जानिए क्या होंगे बड़े बदलाव।</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>मंत्री ने छात्रों से बातचीत का दिया भरोसा, &amp;apos;कॉकरोच मूवमेंट&amp;apos; नेताओं ने किया दावा</title>
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        <description><![CDATA[ मंत्री ने छात्रों से बातचीत का दिया भरोसा, &#039;कॉकरोच मूवमेंट&#039; नेताओं ने किया दावा

छात्रों के जारी आंदोलन के बीच &#039;कॉकरोच मूवमेंट&#039; के नेताओं ने दावा किया है कि संबंधित मंत्री ने छात्रों की समस्याओं पर बातचीत करने का भरोसा दिया है। आंदोलन से जुड़े नेताओं के अनुसार, छात्रों की विभिन्न मांगों को लेकर जल्द ही औपचारिक बैठक आयोजित की जा सकती है।

आंदोलनकारियों का कहना है कि वे लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर आवाज उठा रहे हैं और अब सरकार की ओर से सकारात्मक संकेत मिले हैं। उनका दावा है कि मंत्री ने छात्रों की बात गंभीरता से सुनने और समाधान निकालने का आश्वासन दिया है।

हालांकि, मंत्री की ओर से इस दावे की आधिकारिक पुष्टि या बैठक की तारीख को लेकर कोई औपचारिक बयान सामने नहीं आया है। ऐसे में सभी की नजरें संभावित वार्ता और उसके परिणाम पर टिकी हुई हैं।

छात्र नेताओं ने कहा कि जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन की आगामी रणनीति पर विचार जारी रहेगा। यदि सरकार और छात्रों के बीच बातचीत होती है, तो इससे गतिरोध समाप्त होने की संभावना बढ़ सकती है। ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 27 Jul 2026 08:18:47 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Piyush Raghuwanshi</dc:creator>
        <media:keywords>कॉकरोच मूवमेंट, मंत्री-छात्र बातचीत, छात्र आंदोलन</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>VDA और IIT BHU के बीच हुआ ऐतिहासिक समझौता, 115 कॉलेजों में छात्रों को सिखाया जाएगा &amp;apos;शहरी नियोजन&amp;apos; का पाठ</title>
        <link>https://dhakarsamachar.in/vda-iit-bhu-mou-urban-planning-varanasi-colleges</link>
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        <description><![CDATA[ वाराणसी विकास प्राधिकरण (VDA) और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (काशी हिंदू विश्वविद्यालय) यानी IIT BHU के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इस साझेदारी का मुख्य उद्देश्य काशी और आसपास के क्षेत्रों को सुव्यवस्थित, टिकाऊ (Sustainable) और आधुनिक मानकों के अनुरूप विकसित करना है। इस पहल के तहत क्षेत्र के 115 से अधिक कॉलेजों के युवाओं को शहरी नियोजन (Urban Planning) और स्मार्ट सिटी विकास से जोड़ा जाएगा।
युवाओं को अर्बन प्लानिंग से जोड़ने की अनोखी पहल
इस एमओयू के तहत VDA और IIT BHU मिलकर एक विशेष जागरूकता व प्रशिक्षण अभियान चलाएंगे। पूर्वांचल के लगभग 115 डिग्री और तकनीकी कॉलेजों में कार्यशालाओं (Workshops), सेमिनार और इंटरैक्टिव सत्रों का आयोजन किया जाएगा।
छात्रों को मिलेगी व्यावहारिक सीख: छात्रों को केवल किताबी ज्ञान ही नहीं, बल्कि ट्रैफिक मैनेजमेंट, जीआईएस (GIS) मैपिंग, ग्रीन बिल्डिंग तकनीक और वेस्ट मैनेजमेंट जैसे व्यावहारिक विषयों की जानकारी दी जाएगी।
भविष्य के प्लानर्स तैयार करना: इसका मकसद युवाओं में शहर के विकास के प्रति जिम्मेदारी का भाव जगाना और उन्हें अर्बन डेवलपमेंट के नए कॉन्सेप्ट्स से अवगत कराना है।
काशी के विकास को मिलेगी नई गति
VDA अधिकारियों के अनुसार, IIT BHU के विशेषज्ञ शोधकर्ताओं और प्रोफेसरों की तकनीकी दक्षता का उपयोग वाराणसी के मास्टर प्लान को बेहतर ढंग से लागू करने में किया जाएगा।
प्रमुख बिंदु:
स्मार्ट और टिकाऊ विकास: IIT BHU की तकनीकी टीम वाराणसी के बुनियादी ढांचे (Infrastructure) को मजबूत और पर्यावरण के अनुकूल बनाने में VDA का मार्गदर्शन करेगी।
इंटर्नशिप के अवसर: इस पहल के तहत चुनिंदा मेधावी छात्रों को VDA की लाइव अर्बन प्लानिंग परियोजनाओं में इंटर्नशिप और काम करने का मौका भी मिल सकता है। ]]></description>
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        <pubDate>Tue, 21 Jul 2026 18:11:52 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Piyush Raghuwanshi</dc:creator>
        <media:keywords>वाराणसी शहरी नियोजन (Varanasi Urban Planning), वीडीए वाराणसी खबर (VDA Varanasi News), IIT BHU अर्बन प्लानिंग (IIT BHU Urban Planning)</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>ए.आर. रहमान, हंस जिमर और कुमार विश्वास की त्रिवेणी: त्रेता युग की अलौकिक अनुभूति कराएगा &amp;apos;Ramayana&amp;apos; का यह नया गीत</title>
        <link>https://dhakarsamachar.in/ar-rahman-hans-zimmer-ramayana-music-treta-yug-song</link>
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        <description><![CDATA[ नितेश तिवारी के निर्देशन में बन रही महाकाव्य फिल्म &#039;रामायण&#039; अपनी घोषणा के बाद से ही सुर्खियों में है। लेकिन अब इसके संगीत को लेकर जो अपडेट आया है, उसने देश-दुनिया के दर्शकों की उत्सुकता को चरम पर पहुंचा दिया है। भारतीय संगीत के जादूगर ए.आर. रहमान, हॉलीवुड के दिग्गज हंस जिमर और अपनी ओजस्वी वाणी व लेखनी के लिए मशहूर डॉ. कुमार विश्वास की तिकड़ी मिलकर एक ऐसा अलौकिक गीत तैयार कर रही है, जो भारतीय सिनेमा में संगीत का नया इतिहास रचेगा।
वैश्विक संगीत का अनूठा संगम: रहमान और हंस जिमर
यह पहला मौका है जब ऑस्कर पुरस्कार विजेता ए.आर. रहमान और हॉलीवुड की &#039;ड्यून&#039; (Dune) व &#039;इंटरस्टेलर&#039; (Interstellar) जैसी फिल्मों में संगीत देने वाले ऑस्कर विजेता हंस जिमर एक साथ काम कर रहे हैं।
भारतीय और पश्चिमी संगीत का मिलन: हंस जिमर का सिम्फोनिक और ग्रैंड बैकग्राउंड स्कोर, रहमान की रूहानी और भारतीय शास्त्रीय धुनों के साथ मिलकर इस फिल्म को एक वैश्विक स्तर प्रदान करेगा।
दिव्य ध्वनि की रचना: दोनों संगीतकारों ने इस गीत की धुन को कुछ इस तरह तराशा है कि यह पौराणिक काल की दिव्यता, भव्यता और आध्यात्मिक गहराई को जीवंत कर सके।
डॉ. कुमार विश्वास के शब्दों का जादू
रामकथा और हिंदी साहित्य के मर्मज्ञ डॉ. कुमार विश्वास ने इस महागाथा के लिए गीत के बोल लिखे हैं। रामकाव्य पर उनकी गहरी पकड़ और ओजपूर्ण शब्दों के चयन के चलते इस गीत से काफी उम्मीदें हैं।
त्रेता युग का अहसास: सूत्रों के अनुसार, कुमार विश्वास के लिखे शब्द और रहमान-जिमर की धुनें जब एक साथ गूंजेंगी, तो यह श्रोताओं को आधुनिक दुनिया से दूर सीधे &#039;त्रेता युग&#039; के माहौल और भगवान राम की पावन भूमि का अनुभव कराएंगी। ]]></description>
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        <pubDate>Tue, 21 Jul 2026 17:59:47 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Piyush Raghuwanshi</dc:creator>
        <media:keywords>कुमार विश्वास रामायण सॉन्ग (Kumar Vishwas Ramayana Song), ए आर रहमान हंस जिमर रामायण (AR Rahman Hans Zimmer Ramayana), नितेश तिवारी रामायण म्यूजिक (Nitesh Tiwari Ramayana Music)</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>अफवाहों पर दिल्ली पुलिस का पूर्णविराम: प्रदर्शन में मौत के दावे खारिज, हिरासत में लिए गए सभी लोग रिहा</title>
        <link>https://dhakarsamachar.in/delhi-police-statement-protest-death-claims-fake-news-released</link>
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        <description><![CDATA[ राजधानी दिल्ली में हाल ही में हुए विरोध-प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई को लेकर फैली भ्रम की स्थिति पर दिल्ली पुलिस और केंद्र सरकार ने स्थिति पूरी तरह साफ कर दी है। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा कारणों से प्रिवेंटिव डिटेंशन (रोकथाम हिरासत) में लिए गए सभी प्रदर्शनकारियों को रिहा कर दिया गया है। इसके साथ ही, सोशल मीडिया पर प्रदर्शन के दौरान किसी की मौत होने या भारी हिंसा के दावों को सिरे से खारिज करते हुए &#039;फेक न्यूज&#039; करार दिया गया है।
मौत और हिंसा के दावे पूरी तरह फर्जी: दिल्ली पुलिस व PIB Fact Check
प्रदर्शन के बाद सोशल मीडिया पर एक लड़की की मौत होने और पेलेट गन के इस्तेमाल से दर्जनों लोगों के गंभीर रूप से घायल होने की खबरें वायरल होने लगी थीं।
PIB Fact Check का बयान: सरकार की आधिकारिक तथ्य-जांच एजेंसी ने कहा कि प्रदर्शन में किसी भी मौत का दावा पूरी तरह झूठा, भ्रामक और मनगढ़ंत है।
दिल्ली पुलिस की चेतावनी: पुलिस ने आधिकारिक &#039;Fake News Alert&#039; जारी करते हुए कहा कि स्थिति को नियंत्रित करने के लिए केवल मानक प्रक्रियाओं का पालन किया गया था। पुलिस ने चेतावनी दी है कि माहौल खराब करने के उद्देश्य से अफवाह फैलाने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
हिरासत में लिए गए सभी प्रदर्शनकारी हुए रिहा
दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिन नेताओं व प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया था, उन्हें कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद छोड़ दिया गया है। रिहाई की पुष्टि होने के बाद प्रदर्शनकारी संगठनों ने भी पुलिस मुख्यालय (PHQ) के बाहर प्रस्तावित अपना घेराव व धरना रद्द कर दिया है।
सुरक्षा बल मुस्तैद, शांति बनाए रखने की अपील
दिल्ली पुलिस ने बताया कि जंतर-मंतर और आसपास के संवेदनशील इलाकों में निषेधाज्ञा (धारा 163 BNSS) लागू थी। बैरिकेड्स तोड़ने और प्रतिबंधित क्षेत्र की ओर बढ़ने की कोशिश के दौरान हुई हल्की झड़प में कुछ पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं। पुलिस ने आम जनता से सोशल मीडिया पर चल रही बिना पुष्टि वाली खबरों पर विश्वास न करने और शांति बनाए रखने की अपील की है। ]]></description>
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        <pubDate>Tue, 21 Jul 2026 17:35:28 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Piyush Raghuwanshi</dc:creator>
        <media:keywords>हिरासत में लिए गए लोग रिहा (Detained People Released), दिल्ली प्रदर्शन फेक न्यूज (Delhi Protest Fake News), PIB Fact Check Delhi Protest</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>दिल्ली: PM आवास के बाहर प्रदर्शन कर रहे राहुल गांधी समेत सभी कांग्रेस नेता रिहा, पुलिस ने हिरासत से छोड़ा</title>
        <link>https://dhakarsamachar.in/rahul-gandhi-congress-leaders-released-delhi-police-protest</link>
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        <description><![CDATA[ दिल्ली पुलिस ने प्रधानमंत्री आवास और उच्च सुरक्षा वाले इलाके के बाहर विरोध-प्रदर्शन कर रहे लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और कांग्रेस के अन्य वरिष्ठ नेताओं को हिरासत में लेने के कुछ घंटों बाद रिहा कर दिया है। पुलिस प्रशासन ने आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद सभी नेताओं को थाने से जाने की अनुमति दे दी।
सड़क पर बैठा विपक्ष, सुरक्षा बल मुस्तैद
इससे पहले, NEET-UG परीक्षा में हुई कथित धांधली और युवाओं के मुद्दों को लेकर कांग्रेस नेताओं ने विरोध प्रदर्शन तेज कर दिया था। राहुल गांधी के नेतृत्व में पार्टी के वरिष्ठ नेता और सांसद अचानक 7 लोक कल्याण मार्ग (PM आवास) के करीब पहुंच गए और सड़क पर ही धरने पर बैठ गए।
नेता प्रतिपक्ष और अन्य नेताओं की मुख्य मांगें थीं:
छात्रों की समस्याओं और परीक्षा में अनियमितताओं पर सरकार तुरंत स्थिति स्पष्ट करे।
शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई की जवाबदेही तय की जाए।
हाई-वोल्टेज ड्रामे के बाद हिरासत
PM आवास के आसपास धारा 144/निषेधाज्ञा लागू होने के कारण दिल्ली पुलिस अधिकारियों ने नेताओं को वहां से हटने का अनुरोध किया। जब कांग्रेस नेताओं ने धरना समाप्त करने से इनकार कर दिया, तो पुलिस ने सुरक्षा का हवाला देते हुए राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अन्य कार्यकर्ताओं को प्रिवेंटिव डिटेंशन (रोकथाम हिरासत) के तहत बसों में बिठाकर अलग-अलग थानों में पहुंचा दिया।
देर शाम प्रक्रिया पूरी, रिहाई का आदेश
लगभग दो से तीन घंटे तक हिरासत में रखने के बाद, दिल्ली पुलिस ने स्थिति सामान्य होते देख और कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद राहुल गांधी समेत सभी नेताओं को छोड़ दिया।
कांग्रेस का रुख: रिहाई के बाद कांग्रेस पार्टी के आधिकारिक हैंडल से कहा गया कि &quot;सत्य और जनहित की आवाज को पुलिस बल के जरिए नहीं दबाया जा सकता। युवाओं और छात्रों के हक की यह लड़ाई संसद से लेकर सड़क तक जारी रहेगी।&quot; ]]></description>
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        <pubDate>Tue, 21 Jul 2026 17:26:17 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Piyush Raghuwanshi</dc:creator>
        <media:keywords>राहुल गांधी को पुलिस ने हिरासत से क्यों छोड़ा? पीएम आवास के बाहर प्रदर्शन के बाद राहुल गांधी रिहा Rahul Gandhi released after police detention in Delhi news in Hindi</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>सोनम वांगचुक सफदरजंग अस्पताल से हुए डिस्चार्ज, हाईकोर्ट के आदेश पर बेहतर इलाज के लिए मेदांता शिफ्ट</title>
        <link>https://dhakarsamachar.in/sonam-wangchuk-discharged-safdarjung-shifted-medanta-delhi-hc</link>
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        <description><![CDATA[ लगातार अनशन के कारण बिगड़ते स्वास्थ्य के बीच जाने-माने पर्यावरण कार्यकर्ता और शिक्षाविद् सोनम वांगचुक को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया है। दिल्ली हाईकोर्ट के कड़े रुख और केंद्र सरकार की सहमति के बाद उन्हें आगे के इलाज के लिए गुरुग्राम स्थित मेदांता अस्पताल में शिफ्ट किया गया है।
जंतर-मंतर से सफदरजंग तक का घटनाक्रम
सोनम वांगचुक NEET-UG परीक्षा में कथित गड़बड़ियों और सुधार की मांगों को लेकर जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल (अनशन) पर बैठे थे। अनशन के 21वें दिन स्वास्थ्य बिगड़ने पर दिल्ली पुलिस उन्हें सफदरजंग अस्पताल ले आई थी। हालांकि, परिजनों का आरोप था कि अस्पताल में उन्हें परिजनों से मिलने नहीं दिया जा रहा था और उनकी इच्छा के विरुद्ध वहां रखा गया था।
पत्नी ने खटखटाया हाईकोर्ट का दरवाजा
वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे. आंग्मो ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर कर आरोप लगाया कि सफदरजंग अस्पताल में वांगचुक को अवैध हिरासत जैसी स्थिति में रखा गया है। उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 21 का हवाला देते हुए मांग की कि वांगचुक को उनके मनपसंद अस्पताल (मेदांता) में इलाज कराने का अधिकार दिया जाए।
हाईकोर्ट का अहम आदेश और केंद्र की सहमति
मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस कारिया की पीठ ने इस मामले पर सुनवाई की। सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार को उन्हें मेदांता शिफ्ट करने पर कोई आपत्ति नहीं है।
तमाम पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने निर्देश जारी किए:
तत्काल शिफ्टिंग: सफदरजंग अस्पताल वांगचुक को तुरंत मेदांता हस्तांतरित करे।
विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम: मेदांता अस्पताल के निदेशक को वांगचुक की स्थिति की निगरानी के लिए एक विशेष मेडिकल पैनल गठित करने का निर्देश दिया गया।
पारिवारिक पहुंच: परिजनों को डॉक्टरों के प्रोटोकॉल के दायरे में रहकर वांगचुक से मिलने की अनुमति दी गई।
स्वास्थ्य अपडेट: लंबे समय तक भूख हड़ताल पर रहने के कारण सोनम वांगचुक के शरीर में पोटैशियम का स्तर कम पाया गया है। फिलहाल मेदांता के डॉक्टरों की एक समर्पित टीम उनके स्वास्थ्य सुधार पर लगातार नजर बनाए हुए है। ]]></description>
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        <pubDate>Tue, 21 Jul 2026 17:12:15 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Piyush Raghuwanshi</dc:creator>
        <media:keywords>सोनम वांगचुक हेल्थ अपडेट (Sonam Wangchuk Health Update) सफदरजंग से मेदांता शिफ्ट सोनम वांगचुक (Safdarjung to Medanta shift Sonam Wangchuk) दिल्ली हाईकोर्ट सोनम वांगचुक आदेश (Delhi High Court Sonam Wangchuk Order) सोनम वांगचुक भूख हड़ताल (Sonam Wangchuk hunger strike)</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>शेयर बाजार में ऐतिहासिक सुनामी! सेंसेक्स ने पहली बार छुआ 86,000 का स्तर, निफ्टी भी 26,200 के पार, निवेशकों की चांदी</title>
        <link>https://dhakarsamachar.in/sensex-touches-historic-86000-nifty-crosses-26200-share-market</link>
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        <description><![CDATA[ भारतीय शेयर बाजार ने आज इतिहास रचते हुए एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। मजबूत वैश्विक संकेतों और घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) की भारी खरीदारी के दम पर बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सूचकांक सेंसेक्स (Sensex) पहली बार 86,000 के ऐतिहासिक स्तर को पार कर गया। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी (Nifty) भी 26,200 के पार बंद हुआ। आईटी, बैंकिंग और ऑटो सेक्टर्स के शेयरों में आई इस तूफानी तेजी के कारण आज महज एक ही दिन में निवेशकों की संपत्ति में करीब 5 लाख करोड़ रुपये का इजाफा हुआ है। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि यह तेजी आगे भी जारी रह सकती है। ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 20 Jul 2026 16:17:24 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Piyush Raghuwanshi</dc:creator>
        <media:keywords>शेयर बाजार रिकॉर्ड तेजी, सेंसेक्स 86000 के पार, Nifty historic high, Share Market India updates</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>आफत की बारिश: जम्मू&amp;कश्मीर में फ्लैश फ्लड से 10 लोगों की मौत, अमरनाथ यात्रा रुकी, हिमाचल में रेड अलर्ट के बाद स्कूल बंद</title>
        <link>https://dhakarsamachar.in/jammu-kashmir-flash-floods-amarnath-yatra-paused-himachal-rain-alert</link>
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        <description><![CDATA[ देश के पहाड़ी और मैदानी राज्यों में लगातार हो रही भारी बारिश अब आफत बन चुकी है। जम्मू-कश्मीर में मूसलाधार बारिश के बाद आई अचानक बाढ़ (Flash Floods) के कारण कम से कम 10 लोगों के मारे जाने की आशंका है, जबकि कई लोग अब भी लापता हैं। बिगड़ते मौसम और जलभराव को देखते हुए अमरनाथ यात्रा को भी अस्थाई रूप से रोक दिया गया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राज्य के हालातों का जायजा लिया और केंद्र की तरफ से हर संभव मदद का भरोसा दिया है।  
दूसरी तरफ, हिमाचल प्रदेश में भी मौसम विभाग द्वारा रेड अलर्ट जारी किए जाने के बाद कांगड़ा जिले के सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूलों को अगले दो दिनों के लिए बंद करने का आदेश दिया गया है। वहीं, उत्तर प्रदेश के पीलीभीत में शारदा नदी में 1 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद नदी उफान पर है और वहाँ भी कक्षा 1 से 8 तक के स्कूल बंद कर दिए गए हैं। ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 20 Jul 2026 16:05:59 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Piyush Raghuwanshi</dc:creator>
        <media:keywords>जम्मू कश्मीर बाढ़ 10 मौत, अमरनाथ यात्रा रुकी बारिश, हिमाचल कांगड़ा स्कूल बंद मौसम, heavy rain alert updates hindi</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>मौसम विभाग की बड़ी चेतावनी: अगले 48 घंटों में इन राज्यों में होगी मूसलाधार बारिश, प्रशासन हाई अलर्ट पर</title>
        <link>https://dhakarsamachar.in/flood-and-landslide-warning-in-hilly-states-weather-forecast</link>
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        <description><![CDATA[ भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश और पश्चिम बंगाल समेत देश के कई राज्यों में अगले 24 से 48 घंटों के लिए भारी से अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इस दौरान तेज हवाओं के साथ बिजली गिरने, बाढ़ आने और पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन (Landslide) होने की आशंका जताई गई है। प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में राहत और बचाव दलों को तैनात कर दिया है और लोगों को जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की सलाह दी है। लगातार हो रही यह बारिश आम जनजीवन को प्रभावित कर रही है, हालांकि किसानों के लिए इसे खरीफ फसलों के लिए फायदेमंद माना जा रहा है। ]]></description>
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        <pubDate>Sun, 19 Jul 2026 13:46:44 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Piyush Raghuwanshi</dc:creator>
        <media:keywords>भारी बारिश का अलर्ट (Heavy rain alert) मौसम विभाग की चेतावनी (IMD weather warning) बाढ़ और भूस्खलन की आशंका (Flood and landslide warning) यूपी दिल्ली बिहार में बारिश (Rain in UP Delhi Bihar) मॉनसून और खरीफ फसलें (Monsoon and Kharif crops</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>गोखपुर के राप्ती कॉम्प्लेक्स में बारिश बनी आफत:नाला टूटते ही 200 दुकानों में घुसा गंदा पानी, करोड़ों का हुआ नुकसान</title>
        <link>https://dhakarsamachar.in/गोखपुर-के-राप्ती-कॉम्प्लेक्स-में-बारिश-बनी-आफतनाला-टूटते-ही-200-दुकानों-में-घुसा-गंदा-पानी-करोड़ों-का-हुआ-नुकसान</link>
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        <description><![CDATA[ गोरखपुर में लगातार हुई मूसलाधार बारिश ने शनिवार को शहर के सबसे बड़े व्यावसायिक केंद्रों में शामिल राप्ती कॉम्प्लेक्स के व्यापारियों की वर्षों की मेहनत पर पानी फेर दिया। देर रात कॉम्प्लेक्स के सामने बना नाला अचानक टूट गया, जिसके बाद तेज बहाव के साथ गंदा पानी ग्राउंड फ्लोर की सभी करीब 200 दुकानों और गोदामों में घुस गया। कुछ ही देर में पूरा ग्राउंड फ्लोर कई फीट पानी में डूब गया। दुकानों में रखा कपड़ा, गिफ्ट आइटम, ज्वेलरी, इलेक्ट्रॉनिक सामान, फर्नीचर, स्टेशनरी सहित लाखों नहीं बल्कि करोड़ों रुपये का सामान पानी में डूबकर खराब हो गया। सुबह तक पूरा कॉम्प्लेक्स जलमग्न रहा और व्यापारियों में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। 200 दुकानें पानी में डूबी राप्ती कॉम्प्लेक्स दो मंजिला व्यावसायिक परिसर है, जहां करीब 400 दुकानें और गोदाम संचालित हैं। हादसे का सबसे ज्यादा असर ग्राउंड फ्लोर पर पड़ा, जहां मौजूद सभी दुकानों में गंदा पानी भर गया। कई दुकानों के शटर खोलते ही अंदर पानी ही पानी दिखाई दिया।  कहीं कपड़े पानी में तैर रहे थे तो कहीं गिफ्ट आइटम और लकड़ी के सामान पूरी तरह भीग चुके थे। कई व्यापारी सुबह से ही कमर तक गंदे पानी में उतरकर अपनी दुकानों से सामान निकालते नजर आए। पूरे दिन व्यापार ठप रहा और कॉम्प्लेक्स में केवल नुकसान का मंजर दिखाई देता रहा। नाले में कचरा बना तबाही की सबसे बड़ी वजह दुकानदारों का कहना है कि यह केवल प्राकृतिक आपदा नहीं बल्कि नगर निगम की लापरवाही का नतीजा है। उनका आरोप है कि कॉम्प्लेक्स के सामने बना नाला लंबे समय से कूड़े-कचरे से पटा हुआ था। सड़क किनारे लगने वाले सब्जी, फल और अन्य ठेला संचालक रोजाना अपना कचरा उसी नाले में फेंक देते हैं। नियमित सफाई नहीं होने से नाले में कई जगह पानी का निकास पूरी तरह बाधित हो गया था। लगातार बारिश के दौरान जब पानी का दबाव बढ़ा तो नाला टूट गया और उसका पूरा पानी सीधे कॉम्प्लेक्स के अंदर घुस गया। व्यापारियों का कहना है कि यदि समय रहते नाले की सफाई कर दी जाती और कचरा हटाया जाता तो शायद यह हादसा नहीं होता। उनका आरोप है कि इस समस्या की जानकारी नगर निगम को पहले से थी, लेकिन कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया। कई बार शिकायत के बावजूद नहीं हुई कार्रवाई राप्ती कॉम्प्लेक्स व्यापार समिति के अध्यक्ष विनोद प्रताप गोविंद राव ने बताया कि कॉम्प्लेक्स के सामने बने नाले का निकास काफी समय से प्रभावित था। नाले में जमा कचरे के कारण पानी आगे नहीं बढ़ पा रहा था। लगातार बारिश के दौरान पानी का दबाव इतना बढ़ गया कि नाला टूट गया और पूरा पानी कॉम्प्लेक्स में भर गया। उन्होंने कहा कि इस समस्या को लेकर कई बार नगर निगम के अधिकारियों से शिकायत की गई थी और स्थायी समाधान की मांग भी की गई थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। अगर समय रहते नाले की सफाई और मरम्मत कर दी जाती तो आज व्यापारियों को करोड़ों रुपये का नुकसान नहीं उठाना पड़ता। राखी के लिए आया नया स्टॉक भी नहीं बच पाया कपड़ा व्यापारी अभिषेक गुप्ता ने बताया कि रक्षाबंधन का त्योहार नजदीक होने के कारण उन्होंने दो दिन पहले ही 75 हजार रुपये से अधिक का नया स्टॉक मंगाया था। बारिश की संभावना को देखते हुए उन्होंने अधिकांश सामान ऊंचाई पर रखवा दिया था ताकि यदि थोड़ा बहुत पानी भर भी जाए तो नुकसान न हो। लेकिन इस बार पानी इतनी तेजी और इतनी ऊंचाई तक भर गया कि पूरा नया स्टॉक भी भीगकर खराब हो गया। उन्होंने कहा कि त्योहारी सीजन से पहले हुआ यह नुकसान उनके कारोबार पर सीधा असर डालेगा और इसकी भरपाई कर पाना आसान नहीं होगा। पेंटिंग, फ्रेम और इलेक्ट्रॉनिक गिफ्ट आइटम हुए खराब गिफ्ट शॉप संचालक राज उत्सव ने बताया कि उनकी दुकान में महंगी पेंटिंग, लकड़ी के फ्रेम और इलेक्ट्रॉनिक गिफ्ट आइटम रखे थे। पानी भरने से पेंटिंग पूरी तरह खराब हो गईं। लकड़ी के फ्रेम पानी में भीगकर फूल गए, जबकि इलेक्ट्रॉनिक सामान भी खराब हो गया। उन्होंने गंदे पानी में उतरकर किसी तरह बचा हुआ सामान बाहर निकाला। राज उत्सव के अनुसार उनकी दुकान में ही करीब 60 से 65 हजार रुपये का नुकसान हुआ है। उनका कहना है कि त्योहारी सीजन से पहले हुआ यह नुकसान छोटे व्यापारियों के लिए किसी बड़े झटके से कम नहीं है। इस बार हालात सबसे ज्यादा खराब श्याम कलेक्शन के संचालक दुर्गेश कश्यप ने बताया कि हर वर्ष भारी बारिश के दौरान कॉम्प्लेक्स में पानी भरने की समस्या रहती है, लेकिन इस बार नाला टूटने के कारण स्थिति पूरी तरह बेकाबू हो गई। कुछ ही मिनटों में पूरी दुकान पानी में डूब गई। उन्होंने कहा कि इस समस्या को लेकर कई बार नगर निगम के अधिकारियों और मेयर से मुलाकात कर शिकायत की गई, लेकिन कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया। यदि पहले ही उचित व्यवस्था कर दी जाती तो व्यापारियों को इतनी बड़ी आर्थिक क्षति नहीं झेलनी पड़ती। गंदे पानी में उतरकर बचाया ज्वेलरी का सामान ज्वेलरी व्यापारी हरिओम वर्मा ने बताया कि देर रात उन्हें सूचना मिली कि नाला टूट गया है और तेजी से उनकी दुकान में पानी भर रहा है। सूचना मिलते ही वह घर से तुरंत कॉम्प्लेक्स पहुंचे। वहां पहुंचने पर दुकान के अंदर गंदा पानी भरा हुआ था।  उन्होंने कर्मचारियों के साथ मिलकर पानी में उतरकर अपनी दुकान का कीमती सामान बाहर निकाला। उन्होंने कहा कि यदि थोड़ी भी देर हो जाती तो नुकसान और अधिक हो सकता था। नगर निगम ने शुरू कराया पानी निकासी का काम घटना की सूचना मिलने के बाद नगर निगम की टीम मौके पर पहुंची और मोटर लगाकर पानी निकालने का काम शुरू किया। कर्मचारियों ने बताया कि कॉम्प्लेक्स में भरे पानी को पूरी तरह निकालने में करीब छह से सात घंटे का समय लग सकता है। साथ ही नाले में जमा कचरे को हटाने का काम भी शुरू कराया गया। पूरे दिन बंद रहा राप्ती कॉम्प्लेक्स पानी भरने के कारण शनिवार को पूरा राप्ती कॉम्प्लेक्स बंद रहा। किसी भी दुकान पर कारोबार नहीं हो सका। व्यापारी अपनी दुकानों के बाहर खड़े होकर पानी निकलने का इंतजार करते रहे, जब ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 18 Jul 2026 13:53:03 +0530</pubDate>
        <dc:creator>drajaysaini11</dc:creator>
        <media:keywords>गोखपुर, के, राप्ती, कॉम्प्लेक्स, में, बारिश, बनी, आफत:नाला, टूटते, ही, 200, दुकानों, में, घुसा, गंदा, पानी, करोड़ों, का, हुआ, नुकसान</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>जौहर विश्वविद्यालय के 48&amp;भवनों को गिराने के नोटिस पर विरोध:वाराणसी में एमआईएम ने राज्यपाल के नाम सौंपा ज्ञापन,बोले&amp;सरकार अपने संरक्षण में कराए पठन&amp;पाठन</title>
        <link>https://dhakarsamachar.in/जौहर-विश्वविद्यालय-के-48-भवनों-को-गिराने-के-नोटिस-पर-विरोधवाराणसी-में-एमआईएम-ने-राज्यपाल-के-नाम-सौंपा-ज्ञापनबोले-सरकार-अपने-संरक्षण-में-कराए-पठन-पाठन</link>
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        <description><![CDATA[ ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के महानगर अध्यक्ष मुख्तार अहमद अंसारी के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ताओं ने सोमवार को दोपहर 1 बजे जिला मुख्यालय पहुंचकर उत्तर प्रदेश के राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से सौंपा। ज्ञापन में रामपुर स्थित मौलाना मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय के 48 भवनों को ध्वस्त किए जाने संबंधी रामपुर विकास प्राधिकरण द्वारा जारी नोटिस को तत्काल वापस लेने की मांग की गई। जनता के सहयोग से बना जौहर विश्वविद्यालय मुख्तार अहमद अंसारी ने कहा - जौहर विश्वविद्यालय एक महत्वपूर्ण शैक्षणिक संस्थान है, जिसकी स्थापना सरकारी अनुदान और आम जनता के सहयोग से हुई है। उन्होंने कहा कि इस विश्वविद्यालय में सभी धर्मों, वर्गों और समुदायों के हजारों छात्र-छात्राएं शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं तथा बड़ी संख्या में शिक्षक और कर्मचारी कार्यरत हैं। ऐसे में विश्वविद्यालय के भवनों को अवैध बताते हुए उन्हें गिराने की कार्रवाई शिक्षा व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव डालेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि रामपुर विकास प्राधिकरण द्वारा 48 भवनों को अवैध बताकर जारी किया गया नोटिस विधिसम्मत नहीं है। उनका कहना था कि जिस समय विश्वविद्यालय की स्थापना और भवनों का निर्माण हुआ, उस समय संबंधित क्षेत्र विकास प्राधिकरण के अधिकार क्षेत्र में नहीं था। ऐसे में वर्षों बाद भवनों को अवैध बताकर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करना न्यायसंगत नहीं कहा जा सकता। राज्य सरकार से मांग की कि जौहर विश्वविद्यालय को संरक्षण प्रदान किया जाये मुख्तार अहमद अंसारी ने कहा - वर्ष 1973 में उत्तर प्रदेश में विकास प्राधिकरणों की स्थापना के बाद प्रदेश में अनेक विश्वविद्यालय, महाविद्यालय और शैक्षणिक संस्थान बने हैं। यदि भवन निर्माण के लिए नक्शा अथवा अन्य स्वीकृतियां आवश्यक थीं तो सरकार को प्रदेश के सभी शैक्षणिक संस्थानों के संबंध में समान नीति अपनानी चाहिए। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि प्रदेश के अन्य विश्वविद्यालयों और कॉलेजों के निर्माण की भी निष्पक्ष समीक्षा की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि विश्वविद्यालय के किसी भवन के निर्माण में तकनीकी या प्रशासनिक स्तर पर कोई कमी है तो सरकार को उसे ध्वस्त करने के बजाय नियमानुसार समाधान निकालना चाहिए, क्योंकि यह शिक्षा का केंद्र है और यहां हजारों विद्यार्थियों का भविष्य जुड़ा हुआ है। उन्होंने राज्य सरकार से मांग की कि जौहर विश्वविद्यालय को संरक्षण प्रदान किया जाए तथा वहां बेहतर शैक्षणिक व्यवस्था के लिए आवश्यक सहयोग और अनुदान उपलब्ध कराया जाए। एआईएमआईएम पूरे प्रदेश में लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से इस मुद्दे को उठाएगी आगे की रणनीति के संबंध में पूछे जाने पर मुख्तार अहमद अंसारी ने कहा कि एआईएमआईएम पूरे प्रदेश में लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से इस मुद्दे को उठाएगी। उन्होंने कहा कि पार्टी अध्यक्ष बैरिस्टर असदुद्दीन ओवैसी तथा प्रदेश नेतृत्व के निर्देशन में उत्तर प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर जनजागरण अभियान, ज्ञापन और शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे। यदि मांगों पर विचार नहीं किया गया तो संविधान और कानून द्वारा प्रदत्त लोकतांत्रिक अधिकारों के तहत आंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा। ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 18 Jul 2026 13:53:03 +0530</pubDate>
        <dc:creator>drajaysaini11</dc:creator>
        <media:keywords>जौहर, विश्वविद्यालय, के, 48-भवनों, को, गिराने, के, नोटिस, पर, विरोध:वाराणसी, में, एमआईएम, ने, राज्यपाल, के, नाम, सौंपा, ज्ञापन, बोले-सरकार, अपने, संरक्षण, में, कराए, पठन-पाठन</media:keywords>
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    <item>
        <title>कानपुर में बीटेक गोल्ड मेडलिस्ट ने फंदा लगाकर किया सुसाइड:अंग्रेजी में नोट लिखा&amp;50 बार प्रयास के बाद भी सफल नहीं हो पा रहा, माफ करना</title>
        <link>https://dhakarsamachar.in/कानपुर-में-बीटेक-गोल्ड-मेडलिस्ट-ने-फंदा-लगाकर-किया-सुसाइडअंग्रेजी-में-नोट-लिखा-50-बार-प्रयास-के-बाद-भी-सफल-नहीं-हो-पा-रहा-माफ-करना</link>
        <guid>https://dhakarsamachar.in/कानपुर-में-बीटेक-गोल्ड-मेडलिस्ट-ने-फंदा-लगाकर-किया-सुसाइडअंग्रेजी-में-नोट-लिखा-50-बार-प्रयास-के-बाद-भी-सफल-नहीं-हो-पा-रहा-माफ-करना</guid>
        <description><![CDATA[ मैंने 50 बार सरकारी नौकरी का प्रयास किया, लेकिन मैं सफल नहीं हो पा रहा था, पापा सॉरी मुझे माफ करना… अंग्रेजी में यह सुसाइड नोट लिखकर बीटेक गोल्ड मेडलिस्ट ने पंखे से फंदा लगाकर जान दे दी। शुक्रवार दोपहर करीब एक बजे नौकरानी घर में काम करने पहुंची थी। काफी देर तक दरवाजा न खुलने पर नौकरानी ने परिजनों और पुलिस को जानकारी दी। पुलिस दरवाजा तोड़कर घर में घुसी तो गोल्ड मेडलिस्ट का शव फंदे से लटकता मिला। घटना के समय मृतक के पिता व बाबा बड़े बेटे की शादी तय करने के लिए बिहार गए हुए थे। घटना की जानकारी पर परिजन कानपुर पहुंचे। वर्ष 2024 में PSIT से किया था पासआउट मूलरूप से बिहार के बक्सर निवासी राजकुमार लोहिया से रिटायर है। परिवार में दो बेटे अमित, आनंद कुमार (23) व बेटी प्रिया है। आनंद ने भौंती स्थित पीएसआईटी कॉलेज से 2024 में इलेक्ट्रिकल से बीटेक पास आउट किया था। स्टेट में तीसरा स्थान हासिल करने पर राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने 13 अगस्त 2024 को आनंद को गोल्ड मेडल से नवाजा था। जिसके बाद से आनंद सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहा था, वह सचेंडी स्थित एक कंपनी में प्राइवेट जॉब भी कर रहा था, जबकि बड़ा बेटा अमित और बेटी प्रिया बिहार के बक्सर जिले में सरकारी टीचर है। वह अपने भाई–बहनों की तरह सरकारी नौकरी करना चाहता था, लेकिन तमाम प्रयासों के बावजूद सरकारी नौकरी नहीं मिल रही थी। 17 जुलाई को नौकरानी के पहुंचने पर हुई जानकारी पिता राजकुमार ने बताया कि पांच दिन पहले वह बेटे अमित की शादी के लिए लड़की देखने के लिए बिहार गए थे, आनंद को भी उनके साथ जाना था, लेकिन ऐनवक्त पर उसने साथ जाने से मना कर दिया। 17 जुलाई को घर में काम के लिए नौकरानी पहुंची, लेकिन दरवाजा नहीं खुला। जिस पर उसने परिजनों और गोविंद नगर पुलिस को घटना की जानकारी दी। पुलिस दरवाजा तोड़ कर अंदर घुसी तो अंदर उसका शव पंखे से लटकता मिला। गोविंद नगर थाना प्रभारी अशोक कुमार दुबे ने बताया कि जांच के दौरान कमरे से अंग्रेजी में लिखा हुआ पांच लाइन का सुसाइड नोट मिला, जिसमें सात से आठ बार सॉरी लिखा हुआ था, सुसाइड नोट में लिखा था कि मैने 50 बार सरकारी नौकरी का प्रयास किया, लेकिन मैं सफल नहीं हो पा रहा था, पापा सॉरी मुझे माफ करना। प्रथम दृष्टया सरकारी नौकरी न लगने के कारण डिप्रेशन के चलते सुसाइड की जानकारी आ रही है। ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 18 Jul 2026 13:53:03 +0530</pubDate>
        <dc:creator>drajaysaini11</dc:creator>
        <media:keywords>कानपुर, में, बीटेक, गोल्ड, मेडलिस्ट, ने, फंदा, लगाकर, किया, सुसाइड:अंग्रेजी, में, नोट, लिखा-50, बार, प्रयास, के, बाद, भी, सफल, नहीं, हो, पा, रहा, माफ, करना</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>किशोर को सांप ने डसा, इलाज के दौरान मौत:परिजन झाड़&amp;फूंक के लिए ले गए दतिया, नहीं बचा सके जान</title>
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        <description><![CDATA[ अछल्दा थाना क्षेत्र के ग्राम लिधौरा में 13 वर्षीय अंश शाक्य की सर्पदंश से मौत हो गई। शुक्रवार सुबह हुई इस घटना के बाद परिजन उसे इलाज के लिए अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद पारिजन झाड़ फूँक के चक्कर में फंस गए। झाड़ फूँक के बाद परिजन शनिवार सुबह 11 बजे शव गांव लाए। जानकारी के अनुसार, शुक्रवार सुबह करीब आठ बजे अंश अपने घर के बाहर मोबाइल चला रहा था। इसी दौरान एक जहरीले सर्प ने उसके पैर में काट लिया। सर्पदंश के बावजूद वह अपनी मां और दादी के साथ धान की रोपाई के लिए खेत चला गया। करीब दो-तीन घंटे बाद खेत से लौटने पर अंश को चक्कर आने लगे। उसने अपनी मां स्वाति और दादी को सर्पदंश की जानकारी दी। इसके बाद परिजन उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अछल्दा ले गए। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉ. ललित मोहन ने अंश को प्राथमिक उपचार दिया, लेकिन उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे मेडिकल कॉलेज चिचौली रेफर कर दिया। मेडिकल कॉलेज में उपचार के दौरान चिकित्सकों ने अंश को मृत घोषित कर दिया।
 चिकित्सकों द्वारा मृत घोषित किए जाने के बावजूद, परिजन इस बात को स्वीकार नहीं कर सके। अंधविश्वास के चलते वे किशोर को झाड़-फूंक के लिए पहले जसवंतनगर, इटावा ले गए और फिर मध्य प्रदेश के रत्नगढ़ देवी मंदिर पहुंचे। रत्नगढ़ देवी मंदिर में करीब दो घंटे तक झाड़-फूंक की गई, लेकिन कोई लाभ नहीं हुआ और परिजन खाली हाथ घर लौट आए। इस बीच, मौत की सूचना मिलने के बाद परिजनों ने एक सपेरे को बुलाकर घटनास्थल पर सर्प की तलाश कराई। करीब 20 मिनट की खोजबीन के बाद सपेरे ने सर्प को पकड़कर एक डिब्बे में बंद कर दिया। मृतक अंश के पिता नीलेश शाक्य अहमदाबाद में मजदूरी करते हैं। अंश अपने दो भाइयों में बड़ा था। उसकी असमय मौत से परिवार में गहरा सदमा है और पूरे गांव में शोक का माहौल है। ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 18 Jul 2026 13:53:03 +0530</pubDate>
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        <title>शामली में समाधान दिवस में अधिकारी अनुपस्थित:सीएम योगी के निर्देशों के बाद भी फरियादी परेशान, जताई नाराजगी</title>
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        <description><![CDATA[ शामली में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कैराना दौरे के अगले दिन शनिवार को सदर तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में अधिकारियों की अनुपस्थिति पर किसानों और फरियादियों ने नाराजगी व्यक्त की। सुबह 11 बजे तक तहसील परिसर में केवल तहसीलदार ही मौजूद थीं, जबकि बड़ी संख्या में लोग अपनी शिकायतें लेकर पहुंचे थे। लगभग 11:10 बजे मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) विजेंद्र शुक्ला तहसील पहुंचे। हालांकि, समाचार लिखे जाने तक सदर एसडीएम सहित कई विभागों के अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे थे। अधिकारियों के इंतजार में फरियादियों को लंबे समय तक बैठना पड़ा। मौके पर मौजूद किसानों और क्षेत्रवासियों ने बताया कि शुक्रवार को कैराना में आयोजित जनसभा के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को जनता की समस्याओं का समयबद्ध और गंभीरता से निस्तारण करने के निर्देश दिए थे। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में यह भी कहा था कि पिछली सरकारों में अधिकारी देर से कार्यालय पहुंचते थे, जबकि वर्तमान सरकार में समयबद्ध कार्य संस्कृति पर जोर दिया गया है।
 मुख्यमंत्री के इन निर्देशों के ठीक अगले दिन सदर तहसील में समाधान दिवस के दौरान कई अधिकारियों के निर्धारित समय तक उपस्थित न होने पर लोगों ने गहरी नाराजगी जताई। किसानों का कहना था कि यदि समाधान दिवस जैसे महत्वपूर्ण कार्यक्रम में ही अधिकारी समय पर नहीं पहुंचेंगे, तो आम जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान कैसे संभव होगा। ग्रामीणों और किसानों ने मांग की कि संपूर्ण समाधान दिवस जैसे महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में सभी संबंधित अधिकारी निर्धारित समय पर उपस्थित रहें। इससे जनता की शिकायतों का मौके पर ही प्रभावी और समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जा सकेगा। ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 18 Jul 2026 13:53:03 +0530</pubDate>
        <dc:creator>drajaysaini11</dc:creator>
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        <title>719 घरों तक पहुंच रहा शुद्ध पेयजल:चित्रकूट में जल महोत्सव में ग्रामीणों ने लिया जल संरक्षण का संकल्प</title>
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        <description><![CDATA[ चित्रकूट जिले के मानिकपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत बराहमाफी में शनिवार को जल महोत्सव एवं जल अर्पण कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह आयोजन जल संरक्षण और हर घर तक सुरक्षित पेयजल पहुंचाने के उद्देश्य से किया गया था। ग्राम प्रधान की अध्यक्षता में हुए इस कार्यक्रम में ग्रामीणों को जल बचाने, जल स्रोतों की स्वच्छता बनाए रखने और सुरक्षित पेयजल के महत्व के प्रति जागरूक किया गया। बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम की शुरुआत जल वंदना से हुई, जिसके बाद जल पदयात्रा निकालकर पानी की प्रत्येक बूंद के महत्व का संदेश दिया गया। गांव में स्वच्छता अभियान चलाया गया और जल स्रोतों की साफ-सफाई पर विशेष जोर दिया गया। जागरूकता बैठक में लोगों को वर्षा जल संचयन, जल के विवेकपूर्ण उपयोग और जल स्रोतों के संरक्षण के उपायों की जानकारी दी गई। इस अवसर पर &quot;मेरा गांव – जल सुरक्षित भविष्य&quot; विषय पर विशेष ग्राम सभा का आयोजन भी हुआ, जिसमें ग्रामीणों ने जल संरक्षण को प्राथमिकता बनाने और जल की बर्बादी रोकने का सामूहिक संकल्प लिया। वक्ताओं ने कहा कि जल ही जीवन का आधार है और आने वाली पीढ़ियों के लिए जल संसाधनों का संरक्षण प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है।
 ग्राम प्रधान ने बताया कि ग्राम पंचायत बराहमाफी के बराहमाफी गांव में 549 और चूल्ही गांव में 170 घरों को नल कनेक्शन के माध्यम से नियमित रूप से शुद्ध पेयजल मिल रहा है। कुल 719 परिवारों तक स्वच्छ पेयजल पहुंचने से ग्रामीणों की हैंडपंप और अन्य पारंपरिक जल स्रोतों पर निर्भरता कम हुई है। इससे महिलाओं और बच्चों का समय बच रहा है, साथ ही जलजनित बीमारियों की रोकथाम में भी मदद मिल रही है। कार्यक्रम में जल निगम (ग्रामीण) के जूनियर इंजीनियर विजय शंकर यादव, जीवीपीआर फर्म के प्रोजेक्ट मैनेजर एस. मौर्य, यूनॉप्स के डिस्ट्रिक्ट हेड विद्यासागर गुप्ता सहित विभागीय अधिकारियों और ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों ने भाग लिया। उन्होंने ग्रामीणों से जल संरक्षण और पेयजल योजनाओं के बेहतर संचालन के लिए सामुदायिक सहभागिता बढ़ाने का आह्वान किया। अंत में, सभी ग्रामीणों ने जल बचाने और जल स्रोतों की स्वच्छता बनाए रखने की शपथ ली। ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 18 Jul 2026 13:53:03 +0530</pubDate>
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        <title>सहारनपुर से औवेसी भरेंगे हुंकार...2027 का करेंगे शंखनाद:मुस्लिम बाहुल्य इलाके में जनसभा, मुस्लिम मुद्दों के सहारे जनाधार बढ़ाने की कोशिश</title>
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        <description><![CDATA[ सहारनपुर में एआईएमआईएम (AIMIM) के राष्ट्रीय अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी शनिवार शाम करीब 6 बजे चिलकाना बस अड्डे के पास 62 फुट रोड स्थित मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्र में आयोजित विशाल जनसभा को संबोधित करेंगे। पार्टी इसे उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 के अभियान की शुरुआत के रूप में देख रही है। जनसभा को लेकर कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने तैयारियां तेज कर दी हैं। सभा स्थल पर मंच निर्माण, झंडे-बैनर लगाने और भीड़ प्रबंधन की व्यवस्थाएं अंतिम चरण में हैं। पश्चिमी यूपी के पार्टी अध्यक्ष मेहताब चौहान ने बताया कि जनसभा में हजारों लोगों के पहुंचने की संभावना है। उन्होंने कहा कि AIMIM भाजपा को रोकने के लिए समान विचारधारा वाले दलों के साथ गठबंधन के लिए तैयार है। यदि सम्मानजनक भागीदारी नहीं मिलती है तो पार्टी उत्तर प्रदेश की करीब 200 विधानसभा सीटों पर चुनाव लड़ने के लिए भी तैयार है। राजनीतिक रूप से ये जनसभा इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि ओवैसी अपने संबोधन में कांग्रेस सांसद इमरान मसूद को निशाने पर ले सकते हैं। पार्टी पहले ही उन पर परिवारवाद और मुस्लिम समाज से जुड़े मुद्दों पर प्रभावी आवाज नहीं उठाने के आरोप लगा चुकी है। इसके साथ ही ओवैसी शिक्षा, रोजगार, सुरक्षा, राजनीतिक भागीदारी और संवैधानिक अधिकारों जैसे मुद्दों को उठाकर मुस्लिम मतदाताओं को साधने की कोशिश कर सकते हैं। AIMIM इस जनसभा के जरिए पश्चिमी यूपी, खासकर सहारनपुर मंडल में संगठन को मजबूत करने और 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले खुद को एक मजबूत राजनीतिक विकल्प के रूप में स्थापित करने की रणनीति पर आगे बढ़ रही है। ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 18 Jul 2026 13:53:03 +0530</pubDate>
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        <title>गंगा जलस्तर में 17 सेंटीमीटर की गिरावट:उन्नाव में जलकुंभी का अंबार, कटान तेज होने से चिंता बढ़ी SDM ने व्यवस्था देखी</title>
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        <description><![CDATA[ उन्नाव में गंगा नदी के जलस्तर में पिछले एक सप्ताह से उतार-चढ़ाव जारी है। शुक्रवार और शनिवार को जलस्तर में गिरावट दर्ज की गई, लेकिन इसके बावजूद नदी का बहाव तेज बना हुआ है। गंगा में भारी मात्रा में जलकुंभी जमा होने लगी है, जबकि कई स्थानों पर कटान भी तेज हो गया है, जिससे तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है। केन्द्रीय जल आयोग के अनुसार, बुधवार शाम छह बजे गंगा का जलस्तर 110.580 मीटर था। इसके बाद इसमें लगातार कमी आई। शुक्रवार सुबह 10 बजे यह 110.520 मीटर, शाम छह बजे 110.380 मीटर और शनिवार सुबह 110.350 मीटर दर्ज किया गया। दोपहर 12 बजे तक जलस्तर स्थिर रहा। इस प्रकार, बीते 24 घंटे में गंगा के जलस्तर में कुल 17 सेंटीमीटर की गिरावट दर्ज की गई है। जलस्तर घटने के बावजूद नदी का बहाव अभी भी तेज बना हुआ है। आसपास के तालाबों, निचले क्षेत्रों और जलभराव वाले स्थानों का पानी गंगा में मिलने से बड़ी मात्रा में जलकुंभी नदी में बहकर आ रही है। कई घाटों और किनारों पर जलकुंभी का अंबार लग गया है, जिससे नावों के संचालन और घाटों पर आवाजाही करने वाले लोगों को परेशानी हो रही है।
 दूसरी ओर, गंगा के किनारे कई स्थानों पर कटान की रफ्तार भी बढ़ गई है। लगातार बदल रहे जलस्तर और तेज बहाव के कारण नदी किनारे की मिट्टी खिसक रही है। तटीय इलाकों के ग्रामीण स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और प्रशासन से कटान रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग कर रहे हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से गंगा के जलस्तर में लगातार हो रहे उतार-चढ़ाव के कारण स्थिति सामान्य नहीं हो पा रही है। जलस्तर में गिरावट के बावजूद नदी का स्वरूप अभी भी उफनती धारा जैसा दिखाई दे रहा है। ऐसे में लोग किसी भी संभावित बदलाव को लेकर सतर्क हैं। ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 18 Jul 2026 13:53:03 +0530</pubDate>
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        <title>अयोध्या में स्वास्थ्य विभाग 24 घंटे अलर्ट:तीन अगस्त से शुरू होगी कांवड़ यात्रा, थानों पर एंबुलेंस तैनात</title>
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        <description><![CDATA[ अयोध्या में श्रावण मास में होने वाली कांवड़ यात्रा और श्रावण झूला मेले के लिए स्वास्थ्य विभाग ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। बड़ी संख्या में आने वाले कांवड़ यात्रियों और श्रद्धालुओं को बेहतर चिकित्सा सुविधा देने के लिए सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र , प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और प्रमुख अस्पतालों को 24 घंटे सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। सौ बेड अस्पताल के सीएमएस डॉक्टर रवि पांडे ने बताया कि सभी तैयारियां पूरी कर ली गई है। तीन अगस्त से शुरू होने वाली कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालु सरयू स्नान के बाद नागेश्वरनाथ मंदिर में भगवान शिव का जलाभिषेक करने पहुंचते हैं। इस अवधि में जिले में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की आवाजाही रहती है। इसे देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने एक विशेष मास्टर प्लान तैयार किया है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल उपचार उपलब्ध कराया जा सके। सीएमओ ने निर्देश दिए हैं कि कांवड़ मार्ग पर पड़ने वाले सभी स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ और आवश्यक चिकित्सा उपकरण उपलब्ध रहें। मिल्कीपुर, सोहावल, रुदौली, जिला अस्पताल और श्रीराम चिकित्सालय के अलावा सीएचसी पूराबाजार, तरुण, मसौधा, बीकापुर सहित सभी संबंधित स्वास्थ्य केंद्रों को 24 घंटे सक्रिय रखने के आदेश दिए गए हैं। मार्ग पर स्थित पीएचसी भी लगातार सेवाएं प्रदान करेंगी। स्वास्थ्य विभाग ने सभी अस्पतालों में आवश्यक दवाओं, जीवनरक्षक औषधियों, प्राथमिक उपचार सामग्री और अन्य चिकित्सा संसाधनों का पर्याप्त स्टॉक रखने के निर्देश दिए हैं। इसके अतिरिक्त, कांवड़ यात्रा के दौरान प्रमुख थाना और कोतवाली परिसरों में एम्बुलेंस तैनात रहेंगी, ताकि किसी भी दुर्घटना, बीमारी या आपात स्थिति में मरीजों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया जा सके। सीएमओ डॉ. देवेंद्र कुमार भिटौरिया ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा और स्वास्थ्य विभाग की तत्परता सर्वोच्च प्राथमिकता है। सभी चिकित्सा इकाइयों को अलर्ट मोड पर रखा गया है और अधिकारियों को लगातार निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि कांवड़ यात्रा और श्रावण झूला मेला सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके। ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 18 Jul 2026 13:53:03 +0530</pubDate>
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        <title>सीएम योगी ने दूधेश्वर नाथ मंदिर में की पूजा:गाजियाबाद में सावन मास की व्यवस्थाओं का लिया जायजा, महंत से की चर्चा</title>
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        <description><![CDATA[ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार सुबह गाजियाबाद के प्राचीन दूधेश्वर नाथ महादेव मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। उन्होंने श्रावण मास के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए की गई व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया और मंदिर के महंत से चर्चा की। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सुबह मंदिर पहुंचे और भगवान शिव का जलाभिषेक किया। उन्होंने प्रदेश की सुख-समृद्धि और जनकल्याण की कामना करते हुए विशेष पूजा-अर्चना की। पूजा के बाद मुख्यमंत्री ने मंदिर परिसर का निरीक्षण किया। उन्होंने मंदिर प्रशासन और महंत से पेयजल, सुरक्षा, साफ-सफाई, यातायात, चिकित्सा सहायता सहित अन्य आवश्यक सुविधाओं की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने श्रावण मास में लाखों शिवभक्तों के आगमन को देखते हुए सभी व्यवस्थाएं सुचारु बनाए रखने के निर्देश दिए।
 मुख्यमंत्री ने मंदिर के महंत से भी मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने श्रावण मास में दर्शन-पूजन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या, उनकी सुविधाओं और मंदिर की धार्मिक परंपराओं पर विस्तार से बातचीत की। उन्होंने यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया कि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर जिला प्रशासन और पुलिस ने व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए थे। मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र में कड़े सुरक्षा प्रबंध किए गए थे, जबकि वरिष्ठ अधिकारी लगातार व्यवस्था की निगरानी कर रहे थे। प्रवेश मार्गों पर सुरक्षा जांच के साथ यातायात व्यवस्था भी सुचारु रखी गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को गाजियाबाद के मुरादनगर पहुंचे थे। वहां उन्होंने स्थानीय विधायक के स्वर्गीय पिता राजपाल त्यागी की प्रतिमा का अनावरण किया और कलेक्ट्रेट सभागार में विकास कार्यों एवं कानून-व्यवस्था की समीक्षा बैठक की थी। रात्रि विश्राम के बाद शनिवार सुबह उन्होंने दूधेश्वर नाथ मंदिर का दौरा किया। ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 18 Jul 2026 13:53:03 +0530</pubDate>
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        <title>मेरठ कलेक्ट्रेट बवाल: फरार ऋतिक जाटव का वीडियो वायरल:पुलिस हुई सतर्क, सोशल मीडिया एक्टिविटी की जांच जारी</title>
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        <description><![CDATA[ मेरठ कलेक्ट्रेट बवाल मामले में फरार चल रहे आरोपी ऋतिक जाटव उर्फ डिग्गी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस सतर्क हो गई है। पुलिस जिस आरोपी की तलाश में लगातार दबिश दे रही है, उसी के नाम से शनिवार को सोशल मीडिया पर वीडियो और अखबारों की कटिंग साझा की गई हैं। बवाल प्रकरण में नामजद ऋतिक जाटव की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। इसी बीच, सोशल मीडिया पर यह वीडियो तेजी से फैल गया, जिसे ऋतिक से जोड़कर साझा किया जा रहा है। वीडियो के साथ-साथ उसके नाम से समाचार पत्रों की कटिंग भी पोस्ट की गई हैं। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस अब इसकी प्रामाणिकता और स्रोत का पता लगाने में जुट गई है। जांच की जा रही है कि यह वीडियो कब और किस स्थान पर रिकॉर्ड किया गया था, तथा इसे किस सोशल मीडिया अकाउंट से अपलोड किया गया है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि वीडियो हाल का है या पुराना। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि वायरल सामग्री की तकनीकी जांच कराई जा रही है। सोशल मीडिया अकाउंट्स की भी गहन पड़ताल की जा रही है, ताकि पोस्ट करने वाले व्यक्ति और उसके स्रोत का पता लगाया जा सके। सीओ सिविल लाइन विश्व ज्योति राय ने कहा कि वायरल वीडियो की अभी तक पुष्टि नहीं हुई है। उन्होंने बताया कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। कलेक्ट्रेट बवाल मामले में फरार अन्य आरोपियों की तलाश भी लगातार जारी है। ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 18 Jul 2026 13:53:03 +0530</pubDate>
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        <title>नेशनल हाईवे पर कार ने ऑटो को टक्कर मारी:ऑटो पलटने से चालक सहित 6 लोग घायल, लोहिया अस्पताल में भर्ती</title>
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        <description><![CDATA[ फर्रुखाबाद के राजेपुर थाना क्षेत्र में शनिवार सुबह साढ़े दस बजे एक सड़क हादसे में ऑटो चालक सहित छह लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। इटावा-बरेली नेशनल हाईवे पर एक तेज रफ्तार कार ने आगे जा रहे ऑटो को पीछे से टक्कर मार दी, जिससे ऑटो अनियंत्रित होकर पलट गया। सभी घायलों को लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका उपचार जारी है। यह घटना शनिवार सुबह करीब 10:30 बजे हुई। शाहजहांपुर के अल्लाहगंज से यात्रियों को लेकर एक ऑटो फर्रुखाबाद के पांचाल घाट जा रहा था। जब ऑटो राजेपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत गांव गढ़िया के पास पहुंचा, तभी पीछे से आ रही तेज रफ्तार कार ने उसे टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि ऑटो सड़क किनारे पलट गया, जिससे मौके पर चीख-पुकार मच गई। राहगीरों ने तुरंत घटनास्थल पर पहुंचकर घायलों को ऑटो से बाहर निकाला। सूचना मिलने पर एंबुलेंस मौके पर पहुंची और सभी घायलों को उपचार के लिए लोहिया अस्पताल पहुंचाया। घायलों में कमालगंज थाना क्षेत्र के बसाईकपुर निवासी सुरजीत (डीसीएम चालक, हुल्लापुर से पांचाल घाट आ रहे थे), महमदपुर निवासी 28 वर्षीय बृजेश (जमापुर मोबाइल ठीक कराने आ रहे थे), इसी गांव के 60 वर्षीय राम बहादुर (पांचाल घाट सामान खरीदने आ रहे थे), महमदपुर गढ़िया निवासी राजेश (नेकपुर 84 स्थित बुआ के घर जा रहे थे) और टीला मसेनी निवासी शिवानी (भाभी को हुल्लापुर छोड़कर वापस आ रही थीं) शामिल हैं। ऑटो चालक राजेपुर थाना क्षेत्र के सीडरपुर निवासी 28 वर्षीय अनुज भी घायल हुए हैं। बताया गया कि टक्कर के बाद कार भी अनियंत्रित हो गई और सड़क किनारे लगी रेलिंग से जा टकराई। सभी घायलों का लोहिया अस्पताल में इलाज चल रहा है। इमरजेंसी में अफरा तफरी का रहा माहौल एक साथ बड़ी संख्या में लोहिया अस्पताल की इमरजेंसी में घायल जा पहुंचे। इससे इमरजेंसी में अफरा तफरी का माहौल हो गया। हालांकि ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक और फार्मासिस्ट ने व्यवस्था को संभाल। कहीं घायलों का तत्काल प्राथमिक उपचार शुरू किया और वार्ड में शिफ्ट करने की प्रक्रिया भी शुरू हुई।
मामले में सीओ अमृतपुर आलोक कुमार सिंह ने बताया हाईवे पर कार और ऑटो की टक्कर हुई थी। घायलों को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया। दोनों वाहनों को पुलिस ने कब्जे में लिए है। मामले की जांच की जा रही है। ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 18 Jul 2026 13:53:03 +0530</pubDate>
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        <title>भाजपा नेता ने जातिसूचक टिप्पणी पर दर्ज कराया केस:कानपुर में कांग्रेस नेता पर फेसबुक पोस्ट से अपमानजनक टिप्पणी, धमकी का आरोप</title>
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        <description><![CDATA[ कानपुर में सोशल मीडिया पर कथित जातिसूचक टिप्पणी और आपत्तिजनक पोस्ट को लेकर विवाद गहरा गया है। भाजपा नेता प्रदीप पाल उर्फ लालू पाल ने कांग्रेस नेता शीशू शुक्ला उर्फ सुधीर शुक्ला और अंकित कन्नौजिया सहित अन्य के खिलाफ अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम और सूचना प्रौद्योगिकी (संशोधन) अधिनियम की धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया है। इस बारे में शुक्रवार दोपहर 12:30 बजे लालू ने मीडिया को जानकारी दी। वहीं, पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। मालिक की बगिया, शिवकटरा निवासी भाजपा नेता प्रदीप कुमार पाल उर्फ़ लालू पाल ने अपनी शिकायत में बताया कि 16 तारीख की शाम करीब छह बजे लाल बंगला निवासी कांग्रेस नेता शीशू शुक्ला और अंकित कन्नौजिया ने पहले उनकी पत्नी के खिलाफ सार्वजनिक रूप से जातिसूचक और अपमानजनक टिप्पणी की। इसके बाद, अपनी फेसबुक आईडी से कथित तौर पर आपत्तिजनक पोस्ट साझा की, जिसमें अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया था। प्रदीप पाल का आरोप है कि सोशल मीडिया पर वायरल हुई इस पोस्ट से उनकी सामाजिक प्रतिष्ठा को ठेस पहुंची है। उन्होंने बताया कि पोस्ट देखने के बाद उनकी पत्नी मानसिक रूप से इतनी आहत हुईं कि उन्होंने आत्महत्या का प्रयास किया। शिकायत में यह भी कहा गया है कि फर्जी आईडी बनाकर लगातार अभद्र टिप्पणियां की जा रही हैं। इसके अतिरिक्त, आरोपी पक्ष से जुड़े अन्य लोगों ने पोस्ट का समर्थन किया और आरोपी के भाई पर जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप है। तहरीर के आधार पर चकेरी पुलिस ने मामले में अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम और सूचना प्रौद्योगिकी (संशोधन) अधिनियम सहित अन्य संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है। थाना प्रभारी अजय प्रकाश मिश्र ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 18 Jul 2026 13:53:03 +0530</pubDate>
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        <title>रवि किशन ने प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस बन पहली क्लास ली:DDU के स्टूडेंट्स से बोले&amp; हमरे क्लास में बदमाशी ना चली</title>
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        <description><![CDATA[ गोरखपुर के सांसद और एक्टर रवि किशन ने शनिवार को DDU में प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस के तौर पर ज्वाइन किया। ललित कला विभाग के नादायन हॉल में सुबह 11 बजे से उन्होंने पहली क्लास लिया। इस दौरान स्टूडेंट्स का परिचय जाना। उन्होंने भोजपुरी में कहा कि हमरे क्लास में बदमाशी ना चली, बत्तमीजी ना चली, क्लास में डिसिप्लिन चाही। उन्होंने आगे कहा कि हमेशा पेन और पेपर लेकर बैठना है। मेरी क्लास में फुल अटेंडेंस चाहिए। एक भी बच्चा नहीं आएगा तो ये मुझे पसंद नहीं आएगा। मैं जो भी बोलूंगा पॉइंटर बनाकर उसे नोट करना है। ताकि अगली बार मुझे भी याद दिला सकें। उन्होंने बताया कि अपने क्लास के बच्चों को वे फिजिकल एक्सरसाइज देंगे, संगीत में जरुरी जानकारी देंगे, पेंटिंग के बताएंगे, अलग- अलग तरह के टास्क देंगे। रवि किशन बोले- मेरी क्लासेज अद्भुत होंगी ये वचन देता हूं। कड़क हूं, कड़क सिखाऊंगा। अगर कुछ बनना है तो मेरी क्लास में आओ। ऐसा तरास दूंगा कि पूरे भारत में कोई ऐसे तरास नहीं पाएगा। जिंदगी के सभी रस जो सभी स्ट्रगल है मैं आपमें झोंक दूंगा। क्लास के दौरान कुछ स्टूडेंट्स ने रवि किशन से कुछ सवाल भी पूछें। जिसका उत्तर उन्होंने दिया। एक स्टूडेंट ने पूछा कि राजनीति और फिल्म इंडस्ट्री में किस तरह का चैलेंज फेस करना पड़ा। जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि दोनों ही फिल्ड चुनौतियों से भरा है। लेकिन मैंने कभी हार नहीं माना। एक्टर मैं अपने और परिवार के लिए बना और राजनीति लोगों की सेवा करने के लिए ज्वाइन किया। ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 18 Jul 2026 13:53:03 +0530</pubDate>
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        <title>चांदपुर में तेंदुए ने जर्मन शेफर्ड को बनाया निवाला:घर के आंगन से उठाकर ले गया, खेत में मिला अधखाया शव</title>
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        <description><![CDATA[ बिजनौर में चांदपुर रेंज के गांव रुस्तमपुर चक में तेंदुए के हमले की आशंका से ग्रामीणों में दहशत फैल गई है। किसान शूरवीर सिंह सिरोही का पालतू जर्मन शेफर्ड कुत्ता शनिवार सुबह चारे के खेत में मृत मिला। शव क्षत-विक्षत हालत में मिलने के बाद किसान ने आशंका जताई कि तेंदुआ उसे घर के आंगन से उठाकर जंगल की ओर ले गया और शिकार बना लिया। घटना की सूचना मिलते ही क्षेत्र में भय का माहौल बन गया। किसान शूरवीर सिंह ने बताया कि उनका घर जंगल के समीप है और जर्मन शेफर्ड नस्ल की मादा कुत्ता हमेशा घर के आंगन में रहती थी। शुक्रवार सुबह करीब चार बजे वह अचानक लापता हो गई। परिवार ने काफी तलाश की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला। शनिवार सुबह किसान जब चारे के खेत में पहुंचे तो वहां कुत्ते का क्षत-विक्षत शव पड़ा मिला। वन विभाग से तेंदुए को पकड़ने की मांग घटना के बाद किसान ने वन विभाग को सूचना देकर तेंदुए को जल्द पकड़ने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि आबादी के करीब तेंदुए की मौजूदगी लोगों और पालतू पशुओं के लिए बड़ा खतरा बनती जा रही है। उन्होंने क्षेत्र में वन विभाग की गश्त बढ़ाने और प्रभावी कार्रवाई करने की मांग की है। रेंजर बोले- टीम भेजकर कराई जा रही जांच चांदपुर रेंज के वन रेंजर दुष्यंत सिंह ने बताया कि किसान की सूचना प्राप्त हुई है। मामले की जांच के लिए वन विभाग की टीम को मौके पर भेजा गया है। टीम घटनास्थल का निरीक्षण कर रही है और जांच के बाद आगे की आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 18 Jul 2026 13:53:03 +0530</pubDate>
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        <title>सोशल मीडिया पर कमेंट से नाराज घर पर फायरिंग, 2गिरफ्तार:फतेहपुर में रंजिश में हुई फायरिंग, पुलिस ने हथियार बरामद किए</title>
        <link>https://dhakarsamachar.in/सोशल-मीडिया-पर-कमेंट-से-नाराज-घर-पर-फायरिंग-2गिरफ्तारफतेहपुर-में-रंजिश-में-हुई-फायरिंग-पुलिस-ने-हथियार-बरामद-किए</link>
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        <description><![CDATA[ फतेहपुर में सोशल मीडिया पर की गई टिप्पणी को लेकर रंजिश में एक घर पर फायरिंग करने के आरोप में दो युवकों को गिरफ्तार किया गया है। थाना कोतवाली पुलिस ने शुक्रवार-शनिवार की दरमियानी रात करीब 1 बजे इन आरोपियों को पकड़ा। पुलिस ने उनके पास से अवैध तमंचा, कारतूस और घटना में इस्तेमाल की गई स्कूटी बरामद की है। कोतवाली प्रभारी हेमंत कुमार मिश्रा ने बताया कि खलील नगर निवासी शाहिद अली (41 वर्ष) पुत्र स्व. मोहम्मद अली ने थाना कोतवाली में तहरीर दी थी। उन्होंने बताया था कि दो अज्ञात लोगों ने उनके घर की तरफ निशाना साधकर फायर किया है। इस शिकायत के आधार पर थाना कोतवाली में मु0अ0सं0 293/2026 धारा 125 BNS के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। विवेचना के दौरान पुलिस ने दो अभियुक्तों, राहिल हसन (20 वर्ष) पुत्र स्व. आबिद हसन और मोहम्मद अजीम (22 वर्ष) पुत्र निहाल अहमद, दोनों निवासी 333 उत्तरी खेलदार, थाना कोतवाली को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि अर्सलान ने राहिल हसन और उसके साथियों के खिलाफ पहले एक मुकदमा दर्ज कराया था। उस मुकदमे से जुड़ी खबरें सोशल मीडिया पर वायरल हुई थीं, जिस पर अर्सलान और उसके साथी टिप्पणियां कर रहे थे। इसी बात से नाराज होकर आरोपियों ने बदले की भावना से अर्सलान और उसके साथियों में भय पैदा करने की साजिश रची। योजना के तहत, अजीम ने अरीब हसनी से स्कूटी (UP71BH4432) मांगी। इसके बाद दोनों शाहिद अली के मकान पर पहुंचे, जहां अर्सलान किराएदार के रूप में रहता है। अजीम स्कूटी चला रहा था, जबकि पीछे बैठे राहिल हसन ने तमंचे से फायर किया था। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक अवैध तमंचा 315 बोर, एक जिंदा कारतूस 315 बोर, एक खोखा कारतूस 315 बोर और घटना में प्रयुक्त स्कूटी बरामद की। बरामदगी के आधार पर मुकदमे में धारा 3/25 आर्म्स एक्ट और 27(1) आर्म्स एक्ट की बढ़ोतरी की गई है। दोनों आरोपी पहले से आपराधिक प्रवृत्ति के हैं। उनके खिलाफ थाना कोतवाली में BNS और आर्म्स एक्ट की धाराओं में पहले से भी मुकदमे दर्ज हैं। गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों को जेल भेजने की कार्यवाही की गई है। ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 18 Jul 2026 13:53:03 +0530</pubDate>
        <dc:creator>drajaysaini11</dc:creator>
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        <title>खटीक संघ ने सोनम वांगचुक के समर्थन में प्रदर्शन किया:मेरठ डीएम ऑफिस में ज्ञापन सौंपा, बोले&amp; धरना खत्म कराना लोकतंत्र की हत्या</title>
        <link>https://dhakarsamachar.in/खटीक-संघ-ने-सोनम-वांगचुक-के-समर्थन-में-प्रदर्शन-कियामेरठ-डीएम-ऑफिस-में-ज्ञापन-सौंपा-बोले-धरना-खत्म-कराना-लोकतंत्र-की-हत्या</link>
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        <description><![CDATA[ मेरठ में खटीक संघ ने सोनम वांगचुक के समर्थन में जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन किया। संघ ने दिल्ली पुलिस द्वारा सोनम वांगचुक को कथित हिरासत में लिए जाने को लोकतंत्र की हत्या बताया। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारी को एक ज्ञापन भी सौंपा। खटीक संघ के सदस्यों ने बताया कि सोनम वांगचुक दिल्ली के जंतर मंतर पर अपनी भूख हड़ताल के 10वें दिन कथित तौर पर दिल्ली पुलिस की हिरासत में लिए गए। संघ का आरोप है कि यह कार्रवाई लोकतंत्र की मर्यादा और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का हनन है। उन्होंने कहा कि धरना स्थल पर सब कुछ शांतिपूर्ण ढंग से चल रहा था, और संघ ने इसे दिल्ली पुलिस की मनमानी बताया। खटीक संघ के जिलाध्यक्ष एडवोकेट उमाशंकर के नेतृत्व में कार्यकर्ता जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे। ज्ञापन में केंद्र सरकार से इस मामले में हस्तक्षेप करने और सोनम वांगचुक को तत्काल दिल्ली पुलिस की कथित हिरासत से मुक्त करने की मांग की गई। संघ ने सरकार से आंदोलनकारियों के साथ संवाद और वार्ता शुरू करने का भी आग्रह किया। इस दौरान जीतू सिंह नागपाल, हरप्रीत सिंह आहूजा, शुभनीश खटीक, ओम प्रकाश खटीक, रवि खटीक, सचिन खटीक, अजय, अनिल, अजय बिल्टोरिय, इमरान समेत कार्यकर्त्ता मौजूद रहे। ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 18 Jul 2026 13:53:03 +0530</pubDate>
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        <title>आगरा में व्यापारियों की बैठक, पुलिस गश्त की मांग:बाजार में साफ&amp;सफाई, अतिक्रमण हटाने पर भी चर्चा</title>
        <link>https://dhakarsamachar.in/आगरा-में-व्यापारियों-की-बैठक-पुलिस-गश्त-की-मांगबाजार-में-साफ-सफाई-अतिक्रमण-हटाने-पर-भी-चर्चा</link>
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        <description><![CDATA[ उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल ने शनिवार सुबह अकोला के जगनेर रोड स्थित कस्बा अकोला में व्यापारियों की समस्याओं पर एक बैठक आयोजित की। यह बैठक जिला अध्यक्ष अनिल शर्मा और अकोला इकाई के अध्यक्ष विष्णु अग्रवाल के नेतृत्व में हुई। इस बैठक में थाना कागारोल प्रभारी अंकुर राठी अपनी पुलिस टीम के साथ और ग्राम पंचायत अकोला के प्रधान प्रतिनिधि डॉ. गंभीर सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। बैठक के दौरान व्यापारियों ने कस्बे में नियमित पुलिस गश्त, बाजार की साफ-सफाई, प्रमुख चौराहों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने, बंदरों के आतंक से निजात दिलाने और अतिक्रमण हटाने जैसी प्रमुख मांगें उठाईं। थाना प्रभारी अंकुर राठी ने व्यापारियों से दुकानों के बाहर सामान न रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि सभी के सहयोग से अतिक्रमण की समस्या का समाधान संभव है। राठी ने नियमित पुलिस गश्त का भी आश्वासन दिया। प्रधान प्रतिनिधि डॉ. गंभीर सिंह ने बाजार में साफ-सफाई व्यवस्था सुधारने, दुकानों पर डस्टबिन रखने और सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाने का आग्रह किया। उन्होंने बंदरों की समस्या के समाधान के लिए भी शीघ्र कार्रवाई का भरोसा दिलाया। मुख्य अतिथि एवं व्यापार मंडल के जिला अध्यक्ष अनिल शर्मा ने आश्वासन दिया कि व्यापारियों की सभी जायज समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यापारी के हितों से समझौता नहीं होगा। बैठक में राजपाल सिंघल, मनीराम वैश्य, ब्रजेंद्र वर्मा, किशनलाल सिंघल, प्रवेश साहू, गर्वित सिंघल, वीरेंद्र कांत, कमलेश चौधरी, पवन कुमार, मोहित अग्रवाल, सतीश कुमार, पुष्पा शर्मा सहित व्यापार मंडल के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में व्यापारी उपस्थित रहे। ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 18 Jul 2026 13:53:03 +0530</pubDate>
        <dc:creator>drajaysaini11</dc:creator>
        <media:keywords>आगरा, में, व्यापारियों, की, बैठक, पुलिस, गश्त, की, मांग:बाजार, में, साफ-सफाई, अतिक्रमण, हटाने, पर, भी, चर्चा</media:keywords>
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        <title>उन्नाव की पोनी रोड पर अतिक्रमण हटाना शुरू:सड़क चौड़ीकरण के लिए भारी पुलिस बल तैनात, काम तेज</title>
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        <description><![CDATA[ उन्नाव के गंगाघाट क्षेत्र की पोनी रोड पर सड़क चौड़ीकरण के लिए अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शनिवार को शुरू हुई। भारी पुलिस बल की मौजूदगी में बुलडोजर की मदद से सड़क की जद में आ रहे मकानों और अन्य निर्माणों को हटाया गया। यह कार्रवाई शुक्रवार को स्थानीय लोगों के विरोध के कारण रोकनी पड़ी थी। हालांकि, शनिवार को सुरक्षा व्यवस्था के बीच लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की टीम ने अभियान को आगे बढ़ाया। पोनी रोड के चौड़ीकरण को लेकर बीते रविवार को हुई बैठक में नौ मीटर के बजाय आठ मीटर चौड़ी सड़क बनाने पर सहमति बनी थी। इसी निर्णय के अनुपालन में शुक्रवार सुबह करीब साढ़े नौ बजे पीडब्ल्यूडी के जूनियर इंजीनियर नवीन मंत्रा जेसीबी मशीन और अन्य कर्मचारियों के साथ अतिक्रमण हटाने पहुंचे थे। जैसे ही टीम ने कार्रवाई शुरू करने की तैयारी की, बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर पहुंच गए और विरोध प्रदर्शन करने लगे। पीडब्ल्यूडी के जेई नवीन मंत्रा ने आरोप लगाया था कि कुछ लोगों ने सरकारी कार्य में बाधा डालते हुए टीम के साथ गाली-गलौज और अभद्रता की। इसके बाद कार्रवाई स्थगित करनी पड़ी और पुलिस को घटना की सूचना दी गई। प्रशासन ने शनिवार को व्यापक सुरक्षा व्यवस्था के साथ अभियान चलाने की तैयारी की। सुबह करीब 11 बजे पीडब्ल्यूडी की टीम बुलडोजर और अन्य संसाधनों के साथ दोबारा मौके पर पहुंची। इस दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा ताकि किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो। पुलिस की निगरानी में सड़क चौड़ीकरण की जद में आ रहे निर्माणों को हटाने की कार्रवाई शुरू की गई। अधिकारियों ने बताया कि सड़क चौड़ीकरण का उद्देश्य क्षेत्र में यातायात व्यवस्था को सुगम बनाना और लंबे समय से चली आ रही जाम की समस्या का समाधान करना है। कार्रवाई के दौरान राजस्व और पीडब्ल्यूडी के अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे और पूरे अभियान की निगरानी करते रहे। प्रशासन ने कहा है कि यह परियोजना जनहित से जुड़ी है और इसे निर्धारित मानकों के अनुसार पूरा कराया जाएगा। 

 वहीं, स्थानीय लोगों से भी शांति बनाए रखने और प्रशासनिक कार्रवाई में सहयोग करने की अपील की गई है। अधिकारियों के अनुसार, आवश्यकता पड़ने पर आगामी दिनों में भी अतिक्रमण हटाने का अभियान जारी रहेगा। ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 18 Jul 2026 13:53:03 +0530</pubDate>
        <dc:creator>drajaysaini11</dc:creator>
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        <title>कानपुर में फर्जी प्लॉट सौदे में 12 पर केस:केडीए के नकली आवंटन पत्र से 18 लाख की ठगी का आरोप</title>
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        <description><![CDATA[ कानपुर के कल्याणपुर में जमीन की खरीद-फरोख्त के नाम पर बड़ी धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। केडीए के कथित फर्जी आवंटन पत्र, नकली स्टांप पेपर और जाली दस्तावेजों के जरिए प्लॉट का सौदा कर 18 लाख रुपये की ठगी करने के आरोप में पुलिस ने दंपति समेत 12 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।  पुलिस आयुक्त के निर्देश पर कल्याणपुर पुलिस ने धोखाधड़ी, जालसाजी, कूटरचना, आपराधिक षड्यंत्र और जान से मारने की धमकी सहित गंभीर धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।  केडीए का आवंटित प्लॉट बताकर बेचने का प्रस्ताव दिया कल्याणपुर के इंद्रानगर निवासी विष्णु प्रसाद दुबे ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि गौरव शुक्ला और उसकी पत्नी जागृति शुक्ला ने उन्हें प्लॉट संख्या सी-1/173 को केडीए का आवंटित प्लॉट बताकर बेचने का प्रस्ताव दिया। भरोसा दिलाने के लिए उन्हें केडीए का कथित आवंटन पत्र और अन्य दस्तावेज दिखाए गए। सौदा तय होने पर आरोपियों ने सबसे पहले एक लाख रुपये बयाने के रूप में ले लिए। पीड़ित के अनुसार बाद में उन्हें ग्वालटोली स्थित आवास पर बुलाया गया, जहां प्रमोद शुक्ला, रमन जोशी और आशुतोष मिश्रा भी मौजूद थे। वहां उनसे डेढ़ लाख रुपये और ले लिए गए। इसके बाद विजयनगर स्थित अधिवक्ता रमाथ्र के आवास पर बुलाकर सीमा श्रीवास्तव, रुचि श्रीवास्तव, प्रशांत श्रीवास्तव और सुमित श्रीवास्तव को प्लॉट का वास्तविक स्वामी बताकर परिचय कराया गया। आरोप है कि इसी दौरान जागृति शुक्ला की मां रमा जोशी ने पूरी धनराशि बैंक खातों में ट्रांसफर करने के लिए कहा। पीड़ित ने पांच लाख रुपये जागृति शुक्ला के खाते में तथा करीब दस लाख रुपये सीमा श्रीवास्तव के खाते में अलग-अलग किस्तों में ऑनलाइन भेज दिए। अन्य भुगतान मिलाकर आरोपियों को कुल 18 लाख रुपये दिए गए। पूरी रकम मिलने के बाद एक एग्रीमेंट तैयार कर पीड़ित को सौंप दिया गया। कब्जा लेने पहुंचे तो खुली फर्जीवाड़े की पोल पीड़ित जब प्लॉट पर कब्जा लेने पहुंचे तो उन्हें एग्रीमेंट और दस्तावेजों पर संदेह हुआ। जांच कराने पर पता चला कि एग्रीमेंट नकली स्टांप पेपर पर तैयार किया गया था। इसके साथ लगाए गए केडीए के कथित आवंटन पत्र और अन्य दस्तावेज भी फर्जी निकले।  इसके बाद उन्होंने आरोपियों से अपने रुपये वापस मांगे, लेकिन उन्हें लगातार टालमटोल किया जाता रहा। पीड़ित का आरोप है कि बाद में अधिवक्ता रमाथ्र के माध्यम से दो लाख रुपये तथा हिरदेश सिंह की ओर से 80 हजार रुपये का चेक दिया गया, लेकिन पूरी रकम वापस नहीं की गई। जब उन्होंने पुलिस में शिकायत करने की बात कही तो आरोपियों ने पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी दी।

दंपति समेत 12 नामजद, पुलिस ने शुरू की जांच डीसीपी पश्चिम एस.एम. कासिम आबिदी ने बताया कि मामले में गौरव शुक्ला, जागृति शुक्ला, प्रमोद शुक्ला, रमन जोशी, आशुतोष मिश्रा, सीमा श्रीवास्तव, रुचि श्रीवास्तव, प्रशांत श्रीवास्तव, सुमित श्रीवास्तव, रमा जोशी, अधिवक्ता रमाथ्र और हिरदेश सिंह के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस पूरे प्रकरण की जांच कर रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 18 Jul 2026 13:53:03 +0530</pubDate>
        <dc:creator>drajaysaini11</dc:creator>
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        <title>भाई को पढ़ाने के लिए होटलों में काम किया:सेना में जाने का सपना छोड़ा; मां ने मजदूरी कर पढ़ाया; पढ़िए री&amp;नीट की सफलता की कहानियां</title>
        <link>https://dhakarsamachar.in/भाई-को-पढ़ाने-के-लिए-होटलों-में-काम-कियासेना-में-जाने-का-सपना-छोड़ा-मां-ने-मजदूरी-कर-पढ़ाया-पढ़िए-री-नीट-की-सफलता-की-कहानियां</link>
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        <description><![CDATA[ बाड़मेर में अपने भाई को डॉक्टर बनाने के सपना देखने वाले भाइयों ने मजदूरी की तो किसी ने सेना में जाने का सपना छोड़ कर पत्थर उठाए।  किसी के पिता की मौत हुई तो मां ने मजदूरी कर बेटे को नीट की तैयारी करवाई।  किसी ने 10 वीं के बाद पढ़ाई छोड़ी और टीचर के कहने पर फिर से शुरुआत की। आज री-नीट के सफल स्टूडेंट्स की लिस्ट में इनका नाम है।  पढ़िए बाड़मेर से री-नीट में सफल होने वाले स्टूडेंट्स की कहानियां… बाड़मेर की फिफ्टी विलेजर्स सेवा संस्थान में पढ़ने वाले 4 स्टूडेंट्स ने नीट परीक्षा पास की है। ये संस्थान गरीब बच्चों को निशुल्क शिक्षा देता है।  हालही में नीट रिजल्ट जारी हुआ है। इसमें मगाराम ने नीट में ऑल इंडिया 27279वीं रैंक हासिल की है। वहीं, पोलाराम की 1041वीं रैंक आई है।  इसके साथ ही लाखाराम ने ऑल इंडिया 15283 रैंक प्राप्त की है। सवाईसिंह ने नीट में ऑल इंडिया में 15039वीं रैंक हासिल की है।  सभी ने पहली बार में ही सफलता हालिस कर संस्था और परिवार का नाम रोशन किया है।  पढ़िए NEET में सफल स्टूडेंट्स की कहानी… मुझे पढ़ाने के लिए भाई ने अपनी पढ़ाई छोड़ी मगाराम ने नीट में ऑल इंडिया 27279वीं रैंक हासिल की है। 564 नंबर आए है। मगाराम ने 10वीं सरकारी स्कूल पचपदरा से की। मगाराम ने बताया- मैं जब 3 दिन का था मेरे पिताजी की रोड एक्सीडेंट में डेथ हो गई थी। उसके बाद घर की सारी जिम्मेदारी मेरे मां पर आ गई थी। मां ने दिहाड़ी मजदूरी करने के साथ नरेगा में काम करके हम दोनों भाइयों को पढ़ाया। 10वीं करने के बाद बड़े भाई ने मुझे पढ़ाने के लिए अपनी पढ़ाई तक छोड़ दी। गुजरात जाकर बोरियां डालने का काम करने लगा। मगाराम ने आगे बताया- भाई को 15-20 हजार रुपए के आसपास मजदूरी मिलती थी। हम दो भाई और दो बहने है। बहनें ससुराल रहती है। डॉक्टर बनने के बाद जब भी मैं आऊंगा तो गांव में ही ड्यूटी लूंगा। गांव के लोगों की सेवा करूंगा। हमारे गांव में हेल्थ की सुविधा नहीं थी। उसको देखकर मैंने मन में ठान लिया कि मुझे डॉक्टर बनना है। मेरा सपना है कि मैं न्यूरोलॉजिस्ट बनने का सपना है। पिता बीमार रहते, मां का निधन हुआ नीट में 1041 रैंक हासिल करने वाले पोलाराम ने बताया- 10वीं मैंने गांव की सरकारी स्कूल से की थी। तब मुझे चूनाराम सर ने फिफ्टी विलेजर्स संस्थान के बारे में बताया। मैंने वहां पर फॉर्म भरा। फिर हमारे घर और आर्थिक स्थिति का वेरिफिकेशन किया गया। इसके बाद मेरा सलेक्शन हुआ। यहां पर फ्री में रहना, पढ़ना और रहना हो गया। दो साल में 11 और 12वीं की। फिर नीट की तैयारी की इस बार मेरा सलेक्शन हो गया। यहां पर तीन साल तैयारी की। दसवी 85 प्रतिशत नंबर आए थे। पोलाराम का कहना है कि मेरे पिता जी की उम्र 65 साल है। वो मजदूरी पर जा नहीं पा रहे। मां का देहांत साल 2021 में हो गया था। साल 2023 में मेरे भाई ने 12वीं की और कमाने वाला कोई नहीं था। भाई ने होटल पर मजदूरी करना शुरू की और मैं यहां पर पढ़ने के लिए यहां पर आ गया। मेरी चार बहने है तीन ससुराल जाती है और सबसे छोटी बहन घर का काम करती है। बड़े भाई ने कहा कि मैं मजदूरी पर चला जाता हूं, तूं पढ़ाई कर लें। हम दोनों ही पढ़ाई में होशियार थे। उसका सेना में जाने का सपना था और तैयारी कर रहा था। अग्निवीर दौड़ में रह गया था। फिर उसने तैयार की नहीं और घर की स्थिति खराब थी। कोचिंग जाकर हम पढ़ नहीं सकते है वहां पर लाखों रुपए लगते है। इतनी हमारी इनकम नहीं है। मैं यह नहीं सोचा कि मैं टॉप एक हजार के पास पहुंच जाऊंगा। मेरी रैक ऑल इंडिया में 1041 आई है। कैटगरी रैक 341 आई है। मेरा सपना डॉक्टर बनने के साथ अच्छा इंसान बनने का सपना था। पोलाराम ने कहा- मां की डेथ के बाद बड़ा दुख हुआ। कमाने वाला कोई नहीं था, लगा कि पढ़ाई छूट जाएगी। घर की स्थिति खराब थी। मजदूरी करने वाला बनेगा डॉक्टर लाखाराम ने नीट में ऑल इंडिया 15283 रैंक हासिल की है। ओबीसी रैंक 7120 रही। लाखाराम ने बताया- मेरी बहन के ससुराल में मैंने 5वीं तक पढ़ाई की। उसके बाद मेरे घर से 7 किलोमीटर दूर सरकारी स्कूल बोथिया जागीर स्कूल से 10वीं तक पढ़ाई की। टीचर महेश कुमार गुर्जर ने मेरा बहुत सपोर्ट किया। उन्होंने मुझे फिफ्टी विलेजर्स संस्थान के बारे में बताया। साल 2023 से अब तक 11वीं, 12वी पास की है। नीट रिजल्ट को क्रेक किया। लाखाराम ने मेरे पिता तुलसाराम जी किसान है पहले गुजरात में बोरियां डालने का काम करते थे। इसके बाद भाग्यम वेलपेड पर काम करते थे। वहां 11-12 हजार सैलेरी थी। 9 भाई बहन है। बहने ससुराल जाती है। तीन भाइयों ने घर की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण पढ़ाई छोड़ दी थी। मजदूर करते है। लाखाराम ने कहां- गर्मी की छुटिट्यों में डेढ़ माह तक कमठा मजदूरी की। उस समय मुझे 350 रुपए मिलते थे। मेरा सलेक्शन बीकानेर फिफ्टी विलेजर्स में हुआ था। एक साल रहने के बाद मेरी तबीयत बिगड़ने के बाद मुझे बाड़मेर विफ्टी विलेजर्स में आ गया। यहां पर पढ़ाई 10-12 घंटे पढ़ाई हो जाती है। मुझे जितनी उम्मीद थी उससे मेरे कम नंबर आए है। लाखाराम के 10वीं 84 प्रतिशत और 12वीं 87.80 प्रतिशत नंबर प्राप्त किए है। नीट में 586 नंबर आए है। 10वीं के बाद पढ़ाई छुटी, संस्थान ने नया जीवन दिया सवाईसिंह ने नीट में ऑल इंडिया में 15039वीं रैंक हासिल की है। EWS में 1709वीं रैंक आई है। 587 नंबर आए है। मेरे परिवार में 6 भाई बहनें है। इसमें चार बहनों की शादी हो रखी है। वहीं एक छोटी बहन है। मेरे पिता का देहांत 24 जून 2023 को गया था। इससे पहले पिता पैर से विकलांग थे। 10वीं के बाद मेरी पढ़ाई छूट गई। मैंने मजदूरी भी की, लेकिन मेरे टीचरों ने मुझे संस्थान के बारे में बताया। वहां पर मेरा एडमिशन हो गया। ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 18 Jul 2026 13:51:50 +0530</pubDate>
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        <title>दूधेश्वर वेद विद्यालय का रजत जयंती समारोह:25 सालों की यात्रा का सफर दिखाया; वैदिक शिक्षा, सनातन संस्कृति के संरक्षण का दिया संदेश</title>
        <link>https://dhakarsamachar.in/दूधेश्वर-वेद-विद्यालय-का-रजत-जयंती-समारोह25-सालों-की-यात्रा-का-सफर-दिखाया-वैदिक-शिक्षा-सनातन-संस्कृति-के-संरक्षण-का-दिया-संदेश</link>
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        <description><![CDATA[ गाजियाबाद स्थित सिद्धपीठ श्री दूधेश्वर नाथ मठ महादेव मंदिर परिसर में दूधेश्वर वेद विद्यालय संस्थान का रजत जयंती समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर श्री राणी भटियाणी मंदिर संस्थान, जसोल के अध्यक्ष रावल किशन सिंह जसोल मुख्य अतिथि और भाजपा राजस्थान के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य हरिशचंद्र सिंह जसोल विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। मुख्य अतिथि किशन सिंह जसोल ने गुरुकुल शिक्षा को राष्ट्र निर्माण का सशक्त आधार बताया। विशिष्ट अतिथि हरिशचंद्र सिंह जसोल ने संस्कारयुक्त शिक्षा के विस्तार पर बल दिया। समारोह की अध्यक्षता सिद्धपीठ श्री दूधेश्वर नाथ मठ महादेव मंदिर के पीठाधीश्वर, जूना अखाड़ा के अंतरराष्ट्रीय प्रवक्ता और दूधेश्वर वेद विद्यालय संस्थान के संस्थापक अध्यक्ष महंत नारायण गिरि महाराज ने की। इस अवसर पर देशभर से आए संत-महात्मा, धर्माचार्य, शिक्षाविद, जनप्रतिनिधि और विशिष्ट अतिथि भी मौजूद रहे। विद्यालय के 25 सालों की यात्रा दिखाई
कार्यक्रम का शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चार, दीप प्रज्ज्वलन, मंगलाचरण, राष्ट्रगान और सरस्वती वंदना के साथ हुआ। दूधेश्वर वेद विद्यालय के छात्रों ने वैदिक परंपरा और भारतीय संस्कृति पर आधारित स्वागत गीत प्रस्तुत कर अतिथियों का अभिनंदन किया। एक चलचित्र के माध्यम से स्कूल की स्थापना से लेकर अब तक की 25 वर्षों की यात्रा, प्रमुख उपलब्धियों, वैदिक शिक्षा के क्षेत्र में किए गए कार्यों और समाजसेवा से जुड़े विभिन्न प्रकल्पों का प्रभावशाली प्रस्तुतीकरण किया गया। समारोह में दूधेश्वर वेद विद्यालय संस्थान की रजत जयंती स्मारिका का विधिवत विमोचन भी किया गया। स्मारिका में संस्थान की गौरवपूर्ण यात्रा, वैदिक शिक्षा के विविध आयाम, संतों के प्रेरक संदेश, छात्रों की उपलब्धियां और संस्थान के विकास का विस्तृत विवरण प्रकाशित किया गया है। मुख्य अतिथि किशन सिंह जसोल ने अपने उद्बोधन में कहा कि भारत की आत्मा उसकी सनातन संस्कृति, ऋषि परंपरा, वैदिक ज्ञान एवं गुरुकुल शिक्षा व्यवस्था में निहित है। संस्कारयुक्त शिक्षा से ही श्रेष्ठ नागरिक, सुदृढ़ समाज और समर्थ राष्ट्र का निर्माण संभव है। दूधेश्वर वेद विद्यालय संस्थान छात्रों को वेद, शास्त्र एवं संस्कृत के अध्ययन के साथ धर्म, अनुशासन, चरित्र, सेवा, कर्तव्यबोध और राष्ट्रभक्ति के संस्कार प्रदान कर रहा है। उन्होंने कहा कि परम पूज्य श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज ने अपने तप, त्याग, दूरदर्शी नेतृत्व एवं सतत पुरुषार्थ से वैदिक शिक्षा के संरक्षण का जो महायज्ञ प्रारम्भ किया, वो आज विशाल स्वरूप प्राप्त कर चुका है। विद्यालय के विद्यार्थी देश-विदेश में भारतीय संस्कृति एवं सनातन परंपरा का गौरव बढ़ा रहे हैं। ऐसे गुरुकुल भारत को पुनः विश्वगुरु बनाने के संकल्प को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। विशिष्ट अतिथि हरिशचंद्र सिंह जसोल ने कहा कि वैदिक शिक्षा भारतीय ज्ञान परंपरा, सांस्कृतिक चेतना और राष्ट्र निर्माण की आधारशिला है। दूधेश्वर वेद विद्यालय संस्थान में विद्यार्थियों का शैक्षिक, आध्यात्मिक, सांस्कृतिक एवं नैतिक विकास किया जा रहा है। यहाँ प्राप्त ज्ञान और संस्कार विद्यार्थियों को समाज एवं राष्ट्र के प्रति उत्तरदायी जीवन जीने की प्रेरणा प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि परम पूज्य श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज जैसे तपस्वी, दूरदर्शी एवं राष्ट्रचिंतक संतों के मार्गदर्शन से सनातन संस्कृति की गौरवशाली परंपराएं नई पीढ़ी तक पहुंच रही हैं। दूधेश्वर वेद विद्यालय संस्थान ने वैदिक अध्ययन, संस्कृत संवर्धन, गुरुकुल परंपरा एवं भारतीय जीवन मूल्यों के संरक्षण में अनुकरणीय स्थान स्थापित किया है। यह संस्थान आने वाले समय में भारतीय ज्ञान परंपरा के वैश्विक विस्तार का सशक्त माध्यम बनेगा। समारोह में आचार्य महामंडलेश्वर श्री विश्वेश्वरानन्द गिरि महाराज, कल्कि पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम महाराज, महामंडलेश्वर चेतना माता, महामण्डलेश्वर स्वामी विद्याचैतन्य महाराज (अंतर्राष्ट्रीय सनातन धर्म संस्थान, नैमिषारण्य), महामंडलेश्वर श्रद्धा माता, जूना अखाड़ा के सचिव एवं दिल्ली संत महामंडल के संगठन मंत्री महंत कंचन गिरि महाराज, दिल्ली संत महामंडल के कोषाध्यक्ष महंत धीरेंद्र पुरी महाराज, सिद्धेश्वर वेद विद्यालय के संस्थापक महंत मुकेशानन्द गिरि महाराज तथा प्रख्यात आध्यात्मिक चिंतक गुरु पवन सिन्हा की गरिमामयी उपस्थिति रही। विशिष्ट अतिथियों में महर्षि सांदीपनि राष्ट्रीय वेद विद्या प्रतिष्ठान, उज्जैन के सचिव प्रो. विरूपाक्ष वी. जड्डीपाल, विश्व हिन्दू परिषद के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार, गाजियाबाद विधायक संजीव शर्मा, शिक्षाविद राम अवतार जिंदल एवं समाजसेवी नवरत्न सोनी सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे। समारोह को संबोधित करते हुए संतों एवं वक्ताओं ने कहा- परम पूज्य महंत नारायण गिरि महाराज के संरक्षण एवं मार्गदर्शन में दूधेश्वर वेद विद्यालय संस्थान वैदिक शिक्षा, भारतीय संस्कृति, धर्म, संस्कार, नैतिक मूल्यों एवं राष्ट्रभावना का प्रमुख केंद्र बन चुका है। विद्यालय के विद्यार्थी अपने ज्ञान, अनुशासन, आचरण एवं संस्कारों के माध्यम से भारतीय गुरुकुल परंपरा की श्रेष्ठता का परिचय दे रहे हैं। इस अवसर पर धर्म, शिक्षा, साहित्य, मीडिया एवं समाजसेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले अनेक व्यक्तित्वों को प्रशस्ति-पत्र, स्मृति चिन्ह, अंगवस्त्र एवं पुष्पमालाओं से सम्मानित किया गया। इनमें श्री दूधेश्वर नाथ मठ मंदिर विकास समिति के अध्यक्ष अनुज गर्ग, विनय संकोची, अजय चोपड़ा, श्रृंगार समिति के अध्यक्ष विजय मित्तल, धर्मेंद्र चौधरी, मंदिर के सोशल मीडिया संयोजक सांवलाराम सुथार, अमित प्रकाश, मीडिया प्रभारी बी.के. शर्मा, अधिवक्ता हर्ष पाण्डेय, लेखा परीक्षक संजीव गुप्ता, नितिन कुमार तथा प्रख्यात कवि राज कौशिक शामिल रहे। समापन अवसर पर परम पूज्य महंत नारायण गिरि महाराज ने देशभर से पधारे संत-महात्माओं, अतिथियों, शिक्षाविदों, जनप्रतिनिधियों, सहय ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 18 Jul 2026 13:51:50 +0530</pubDate>
        <dc:creator>drajaysaini11</dc:creator>
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        <title>पुष्कर मेले में पहली बार महिलाएं दौड़ाएंगी बैलगाड़ी:अरावली की तलहटी में 60KM होगी घुड़सवारी, ट्रिक राइडिंग भी होगी</title>
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        <description><![CDATA[ पुष्कर पशु मेले में पहली बार अरावली की तलहटी में एंड्योरेंस राइडिंग (एक लंबी दूरी की घुड़सवारी) होगी। इसमें घोड़े और राइडर 60 किलोमीटर की दूरी तय करेंगे, जिसमें 20-20 किलोमीटर के तीन लूप होंगे। हर 20 किलोमीटर पर घोड़ों की हार्ट बीट, डिहाइड्रेशन और फिटनेस की जांच की जाएगी। राइडर का भी स्टेमिना देखा जाएगा। मेडिकल अनफिट होने पर घोड़े को राइडिंग से बाहर कर दिया जाएगा। इसके अलावा रेवाल चाल (घोड़ों की एक विशेष चाल) और महिला किसानों की बैलगाड़ी परेड भी पर्यटकों व टूरिस्ट को आकर्षित करेगी। पशुपालन विभाग की ओर से गाय और ऊंटों को लेकर हर साल की तरह इस साल भी कई प्रतियोगिताएं होंगी। एडिशनल डायरेक्टर डॉ. नवीन परिहार ने बताया- पहली बार पुष्कर मेले में एंड्योरेंस राइडिंग होगी। इसमें घोड़े की सहनशक्ति और राइडर के तालमेल व हेल्थ की परीक्षा देखने को मिलेगी। ये एक लंबी दूरी की घुड़सवारी प्रतियोगिता है, जिसमें घुड़सवार और उनका घोड़ा 60 किलोमीटर की दूरी तय करेंगे। इस 60 किलोमीटर की दूरी में 20-20 किलोमीटर के तीन लूप होंगे। हर 20 किलोमीटर पर तय दूरी के बाद, घोड़ों की हार्ट बीट, डिहाइड्रेशन और फिटनेस की जांच की जाएगी। इस राइडिंग के निर्णायक कमेटी में मेंबर रह चुके लोगों को बुलाकर ट्रैक फाइनल कर दिया गया है। राइडिंग के 20-20 किलोमीटर के तीन पड़ाव होंगे राइडिंग मोतीसर रोड पर पुराने हेलीपैड से शुरू होगी और अरावली की तलहटी के कच्चे रास्तों को ट्रैक का रूप देने की तैयारी की जाएगी। सबसे बड़ा लूप पिचोलिया की गोचर भूमि पर बनाया जाएगा। राइडिंग के 20-20 किलोमीटर के तीन पड़ाव होंगे और समापन मोतीसर रोड पर ही होगा। महिला किसानों की बैलगाड़ी परेड डॉ. परिहार ने बताया- साल 2026 को संयुक्त राष्ट्र संघ की ओर से महिला किसान वर्ष घोषित किया गया है। इसी थीम पर पुष्कर मेले में बैलगाड़ी चलाने वाली महिला किसानों को बुलाया जाएगा। इस दौरान महिला किसानों को प्रोत्साहित करने के लिए समापन के दिन बैलगाड़ियों की परेड निकाली जाएगी। रेवाल चाल व ट्रिक राइडिंग होगी खास डॉ. परिहार ने बताया-रेवाल चाल भी पहली बार होगी। इसमें मारवाड़ी घोड़े की रफ्तार और सहनशीलता देख सकेंगे। ये एक किलोमीटर की होगी। इसमें शर्त यह होती है कि इसमें राइडर व हॉर्स को थकान नहीं होनी चाहिए नहीं तो बाहर कर दिया जाएगा। इसके अलावा ट्रिक राइडिंग भी होंगी। इसमें राइडर एक या एक से ज्यादा भी हो सकेंगे। इसके अलावा घोडे़ की ओर से कई प्रकार के करतब भी दिखाए जाएंगे। गाय-भैंस की संख्या बढ़ाने की कोशिश डॉ. परिहार ने बताया कि पुष्कर पशु मेले में भैंस और गोवंश की संख्या काफी कम रहती है। इस बार इनकी संख्या बढ़ाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। इसके लिए राजस्थान के अन्य जिलों व आसपास के राज्यों में भी पशुपालकों से संपर्क किया जा रहा है ताकि वे अपने पशु लेकर मेले में आएं। 
 हजारों पशु एवं लाखों श्रद्धालु आते हैं मेले में पुष्कर पशु मेले में हजारों ऊंट, घोड़े समेत अलग-अलग प्रजाति के पशु आते हैं। वहीं पशुपालकों के बीच करोड़ों रुपयों का लेन-देन होता है। लाखों श्रद्धालु सरोवर में स्नान और मंदिरों के दर्शन करते हैं। अनेक रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम होते हैं, जिसमें राजस्थानी लोक कलाकारों के साथ-साथ कई अंतराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त कलाकारों को भी आमंत्रित किया जाता है। मेले के दौरान देशी-विदेशी पर्यटकों के बीच ग्रामीण खेलकूद प्रतियोगिता आयोजित की जाती है। पशुओं की भी कई रोमांचक प्रतियोगिता होती है, इनमें ऊंट दौड़, ऊंट का नृत्य, नाचने वाली घोड़ियों की प्रतियोगिता और सर्वश्रेष्ठ नस्ल के घोड़ों व दुधारू गायों का प्रदर्शन शामिल है। इसके अलावा पशुओं के स्वास्थ्य और सौंदर्य की भी प्रतियोगिताएं होती हैं। ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 18 Jul 2026 13:51:50 +0530</pubDate>
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        <title>भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष समेत 9 को उम्रकैद:सरपंच का चुनाव हारने के बाद भांजे का किया था मर्डर; मूंछों पर ताव देते हुए निकले मुलजिम</title>
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        <description><![CDATA[ अलवर की जिला एवं सत्र (डीजे) कोर्ट ने वर्ष 2016 में चुनावी रंजिश में हुई अवतार सिंह की हत्या के मामले में अलवर भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष इंद्रजीत सिंह समेत 9 आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।  कोर्ट ने सभी दोषियों पर एक-एक लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया। अदालत ने 22 गवाहों के बयान, मेडिकल रिपोर्ट और अन्य दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर फैसला सुनाया।  सजा पाने वालों में इंद्रजीत सिंह, अनूप सिंह, कमलजीत सिंह, गुरवचन सिंह, जसपाल सिंह, कुलवंत सिंह, अमन सिंह, हरविंदर सिंह और विश्वेंद्र सिंह शामिल हैं। सजा सुनाए जाने के बाद भी सभी दोषी मूंछों पर ताव देते हुए कोर्ट परिसर से बाहर निकले। पहले देखिए, मामले से जुड़ी 2 PHOTO&#039;S सरपंच चुनाव की रंजिश को लेकर किया था हमला  अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता अभिमन्यु सिंह चौहान और अजय मोहन मुखिजा ने बताया कि 10 जून 2016 की शाम करीब 6:30 बजे नौगावां थाना क्षेत्र के पाटा गांव में सरपंच चुनाव की रंजिश को लेकर अवतार सिंह और उनके परिजनों पर हथौड़े, तलवार, चाकू, लोहे के पाइप, हॉकी और लाठियों से हमला किया गया था।  गंभीर रूप से घायल अवतार सिंह को जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसके बाद नौगावां थाने में हत्या सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ। पुलिस जांच के बाद सभी आरोपियों के खिलाफ चालान पेश किया गया और सुनवाई के बाद कोर्ट ने उन्हें दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। 10 साल 18 दिन बाद मिला न्याय  फैसले के बाद मृतक के बेटे अजयपाल ने कहा कि आज अदालत के फैसले से उनके परिवार को 10 साल 18 दिन बाद न्याय मिला है।  उन्होंने बताया कि उनके पिता अवतार सिंह, इंद्रजीत सिंह के रिश्तेदार (भांजे) थे। उस समय गांव पाटा में सरपंच चुनाव को लेकर दोनों पक्ष अलग-अलग प्रत्याशियों का समर्थन कर रहे थे। जिस प्रत्याशी का समर्थन उनके पिता कर रहे थे, उसके चुनाव जीतने के बाद आरोपियों ने चुनावी रंजिश में हमला कर उनके पिता की हत्या कर दी। ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 18 Jul 2026 13:51:50 +0530</pubDate>
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        <title>मंत्री बेढम बोले&amp; बच्चों से सेप्टिक टैंक साफ करवाना शर्मनाक:बच्चे पढ़ने आते हैं, ऐसे काम करवाना गलत; 1 बच्ची की हुई थी मौत</title>
        <link>https://dhakarsamachar.in/मंत्री-बेढम-बोले-बच्चों-से-सेप्टिक-टैंक-साफ-करवाना-शर्मनाकबच्चे-पढ़ने-आते-हैं-ऐसे-काम-करवाना-गलत-1-बच्ची-की-हुई-थी-मौत</link>
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        <description><![CDATA[ डीग जिले गोपालगढ़ स्थित मीलखेड़ा मदरसा में सेप्टिक टैंक साफ करते समय एक दीवार ढह गई। मलबे में गिरने 1 बच्ची की मौत हो गई वहीं 12 लड़कियां घायल हो गई। घटना को लेकर गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम ने कहा- यह बहुत शर्मनाक घटना है। मदरसे में पढ़ाई के लिए आने वाले बच्चों से इस तरह के काम करवाए जाते हैं। जो भी इस हादसे के पीछे है उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम ने कहा कि कल डीग जिले के मीलखेड़ा मदरसा में सेप्टिक टैंक हादसा हुआ। सूचना पर तुरंत पुलिस के अधिकारी पहुंचे थे। जिसके बाद स्थिति को संभाला। ऐसे प्रतिष्ठानों के संचालकों को विचार करना चाहिए कि बच्चों से ऐसी जगह काम करवाना चाहिए। जिसने भी बच्चों को ऐसे काम पर लगाया वह बहुत शर्मनाक घटना है। बच्चे पढ़ाई के लिए आते हैं। पढ़ाई के लिए आने वालों बच्चों से इस तरह के काम करवाना बहुत गलत है। जिला कलेक्टर पूरे मामले पर निगरानी रखे हैं। बच्चों से ऐसे काम करवाना शर्मनाक जवाहर सिंह बेढम ने कहा कल रात ही पुलिस ने FIR दर्ज कर ली है। नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। हमारी प्राथमिकता है कि बच्चे सुरक्षित रहें। सरकार इस घटना को लेकर अधिकारियों को निर्देशित किया है। इस तरह से बच्चों से काम करवाना शर्मनाक है। हरियाणा की रहने वाली एक लड़की की हुई मौत दरसल गोपालगढ़ स्थित मीलखेड़ा मदरसा में कल एक दर्दनाक हादसा हुआ। मदरसा प्रशासन द्बारा करीब 13 लड़कियों से सेप्टिक टैंक साफ़ करवाया जा रहा था। लड़कियां टैंक में उतरकर मलबा निकाल रहीं थी। इस दौरान टैंक की दीवार गिर गई। घटना में रोहिन निवासी फिरोजपुर हरियाणा की मौत हो गई और, 12 लड़कियां घायल हो गई। 10 दिन पहले भी करवाया सीवर टैंक साफ सभी घायल लड़कियों को इलाज के लिए अलवर रेफर किया गया था। सेप्टिक टैंक के अंदर 30 फुट लंबा, 8 फुट चौड़ा और 10 फुट गहरी दीवार बनी हुई थी। सीवर को 10 दिन पहले साफ़ करवाया गया था लेकिन, सीवर टैंक में कुछ मलबा जमा था। इसलिये मदरसा प्रशासन लड़कियों से जमा हुआ मलबा साफ़ करवा रहा था। 4 लोगों के खिलाफ हुई FIR घटना के बाद मदरसा प्रशासन मोहम्मद अरशद, मोहम्मद राशिद, मोहम्मद असजद और रिजवाना के नाम FIR दर्ज की गई है। पुलिस मामले की जांच जुट गई है। एसपी शरण कांबले का कहना है कि घटना के पीछे जो भी मदरसा के लोग हैं उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 18 Jul 2026 13:51:50 +0530</pubDate>
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        <title>कोटपूतली कलेक्टर ने शिव मंदिर तालाब बावड़ी में की सफाई:बोलीं&amp; जनभागीदारी से ही जल स्त्रोतों का संरक्षण संभव; सामाजिक संगठन और युवा भी हुए शामिल</title>
        <link>https://dhakarsamachar.in/कोटपूतली-कलेक्टर-ने-शिव-मंदिर-तालाब-बावड़ी-में-की-सफाईबोलीं-जनभागीदारी-से-ही-जल-स्त्रोतों-का-संरक्षण-संभव-सामाजिक-संगठन-और-युवा-भी-हुए-शामिल</link>
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        <description><![CDATA[ कोटपूतली कई ऐतिहासिक बावड़ी पर शुक्रवार को साफ-सफाई के लिए अभियान चलाया गया। जिला प्रशासन, युवाओं, छात्रों, स्काउट, एनसीसी और अन्य संगठनों ने मिलकर शिव मंदिर तालाब बावड़ी पर सफाई की। ये अभियान जिला प्रशासन और नगर परिषद कोटपूतली ने यूनिसेफ पूनम मीणा और बावड़ी बाईसा आकांक्षा मोदी के संयुक्त सहयोग से चलाया।  इसका उद्देश्य कोटपूतली के ऐतिहासिक जल स्रोतों के संरक्षण, स्वच्छता और जनभागीदारी को बढ़ावा देना था। सामाजिक संगठनों, युवाओं ने किया सामूहिक श्रमदान
अभियान में सामाजिक संगठनों, स्वयंसेवी संस्थाओं, युवाओं, छात्रों, स्काउट, एनसीसी, स्वच्छता सेवा दल प्रवीण बंसल, लायंस क्लब कमल किशोर और बड़ी संख्या में शहरवासियों ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर सामूहिक श्रमदान किया। अभियान के दौरान ऐतिहासिक बावड़ी परिसर में व्यापक स्वच्छता गतिविधियां संचालित की गईं। जल संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण और स्वच्छता से जुड़े संदेशों के माध्यम से आमजन को जागरूक किया गया। प्रतिभागियों ने श्रमदान कर यह संदेश दिया कि जल धरोहरों का संरक्षण केवल प्रशासन का दायित्व नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक की सामूहिक जिम्मेदारी है। कलेक्टर बोलीं- जनसहभागिता के बिना संरक्षण संभव नहीं
जिला कलेक्टर अपर्णा गुप्ता ने इस अवसर पर कहा कि ऐतिहासिक जल स्रोत हमारी सांस्कृतिक विरासत होने के साथ-साथ भविष्य की जल सुरक्षा का भी महत्वपूर्ण आधार हैं। इनका संरक्षण जनसहभागिता के बिना संभव नहीं है। उन्होंने जोर दिया कि स्वच्छता और जल संरक्षण को जनआंदोलन का स्वरूप देने के लिए प्रत्येक नागरिक को अपनी सक्रिय भूमिका निभानी होगी। कलेक्टर ने कहा कि यदि समाज और प्रशासन मिलकर कार्य करें तो जिले की प्रत्येक जल धरोहर को पुनर्जीवित किया जा सकता है। उन्होंने सभी नागरिकों, युवाओं एवं सामाजिक संगठनों से ऐसे अभियानों में निरंतर सहभागिता निभाने का आह्वान किया। कार्यक्रम के दौरान विभिन्न सामाजिक संगठनों, स्वयंसेवी संस्थाओं, भारत स्काउट एवं गाइड, जिला प्रशासन और नगर परिषद के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण का संदेश देते हुए जनसहभागिता को बढ़ावा दिया। प्रशासन ने जिले के नागरिकों, छात्रों, व्यापारिक संस्थाओं, जनप्रतिनिधियों एवं स्वयंसेवी संगठनों से भविष्य में भी ऐसे जनहितकारी अभियानों में बढ़-चढ़कर भागीदारी निभाने की अपील की। प्रशासन ने यह भी कहा कि प्रत्येक नागरिक का छोटा-सा योगदान भी स्वच्छ, सुंदर एवं स्वस्थ कोटपूतली के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। इस अवसर पर अतिरिक्त जिला कलेक्टर ओमप्रकाश सहारण, एसीईओ गोपाल लाल मीणा, नगर परिषद आयुक्त अरुण शर्मा सहित नगर परिषद के अधिकारी, कर्मचारी, सफाई कर्मी एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 18 Jul 2026 13:51:50 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>कोटपूतली, कलेक्टर, ने, शिव, मंदिर, तालाब, बावड़ी, में, की, सफाई:बोलीं-, जनभागीदारी, से, ही, जल, स्त्रोतों, का, संरक्षण, संभव, सामाजिक, संगठन, और, युवा, भी, हुए, शामिल</media:keywords>
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        <title>खैरथल&amp;तिजारा में न्यायिक अधिकारियों ने एग्रीकल्चर कॉलेज में किया पौधारोपण:पर्यावरण बचाने का दिया संदेश, संरक्षण को बताया हर नागरिक की जिम्मेदारी</title>
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        <description><![CDATA[ खैरथल-तिजारा में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं जिला एवं सत्र न्यायाधीश शैलेंद्र व्यास के निर्देश पर शनिवार को कृषि कॉलेज, बासकृपालनगर में एक पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के प्रति जन जागरूकता बढ़ाना और अधिक से अधिक पौधे लगाकर हरित एवं स्वच्छ वातावरण का संदेश देना था। पर्यावरण संरक्षण को बताया नागरिकों की जिम्मेदारी कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण खैरथल-तिजारा के अध्यक्ष शैलेंद्र व्यास ने पौधरोपण कर किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान समय में पर्यावरण संरक्षण प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने बढ़ते प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने के लिए अधिक से अधिक वृक्ष लगाने और उनकी नियमित देखभाल करने की आवश्यकता पर जोर दिया। व्यास ने उपस्थित लोगों से केवल पौधे लगाने तक सीमित न रहकर उनके संरक्षण का भी संकल्प लेने का आह्वान किया। सुरक्षित भविष्य के लिए बताया कदम इस अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव एवं अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अजीत कुड़ी ने कहा कि वृक्षारोपण केवल एक अभियान नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। न्यायिक अधिकारियों ने पर्यावरण संरक्षण को एक सामाजिक दायित्व बताते हुए सभी से इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की। ये रहे मौजूद कार्यक्रम में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सीमा कुमारी, अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट संख्या-01 डॉ. सुरभि सिंह, सिविल न्यायाधीश खुशबू कंवरिया, कृषि महाविद्यालय बास कृपाल नगर के अधिष्ठाता डॉ. एम.पी. यादव, क्षेत्रीय वन अधिकारी किशनगढ़ बास सतीश नरूका, बार एसोसिएशन अध्यक्ष राकेश तिवाड़ी, सचिव रविंद्र तक्षक, लीगल एंड डिफेंस काउंसिल के एडवोकेट रामनिवास, एडवोकेट अर्पित शर्मा तथा एडवोकेट चंद्रवीर सिंह सहित कई न्यायिक अधिकारी, अधिवक्ता, महाविद्यालय के अधिकारी-कर्मचारी और पैरा लीगल वालंटियर (पीएलवी) उपस्थित रहे। इन सभी ने विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित सभी लोगों ने पौधों की नियमित देखभाल करने तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए निरंतर वृक्षारोपण करने का संकल्प लिया। यह आयोजन हरित एवं स्वच्छ पर्यावरण के निर्माण के सामूहिक संदेश के साथ संपन्न हुआ। ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 18 Jul 2026 13:51:50 +0530</pubDate>
        <dc:creator>drajaysaini11</dc:creator>
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        <title>हनुमानगढ़ एसपी बी. आदित्य ने संभाला पदभार:पहली क्राइम मीटिंग में अपराध नियंत्रण पर जोर, शाखाओं का किया निरीक्षण</title>
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        <description><![CDATA[ हनुमानगढ़ जिले के नव नियुक्त पुलिस अधीक्षक बी. आदित्य ने शनिवार को पदभार ग्रहण किया। पदभार संभालने के बाद उन्होंने तत्काल पुलिस अधिकारियों के साथ पहली अपराध समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इससे पूर्व, कार्यालय पहुंचने पर उन्हें पुलिस जवानों द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। कार्यालय परिसर में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय) अरविंद बिश्नोई, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (नोहर) गीता चौधरी, सीओ सिटी मीनाक्षी सहित अन्य पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों ने एसपी बी. आदित्य का स्वागत किया। स्वागत के उपरांत एसपी बी. आदित्य ने कार्यालय परिसर का विस्तृत निरीक्षण किया। उन्होंने क्राइम ब्रांच, परिवाद शाखा, डीएसबी शाखा, फोर्स शाखा, सीसीटीएनएस, साइबर सेल और अभय कमांड सेंटर जैसी विभिन्न शाखाओं का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने प्रत्येक शाखा की कार्यप्रणाली को समझा और वहां तैनात अधिकारियों-कर्मचारियों से उनके दैनिक कार्यों, लंबित मामलों तथा व्यावहारिक समस्याओं पर विस्तृत चर्चा की। निरीक्षण के दौरान, पुलिस अधीक्षक ने अधिकारियों और कर्मचारियों को आमजन से जुड़े मामलों का त्वरित, पारदर्शी और जिम्मेदारी के साथ निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने पुलिस व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के लिए टीमवर्क और जवाबदेही के साथ कार्य करने पर जोर दिया। इसके पश्चात, एसपी कार्यालय के सभागार में बी. आदित्य की अध्यक्षता में जिले के सभी पुलिस अधिकारियों की पहली अपराध समीक्षा बैठक हुई।  बैठक में जिले की कानून व्यवस्था, लंबित प्रकरणों की समीक्षा, वांछित अपराधियों और गैंगस्टरों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियानों, अपराध नियंत्रण की रणनीति तथा आगामी प्राथमिकताओं पर विस्तार से चर्चा की गई। पुलिस अधीक्षक ने अधिकारियों को अपराधों की रोकथाम, प्रभावी पुलिसिंग और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 18 Jul 2026 13:51:50 +0530</pubDate>
        <dc:creator>drajaysaini11</dc:creator>
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        <title>साधु ने 500 रुपए नहीं देने पर हाथी से कुचलवाया:पसलियां टूटीं, पुलिस बोली&amp; पैसे मांगने की बात गलत, बार&amp;बार सूंड के पास जा रहा था</title>
        <link>https://dhakarsamachar.in/साधु-ने-500-रुपए-नहीं-देने-पर-हाथी-से-कुचलवायापसलियां-टूटीं-पुलिस-बोली-पैसे-मांगने-की-बात-गलत-बार-बार-सूंड-के-पास-जा-रहा-था</link>
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        <description><![CDATA[ बांसवाड़ा में युवक को हाथी ने सूंड से उठाकर पटक दिया। इसके बाद पैर से कुचल दिया। जिससे उसकी पसलियां टूट गईं। गंभीर हालत में युवक को उदयपुर रेफर किया गया है। परिजनों का आरोप है कि हाथी वाले बाबा ने 500 रुपए मांगे, नहीं देने पर हाथी से हमला करवा दिया। वहीं पुलिस का कहना है कि पैसों के लिए युवक पर हाथी से हमला करवाने की बात गलत है। युवक बार-बार हाथी की सूंड के पास जा रहा था। जिससे हाथी ने गुस्से में आकर युवक पर हमला कर दिया। मामला पाटन थाना क्षेत्र का गुरुवार शाम करीब 7 बजे का है। युवक को गंभीर हालत में बांसवाड़ा से उदयपुर रेफर किया गया है। ​₹20 देने के बाद मांगे ₹500, मना करने पर बाबा भड़के घायल के भांजे कालू ने बताया- मामा प्रभु (50) पुत्र हकरिया, निवासी पणदा शाम को घर से गेहूं पिसवाने के लिए छोटी सरवा गए थे। वहां से लौटते समय रास्ते में उनको हाथी वाले साधु बाबा मिले। कालू ने कहा- मामा ने बाबा को 20 रुपए दिए। बाबा ने पैसे रख लिए। इसके बाद मामा से 500 रुपए और मांगने लगे। मामा ने पैसे देने से मना किया तो बात झगड़ने लगे। आरोप है कि हाथी पर बैठे बाबा ने हाथी को इशारा किया। हाथी ने अपनी सूंड से प्रभु को जमीन पर पटक दिया। इसके बाद हाथी ने उनके सीने पर पैर रख दिया, जिससे उनकी पसलियां टूट गईं। डॉक्टर बोले- कई पसलियां टूटीं, फेफड़ों में जम रहा खून घटना के बाद बाबा हाथी के साथ मौके से भाग गया। स्थानीय लोगों और परिजनों ने घायल प्रभु को तुरंत कुशलगढ़ हॉस्पिटल पहुंचाया। वहां प्राथमिक इलाज के बाद उसकी हालत गंभीर होने पर शुक्रवार शाम उसे जिला हॉस्पिटल लाया गया। देर रात डॉक्टरों ने उदयपुर रेफर कर दिया। एमजी हॉस्पिटल के उपनियंत्रक डॉ. दामोदर गोयल ने बताया कि युवक की दोनों तरफ की कई पसलियां टूट गई थीं। फेफड़ों में खून जमा होने लगा था, जिससे उसे सांस लेने और ऑक्सीजन मिलने में दिक्कत हो रही थी। युवक गंभीर हालत में कुशलगढ़ से रेफर होकर आया था। पुलिस बोली- पैसों के लिए हमला करवाने की पुष्टि नहीं पाटन थानाधिकारी मोहम्मद रिजवान ने बताया कि युवक रास्ते से गुजर रहा था। इसी दौरान हाथी ने गुस्से में उसे पटक दिया। सूचना पर पुलिस ने हाथी वाले बाबा से पूछताछ की, लेकिन अब तक पैसों के लिए युवक पर हाथी से हमला करवाने की बात सामने नहीं आई है। उन्होंने बताया- बाबा के साथ करीब 13-14 लोग भी थे। पुलिस सभी को रात में थाने लेकर आई थी। शुक्रवार सुबह पूछताछ के बाद उन्हें छोड़ दिया गया। थानाधिकारी ने बताया कि शुरुआती जानकारी में सामने आया है कि युवक बार-बार हाथी की सूंड के पास जा रहा था। पीड़ित की शिकायत ले ली गई है और पूरे मामले की जांच की जा रही है। ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 18 Jul 2026 13:51:50 +0530</pubDate>
        <dc:creator>drajaysaini11</dc:creator>
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        <title>डंपर से बाइक टकराने से युवक की मौत:अचानक ब्रेक लगाने से हुआ हादसा, पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंपा शव</title>
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        <description><![CDATA[ चूरू के दूधवाखारा थाना क्षेत्र में शुक्रवार रात एक सड़क हादसे में युवक की मौत हो गई। गांव चलकोई के पास एक डंपर से बाइक टकराने के बाद युवक गंभीर रूप से घायल हो गया था। घायल युवक को तुरंत डीबी अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। हादसे की सूचना मिलने पर अस्पताल चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और शव को मोर्चरी में रखवाया। दूधवाखारा थाना के एएसआई अजीत सिंह ने बताया कि भलाउ ताल निवासी जयपाल ने इस संबंध में रिपोर्ट दर्ज कराई है। रिपोर्ट के अनुसार, जयपाल का बड़ा भाई रोहिताष कुमार (25) शुक्रवार रात चूरू से तारानगर होते हुए अपने गांव आ रहा था। चलकोई गांव के पास सड़क पर आगे चल रहे एक डंपर ने अचानक ब्रेक लगा दिए। इसी दौरान पीछे से आ रही रोहिताष की बाइक डंपर से टकरा गई, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने जयपाल की रिपोर्ट के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। ]]></description>
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        <title>डीडवाना&amp;कुचामन में &amp;apos;मिशन बुनियाद&amp;apos; का शुभारंभ:प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा को मिलेगा नया आधार</title>
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        <description><![CDATA[ डीडवाना-कुचामन जिले में महिला एवं बाल विकास विभाग और रॉकेट लर्निंग के संयुक्त तत्वावधान में &#039;मिशन बुनियाद&#039; का शुभारंभ किया गया। इस पहल के साथ, डीडवाना-कुचामन राजस्थान का 41वां जिला बन गया है, जहां प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा (ECE) और प्री-प्राइमरी शिक्षा को सशक्त बनाने के लिए यह कार्यक्रम शुरू किया गया है। कार्यक्रम में जिला उपनिदेशक गौरव चौधरी, जिले के सभी सीडीपीओ (बाल विकास परियोजना अधिकारी) और पर्यवेक्षक मौजूद रहे। इस दौरान मिशन बुनियाद के उद्देश्यों, प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा के विभिन्न घटकों और आगामी कार्ययोजना पर विस्तृत चर्चा की गई। अधिकारियों ने कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए। कार्यक्रम के दौरान जिले के सभी सेक्टरों के लिए व्हाट्सएप समूह बनाए गए हैं। इनके माध्यम से आंगनबाड़ी केंद्रों पर प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा से संबंधित गतिविधियां नियमित रूप से साझा की जाएंगी। पर्यवेक्षकों को प्रशिक्षण मॉड्यूल और कार्यक्रम के क्रियान्वयन की विस्तृत जानकारी भी प्रदान की गई। रॉकेट लर्निंग की ओर से वरिष्ठ कार्यक्रम प्रबंधक धीरज जांगिड़, कार्यक्रम प्रबंधक अक्षय शर्मा, हनुमानगढ़ जिला समन्वयक मीनाक्षी स्वामी और नागौर जिला समन्वयक आशीष सिन्हा ने कार्यक्रम के संचालन और सफल क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। महिला एवं बाल विकास विभाग और रॉकेट लर्निंग का यह संयुक्त प्रयास जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों में प्रारंभिक बाल्यावस्था शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने और बच्चों के समग्र विकास को नई दिशा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 18 Jul 2026 13:51:50 +0530</pubDate>
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        <title>सिरोही नस्ल की बकरियों से बढ़ेगी पशुपालकों की आमदनी:250 से ज्यादा पर हो रही रिसर्च, वैज्ञानिक तरीके से तैयार हो रहे ब्रीडर बकरे</title>
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        <description><![CDATA[ खेती के साथ पशुपालन आज भी गांवों की अर्थव्यवस्था की मजबूत कड़ी है। ऐसे में अगर पशुओं की नस्ल बेहतर हो तो कम लागत में ज्यादा आमदनी मिल सकती है। इसी सोच के साथ चित्तौड़गढ़ शहर से कुछ दूरी पर बोजूंदा स्थित पशु अनुसंधान केंद्र काम कर रहा है। यह केंद्र सिर्फ बकरियां पालने की जगह नहीं है, बल्कि यहां वैज्ञानिक तरीके से सिरोही नस्ल की बकरियों का संरक्षण, संवर्धन और नस्ल सुधार का काम किया जा रहा है। सबसे खास बात यह है कि यहां तैयार किए जा रहे बेहतर नस्ल के बकरे सीधे किसानों तक पहुंचाए जाते हैं, ताकि गांवों में मौजूद देसी बकरियों की नस्ल सुधरे और पशुपालकों की आय बढ़ सके। केंद्र के एलएससी ईश्वर सिंह तंवर बताते हैं कि उनका उद्देश्य सिर्फ अनुसंधान करना नहीं, बल्कि ऐसी व्यवस्था तैयार करना है जिसका सीधा फायदा गांव के पशुपालकों को मिले। यही वजह है कि यहां हर व्यवस्था किसानों की जरूरत को ध्यान में रखकर बनाई गई है और लगातार नए प्रयोग भी किए जा रहे हैं। हर बकरी की नियमित जांच की जाती है, ताकि बीमारी का शुरुआती स्तर पर ही पता चल सके। वैज्ञानिक तरीके से देखभाल होने के कारण यहां तैयार होने वाले ब्रीडर बकरे बेहतर गुणवत्ता के होते हैं। सिरोही नस्ल पर फोकस, तैयार किए जा रहे बेहतर ब्रीडर बकरे ईश्वर सिंह तंवर ने बताया कि राजस्थान में बकरियों की कई नस्लें हैं, लेकिन चित्तौड़गढ़ के इस केंद्र में फिलहाल सिरोही नस्ल पर विशेष रूप से काम किया जा रहा है। इसके पीछे वजह यह है कि सिरोही नस्ल को मजबूत, जल्दी बढ़ने वाली और बकरी पालन के लिए लाभदायक माना जाता है। केंद्र में अच्छी गुणवत्ता वाले नर बकरे यानी ब्रीडर तैयार किए जाते हैं। इसके बाद इन्हें गांवों में पशुपालकों तक पहुंचाया जाता है, ताकि स्थानीय देसी बकरियों का प्रजनन बेहतर नस्ल के बकरों से हो सके। तंवर के अनुसार इससे धीरे-धीरे पूरे क्षेत्र में बकरियों की नस्ल में सुधार होता है और आने वाली पीढ़ी पहले से ज्यादा अच्छी होती है। यही नस्ल सुधार आगे चलकर किसानों की आमदनी बढ़ाने का सबसे बड़ा आधार बनता है। किसानों के लिए दो आसान योजनाएं, सिर्फ 20 रुपए में भी मिल रही सुविधा केंद्र सिर्फ अनुसंधान तक सीमित नहीं है, बल्कि किसानों के लिए दो आसान योजनाएं भी चला रहा है। ईश्वर सिंह तंवर बताते हैं कि अगर कोई पशुपालक अपनी बकरी को बेहतर नस्ल के बकरे से प्रजनन कराना चाहता है तो वह अपनी बकरी केंद्र पर ला सकता है। इसके लिए सरकार ने केवल 20 रुपए का शुल्क तय किया है। वहीं जिन किसानों के पास 30, 40, 50 या उससे ज्यादा बकरियां हैं, उन्हें जरूरत के अनुसार केंद्र से ब्रीडर बकरा उपलब्ध कराया जाता है। किसान उस बकरे को अपने गांव ले जाकर अपनी सभी बकरियों का प्रजनन करा सकते हैं। इससे बार-बार केंद्र आने की जरूरत भी नहीं पड़ती और गांव स्तर पर ही नस्ल सुधार का काम आगे बढ़ता है। तंवर का कहना है कि इन योजनाओं का अच्छा फायदा पशुपालकों को मिल रहा है और लगातार लोग इस सुविधा का लाभ लेने पहुंच रहे हैं। 250 से ज्यादा बकरियां, हर उम्र के हिसाब से अलग देखभाल इस समय केंद्र में 250 से ज्यादा सिरोही नस्ल की बकरियों का पालन किया जा रहा है। यहां पूरी व्यवस्था वैज्ञानिक तरीके से बनाई गई है। परिसर में करीब 10 अलग-अलग बाड़े (ब्लॉक) हैं, जहां बकरियों और उनके बच्चों को उम्र के हिसाब से रखा जाता है। जन्म से तीन महीने, तीन से छह महीने, छह से नौ महीने और नौ से बारह महीने तक के बच्चों के लिए अलग-अलग समूह बनाए गए हैं। इसके अलावा एक ब्लॉक में चिकित्सा इकाई, एक ब्लॉक मिल्किंग, एक ब्लॉक में किडिंग का भी होता है। इससे उनके खान-पान, वजन, स्वास्थ्य और विकास पर आसानी से नजर रखी जा सकती है। बड़ी बकरियों को दिन में चरने के लिए जंगल भेजा जाता है, जिससे उन्हें प्राकृतिक चारा मिलता है। वहीं छोटे बच्चों को सुरक्षा के साथ परिसर में रखा जाता है, ताकि उन्हें किसी तरह का खतरा न हो और उनका विकास बेहतर तरीके से हो सके। सिरोही बकरी की खासियत सिरोही नस्ल की बकरियां करीब ढाई से तीन फीट ऊंची होती हैं। अच्छी देखभाल मिलने पर एक साल की उम्र में इनका वजन 40 से 45 किलो तक पहुंच जाता है। जन्म के समय बच्चे का वजन लगभग 7 किलो होता है और यह नस्ल अक्सर एक साथ दो बच्चों को जन्म देती है। बकरी पालन में इनकी देखभाल पर सालाना करीब 10 से 12 हजार रुपये खर्च आता है, इसलिए कम लागत में भी अच्छा मुनाफा कमाया जा सकता है। यह बकरी साल में दो बार बच्चे देने की क्षमता रखती है और इसकी उम्र 12 से 15 साल तक हो सकती है। सिरोही बकरियों का रंग आमतौर पर सफेद होता है, जिस पर हल्के या गहरे भूरे रंग के धब्बे होते हैं। कुछ बकरियां पूरी तरह सफेद भी होती हैं। इनके शरीर पर छोटे और घने बाल, लंबे नीचे लटके कान तथा नर और मादा दोनों में छोटे, ऊपर और पीछे की ओर मुड़े हुए सींग पाए जाते हैं। बीमारियों से बचाव पर पूरा फोकस, स्वास्थ्य की लगातार निगरानी बकरी पालन में बीमारियां सबसे बड़ी चुनौती मानी जाती हैं। इसे देखते हुए केंद्र में स्वास्थ्य प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जाता है। खुर-पक्का और मुंह-पक्का जैसी सामान्य लेकिन गंभीर बीमारियों से बचाव के लिए समय-समय पर टीकाकरण किया जाता है और जरूरत पड़ने पर तुरंत दवाइयां भी दी जाती हैं। हर बकरी की नियमित निगरानी की जाती है, ताकि किसी भी बीमारी का पता शुरुआती स्तर पर ही चल सके। यही कारण है कि यहां बकरियों की मृत्यु दर कम रखने और उन्हें स्वस्थ बनाए रखने पर विशेष काम किया जा रहा है। वैज्ञानिक तरीके से देखभाल होने के कारण यहां तैयार होने वाले ब्रीडर बकरे भी बेहतर गुणवत्ता के होते हैं। ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 18 Jul 2026 13:51:50 +0530</pubDate>
        <dc:creator>drajaysaini11</dc:creator>
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        <title>अयोध्या में 225 उद्यमियों की भजन संध्या:स्वाती मिश्रा के भजनों पर झूमे श्रद्धालु, वैष्णवी शर्मा की काव्य प्रस्तुति ने बांधा समा</title>
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        <description><![CDATA[ अयोध्या में रामनगरी की पावन फिजाओं में शुक्रवार शाम भक्ति, संगीत और संस्कृति का अद्भुत संगम देखने को मिला। राजस्थान के विजयबाड़ा से आए 225 से अधिक उद्यमियों ने विजयबाड़ा इलेक्ट्रिकल डीलर्स एसोसिएशन (वेडा) के &#039;डिवाइन वाराणसी-अयोध्या टूर&#039; के तहत शहर के एक होटल में आयोजित भजन संध्या एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम में भाग लिया। देर रात तक चले इस आयोजन में श्रद्धालु भक्ति गीतों पर झूमते रहे और पूरा माहौल &#039;जय श्रीराम&#039; के जयघोष से गूंजता रहा। कार्यक्रम की शुरुआत कवयित्री वैष्णवी शर्मा की काव्य प्रस्तुति से हुई। उन्होंने राग भैरवी में भगवान श्रीराम के आदर्श, त्याग और मर्यादा पर आधारित रचनाएं सुनाकर श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। इसके बाद प्रसिद्ध भजन गायिका स्वाती मिश्रा ने श्रीराम भक्ति से ओतप्रोत भजनों की प्रस्तुति दी। उनके भजनों पर श्रद्धालु देर तक तालियां बजाते और भक्ति में सराबोर होकर झूमते नजर आए। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि हनुमानगढ़ी के संत एवं अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय प्रवक्ता महंत संजय दास ने कहा कि सनातन संस्कृति को जीवंत बनाए रखने और नई पीढ़ी तक उसके संस्कार पहुंचाने के लिए ऐसे आयोजन बेहद जरूरी हैं। उन्होंने वेडा के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि धार्मिक यात्राएं केवल दर्शन तक सीमित नहीं होतीं, बल्कि समाज को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने का सशक्त माध्यम भी बनती हैं। इस अवसर पर निर्माणी अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत मुरलीदास भी मौजूद रहे। वेडा के अध्यक्ष रमेश जैन ने बताया कि 225 सदस्यीय दल ने सबसे पहले काशी में बाबा विश्वनाथ के दर्शन किए और गंगा आरती में शामिल हुआ। इसके बाद अयोध्या पहुंचकर श्रीरामलला और हनुमानगढ़ी में दर्शन-पूजन किया। उन्होंने कहा कि रामनगरी की आध्यात्मिक ऊर्जा और यहां का आत्मीय वातावरण सभी श्रद्धालुओं के लिए जीवनभर की अविस्मरणीय स्मृति बन गया। कार्यक्रम में वेडा के उपाध्यक्ष अशोक जैन, सचिव तमन्ना, ओमप्रकाश अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु और संगठन के पदाधिकारी मौजूद रहे। ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 18 Jul 2026 13:51:50 +0530</pubDate>
        <dc:creator>drajaysaini11</dc:creator>
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        <title>बर्थडे&amp;पार्टी से लौट रहे दोस्तों की कार पलटी, 1 मौत:हाईवे पर बेकाबू हुई थी गाड़ी, एक ने मौके पर दम तोड़ा; 3 घायल</title>
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        <description><![CDATA[ जन्मदिन की पार्टी से लौट रहे चार युवकों की कार राठौड़ फार्म हाउस के पास अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसे में युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों का कुचामन के राजकीय चिकित्सालय में इलाज चल रहा है। घटना डीडवाना-कुचामन जिले के नावा उपखंड क्षेत्र में शुक्रवार रात 11 बजे की है। जन्मदिन समारोह से लौटते समय हुआ हादसा जानकारी के अनुसार चारों युवक नावा में एक जन्मदिन समारोह में शामिल होने के बाद अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान राठौर फार्म हाउस के पास उनकी कार अचानक अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसा इतना भीषण था कि कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और उसमें सवार सभी युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को अस्पताल पहुंचाया। लीचाणा निवासी युवक की मौत हादसे में लीचाणा निवासी मुरली पाराशर (26) पुत्र गिरधारीलाल की मौके पर ही मौत हो गई। शव को कुचामन राजकीय अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया है। परिजनों की रिपोर्ट के बाद पोस्टमार्टम कराया जाएगा। परिजनों के अनुसार मुरली भावता कस्बे में मोबाइल की दुकान चलाता था, जबकि उसके पिता गिरधारीलाल खेती करते हैं। युवक की मौत की खबर से परिवार और गांव में शोक का माहौल है। कार में सवार तीन अन्य युवक गंभीर रूप से घायल हुए हैं। उनका कुचामन के राजकीय चिकित्सालय में उपचार जारी है। डॉक्टर उनकी हालत पर नजर बनाए हुए हैं। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त कार को जब्त कर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में कार के अनियंत्रित होकर पलटने से हादसा होना सामने आया है। हालांकि दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए पुलिस जांच कर रही है। इनपुट सहयोग : कमलेश पारीक। ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 18 Jul 2026 13:51:50 +0530</pubDate>
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        <title>धौलपुर में ट्रैफिक पुलिस ने काटे 550 से अधिक चालान:बिना नंबर और मॉडिफाइड वाहनों पर कार्रवाई, रिफ्लेक्टर भी लगाए</title>
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        <description><![CDATA[ धौलपुर में सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए ट्रैफिक पुलिस 1 जुलाई से एक विशेष अभियान चला रही है। ट्रैफिक इंचार्ज बलविंदर सिंह के नेतृत्व में यह अभियान बिना नंबर प्लेट वाले और नियमों के विपरीत मॉडिफाइड वाहनों के खिलाफ केंद्रित है। इस अभियान के तहत अब तक 550 से अधिक वाहनों के चालान किए जा चुके हैं। नियमों का उल्लंघन करने वाले मॉडिफाइड वाहनों को जब्त करने की कार्रवाई भी की जा रही है। इसके अतिरिक्त, सड़क दुर्घटनाओं को रोकने और रात में वाहनों की दृश्यता बढ़ाने के लिए उन पर रिफ्लेक्टर भी लगाए जा रहे हैं। ट्रैफिक पुलिस का यह विशेष अभियान 29 जुलाई तक जारी रहेगा। पुलिस अधिकारियों ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे वैध नंबर प्लेट का उपयोग करें, यातायात नियमों का पालन करें और बिना अनुमति वाहन में कोई बदलाव न कराएं।  नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई जारी रखने की बात कही गई है। ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 18 Jul 2026 13:51:50 +0530</pubDate>
        <dc:creator>drajaysaini11</dc:creator>
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        <title>धौलपुर पुलिस का &amp;apos;महिला सुरक्षा संकल्प:महिलाओं और बुजुर्गों को दे रही सुरक्षा का भरोसा</title>
        <link>https://dhakarsamachar.in/धौलपुर-पुलिस-का-महिला-सुरक्षा-संकल्पमहिलाओं-और-बुजुर्गों-को-दे-रही-सुरक्षा-का-भरोसा</link>
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        <description><![CDATA[ धौलपुर पुलिस ने महिलाओं की सुरक्षा और जागरूकता बढ़ाने के लिए एक विशेष अभियान शुरू किया है। &quot;महिला सुरक्षा संकल्प अभियान&quot; नामक यह पहल 1 जुलाई से 29 जुलाई 2026 तक जिलेभर में संचालित की जाएगी। अभियान के तहत, सभी थाना अधिकारियों और महिला बीट अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे महिलाओं, बालिकाओं, बुजुर्ग महिलाओं और अकेले रहने वाले बुजुर्ग दंपत्तियों से संपर्क करें। उन्हें सुरक्षा संबंधी जानकारी दी जाएगी और उनकी समस्याओं को सुना जाएगा। पुलिस मुख्यालय के निर्देशों के अनुसार, इस अभियान में महिलाओं को विभिन्न सुरक्षा उपायों की जानकारी दी जाएगी। इनमें महिला हेल्पलाइन 1090, आपातकालीन सेवा 112 और साइबर हेल्पलाइन 1930 शामिल हैं। महिलाओं को सुरक्षा संबंधी &#039;क्या करें और क्या न करें&#039; के बारे में भी बताया जाएगा। उन्हें यह भी प्रेरित किया जाएगा कि आवश्यकता पड़ने पर वे तुरंत पुलिस से संपर्क करें। इसी क्रम में, धौलपुर जिले के कोतवाली थाना प्रभारी रामकिशन यादव और टाउन चौकी प्रभारी लोकेंद्र सिंह ने बुजुर्ग महिलाओं और अकेले रहने वाले दंपत्तियों के घरों का दौरा किया। उन्होंने उनसे सीधा संवाद स्थापित किया। धौलपुर पुलिस के अनुसार, इस अभियान का मुख्य उद्देश्य महिलाओं में सुरक्षा का विश्वास बढ़ाना, अपराधों की रोकथाम करना और समाज में महिला सुरक्षा के प्रति जागरूकता को मजबूत करना है। ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 18 Jul 2026 13:51:50 +0530</pubDate>
        <dc:creator>drajaysaini11</dc:creator>
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        <title>करंट से मासूम की मौत के बाद हॉस्पिटल में हंगामा:परिवार को 11 लाख की सहायता राशि और नौकरी पर सहमति बनी</title>
        <link>https://dhakarsamachar.in/करंट-से-मासूम-की-मौत-के-बाद-हॉस्पिटल-में-हंगामापरिवार-को-11-लाख-की-सहायता-राशि-और-नौकरी-पर-सहमति-बनी</link>
        <guid>https://dhakarsamachar.in/करंट-से-मासूम-की-मौत-के-बाद-हॉस्पिटल-में-हंगामापरिवार-को-11-लाख-की-सहायता-राशि-और-नौकरी-पर-सहमति-बनी</guid>
        <description><![CDATA[ चित्तौड़गढ़ के चंदेरिया में ट्रांसफार्मर से करंट लगने से 6 साल के मासूम सुमित बंजारा की मौत के बाद शनिवार को जिला हॉस्पिटल में माहौल तनावपूर्ण हो गया था। परिजन, बंजारा समाज के लोग और स्थानीय जनप्रतिनिधि बड़ी संख्या में हॉस्पिटल पहुंच गए और परिवार को उचित मुआवजा व जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग को लेकर हंगामा किया। पुलिस और प्रशासन की मौजूदगी में कई दौर की बातचीत के बाद सहमति बनी। इसके बाद मासूम के शव का पोस्टमॉर्टम कराया गया। समझौते के तहत बिजली विभाग, विधायक मद और विभाग के ठेकेदार की ओर से कुल 11 लाख रुपए की आर्थिक सहायता, सरकारी योजनाओं का लाभ और मृतक के पिता को संविदा पर नौकरी देने पर सहमति बनी। खुले तारों से आया था मासूम को करंट शनिवार सुबह से जिला हॉस्पिटल में बड़ी संख्या में समाजजन और मोहल्लेवासी जमा हो गए। पार्षद दिनेश गवारिया, समाज के पदाधिकारी और अन्य जनप्रतिनिधियों ने परिवार के लिए आर्थिक सहायता और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग रखी। पार्षद दिनेश गवारिया ने बताया कि वार्ड नंबर छह की गली नंबर दो में ट्रांसफार्मर के नीचे लगे बॉक्स के खुले तारों की वजह से मासूम करंट की चपेट में आया। उन्होंने कहा कि समाज और जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में अधिकारियों से बातचीत हुई, जिसके बाद सहमति बनी और पोस्टमार्टम कराया गया। समझौते के अनुसार बिजली विभाग की ओर से 5 लाख रुपए, विधायक मद से 2 लाख रुपए और विभाग के ठेकेदार की ओर से 4 लाख रुपए की सहायता दी जाएगी। साथ ही परिवार को अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने और मृतक के पिता को संविदा पर नौकरी देने पर भी सहमति बनी। इसके बाद शव को अंतिम संस्कार के लिए गांव रवाना किया गया। खेलते समय हुआ हादसा मूल रूप से जवासिया निवासी और वर्तमान में चंदेरिया के एफसीआई गोदाम के पीछे रहने वाला छह वर्षीय सुमित बंजारा शुक्रवार शाम अपने साथियों के साथ खेल रहा था। इसी दौरान वह गली नंबर-2 में लगे ट्रांसफार्मर के पास पहुंच गया और करंट की चपेट में आ गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार करंट का झटका इतना तेज था कि उसका पैर बुरी तरह झुलस गया। परिजन तुरंत उसे जिला सांवलियाजी हॉस्पिटल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। सुमित हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी के सरकारी स्कूल में एलकेजी का छात्र था। उसके पिता मुकेश बंजारा मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। सुमित तीन भाई-बहनों में सबसे छोटा था। उसकी मौत के बाद परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे इलाके में शोक का माहौल है। पुलिस ने शुरू की जांच, लोगों ने कार्रवाई की मांग उठाई घटना की सूचना मिलते ही बिजली विभाग के अधिकारी और चंदेरिया थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने मर्ग दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। परिजनों और स्थानीय लोगों का आरोप है कि ट्रांसफार्मर के फ्यूज बॉक्स खुले थे और तार लटक रहे थे, जिससे यह हादसा हुआ। लोगों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों पर कार्रवाई तथा परिवार को न्याय दिलाने की मांग की है। शनिवार को हॉस्पिटल में पुलिस जाब्ता भी तैनात रहा, ताकि किसी तरह की अप्रिय स्थिति न बने। बातचीत के बाद मामला शांत हुआ और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी कराई गई। ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 18 Jul 2026 13:51:50 +0530</pubDate>
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        <media:keywords>करंट, से, मासूम, की, मौत, के, बाद, हॉस्पिटल, में, हंगामा:परिवार, को, लाख, की, सहायता, राशि, और, नौकरी, पर, सहमति, बनी</media:keywords>
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        <title>करौली में बदला मौसम का मिजाज, झमाझम बारिश:भीषण गर्मी और उमस से लोगों को मिली बड़ी राहत, अलर्ट जारी</title>
        <link>https://dhakarsamachar.in/करौली-में-बदला-मौसम-का-मिजाज-झमाझम-बारिशभीषण-गर्मी-और-उमस-से-लोगों-को-मिली-बड़ी-राहत-अलर्ट-जारी</link>
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        <description><![CDATA[ करौली में शुक्रवार देर शाम मौसम ने अचानक करवट ली। दिनभर की तेज धूप और उमसभरी गर्मी के बाद हुई झमाझम बारिश से लोगों को बड़ी राहत मिली। आधे घंटे से अधिक समय तक हुई इस बारिश से तापमान में गिरावट दर्ज की गई और मौसम सुहावना हो गया। शुक्रवार सुबह से ही जिले में तेज धूप और उमस का प्रकोप था, जिससे लोगों का घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया था। दोपहर तक गर्मी अपने चरम पर पहुंच गई थी, लेकिन शाम होते-होते आसमान में घने बादल छा गए। इसके बाद करौली के कई इलाकों में तेज बारिश शुरू हो गई। लगभग आधे घंटे से अधिक समय तक हुई इस बारिश के कारण शहर की सड़कों पर पानी भर गया और कुछ स्थानों पर जलभराव की स्थिति भी बन गई। बारिश के साथ चली ठंडी हवाओं ने मौसम को खुशनुमा बना दिया। दिनभर गर्मी से परेशान लोगों ने राहत की सांस ली, वहीं बच्चों और युवाओं ने बारिश का खूब आनंद लिया। किसानों के चेहरों पर भी खुशी लौट आई, क्योंकि इससे खरीफ की फसलों को लाभ मिलने की उम्मीद है। मौसम विभाग ने आगामी कुछ घंटों में जिले के कुछ और हिस्सों में बारिश की संभावना और मौसम परिवर्तन का अलर्ट जारी किया है। ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 18 Jul 2026 13:51:50 +0530</pubDate>
        <dc:creator>drajaysaini11</dc:creator>
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        <title>अमृत&amp;देवासी हत्याकांड में गृह मंत्री अमित शाह के नाम ज्ञापन:परिजन बोले&amp; 3 साल से न्याय की आस, फॉरेंसिक रिपोर्ट भी नहीं दी</title>
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        <description><![CDATA[ शिव सेना जालोर की ओर से अमृत देवासी हत्याकांड की निष्पक्ष जांच, आरोपियों की गिरफ्तारी और जांच में हुई लापरवाही के को लेकर गृह मंत्री के नाम कलेक्टर जालोर के माध्यम से ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में बताया गया कि भैंसवाड़ा निवासी अमृत देवासी की संदिग्ध परिस्थितियों में हत्या कर शव को तालाब में फेंक दिया गया था। घटना को लगभग 3 साल बीत जाने के बावजूद आज तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई है। पीड़ित परिवार एवं क्षेत्र वासियों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। ज्ञापन में यह भी बताया गया कि मृतक का मोबाइल फोन बरामद होने के बावजूद उसकी फॉरेंसिक रिपोर्ट अब तक प्राप्त नहीं होना जांच प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़ा करता है। 3 साल से चक्कर काट रहा पीड़ित परिवार शिव सेना जिला प्रमुख रूपराज राज पुरोहित ने कहा कि मृतक के वृद्ध माता-पिता पिछले 3 सालों से न्याय की प्रतीक्षा में चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन अभी तक उन्हें न्याय नहीं मिल पाया है। लगातार विलंब के कारण परिवार मानसिक, सामाजिक एवं आर्थिक पीड़ा झेल रहा है। संगठन ने मामले की निष्पक्ष जांच एवं दोषियों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की मांग की है। ज्ञापन में गृह मंत्री अमित शाह के नाम एसडीएम ज्ञापन देकर मांग की गई है कि अमृत देवासी हत्याकांड की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच करवाई जाए, प्रकरण में शामिल सभी आरोपियों को शीघ्र गिरफ्तार किया जाए, मोबाइल की फॉरेंसिक रिपोर्ट तत्काल प्राप्त कर जांच में शामिल किया जाए और जांच में हुई लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाए। ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 18 Jul 2026 13:51:50 +0530</pubDate>
        <dc:creator>drajaysaini11</dc:creator>
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        <title>आरजे कार्तिक का आज शाम RIC में &amp;apos;कथाएं, कीर्तन:दिखेगा भजन क्लबिंग और स्टोरीटेलिंग का अनूठा अंदाज, टिकट से मिलेगी एंट्री</title>
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        <description><![CDATA[ राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में आज शाम (शनिवार) 6 बजे मोटिवेशनल स्पीकर RJ कार्तिक का शो ‘कथाएं, कीर्तन और कार्तिक’ होगा। कार्यक्रम में टिकट के जरिए एंट्री मिलेगी। शो की सभी टिकट पहले ही बुक हो चुकी हैं। भजनों पर झूमेंगे लोग यह शो भजन क्लबिंग, कीर्तन और कहानियों का एक नया रूप होगा। जयपुर में पहली बार इस तरह का आयोजन हो रहा है। इसमें लोग भजनों की धुन पर झूमेंगे और एक साथ कीर्तन का आनंद लेंगे। कार्यक्रम में आरजे कार्तिक अपने खास अंदाज में सकारात्मक और प्रेरणादायक कहानियां भी सुनाएंगे। कार्तिक की कहानियों को करोड़ों लोग पसंद करते हैं RJ कार्तिक अपनी मोटिवेशनल कहानियों के लिए जाने जाते हैं। उनकी कहानियां रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़ी होती हैं और लोगों को मुश्किल समय में उम्मीद बनाए रखने व सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देती हैं। सोशल मीडिया पर भी उनकी प्रेरक कहानियों को देशभर के करोड़ों लोग पसंद करते हैं। ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 18 Jul 2026 13:51:50 +0530</pubDate>
        <dc:creator>drajaysaini11</dc:creator>
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        <title>16 साल से फरार पारदी गैंग का वारंटी गिरफ्तार:2010 में 53 तोला सोना, नकदी चोरी मामले में मिली सफलता</title>
        <link>https://dhakarsamachar.in/16-साल-से-फरार-पारदी-गैंग-का-वारंटी-गिरफ्तार2010-में-53-तोला-सोना-नकदी-चोरी-मामले-में-मिली-सफलता</link>
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        <description><![CDATA[ बारां कोतवाली थाना पुलिस ने 16 साल पुराने चोरी के एक चर्चित मामले में बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने पारदी गैंग के एक स्थायी वारंटी गजराज उर्फ गजराम पारदी (65) को मध्य प्रदेश के गुना जिले से गिरफ्तार किया है। आरोपी वर्ष 2010 से फरार चल रहा था। यह मामला 13 जून 2010 को ललित कुमार गुप्ता द्वारा दर्ज कराई गई रिपोर्ट से संबंधित है। गुप्ता ने बताया था कि 12 जून 2010 की रात अज्ञात बदमाशों ने उनके कोटा रोड स्थित मकान के नीचे संचालित श्रीकृष्णा औद्योगिक प्रशिक्षण केंद्र (आईटीआई) का ताला तोड़कर प्रवेश किया। इसके बाद सीढ़ियों से मकान में घुसकर 25 हजार रुपए नकद, 53 तोला सोना और 850 ग्राम चांदी के जेवर चोरी कर लिए थे। पुलिस अधीक्षक अभिषेक अंदासु ने बताया कि फरार अपराधियों, भगोड़ों और स्थायी वारंटियों की गिरफ्तारी के लिए एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सौरभ तिवाड़ी के सुपरविजन और पुलिस उपाधीक्षक रोहिताश देवंदा के निर्देशन में कोतवाली थाना प्रभारी हीरालाल पुनियां और डीएसटी टीम ने कार्रवाई की। टीम ने मध्य प्रदेश के गुना जिले के बिलाखेड़ी क्षेत्र में दबिश देकर आरोपी गजराज उर्फ गजराम को गिरफ्तार किया। आरोपी के खिलाफ न्यायालय से स्थायी गिरफ्तारी वारंट जारी था और वह 299 सीआरपीसी के तहत फरार घोषित था। पुलिस के अनुसार, आरोपी से चोरी गए माल और उसके अन्य साथियों के संबंध में गहन पूछताछ की जा रही है। मामले में अन्य फरार आरोपियों और चोरी के माल की बरामदगी को लेकर भी जांच जारी है।  पुलिस ने बताया कि आरोपी अपनी पहचान छुपाकर गुना के बिलाखेड़ी के जंगल में वेश बदलकर रह रहा था, जिसे डीएसटी टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद पकड़ा। इस कार्रवाई में पुलिस टीम में कोतवाली सीआई हीरालाल पुनिया, एएसआई मुकुटबिहारी, डीएसटी प्रभारी राजेश मीणा, एएसआई आकाश शिंदे, हेड कांस्टेबल मनीष अवस्थी, कृष्णमुरारी और हरिप्रकाश सहित अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे। ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 18 Jul 2026 13:51:50 +0530</pubDate>
        <dc:creator>drajaysaini11</dc:creator>
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        <title>अक्षरा मीणा ने तीसरे प्रयास में की नीट क्रैक:बाेली&amp; मेहनत से मंजिल हुई आसान; ईवा और तनीष का भी सिलेक्शन</title>
        <link>https://dhakarsamachar.in/अक्षरा-मीणा-ने-तीसरे-प्रयास-में-की-नीट-क्रैकबाेली-मेहनत-से-मंजिल-हुई-आसान-ईवा-और-तनीष-का-भी-सिलेक्शन</link>
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        <description><![CDATA[ दौसा जिले के कालाखो गांव स्थित बालकिशन का बास निवासी अक्षरा मीणा ने राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) में शानदार सफलता हासिल की है। अक्षरा ने अपने तीसरे प्रयास में अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग में 269वीं रैंक प्राप्त कर परिवार और क्षेत्र का नाम रोशन किया है। अक्षरा ने अपनी सफलता का श्रेय अपने पिता मेवाराम मीणा, माता ज्योति मीणा और अपनी निरंतर कड़ी मेहनत को दिया। उन्होंने कहा कि यदि लक्ष्य के प्रति पूरी एकाग्रता और समर्पण के साथ तैयारी की जाए तो कोई भी मंजिल कठिन नहीं होती। ईवा खंडेलवाल को मिली सफलता दौसा निवासी ईवा खंडेलवाल ने NEET UG परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए 599वीं रैंक प्राप्त की है। उन्होंने सामान्य वर्ग में ऑल इंडिया रैंक (AIR) 4251वीं रैंक हासिल कर जिले और परिवार का नाम रोशन किया है। ईवा के पिता सुनील खंडेलवाल कुंडल तहसील कार्यालय में ऑफिस कानूनगो के पद पर कार्यरत हैं। ईवा ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता के मार्गदर्शन, सहयोग तथा अपनी निरंतर कड़ी मेहनत को दिया। ईवा की इस उपलब्धि पर समाज के लोगों ने खुशी जताई। इस अवसर पर समाज के गणमान्य लोगों ने ईवा का सम्मान किया। भांडारेज के तनीष कुमार सैनी को सफलता जिले के भांडारेज कस्बे की नींबू वाली ढाणी निवासी तनीष कुमार सैनी ने नीट (NEET) परीक्षा उत्तीर्ण की है। तनीष ने ऑल इंडिया रैंक (AIR) 7677 तथा ओबीसी वर्ग में 3325वीं रैंक हासिल की है। तनीष के पिता रामावतार सैनी जोधपुर विद्युत बोर्ड में लाइनमैन के पद पर कार्यरत हैं, जबकि माता सुनीता देवी गृहिणी हैं। तनीष की इस उपलब्धि पर परिवार, रिश्तेदारों और क्षेत्रवासियों में खुशी का माहौल है। ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 18 Jul 2026 13:51:50 +0530</pubDate>
        <dc:creator>drajaysaini11</dc:creator>
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        <title>डीडवाना&amp;कुचामन में विशेष अभियान, 254 वाहनों के चालान:सड़क सुरक्षा के लिए सघन &amp;apos;ए&amp;apos; श्रेणी की नाकाबंदी</title>
        <link>https://dhakarsamachar.in/डीडवाना-कुचामन-में-विशेष-अभियान-254-वाहनों-के-चालानसड़क-सुरक्षा-के-लिए-सघन-ए-श्रेणी-की-नाकाबंदी</link>
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        <description><![CDATA[ डीडवाना-कुचामन जिले में राजस्थान पुलिस महानिदेशक, जयपुर के निर्देश पर सघन &#039;ए&#039; श्रेणी की नाकाबंदी कर विशेष चेकिंग अभियान चलाया गया। पुलिस अधीक्षक डॉ. प्यारेलाल शिवरान (आईपीएस) के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई के दौरान यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले 254 वाहन सवारों के चालान बनाए गए। संदिग्ध व्यक्तियों, वाहनों और वस्तुओं की भी गहन जांच की गई। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देना, यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित करना और आमजन के जीवन व संपत्ति की सुरक्षा करना था। पुलिस ने राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों के साथ-साथ शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के प्रमुख मार्गों पर नाकाबंदी की। मोबाइल पुलिस टीमों ने लगातार गश्त कर संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की। यह अभियान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हिमांशु शर्मा (डीडवाना), विमल सिंह (कुचामन) तथा भूपेन्द्र शर्मा (परबतसर) के पर्यवेक्षण में संचालित किया गया। जिले के सभी वृत्ताधिकारियों और थाना प्रभारियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में विशेष चेकिंग अभियान चलाकर इसे सफल बनाया। कुल 254 चालानों में से 54 काली फिल्म लगे वाहनों के, 50 बिना नंबर प्लेट या गलत नंबर प्लेट वाले वाहनों के, 49 बिना सीट बेल्ट के और 48 बिना हेलमेट के वाहन सवारों के खिलाफ किए गए। इसके अतिरिक्त, वाहन चलाते समय मोबाइल पर बात करते हुए पाए गए 6 सवारों पर कार्रवाई हुई, जबकि 47 चालान अन्य यातायात नियमों के उल्लंघन के लिए किए गए। पुलिस ने आमजन से यातायात नियमों का पालन करने, हेलमेट और सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से उपयोग करने तथा सुरक्षित ड्राइविंग अपनाने की अपील की है। पुलिस का कहना है कि ऐसे अभियानों का उद्देश्य केवल चालान करना नहीं, बल्कि लोगों में सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाकर दुर्घटनाओं को रोकना और सुरक्षित यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करना है। ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 18 Jul 2026 13:51:50 +0530</pubDate>
        <dc:creator>drajaysaini11</dc:creator>
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        <title>पड़ोसी ने विवाहिता को ब्लैकमेल कर किया रेप:मिलने के बहाने बुलाया, धोखे से किडनैप कर डेढ़ महीने तक बंधक बनाकर रखा</title>
        <link>https://dhakarsamachar.in/पड़ोसी-ने-विवाहिता-को-ब्लैकमेल-कर-किया-रेपमिलने-के-बहाने-बुलाया-धोखे-से-किडनैप-कर-डेढ़-महीने-तक-बंधक-बनाकर-रखा</link>
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        <description><![CDATA[ जयपुर में पड़ोसी युवक के विवाहिता से रेप करने का मामला सामने आया है। मिलने के बहाने धोखे से बुलाकर आरोपी उसका किडनैप कर ले गया। डेढ़ महीने तक बंधक बनाकर आरोपी ने महिला के साथ दरिंदगी की। पुलिस ने शिकायत पर पीड़िता का मेडिकल व बयान दर्ज किए। पुलिस ने दबिश देकर शुक्रवार शाम आरोपी को अरेस्ट किया। पुलिस ने बताया कि जयपुर की रहने वाली 20 साल की विवाहिता ने शिकायत दर्ज करवाई है। पड़ोसी होने के कारण आरोपी से उसकी बातचीत थी। उनका आपस में मिलना-जुलना भी था। डेढ़ महीने तक बंधकर बनाकर की दरिंदगी आरोप है कि मई-2026 में मिलने के बहाने धोखे से उसे बुलाया। मिलने जाने पर ब्लैकमेल कर दबाव बनाकर उसका किडनैप कर ले गया। और करीब डेढ़ महीने तक बंधक बनाकर महिला के साथ रेप किया। 20 जून को महिला किसी तरह आरोपी के चुंगल से भाग निकली। तबीयत खराब होने पर हॉस्पिटल में एडमिट पीड़िता के बयान पर पुलिस ने मामला दर्ज किया। पुलिस ने पीड़िता का मेडिकल व बयान दर्ज कर जांच की। पुलिस टीम ने शुक्रवार शाम दबिश देकर आरोपी पड़ोसी को धर-दबोचा। ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 18 Jul 2026 13:51:50 +0530</pubDate>
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        <title>आपसी रंजिश में झगड़ा, एक की मौत:परिजन शव लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे, प्रदर्शन कर कार्रवाई मांगी</title>
        <link>https://dhakarsamachar.in/आपसी-रंजिश-में-झगड़ा-एक-की-मौतपरिजन-शव-लेकर-कलेक्ट्रेट-पहुंचे-प्रदर्शन-कर-कार्रवाई-मांगी</link>
        <guid>https://dhakarsamachar.in/आपसी-रंजिश-में-झगड़ा-एक-की-मौतपरिजन-शव-लेकर-कलेक्ट्रेट-पहुंचे-प्रदर्शन-कर-कार्रवाई-मांगी</guid>
        <description><![CDATA[ करौली सदर थाना क्षेत्र के फूले की झोपड़ी (चौरण्डापुरा) में आपसी रंजिश के चलते हुए खूनी संघर्ष में गंभीर रूप से घायल अशोक गुर्जर की जयपुर में इलाज के दौरान मौत हो गई। इसके बाद परिजन शव लेकर जिला कलेक्ट्रेट पहुंचे और ग्रामीणों के साथ प्रदर्शन करते हुए आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी, परिवार की सुरक्षा तथा निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की। अधिकारियों के आश्वासन के बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ। छह लोग हुए थे घायल अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महेश मीणा ने बताया कि फूले की झोपड़ी क्षेत्र में दो पक्षों के बीच हिंसक झगड़ा हुआ था। इस संघर्ष में कुल छह लोग घायल हुए। गंभीर रूप से घायल अशोक गुर्जर और भूर सिंह को जयपुर रेफर किया गया था। इलाज के दौरान अशोक गुर्जर पुत्र कदम गुर्जर की मौत हो गई, जबकि भूर सिंह का इलाज जारी है। एफआईआर में लगाए गंभीर आरोप मृतक के पिता कदम गुर्जर की ओर से दर्ज एफआईआर के अनुसार, 16 जुलाई को अशोक गुर्जर को रास्ते में घेरकर लाठी, सरियों और धारदार हथियारों से हमला किया गया। बीच-बचाव करने पहुंचे परिजनों पर भी जानलेवा हमला किया गया, जिससे कई लोग घायल हुए। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि हमलावर घरों में घुस गए और महिलाओं सहित अन्य परिजनों के साथ मारपीट की। प्रदर्शन के बाद प्रशासन का आश्वासन अशोक की मौत के बाद परिजन शव लेकर जिला कलेक्ट्रेट पहुंचे और ग्रामीणों के साथ प्रदर्शन किया। उन्होंने आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी, परिवार की सुरक्षा और निष्पक्ष जांच की मांग उठाई। मौके पर पहुंचे अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महेश मीणा और डीएसपी अनुज शुभम ने निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया, जिसके बाद परिजन शव लेकर गांव रवाना हो गए। आरोपियों की तलाश जारी पुलिस ने मामले में कुछ संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। सदर थाना पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है। ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 18 Jul 2026 13:51:50 +0530</pubDate>
        <dc:creator>drajaysaini11</dc:creator>
        <media:keywords>आपसी, रंजिश, में, झगड़ा, एक, की, मौत:परिजन, शव, लेकर, कलेक्ट्रेट, पहुंचे, प्रदर्शन, कर, कार्रवाई, मांगी</media:keywords>
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        <title>प्रतापगढ़ एसपी विशाल जांगिड़ ने संभाला कार्यभार:पुलिस जवानों ने दिया गार्ड ऑफ ऑनर; बोले&amp; नशे पर अंकुश के लिए बनाएंगे कार्य योजना</title>
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        <description><![CDATA[ प्रतापगढ़ जिले को शनिवार को नया पुलिस कप्तान मिल गया। राजस्थान कैडर के 2022 बैच के आईपीएस अधिकारी विशाल जांगिड़ ने पुलिस अधीक्षक के रूप में पदभार ग्रहण किया। उन्होंने कार्यभार संभालने के बाद कानून व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता बताया और नशे के खिलाफ सख्त अभियान चलाने की बात कही। पुलिस जवानों ने दिया गार्ड ऑफ ऑनर
एसपी विशाल जांगिड़ ने शनिवार को विधिवत रूप से पुलिस अधीक्षक कार्यालय में पदभार संभाला। एसपी के कार्यालय पहुंचने पर पुलिस अधिकारियों ने गुलदस्ते भेंट कर उनका स्वागत किया, जबकि पुलिस जवानों ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया। आरएसी बीकानेर से ट्रांसफर होकर आए
विशाल जांगिड़ हाल ही में दसवीं बटालियन आरएसी बीकानेर के कमांडेंट पद से स्थानांतरित होकर प्रतापगढ़ पहुंचे हैं। वे राजस्थान पुलिस के सबसे युवा पुलिस अधीक्षकों में से एक हैं। कार्यभार ग्रहण करने के बाद पुलिस अधीक्षक ने एसपी कार्यालय का निरीक्षण किया। उन्होंने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जयदेव सिहाग और डीएसपी गजेंद्र सिंह राव के साथ जिले की कानून एवं व्यवस्था की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान अपराध नियंत्रण, पुलिस व्यवस्था और आगामी रणनीति पर भी चर्चा हुई। एसपी विशाल जांगिड़ ने कहा कि जिले में कानून और व्यवस्था बनाए रखना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी। उन्होंने मादक पदार्थों की तस्करी और नशे के कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार करने की बात कही। साथ ही, नशे की गिरफ्त में आ रहे युवाओं को जागरूक कर मुख्यधारा से जोड़ने के लिए भी प्रभावी प्रयास किए जाएंगे। ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 18 Jul 2026 13:51:50 +0530</pubDate>
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        <title>सफाई के दौरान फिसली सीढ़ी, सेप्टिक टैंक में गिरीं छात्राएं:एक छात्रा की मौत, 13 घायल; मदरसा संचालक पर होगी कार्रवाई</title>
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        <description><![CDATA[ डीग के गोपालगढ़ थाना क्षेत्र स्थित एक मदरसे में सेप्टिक टैंक की सफाई के दौरान बड़ा हादसा हो गया। टैंक के अंदर लगी सीढ़ियां फिसलने से सफाई कर रहीं छात्राएं गहरे टैंक में गिर गईं। हादसे में 17 वर्षीय एक छात्रा की मौत हो गई, जबकि 13 अन्य छात्राएं घायल हो गईं। घटना के बाद प्रशासन और पुलिस मौके पर पहुंची तथा घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और लापरवाही के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही है। कैसे हुआ हादसा? पुलिस अधीक्षक कांबले शरण गोपीनाथ ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि मदरसे में साफ-सफाई का काम चल रहा था। कुछ छात्राएं सेप्टिक टैंक के अंदर उतरकर सफाई कर रही थीं, जबकि अन्य ऊपर मौजूद थीं। इसी दौरान टैंक के अंदर लगी सीढ़ियां अचानक फिसल गईं, जिससे सभी छात्राएं गहरे टैंक में जा गिरीं। कर्मचारियों ने किया रेस्क्यू टैंक के भीतर से छात्राओं की चीख-पुकार सुनकर मदरसा कर्मचारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने कड़ी मशक्कत के बाद सभी छात्राओं को बाहर निकाला। इस हादसे में हरियाणा के साकरस गांव निवासी 17 वर्षीय रोहिन पुत्री अब्दुल वहीद की मौके पर ही मौत हो गई। घायल 13 छात्राओं को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनकी हालत फिलहाल खतरे से बाहर बताई जा रही है। एफएसएल जांच, मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। घटनास्थल पर एफएसएल टीम साक्ष्य जुटा रही है। मृतका का सीकरी अस्पताल में मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा। अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था के तहत पुलिस बल भी तैनात किया गया है। डीएम-एसपी ने किया निरीक्षण हादसे की सूचना मिलते ही जिला कलेक्टर मयंक मनीष और पुलिस अधीक्षक कांबले शरण गोपीनाथ पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। एसपी ने कहा कि छात्राओं से इस तरह का जोखिम भरा काम कराना गंभीर लापरवाही है। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 18 Jul 2026 13:51:50 +0530</pubDate>
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        <title>खेत में काम कर रहे किसान पर झपटा कुत्ता:हाथ&amp;पीठ और सीने पर घाव; लोगों ने लाठियों से पीट कर मार डाला</title>
        <link>https://dhakarsamachar.in/खेत-में-काम-कर-रहे-किसान-पर-झपटा-कुत्ताहाथ-पीठ-और-सीने-पर-घाव-लोगों-ने-लाठियों-से-पीट-कर-मार-डाला</link>
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        <description><![CDATA[ पाली जिले के केरला गांव में शुक्रवार शाम को खेत पर काम कर रहे एक किसान पर कुत्ते ने हमला कर दिया। हमले में किसान घायल हो गया, जिसे इलाज के लिए पाली के बांगड़ अस्पताल लाया गया। घटना के बाद कुत्ते के काटने से गुस्साए ग्रामीणों ने उसे पागल बताते हुए लाठियों से पीट-पीटकर मार डाला। हालांकि, कुत्ते में रेबीज होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। खेत में काम के दौरान किया हमला केरला गांव निवासी सोहनलाल (44) पुत्र मांगीलाल सीरवी शुक्रवार को अपने खेत में काम कर रहे थे। इसी दौरान एक कुत्ता खेत में पहुंचा और उन पर हमला कर दिया। कुत्ते ने उनके हाथ, पीठ, सीने और हाथ की एक अंगुली पर काट लिया, जिससे वे घायल हो गए। घायल सोहनलाल को इलाज के लिए पाली के बांगड़ अस्पताल लाया गया। यहां प्राथमिक उपचार के दौरान उन्हें टिटनेस का इंजेक्शन लगाया गया। डॉक्टरों के अनुसार उन्हें शनिवार को एंटी-रेबीज वैक्सीन लगाई जाएगी। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें घर भेज दिया गया। कुत्ते को पीट-पीटकर मार डाला घटना के बाद आसपास के ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए। कुत्ते के काटने से गुस्साए ग्रामीणों ने उसे पागल बताते हुए लाठियों से बेरहमी से पीट-पीटकर मार डाला, ताकि वह किसी अन्य व्यक्ति पर हमला न कर सके। हालांकि, कुत्ते में वास्तव में रेबीज था या नहीं, इसकी आधिकारिक पुष्टि अब तक नहीं हुई है। रेबीज की पुष्टि नहीं ग्रामीणों का दावा है कि कुत्ता असामान्य व्यवहार कर रहा था, लेकिन संबंधित विभाग की ओर से उसमें रेबीज संक्रमण की पुष्टि नहीं की गई है। ऐसे में कुत्ते के पागल होने की आधिकारिक पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है। ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 18 Jul 2026 13:51:50 +0530</pubDate>
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        <title>अलवर जिले में पति&amp;पत्नी को सरियों से पीटा:महिला के हाथ में फ्रैक्चर हो गया, गांव में अवैध शराब बेचने पर टोका था</title>
        <link>https://dhakarsamachar.in/अलवर-जिले-में-पति-पत्नी-को-सरियों-से-पीटामहिला-के-हाथ-में-फ्रैक्चर-हो-गया-गांव-में-अवैध-शराब-बेचने-पर-टोका-था</link>
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        <description><![CDATA[ अलवर के बगड़ तिराहा थाना क्षेत्र के बहाला गांव में कच्ची शराब बेचने का विरोध करने पर एक दंपति पर जानलेवा हमला कर दिया। आरोपियों ने दंपति को सरियों से पीटा, जिससे महिला का हाथ टूट गया और उसका पति गंभीर रूप से घायल हो गया। दोनों को लहूलुहान हालत में अलवर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। बिजली ठीक करने गया था पीड़ित, वहीं बिक रही थी शराब जानकारी के अनुसार, बहाला निवासी प्रवीण जाटव शुक्रवार रात करीब 11 बजे गांव में बिजली गुल होने पर पड़ोस के पोल पर लाइट ठीक करने गया था। उसी दौरान वहां पड़ोसी बिट्टू अवैध रूप से कच्ची शराब बेच रहा था। प्रवीण ने सार्वजनिक स्थान पर शराब बेचने का विरोध किया। शोर सुनकर बचाने आई पत्नी को भी नहीं छोड़ा मना करने पर आरोपी बिट्टू तैश में आ गया। उसने तुरंत अपने बेटे चीकू और अन्य परिजनों को मौके पर बुला लिया। आरोप है कि सभी ने लाठी और लोहे के सरियों से प्रवीण पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। प्रवीण की चीख-पुकार सुनकर उसकी पत्नी मानबाई बीच-बचाव करने दौड़ी, तो आरोपियों ने उसे भी नहीं बख्शा। सरिए के वार से मानबाई का हाथ फ्रैक्चर हो गया। आरोपी अवैध रूप से बेचते हैं शराब अस्पताल में भर्ती पीड़ित प्रवीण ने बताया कि आरोपी लंबे समय से गांव में अवैध रूप से कच्ची शराब का धंधा कर रहे हैं। इससे गांव का माहौल खराब हो रहा है। पुलिस को पहले भी कई बार शिकायतें दी गईं, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से आरोपियों के हौसले बुलंद हैं। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस अस्पताल पहुंची और घायलों के बयान दर्ज किए। बगड़ तिराहा थाना पुलिस के अनुसार, पीड़ित पक्ष की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया गया है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें दबिश दे रही हैं। ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 18 Jul 2026 13:51:50 +0530</pubDate>
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        <title>थाने से 500 मीटर दूर मकान में लाखों की चोरी:2 तोला सोना&amp;1 किलो चांदी ले गए; परिजन बोले&amp; 4 घंटे बाद भी नहीं पहुंची पुलिस</title>
        <link>https://dhakarsamachar.in/थाने-से-500-मीटर-दूर-मकान-में-लाखों-की-चोरी2-तोला-सोना-1-किलो-चांदी-ले-गए-परिजन-बोले-4-घंटे-बाद-भी-नहीं-पहुंची-पुलिस</link>
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        <description><![CDATA[ डीडवाना-कुचामन जिले के नावा शहर में पुलिस थाने से करीब 500 मीटर दूर चोरों ने एक सूने मकान को निशाना बनाकर नकदी और जेवर चोरी कर लिए। बदमाश घर का ताला तोड़कर करीब 50 हजार रुपए नकद, 2 तोला सोना, 1 किलो चांदी और गुल्लक में रखे 20 से 30 हजार रुपए लेकर फरार हो गए। परिजनों का आरोप है कि सूचना देने के बावजूद पुलिस करीब चार घंटे तक मौके पर नहीं पहुंची। परिवार फलौदी गया था, लौटने पर मिली चोरी की जानकारी जानकारी के अनुसार नमक श्रमिक कॉलोनी निवासी ओमपुरी परिवार सहित फलौदी गए हुए थे। शनिवार सुबह घर लौटने पर मुख्य दरवाजे का ताला टूटा मिला। घर के अंदर अलमारी और सामान बिखरा पड़ा था। जांच करने पर नकदी, सोने-चांदी के जेवर और गुल्लक में रखी रकम गायब मिली। मायरे के लिए जोड़े थे जेवर और नकदी पीड़ित ने बताया कि वह नमक में मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करता है। घर में कुछ दिनों बाद मायरे का कार्यक्रम होना था। इसके लिए मेहनत से नकदी और जेवर इकट्ठे किए थे, जो चोरी हो गए। परिजनों ने पुलिस पर लगाए देरी के आरोप पीड़ित परिवार का आरोप है कि घटना की सूचना देने के बाद पुलिस ने उन्हें यह कहकर घर भेज दिया कि &quot;एक घंटे बाद आते हैं।&quot; परिजनों के अनुसार करीब चार घंटे बाद तक भी पुलिस मौके पर नहीं पहुंची। इसे लेकर स्थानीय लोगों में पुलिस की कार्यशैली को लेकर नाराजगी है। इसी मकान में दूसरी बार हुई चोरी परिजनों के मुताबिक इसी मकान में दूसरी बार चोरी की वारदात हुई है। पिछली चोरी का भी अब तक खुलासा नहीं हो पाया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बीते एक वर्ष में पुलिस थाने के एक किलोमीटर के दायरे में लाखों रुपए की कई चोरी की घटनाएं हुई हैं, लेकिन अधिकांश मामलों का खुलासा अब तक नहीं हुआ। कच्छा-बनियान गिरोह की चर्चाओं से बढ़ी चिंता क्षेत्र में हाल ही में कथित कच्छा-बनियान गिरोह की सक्रियता की चर्चाओं के बीच इस वारदात ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि लगातार हो रही चोरी की घटनाओं से सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों ने पुलिस से मामले की जल्द जांच कर आरोपियों को गिरफ्तार करने, चोरी का खुलासा करने और शहर में रात्रि गश्त बढ़ाने की मांग की है। इनपुट सहयोग : कमलेश पारीक। ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 18 Jul 2026 13:51:50 +0530</pubDate>
        <dc:creator>drajaysaini11</dc:creator>
        <media:keywords>थाने, से, 500, मीटर, दूर, मकान, में, लाखों, की, चोरी:2, तोला, सोना-1, किलो, चांदी, ले, गए, परिजन, बोले-, घंटे, बाद, भी, नहीं, पहुंची, पुलिस</media:keywords>
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        <title>कम बारिश के कारण उदयपुर रेड कैटेगरी में:लगातार सूखे मौसम से किसानों की चिंता बढ़ी, आज सलूंबर सहित कई इलाकों में अलर्ट</title>
        <link>https://dhakarsamachar.in/कम-बारिश-के-कारण-उदयपुर-रेड-कैटेगरी-मेंलगातार-सूखे-मौसम-से-किसानों-की-चिंता-बढ़ी-आज-सलूंबर-सहित-कई-इलाकों-में-अलर्ट</link>
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        <description><![CDATA[ आमजन को मानसून की बारिश पर लगे ब्रेक के खत्म होने का इंतजार है। इस मौसम में भी उमस ने परेशान कर रखा है, वहीं किसान भी बारिश की राह देख रहे हैं। उदयपुर में अब तक सामान्य से 30 फीसदी कम बरसात हुई है। उदयपुर अभी रेड कैटेगिरी में है। इधर, आज उदयपुर और सलूंबर जिले में बारिश का अलर्ट है। शुक्रवार को उदयपुर संभाग के डूंगरपुर में 12.5 एमएम बारिश दर्ज की गई। लगातार सूखे मौसम के कारण पिछले सात दिनों में अधिकतम तापमान 2.4 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ गया है। उदयपुर में शुक्रवार को अधिकतम तापमान 34.9 और न्यूनतम तापमान 24.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD)द्वारा जारी आंकड़े के तहत उदयपुर में 17 जुलाई तक 183.6 मिलीमीटर बारिश हो जानी थी लेकिन अभी तक 128.9 मिलीमीटर बारिश ही हुई जो 30 मिलीमीटर कम है। इसमें उदयपुर रेड कैटेगिरी में है। इसे डी का दर्जा दिया गया है जिसका मतलब है कि यहां कम वर्षा हुई है। वैसे इसमें बहुत अधिक वर्षा, अधिक वर्षा, सामान्य वर्षा, कम वर्षा, बहुत कम वर्षा और बिल्कुल बारिश नहीं जैसी कैटेगिरी बना रखी हैं। बारिश की कमी से किसान चिंतित मावली क्षेत्र के चंदेसरा क्षेत्र में पिछले कई दिनों से बारिश न होने के कारण किसान चिंतित हैं। शुरुआती अच्छी बारिश के बाद किसानों ने मक्का, मूंगफली और ज्वार सहित खरीफ फसलों की बुवाई की थी, लेकिन अब मानसून की रफ्तार थम गई है। लगातार तेज धूप, गर्मी और उमस के कारण खेतों में बोए गए बीजों का अंकुरण प्रभावित हो रहा है। कई स्थानों पर बीज अभी तक पूरी तरह जमीन से बाहर नहीं निकल पाए हैं। जहां अंकुर निकल चुके हैं, वहां पानी की कमी से पौधे मुरझाने लगे हैं। पिछले सात दिनों का उदयपुर का तापमान (डिग्री से. में) 
 चंदेसरा से इनपुट : धर्मेंद ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 18 Jul 2026 13:51:50 +0530</pubDate>
        <dc:creator>drajaysaini11</dc:creator>
        <media:keywords>कम, बारिश, के, कारण, उदयपुर, रेड, कैटेगरी, में:लगातार, सूखे, मौसम, से, किसानों, की, चिंता, बढ़ी, आज, सलूंबर, सहित, कई, इलाकों, में, अलर्ट</media:keywords>
    </item>
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        <title>राम मंदिर के चढ़ावे में हेर&amp;फेर, कांग्रेस का दंडवत प्रदर्शन:रंगबाड़ी बालाजी को न्यायकर्ता मानकर सौंपा ज्ञापन; भ्रष्टाचारियों को संरक्षण देने का लगाया आरोप</title>
        <link>https://dhakarsamachar.in/राम-मंदिर-के-चढ़ावे-में-हेर-फेर-कांग्रेस-का-दंडवत-प्रदर्शनरंगबाड़ी-बालाजी-को-न्यायकर्ता-मानकर-सौंपा-ज्ञापन-भ्रष्टाचारियों-को-संरक्षण-देने-का-लगाया-आरोप</link>
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        <description><![CDATA[ अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे में हुए कथित हेर-फेर और चोरी का मामला अब गर्माता जा रहा है। इस मुद्दे को लेकर कोटा शहर में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अनोखा प्रदर्शन किया। राजस्थान कांग्रेस कमेटी, कोटा के मंडल अध्यक्ष (गणेश नगर) चेतन सोलंकी के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने दंडवत यात्रा की। इसके बाद रंगबाड़ी बालाजी को मुख्य न्यायकर्ता मानते हुए भगवान हनुमान की प्रतिमा को एक औपचारिक ज्ञापन सौंपकर न्याय की गुहार लगाई। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में स्थानीय कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे। भ्रष्टाचारियों को संरक्षण देने का लगाया आरोप कांग्रेस नेता चेतन सोलंकी ने आरोप लगाया कि अयोध्या राम मंदिर में मंदिर समिति और वहां के कुछ कर्मचारियों की ओर से करोड़ों-अरबों रुपए के चढ़ावे का गबन किया गया है। उन्होंने कहा कि राम मंदिर से भारत ही नहीं बल्कि दुनिया भर के करोड़ों सनातनियों और रामभक्तों की आस्था जुड़ी हुई है। भक्तों ने अपनी गाढ़ी कमाई और अटूट श्रद्धा से जो दान-चढ़ावा वहां अर्पित किया, उसे मंदिर के ही लोगों ने हेर-फेर कर दिया। मामला उजागर होने के बाद भी आज तक किसी दोषी के खिलाफ कोई सख्त कार्रवाई नहीं की गई और न ही किसी को जेल भेजा गया है। सरकारी तंत्र भी कथित रूप से इन भ्रष्टाचारियों को संरक्षण दे रहा है, जिससे आम जनता खुद को ठगा महसूस कर रही है। सरकार ने अब तक सीबीआई जांच क्यों नहीं कराई? चेतन सोलंकी ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी ने साल 2014 के चुनाव से लेकर अब तक हमेशा राम मंदिर के नाम का सहारा लेकर देश में अपनी सरकार बनाई है लेकिन इतने गंभीर भ्रष्टाचार के बाद भी अभी तक इस पूरे मामले की सीबीआई से जांच नहीं कराई गई है। आरोपियों की अघोषित संपत्ति को लेकर ईडी द्वारा कोई ठोस कार्रवाई या जब्ती नहीं की गई है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री, जिन्हें देश भर में बुल्डोजर वाले मुख्यमंत्री के नाम से जाना जाता है, उन्होंने राम मंदिर में चोरी करने वाले इन बड़े अपराधियों के घरों पर अब तक बुल्डोजर क्यों नहीं चलवाया? कांग्रेस नेता ने कहा कि जब इस देश का सरकारी तंत्र और जांच एजेंसियां पूरी तरह मौन हैं, तो अब केवल भगवान का ही सहारा बचा है। ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 18 Jul 2026 13:51:50 +0530</pubDate>
        <dc:creator>drajaysaini11</dc:creator>
        <media:keywords>राम, मंदिर, के, चढ़ावे, में, हेर-फेर, कांग्रेस, का, दंडवत, प्रदर्शन:रंगबाड़ी, बालाजी, को, न्यायकर्ता, मानकर, सौंपा, ज्ञापन, भ्रष्टाचारियों, को, संरक्षण, देने, का, लगाया, आरोप</media:keywords>
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        <title>अलवर में आज और कल हल्की बारिश के आसार:20&amp;22 जुलाई को बिजली गिरने का अलर्ट जारी, IMD ने दी खुले स्थानों से दूर रहने की सलाह</title>
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        <description><![CDATA[ अलवर में आज और कल हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। शुक्रवार रात शहर के कुछ इलाकों में करीब 20 मिनट तक अच्छी बारिश हुई, जबकि कई क्षेत्रों में बूंद तक नही गिरी। देर रात हुई बारिश से लोगों को दिन-भर की उमस से राहत मिली। इन दिनों जिले का मौसम लगातार करवट ले रहा है। कभी घने बादल छा जाते हैं तो कभी तेज धूप निकल जाती है, जिससे उमस और गर्मी का असर बढ़ गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार शनिवार को जिले में सामान्यतः बादल छाए रहने के साथ हल्की बारिश या बूंदाबांदी की संभावना है। अधिकतम तापमान 37 डिग्री और न्यूनतम 27 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। 18 और 19 जुलाई को भी बादल छाए रहने और हल्की बारिश के आसार हैं। वहीं 20 से 22 जुलाई के बीच गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना जताई गई है। इस दौरान आकाशीय बिजली गिरने का अलर्ट भी जारी किया गया है। मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की सलाह दी है। इस बार जिले में मानसून की बारिश सामान्य से काफी कम हुई है। पिछले वर्ष की तुलना में अब तक आधी भी बारिश नहीं होने से किसानों के साथ-साथ प्रकृति प्रेमियों की चिंता भी बढ़ गई है। अच्छी बारिश होने पर सरिस्का, सिलीसेढ़ झील, बालाकिला और वाटरफॉल जैसे पर्यटन स्थलों पर बड़ी संख्या में लोग घूमने पहुंचते हैं। वहीं नदियों, बांधों और जलाशयों में पानी भरने का इंतजार भी लोगों को है। अब सभी की नजरें मानसून के फिर से सक्रिय होने और अच्छी बारिश पर टिकी हैं। ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 18 Jul 2026 13:51:50 +0530</pubDate>
        <dc:creator>drajaysaini11</dc:creator>
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        <title>रिहायशी इलाके में निकला 10 फीट लंबा अजगर:सड़क किनारे खड़ी कार के पीछे छिपा था, वजन करीब 30 से 40 किलो था</title>
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        <description><![CDATA[ कोटा शहर में एक बार फिर आबादी इलाके में 10 फीट लंबा अजगर देखा गया। अजगर सड़क किनारे खड़ी एक कार के पास छिपा था। उसका वजन करीब 30 से 40 किलो था। रात के अंधेरे में लोगों को कार के पास हलचल नजर आई। जब रोशनी डालकर देखा तो भारी-भरकम अजगर देखकर लोग डर गए। अजगर चंबल गार्डन रोड स्थित आधारशिला के सामने शुक्रवार रात को देखा गया। मौके पर पहुंचे स्नेक कैचर गोविंद शर्मा ने अजगर का रेस्क्यू किया। कार के पास छिपे मगरमच्छ की PHOTOS बारिश में अपने बिलों से निकलकर रिहायशी इलाके में आते स्नेक कैचर गोविंद शर्मा ने बताया कि यह अजगर संभवतः आस-पास के प्राकृतिक क्षेत्र या बिल से निकलकर रिहायशी इलाके में पहुंचा था। अजगर कार के पीछे छिपकर बैठा हुआ था और उसके पास कोई जानवर आने पर वह तुरंत हमला करने की मुद्रा में आ जाता था। गोविंद शर्मा के अनुसार- चंबल गार्डन और आस-पास के क्षेत्रों में पहले भी कई अजगर निकल चुके हैं, जिन्हें सुरक्षित रेस्क्यू कर जंगल में छोड़ा गया है। उन्होंने बताया कि बारिश के मौसम में सांप, अजगर और अन्य वन्यजीव अपने बिलों से बाहर निकलकर रिहायशी इलाकों में पहुंच जाते हैं। रेस्क्यू कर जंगल में छोड़ा घटना रात करीब साढ़े नौ बजे की है। हालांकि उस समय ज्यादा आवाजाही नहीं थी, लेकिन शाम के समय इस इलाके में बच्चे और बुजुर्ग बड़ी संख्या में आते-जाते हैं। रेस्क्यू के बाद अजगर को सुरक्षित जंगल में छोड़ दिया गया तथा वन विभाग को भी इसकी सूचना दे दी गई। वन्यजीव विशेषज्ञों ने लोगों से अपील की है कि यदि कोई सांप या अजगर दिखाई दे तो उसे नुकसान न पहुंचाएं और तुरंत वन विभाग या प्रशिक्षित रेस्क्यू टीम से संपर्क करें। ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 18 Jul 2026 13:51:50 +0530</pubDate>
        <dc:creator>drajaysaini11</dc:creator>
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        <title>जयपुर में पर्यटकों के सामने लेपर्ड ने किया शिकार:10 महीने की मादा शावक ने खरगोश को दबोचा; जबड़े में दबाकर इधर&amp;उधर घूमती रही</title>
        <link>https://dhakarsamachar.in/जयपुर-में-पर्यटकों-के-सामने-लेपर्ड-ने-किया-शिकार10-महीने-की-मादा-शावक-ने-खरगोश-को-दबोचा-जबड़े-में-दबाकर-इधर-उधर-घूमती-रही</link>
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        <description><![CDATA[ जयपुर के झालाना लेपर्ड रिजर्व में सफारी के दौरान पर्यटकों को रोमांचक नजारा देखने को मिला। लेपर्ड फ्लोरा की मादा शावक के सामने एक जंगली खरगोश घास में छिपकर बैठा था। मादा शावक भी घात लगाकर बैठी थी, मौका देखते ही शावक ने झपट्‌टा मारकर खरगोश को जबड़े में दबोच लिया। इस पल को पर्यटकों ने अपने कैमरे में कैद कर लिया। यह रोमांचक घटनाक्रम रिजर्व के रूट नंबर-1 और रूट नंबर-2 के बीच शनिवार सुबह देखने को मिला। दरअसल, इन दिनों लेपर्ड फ्लोरा अपने दोनों शावकों को जंगल में शिकार करने की बारीकियां सिखा रही है। लेपर्ड फ्लोरा की मादा शावक के PHOTOS मौका देखते ही छलांग लगाकर मुंह में दबोचा गाइड सीपी सैनी ने बताया कि फ्लोरा की मादा शावक ने जंगली खरगोश का शिकार किया है। शावक घास खा रहे खरगोश पर कुछ देर तक नजर रखे हुए थी। जैसे ही खरगोश हल्का-सा बाहर निकला, तुरंत शावक ने छलांग लगा दी और खरगोश को दबोच लिया। शिकार को मुंह में दबाकर कुछ देर तक इधर-उधर घूमती रही। इसके बाद जंगल में चली गई। इस दौरान वहां मौजूद पर्यटकों ने इस पूरे दृश्य कैमरे में कैद कर लिया किया। शिकार की बारीकियां सिखा रही लेपर्ड फ्लोरा सीपी सैनी ने बताया कि फ्लोरा इन दिनों अपने दोनों शावकों को शिकार करने की बारीकियां सिखा रही है। मां की निगरानी में शावक शिकार का अभ्यास कर रहे हैं। देश-दुनिया से वन्यप्रेमी आते झालाना लेपर्ड रिजर्व देश-दुनिया के वन्यजीव प्रेमियों के बीच लेपर्ड साइटिंग के लिए अपनी अलग पहचान बना चुका है। यहां अक्सर पर्यटकों को लेपर्ड और उनके शावकों की गतिविधियां देखने का मौका मिलता है। फ्लोरा और उसके शावकों की मौजूदगी इन दिनों पर्यटकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनी हुई है। ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 18 Jul 2026 13:51:50 +0530</pubDate>
        <dc:creator>drajaysaini11</dc:creator>
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        <title>&amp;apos;ऑपरेशन क्लीन&amp;apos; के तहत मोहनगढ़ में तोड़ी 12 दुकानें:एक धार्मिक स्थल पर भी कार्रवाई, सुप्रीम कोर्ट ने दी 2 हफ्ते की अंतरिम राहत</title>
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        <description><![CDATA[ जैसलमेर में सीमावर्ती क्षेत्र मोहनगढ़ में प्रशासन ने &#039;ऑपरेशन क्लीन&#039; चलाया। इसके तहत प्रशासन और पुलिस ने शुक्रवार को अवैध निर्माण को लेकर बड़ी कार्रवाई की। भारी संख्या में पुलिस जाब्ता पहुंचा। टीम ने सड़क किनारे बनी करीब 12 अवैध दुकानों पर बुलडोजर चलाकर गिराया। इसके साथ ही पाखा माइनर के पास अवैध रूप से बने एक धार्मिक स्थल पर भी कार्रवाई की गई। &#039;ऑपरेशन क्लीन&#039; के तहत हुई कार्रवाई हालांकि, शुक्रवार को ही ऑपरेशन क्लीन मामले में सुप्रीम कोर्ट पहुंचे लोगों को बड़ी राहत मिली है। अदालत ने आदेश दिया है कि अगले दो हफ्ते तक धार्मिक स्थलों के खिलाफ किसी भी तरह की सख्ती या कार्रवाई न की जाए। वकील ने सुप्रीम कोर्ट से अपनी याचिका (818/2026) वापस लेने की अनुमति मांगी, ताकि वे इस मामले को राजस्थान हाईकोर्ट में ले जा सकें। अब यह राजस्थान हाईकोर्ट पर निर्भर करेगा कि वह इस मामले के तथ्यों के आधार पर क्या फैसला सुनाता है। अवैध रूप से पक्की दुकानें बना ली थी जानकारी के अनुसार, मोहनगढ़ के पीटीएम इलाके में आने वाले 7 टीडी और 60 पीडी क्षेत्र में लंबे समय से सड़क किनारे अवैध रूप से पक्की दुकानें बना ली गई थीं। यह इलाका पाकिस्तान बॉर्डर के काफी करीब है। इस वजह से बाहरी लोगों और अवैध कब्जों पर प्रशासन की सख्त नजर रहती है। लगातार मिल रही शिकायतों के बाद शुक्रवार शाम को यह अभियान चलाया गया। अब ढाबों और दुकानों पर नजर इस कार्रवाई के बाद अब प्रशासन की नजर मोहनगढ़ तहसील के अन्य ग्रामीण इलाकों और बॉर्डर को जोड़ने वाली मुख्य सड़कों पर है। राजस्व विभाग की टीम ने सड़क किनारे बने अवैध ढाबों, दुकानों और अन्य पक्के निर्माणों की पहचान कर ली है। जल्द ही इन सभी लोगों को नोटिस भेजकर खुद ही कब्जा हटाने के निर्देश दिए जाएंगे। सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का मामला दर्ज होगा प्रशासन और पुलिस के अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि सरकारी जमीन पर कब्जा करने वालों को किसी भी हाल में छोड़ा नहीं जाएगा। चेतावनी दी गई है कि अगर किसी ने भी सरकारी जमीन, गोचर भूमि या सड़क की सीमा में दोबारा पक्का निर्माण करने की कोशिश की, तो न केवल उस निर्माण को बुलडोजर से तोड़ा जाएगा, बल्कि संबंधित व्यक्ति के खिलाफ सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का मुकदमा भी दर्ज किया जाएगा। ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 18 Jul 2026 13:51:50 +0530</pubDate>
        <dc:creator>drajaysaini11</dc:creator>
        <media:keywords>ऑपरेशन, क्लीन, के, तहत, मोहनगढ़, में, तोड़ी, दुकानें:एक, धार्मिक, स्थल, पर, भी, कार्रवाई, सुप्रीम, कोर्ट, ने, दी, हफ्ते, की, अंतरिम, राहत</media:keywords>
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        <title>श्रीगंगानगर में 23 जुलाई से बारिश की संभावना:तापमान में बनी हुई बढ़ोतरी, 25 जुलाई तक बरसात नहीं हुई तो बढ़ेगी परेशानी</title>
        <link>https://dhakarsamachar.in/श्रीगंगानगर-में-23-जुलाई-से-बारिश-की-संभावनातापमान-में-बनी-हुई-बढ़ोतरी-25-जुलाई-तक-बरसात-नहीं-हुई-तो-बढ़ेगी-परेशानी</link>
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        <description><![CDATA[ श्रीगंगानगर में लंबे इंतजार के बाद मानसून के दोबारा सक्रिय होने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार 23 जुलाई से पश्चिमी राजस्थान में मानसून एक्टिव होगा। इसके प्रभाव से 23 से 28 जुलाई के बीच श्रीगंगानगर, बीकानेर और आसपास के क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। कुछ स्थानों पर तेज बारिश होने की भी संभावना जताई गई है। 23 जुलाई से बदलेगा मौसम मौसम विभाग के अनुसार पूर्वी भारत के ऊपर बना वेल-मार्क्ड लो-प्रेशर एरिया अब कमजोर होकर सामान्य कम दबाव वाले क्षेत्र में बदल गया है। वहीं मानसून ट्रफ भी अनुकूल स्थिति में आ रही है। हालांकि अगले तीन-चार दिनों तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मानसून की गतिविधियां कमजोर रहेंगी। 21 जुलाई से पूर्वी राजस्थान में बारिश बढ़ने की संभावना है, जबकि 22-23 जुलाई से पश्चिमी और मध्य राजस्थान में भी मानसून सक्रिय हो जाएगा। 23 से 28 जुलाई तक बारिश के आसार मौसम विभाग के अनुसार 23 से 28 जुलाई के बीच श्रीगंगानगर, बीकानेर और आसपास के क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। कुछ स्थानों पर तेज बारिश भी हो सकती है। 25 जुलाई तक बारिश नहीं हुई तो बढ़ेगी चिंता दूसरी ओर किसानों की चिंता लगातार बढ़ रही है। 25 जुलाई तक बारिश नहीं होने की स्थिति में इलाके में अकाल जैसी परिस्थितियों की आशंका जताई जा रही है। सिंचित भूमि में बोई गई फसलें तेजी से मुरझाने लगी हैं। 40 डिग्री सेल्सियस से अधिक तापमान के कारण खेत झुलस रहे हैं और नहरी पानी की कमी से स्थिति और गंभीर हो गई है। सिंचाई के पानी से बुवाई तो हो गई, लेकिन अब फसलों को बचाए रखना किसानों के लिए मुश्किल होता जा रहा है। तीन में से एक फसल पूरी तरह खराब होने की कगार पर पहुंच गई है। तापमान में बनी हुई है बढ़ोतरी मौसम राडार स्टेशन, श्रीगंगानगर पर शनिवार सुबह न्यूनतम तापमान 31.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। शुक्रवार को न्यूनतम तापमान 30 डिग्री और अधिकतम 41.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया था। इससे एक दिन पहले न्यूनतम तापमान 26.2 डिग्री और अधिकतम 39.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 18 Jul 2026 13:51:50 +0530</pubDate>
        <dc:creator>drajaysaini11</dc:creator>
        <media:keywords>श्रीगंगानगर, में, जुलाई, से, बारिश, की, संभावना:तापमान, में, बनी, हुई, बढ़ोतरी, जुलाई, तक, बरसात, नहीं, हुई, तो, बढ़ेगी, परेशानी</media:keywords>
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        <title>भीलवाड़ा MGH से रेफर प्रसूता की उदयपुर में मौत:परिजन बोले&amp; ऑपरेशन के समय पेट में गंदा पानी रहने से संक्रमण फैला</title>
        <link>https://dhakarsamachar.in/भीलवाड़ा-mgh-से-रेफर-प्रसूता-की-उदयपुर-में-मौतपरिजन-बोले-ऑपरेशन-के-समय-पेट-में-गंदा-पानी-रहने-से-संक्रमण-फैला</link>
        <guid>https://dhakarsamachar.in/भीलवाड़ा-mgh-से-रेफर-प्रसूता-की-उदयपुर-में-मौतपरिजन-बोले-ऑपरेशन-के-समय-पेट-में-गंदा-पानी-रहने-से-संक्रमण-फैला</guid>
        <description><![CDATA[ भीलवाड़ा के महात्मा गांधी हॉस्पिटल में सीजेरियन डिलीवरी के बाद एक और प्रसूता की मौत का मामला सामने आया है। भीलवाड़ा से गंभीर हालत में उदयपुर रेफर की गई 19 साल की ज्योति कुमारी की 13 जुलाई को उदयपुर के आरएनटी मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में इलाज के दौरान मौत हो गई। ज्योति कुमारी जहाजपुर क्षेत्र के रघुनाथपुरा रावत खेड़ा गांव की रहने वाली थी। डिलीवरी के लिए उसे भीलवाड़ा के महात्मा गांधी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। सिजेरियन ऑपरेशन के बाद हालत बिगड़ी परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए एसपी को लिखित शिकायत दी है। मृतका ज्योति कुमारी कीर के पति फोरूलाल कीर ने बताया कि 7 जुलाई को उन्होंने ज्योति को भीलवाड़ा के महात्मा गांधी हॉस्पिटल में भर्ती कराया था। 8 जुलाई की सुबह उसका सीजेरियन ऑपरेशन हुआ, जिसमें एक बच्ची का जन्म हुआ। बच्ची पूरी तरह स्वस्थ है। परिवार के अनुसार ऑपरेशन के बाद शुरुआत में ज्योति की हालत सामान्य थी, लेकिन 9 जुलाई की रात अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई। उसे तेज सिरदर्द होने लगा और कुछ ही देर में वह बेहोश हो गई। उदयपुर में बताया ऑपरेशन के दौरान पेट में रहा गंदा पानी इसके बाद ज्योति को मेडिकल आईसीयू में भर्ती किया गया। हालत लगातार बिगड़ने पर 10 जुलाई की सुबह डॉक्टरों ने उसे उदयपुर रेफर कर दिया। परिजन उसी दिन उसे लेकर उदयपुर पहुंचे, जहां दोपहर करीब 2 बजे आरएनटी मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। परिजनों का आरोप है कि उदयपुर में भर्ती के दौरान वहां के चिकित्सा कर्मियों ने उन्हें बताया कि ऑपरेशन के समय पेट में संक्रमण वाला द्रव (गंदा पानी) मौजूद था। इसी वजह से संक्रमण पूरे शरीर में फैल गया और उसकी हालत बेहद गंभीर हो गई। तीन दिन इलाज चलने के बाद दम तोड़ा उदयपुर में कई जांचों के बाद डॉक्टरों ने ज्योति की हालत बेहद गंभीर बताई। वह तीन दिन तक जिंदगी और मौत से लड़ती रही। आखिरकार 13 जुलाई को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इधर, ज्योति की नवजात बच्ची अब उसकी बुआ काली देवी की देखरेख में है। परिवार का आरोप है कि इलाज के दौरान उन्हें पूरी जानकारी नहीं दी गई। अब उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 18 Jul 2026 13:51:50 +0530</pubDate>
        <dc:creator>drajaysaini11</dc:creator>
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        <title>कोटा के सीमलिया में आठ घंटे में दो मर्डर:खेत की बाड़ और शराब के विवाद में बुजुर्ग व युवक की हत्या, आधे घंटे में दबोचे आरोपी</title>
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        <description><![CDATA[ कोटा ग्रामीण के सीमलिया थाना क्षेत्र में शुक्रवार को एक बुजुर्ग और युवक का मर्डर हो गया। पहली घटना शाम करीब 6 बजे मंडोला गांव में हुई, जहां खेत की बाड़ को लेकर शुरू हुआ विवाद जानलेवा बन गया। मंडोला गांव के रिटायर्ड शिक्षक बद्रीलाल मीणा (65) अपने खेत पर मौजूद थे। चार साल पहले सेवानिवृत्त होने के बाद वे खेती-किसानी कर रहे थे। इसी दौरान पड़ोसी खेत मालिक और ज्वेलरी कारोबारी अंकुर उर्फ सारंगी से कहासुनी हो गई। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ा कि अंकुर ने बद्रीलाल पर चाकू से हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल बद्रीलाल को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। वारदात की सूचना मिलते ही सीमलिया थाना पुलिस मौके पर पहुंची और तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी को आधे घंटे के भीतर डिटेन कर लिया। दो भाइयों के बीच खूनी संघर्ष वहीं, दूसरी घटना शुक्रवार सुबह करीब 9 बजे मोतिकुआ गांव में सामने आई। यहां शराब के नशे में दो भाइयों के बीच शुरू हुई बहस खूनी संघर्ष में बदल गई। हेमराज लश्करी और उसके भाई राजू लश्करी (45) साथ बैठकर शराब पी रहे थे। इसी दौरान दोनों के बीच कहासुनी हुई और गुस्से में आए हेमराज ने लकड़ी से राजू पर ताबड़तोड़ वार कर दिए। गंभीर हालत में राजू को अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। कोटा ग्रामीण पुलिस अधीक्षक सुजीत शंकर ने दोनों मामलों में विशेष टीमों का गठन किया। इस मामले में भी सीमलिया थाना पुलिस ने तेजी दिखाते हुए आरोपी हेमराज को घटना के करीब आधे घंटे के भीतर हिरासत में ले लिया। आज हो सकता है दोनों मर्डर का खुलासा एसपी ने बताया कि दोनों आरोपियों को डिटेन कर लिया गया है और सीमलिया थाना पुलिस अग्रिम अनुसंधान में जुटी हुई है। एसपी सुजीत शंकर आज दोनों हत्याकांडों का खुलासा कर सकते हैं। ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 18 Jul 2026 13:51:50 +0530</pubDate>
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        <title>कोटा के बॉयज हॉस्टल में घुसा मगरमच्छ, VIDEO:मेस में खाना बना रहे कर्मचारी जान बचाकर भागे; स्टूडेंट्स में दहशत फैल गई</title>
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        <description><![CDATA[ कोटा के बोरखेड़ा इलाके में शुक्रवार दोपहर करीब एक बजे कोरल पार्क के एक बॉयज हॉस्टल में मगरमच्छ घुस गया। हॉस्टल के मेस में खाना बना रहा कुक डरकर भाग गया। वहीं पूरे हॉस्टल में दहशत मच गई। हॉस्टल कर्मचारियों के अनुसार शुक्रवार दोपहर जब करीब चार फीट लंबा मगरमच्छ हॉस्टल की बेसमेंट स्थित मेस में घुस आया। मेस में खाना बना रहे कुक और कर्मचारियों ने जैसे ही मगरमच्छ को देखा, वे जान बचाकर बाहर भाग निकले। घटना से हॉस्टल में रहने वाले कोचिंग छात्रों में भी दहशत फैल गई। मगरमच्छ की एंट्री सीसीटीवी में कैद मगरमच्छ की पूरी एंट्री मेस में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। फुटेज में साफ दिखाई दे रहा है कि मगरमच्छ सीढ़ियों से होते हुए धीरे-धीरे मेस के अंदर पहुंच गया। मगरमच्छ को देखकर वहां मौजूद लोग घबरा गए और कुछ ही समय में पूरे हॉस्टल में हड़कंप मच गया। पकड़ने की कोशिश पर घबरा गया मगरमच्छ घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में छात्र मौके पर इकट्ठा हो गए। कुछ छात्रों ने खुद ही मगरमच्छ को पकड़ने की कोशिश की, लेकिन इससे मगरमच्छ और घबरा गया और मेस के भीतर इधर-उधर भागने लगा। इससे काफी देर तक हॉस्टल परिसर में तनाव और अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। नाले से निकलकर हॉस्टल में घुसा बताया जा रहा है कि हॉस्टल के पास से एक बड़ा नाला गुजरता है। आशंका है कि मगरमच्छ उसी नाले से निकलकर हॉस्टल में पहुंच गया। हॉस्टल प्रशासन ने तत्काल वन विभाग को सूचना दी। सूचना पर मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम ने रेस्क्यू किया। वनकर्मी वीरेंद्र सिंह ने बताया कि टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद मगरमच्छ को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया और बाद में उसे चंबल नदी में छोड़ दिया। घटना के बाद छात्रों और हॉस्टल स्टाफ ने राहत की सांस ली। ]]></description>
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        <pubDate>Sat, 18 Jul 2026 13:51:50 +0530</pubDate>
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