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    <title>Varient &amp; News Magazine &amp; : राष्ट्रीय</title>
    <link>https://dhakarsamachar.in/rss/category/National</link>
    <description>Varient &amp; News Magazine &amp; : राष्ट्रीय</description>
    <dc:language>HI</dc:language>
    <dc:creator></dc:creator>
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    <item>
        <title>भारत की आर्थिक वृद्धि दर पर दबाव, ऊंची तेल कीमतों और कमजोर निवेश से बढ़ी चिंता</title>
        <link>https://dhakarsamachar.in/india-economic-growth-forecast-oil-prices-investment-2026</link>
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        <description><![CDATA[ नई दिल्ली: भारत की अर्थव्यवस्था को लेकर जारी नवीनतम आर्थिक आकलनों में संकेत मिले हैं कि चालू वित्तीय वर्ष के दौरान आर्थिक वृद्धि दर पर दबाव बना रह सकता है। वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें, निजी निवेश में अपेक्षित तेजी का अभाव और अंतरराष्ट्रीय आर्थिक अनिश्चितताएं भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए प्रमुख चुनौतियों के रूप में सामने आ रही हैं। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि मजबूत घरेलू मांग और सरकारी पूंजीगत व्यय अर्थव्यवस्था को सहारा दे सकते हैं।

आर्थिक विश्लेषकों के अनुसार, कच्चे तेल की ऊंची कीमतों का सीधा असर आयात बिल पर पड़ता है। भारत अपनी ऊर्जा आवश्यकताओं का बड़ा हिस्सा आयात के माध्यम से पूरा करता है। ऐसे में तेल महंगा होने से परिवहन लागत बढ़ती है, जिससे वस्तुओं और सेवाओं की कीमतों पर दबाव पड़ सकता है। इसका प्रभाव महंगाई दर और उपभोक्ताओं की क्रय शक्ति पर भी दिखाई दे सकता है।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि निजी क्षेत्र का निवेश अभी उम्मीद के अनुरूप गति नहीं पकड़ पाया है। उद्योग जगत नई परियोजनाओं में निवेश को लेकर सतर्क बना हुआ है। यदि निवेश की रफ्तार धीमी रहती है, तो रोजगार सृजन और औद्योगिक उत्पादन की वृद्धि भी प्रभावित हो सकती है। यही कारण है कि आर्थिक विशेषज्ञ निवेश को बढ़ावा देने वाली नीतियों को महत्वपूर्ण मान रहे हैं।

हालांकि अर्थव्यवस्था के कई सकारात्मक संकेत भी सामने आ रहे हैं। सरकार द्वारा बुनियादी ढांचा परियोजनाओं पर लगातार खर्च किया जा रहा है, जिससे निर्माण, परिवहन और संबंधित क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को गति मिल रही है। डिजिटल अर्थव्यवस्था का विस्तार, सेवा क्षेत्र की मजबूती और घरेलू उपभोग भी भारतीय अर्थव्यवस्था को सहारा देने वाले प्रमुख कारक बने हुए हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि यदि वैश्विक बाजार में तेल की कीमतों में स्थिरता आती है और निजी निवेश में सुधार होता है, तो आर्थिक वृद्धि की रफ्तार फिर से मजबूत हो सकती है। साथ ही, मुद्रास्फीति पर नियंत्रण और स्थिर वित्तीय नीतियां भी विकास को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।

अर्थशास्त्रियों का मानना है कि भारत अभी भी दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है। हालांकि बदलते वैश्विक आर्थिक हालात, भू-राजनीतिक तनाव और अंतरराष्ट्रीय व्यापार में अनिश्चितता को देखते हुए आने वाले महीनों में आर्थिक नीतियों पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता होगी।

सरकार ने भी कई अवसरों पर भरोसा जताया है कि मजबूत बुनियादी ढांचा, विनिर्माण क्षेत्र को बढ़ावा देने वाली योजनाएं, डिजिटल नवाचार और घरेलू मांग देश की आर्थिक प्रगति को आगे बढ़ाते रहेंगे। ऐसे में आने वाले महीनों के आर्थिक आंकड़े यह तय करेंगे कि भारत की विकास दर अनुमान के अनुरूप रहती है या उसमें और बदलाव देखने को मिलता है।

Key Highlights
ऊंची वैश्विक तेल कीमतों से भारतीय अर्थव्यवस्था पर दबाव।
निजी निवेश में सुस्ती को लेकर चिंता।
महंगाई और आयात बिल बढ़ने की आशंका।
सरकारी इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश से अर्थव्यवस्था को सहारा।
विशेषज्ञों ने दीर्घकालिक सुधार की संभावना जताई। ]]></description>
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        <pubDate>Tue, 28 Jul 2026 18:15:41 +0000</pubDate>
        <dc:creator>Piyush Raghuwanshi</dc:creator>
        <media:keywords>ऊंची वैश्विक तेल कीमतों और निजी निवेश में सुस्ती के बीच भारत की आर्थिक वृद्धि दर पर दबाव बढ़ने की आशंका जताई गई है। जानिए पूरी रिपोर्ट।</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>IMF ने जताई चिंता, तेल की बढ़ती कीमतें और कमजोर मानसून भारत की आर्थिक वृद्धि पर डाल सकते हैं असर</title>
        <link>https://dhakarsamachar.in/imf-india-growth-risk-oil-prices-weak-monsoon-fy27--Focus-Keyword:</link>
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        <description><![CDATA[ नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने भारत की अर्थव्यवस्था को लेकर चिंता जताई है। IMF के अनुसार, कच्चे तेल की बढ़ती अंतरराष्ट्रीय कीमतें और सामान्य से कमजोर मानसून वित्त वर्ष 2026-27 में देश की आर्थिक वृद्धि के लिए सबसे बड़े जोखिम साबित हो सकते हैं।

IMF का कहना है कि भारत अपनी तेल जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है। ऐसे में यदि वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतें ऊंची बनी रहती हैं, तो इसका सीधा असर महंगाई, उत्पादन लागत और आर्थिक विकास पर पड़ सकता है। वहीं, कमजोर मानसून का प्रभाव कृषि उत्पादन और ग्रामीण मांग पर भी देखने को मिल सकता है।

रिपोर्ट में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए भारत की GDP वृद्धि दर का अनुमान 6.4% रखा गया है। हालांकि, IMF का मानना है कि यदि वैश्विक परिस्थितियां अनुकूल रहीं और मानसून में सुधार हुआ, तो आने वाले वर्षों में आर्थिक गतिविधियों में तेजी देखने को मिल सकती है।

विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार के लिए महंगाई पर नियंत्रण, ऊर्जा आपूर्ति को स्थिर बनाए रखना और कृषि क्षेत्र को समर्थन देना आने वाले महीनों में अहम रहेगा। आर्थिक जानकारों के अनुसार, वैश्विक बाजार और मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखना जरूरी होगा, क्योंकि दोनों कारक भारत की विकास दर को प्रभावित कर सकते हैं। ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 27 Jul 2026 08:32:33 +0000</pubDate>
        <dc:creator>Piyush Raghuwanshi</dc:creator>
        <media:keywords>अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने कहा है कि कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और कमजोर मानसून वित्त वर्ष 2026-27 में भारत की आर्थिक वृद्धि के लिए सबसे बड़े जोखिम बन सकते हैं।</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>मंत्री ने छात्रों से बातचीत का दिया भरोसा, &amp;apos;कॉकरोच मूवमेंट&amp;apos; नेताओं ने किया दावा</title>
        <link>https://dhakarsamachar.in/mantri-ne-chatron-se-baatcheet-ka-diya-bharosa-cockroach-movement-netaon-ka-dava</link>
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        <description><![CDATA[ मंत्री ने छात्रों से बातचीत का दिया भरोसा, &#039;कॉकरोच मूवमेंट&#039; नेताओं ने किया दावा

छात्रों के जारी आंदोलन के बीच &#039;कॉकरोच मूवमेंट&#039; के नेताओं ने दावा किया है कि संबंधित मंत्री ने छात्रों की समस्याओं पर बातचीत करने का भरोसा दिया है। आंदोलन से जुड़े नेताओं के अनुसार, छात्रों की विभिन्न मांगों को लेकर जल्द ही औपचारिक बैठक आयोजित की जा सकती है।

आंदोलनकारियों का कहना है कि वे लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर आवाज उठा रहे हैं और अब सरकार की ओर से सकारात्मक संकेत मिले हैं। उनका दावा है कि मंत्री ने छात्रों की बात गंभीरता से सुनने और समाधान निकालने का आश्वासन दिया है।

हालांकि, मंत्री की ओर से इस दावे की आधिकारिक पुष्टि या बैठक की तारीख को लेकर कोई औपचारिक बयान सामने नहीं आया है। ऐसे में सभी की नजरें संभावित वार्ता और उसके परिणाम पर टिकी हुई हैं।

छात्र नेताओं ने कहा कि जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन की आगामी रणनीति पर विचार जारी रहेगा। यदि सरकार और छात्रों के बीच बातचीत होती है, तो इससे गतिरोध समाप्त होने की संभावना बढ़ सकती है। ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 27 Jul 2026 08:18:47 +0000</pubDate>
        <dc:creator>Piyush Raghuwanshi</dc:creator>
        <media:keywords>कॉकरोच मूवमेंट, मंत्री-छात्र बातचीत, छात्र आंदोलन</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>VDA और IIT BHU के बीच हुआ ऐतिहासिक समझौता, 115 कॉलेजों में छात्रों को सिखाया जाएगा &amp;apos;शहरी नियोजन&amp;apos; का पाठ</title>
        <link>https://dhakarsamachar.in/vda-iit-bhu-mou-urban-planning-varanasi-colleges</link>
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        <description><![CDATA[ वाराणसी विकास प्राधिकरण (VDA) और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (काशी हिंदू विश्वविद्यालय) यानी IIT BHU के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इस साझेदारी का मुख्य उद्देश्य काशी और आसपास के क्षेत्रों को सुव्यवस्थित, टिकाऊ (Sustainable) और आधुनिक मानकों के अनुरूप विकसित करना है। इस पहल के तहत क्षेत्र के 115 से अधिक कॉलेजों के युवाओं को शहरी नियोजन (Urban Planning) और स्मार्ट सिटी विकास से जोड़ा जाएगा।
युवाओं को अर्बन प्लानिंग से जोड़ने की अनोखी पहल
इस एमओयू के तहत VDA और IIT BHU मिलकर एक विशेष जागरूकता व प्रशिक्षण अभियान चलाएंगे। पूर्वांचल के लगभग 115 डिग्री और तकनीकी कॉलेजों में कार्यशालाओं (Workshops), सेमिनार और इंटरैक्टिव सत्रों का आयोजन किया जाएगा।
छात्रों को मिलेगी व्यावहारिक सीख: छात्रों को केवल किताबी ज्ञान ही नहीं, बल्कि ट्रैफिक मैनेजमेंट, जीआईएस (GIS) मैपिंग, ग्रीन बिल्डिंग तकनीक और वेस्ट मैनेजमेंट जैसे व्यावहारिक विषयों की जानकारी दी जाएगी।
भविष्य के प्लानर्स तैयार करना: इसका मकसद युवाओं में शहर के विकास के प्रति जिम्मेदारी का भाव जगाना और उन्हें अर्बन डेवलपमेंट के नए कॉन्सेप्ट्स से अवगत कराना है।
काशी के विकास को मिलेगी नई गति
VDA अधिकारियों के अनुसार, IIT BHU के विशेषज्ञ शोधकर्ताओं और प्रोफेसरों की तकनीकी दक्षता का उपयोग वाराणसी के मास्टर प्लान को बेहतर ढंग से लागू करने में किया जाएगा।
प्रमुख बिंदु:
स्मार्ट और टिकाऊ विकास: IIT BHU की तकनीकी टीम वाराणसी के बुनियादी ढांचे (Infrastructure) को मजबूत और पर्यावरण के अनुकूल बनाने में VDA का मार्गदर्शन करेगी।
इंटर्नशिप के अवसर: इस पहल के तहत चुनिंदा मेधावी छात्रों को VDA की लाइव अर्बन प्लानिंग परियोजनाओं में इंटर्नशिप और काम करने का मौका भी मिल सकता है। ]]></description>
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        <pubDate>Tue, 21 Jul 2026 18:11:52 +0000</pubDate>
        <dc:creator>Piyush Raghuwanshi</dc:creator>
        <media:keywords>वाराणसी शहरी नियोजन (Varanasi Urban Planning), वीडीए वाराणसी खबर (VDA Varanasi News), IIT BHU अर्बन प्लानिंग (IIT BHU Urban Planning)</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>ए.आर. रहमान, हंस जिमर और कुमार विश्वास की त्रिवेणी: त्रेता युग की अलौकिक अनुभूति कराएगा &amp;apos;Ramayana&amp;apos; का यह नया गीत</title>
        <link>https://dhakarsamachar.in/ar-rahman-hans-zimmer-ramayana-music-treta-yug-song</link>
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        <description><![CDATA[ नितेश तिवारी के निर्देशन में बन रही महाकाव्य फिल्म &#039;रामायण&#039; अपनी घोषणा के बाद से ही सुर्खियों में है। लेकिन अब इसके संगीत को लेकर जो अपडेट आया है, उसने देश-दुनिया के दर्शकों की उत्सुकता को चरम पर पहुंचा दिया है। भारतीय संगीत के जादूगर ए.आर. रहमान, हॉलीवुड के दिग्गज हंस जिमर और अपनी ओजस्वी वाणी व लेखनी के लिए मशहूर डॉ. कुमार विश्वास की तिकड़ी मिलकर एक ऐसा अलौकिक गीत तैयार कर रही है, जो भारतीय सिनेमा में संगीत का नया इतिहास रचेगा।
वैश्विक संगीत का अनूठा संगम: रहमान और हंस जिमर
यह पहला मौका है जब ऑस्कर पुरस्कार विजेता ए.आर. रहमान और हॉलीवुड की &#039;ड्यून&#039; (Dune) व &#039;इंटरस्टेलर&#039; (Interstellar) जैसी फिल्मों में संगीत देने वाले ऑस्कर विजेता हंस जिमर एक साथ काम कर रहे हैं।
भारतीय और पश्चिमी संगीत का मिलन: हंस जिमर का सिम्फोनिक और ग्रैंड बैकग्राउंड स्कोर, रहमान की रूहानी और भारतीय शास्त्रीय धुनों के साथ मिलकर इस फिल्म को एक वैश्विक स्तर प्रदान करेगा।
दिव्य ध्वनि की रचना: दोनों संगीतकारों ने इस गीत की धुन को कुछ इस तरह तराशा है कि यह पौराणिक काल की दिव्यता, भव्यता और आध्यात्मिक गहराई को जीवंत कर सके।
डॉ. कुमार विश्वास के शब्दों का जादू
रामकथा और हिंदी साहित्य के मर्मज्ञ डॉ. कुमार विश्वास ने इस महागाथा के लिए गीत के बोल लिखे हैं। रामकाव्य पर उनकी गहरी पकड़ और ओजपूर्ण शब्दों के चयन के चलते इस गीत से काफी उम्मीदें हैं।
त्रेता युग का अहसास: सूत्रों के अनुसार, कुमार विश्वास के लिखे शब्द और रहमान-जिमर की धुनें जब एक साथ गूंजेंगी, तो यह श्रोताओं को आधुनिक दुनिया से दूर सीधे &#039;त्रेता युग&#039; के माहौल और भगवान राम की पावन भूमि का अनुभव कराएंगी। ]]></description>
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        <pubDate>Tue, 21 Jul 2026 17:59:47 +0000</pubDate>
        <dc:creator>Piyush Raghuwanshi</dc:creator>
        <media:keywords>कुमार विश्वास रामायण सॉन्ग (Kumar Vishwas Ramayana Song), ए आर रहमान हंस जिमर रामायण (AR Rahman Hans Zimmer Ramayana), नितेश तिवारी रामायण म्यूजिक (Nitesh Tiwari Ramayana Music)</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>अफवाहों पर दिल्ली पुलिस का पूर्णविराम: प्रदर्शन में मौत के दावे खारिज, हिरासत में लिए गए सभी लोग रिहा</title>
        <link>https://dhakarsamachar.in/delhi-police-statement-protest-death-claims-fake-news-released</link>
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        <description><![CDATA[ राजधानी दिल्ली में हाल ही में हुए विरोध-प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई को लेकर फैली भ्रम की स्थिति पर दिल्ली पुलिस और केंद्र सरकार ने स्थिति पूरी तरह साफ कर दी है। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा कारणों से प्रिवेंटिव डिटेंशन (रोकथाम हिरासत) में लिए गए सभी प्रदर्शनकारियों को रिहा कर दिया गया है। इसके साथ ही, सोशल मीडिया पर प्रदर्शन के दौरान किसी की मौत होने या भारी हिंसा के दावों को सिरे से खारिज करते हुए &#039;फेक न्यूज&#039; करार दिया गया है।
मौत और हिंसा के दावे पूरी तरह फर्जी: दिल्ली पुलिस व PIB Fact Check
प्रदर्शन के बाद सोशल मीडिया पर एक लड़की की मौत होने और पेलेट गन के इस्तेमाल से दर्जनों लोगों के गंभीर रूप से घायल होने की खबरें वायरल होने लगी थीं।
PIB Fact Check का बयान: सरकार की आधिकारिक तथ्य-जांच एजेंसी ने कहा कि प्रदर्शन में किसी भी मौत का दावा पूरी तरह झूठा, भ्रामक और मनगढ़ंत है।
दिल्ली पुलिस की चेतावनी: पुलिस ने आधिकारिक &#039;Fake News Alert&#039; जारी करते हुए कहा कि स्थिति को नियंत्रित करने के लिए केवल मानक प्रक्रियाओं का पालन किया गया था। पुलिस ने चेतावनी दी है कि माहौल खराब करने के उद्देश्य से अफवाह फैलाने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
हिरासत में लिए गए सभी प्रदर्शनकारी हुए रिहा
दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिन नेताओं व प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया था, उन्हें कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद छोड़ दिया गया है। रिहाई की पुष्टि होने के बाद प्रदर्शनकारी संगठनों ने भी पुलिस मुख्यालय (PHQ) के बाहर प्रस्तावित अपना घेराव व धरना रद्द कर दिया है।
सुरक्षा बल मुस्तैद, शांति बनाए रखने की अपील
दिल्ली पुलिस ने बताया कि जंतर-मंतर और आसपास के संवेदनशील इलाकों में निषेधाज्ञा (धारा 163 BNSS) लागू थी। बैरिकेड्स तोड़ने और प्रतिबंधित क्षेत्र की ओर बढ़ने की कोशिश के दौरान हुई हल्की झड़प में कुछ पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं। पुलिस ने आम जनता से सोशल मीडिया पर चल रही बिना पुष्टि वाली खबरों पर विश्वास न करने और शांति बनाए रखने की अपील की है। ]]></description>
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        <pubDate>Tue, 21 Jul 2026 17:35:28 +0000</pubDate>
        <dc:creator>Piyush Raghuwanshi</dc:creator>
        <media:keywords>हिरासत में लिए गए लोग रिहा (Detained People Released), दिल्ली प्रदर्शन फेक न्यूज (Delhi Protest Fake News), PIB Fact Check Delhi Protest</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>सोनम वांगचुक सफदरजंग अस्पताल से हुए डिस्चार्ज, हाईकोर्ट के आदेश पर बेहतर इलाज के लिए मेदांता शिफ्ट</title>
        <link>https://dhakarsamachar.in/sonam-wangchuk-discharged-safdarjung-shifted-medanta-delhi-hc</link>
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        <description><![CDATA[ लगातार अनशन के कारण बिगड़ते स्वास्थ्य के बीच जाने-माने पर्यावरण कार्यकर्ता और शिक्षाविद् सोनम वांगचुक को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया गया है। दिल्ली हाईकोर्ट के कड़े रुख और केंद्र सरकार की सहमति के बाद उन्हें आगे के इलाज के लिए गुरुग्राम स्थित मेदांता अस्पताल में शिफ्ट किया गया है।
जंतर-मंतर से सफदरजंग तक का घटनाक्रम
सोनम वांगचुक NEET-UG परीक्षा में कथित गड़बड़ियों और सुधार की मांगों को लेकर जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल (अनशन) पर बैठे थे। अनशन के 21वें दिन स्वास्थ्य बिगड़ने पर दिल्ली पुलिस उन्हें सफदरजंग अस्पताल ले आई थी। हालांकि, परिजनों का आरोप था कि अस्पताल में उन्हें परिजनों से मिलने नहीं दिया जा रहा था और उनकी इच्छा के विरुद्ध वहां रखा गया था।
पत्नी ने खटखटाया हाईकोर्ट का दरवाजा
वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे. आंग्मो ने दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर कर आरोप लगाया कि सफदरजंग अस्पताल में वांगचुक को अवैध हिरासत जैसी स्थिति में रखा गया है। उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 21 का हवाला देते हुए मांग की कि वांगचुक को उनके मनपसंद अस्पताल (मेदांता) में इलाज कराने का अधिकार दिया जाए।
हाईकोर्ट का अहम आदेश और केंद्र की सहमति
मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस कारिया की पीठ ने इस मामले पर सुनवाई की। सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार को उन्हें मेदांता शिफ्ट करने पर कोई आपत्ति नहीं है।
तमाम पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने निर्देश जारी किए:
तत्काल शिफ्टिंग: सफदरजंग अस्पताल वांगचुक को तुरंत मेदांता हस्तांतरित करे।
विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम: मेदांता अस्पताल के निदेशक को वांगचुक की स्थिति की निगरानी के लिए एक विशेष मेडिकल पैनल गठित करने का निर्देश दिया गया।
पारिवारिक पहुंच: परिजनों को डॉक्टरों के प्रोटोकॉल के दायरे में रहकर वांगचुक से मिलने की अनुमति दी गई।
स्वास्थ्य अपडेट: लंबे समय तक भूख हड़ताल पर रहने के कारण सोनम वांगचुक के शरीर में पोटैशियम का स्तर कम पाया गया है। फिलहाल मेदांता के डॉक्टरों की एक समर्पित टीम उनके स्वास्थ्य सुधार पर लगातार नजर बनाए हुए है। ]]></description>
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        <pubDate>Tue, 21 Jul 2026 17:12:15 +0000</pubDate>
        <dc:creator>Piyush Raghuwanshi</dc:creator>
        <media:keywords>सोनम वांगचुक हेल्थ अपडेट (Sonam Wangchuk Health Update) सफदरजंग से मेदांता शिफ्ट सोनम वांगचुक (Safdarjung to Medanta shift Sonam Wangchuk) दिल्ली हाईकोर्ट सोनम वांगचुक आदेश (Delhi High Court Sonam Wangchuk Order) सोनम वांगचुक भूख हड़ताल (Sonam Wangchuk hunger strike)</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>आफत की बारिश: जम्मू&amp;कश्मीर में फ्लैश फ्लड से 10 लोगों की मौत, अमरनाथ यात्रा रुकी, हिमाचल में रेड अलर्ट के बाद स्कूल बंद</title>
        <link>https://dhakarsamachar.in/jammu-kashmir-flash-floods-amarnath-yatra-paused-himachal-rain-alert</link>
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        <description><![CDATA[ देश के पहाड़ी और मैदानी राज्यों में लगातार हो रही भारी बारिश अब आफत बन चुकी है। जम्मू-कश्मीर में मूसलाधार बारिश के बाद आई अचानक बाढ़ (Flash Floods) के कारण कम से कम 10 लोगों के मारे जाने की आशंका है, जबकि कई लोग अब भी लापता हैं। बिगड़ते मौसम और जलभराव को देखते हुए अमरनाथ यात्रा को भी अस्थाई रूप से रोक दिया गया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राज्य के हालातों का जायजा लिया और केंद्र की तरफ से हर संभव मदद का भरोसा दिया है।  
दूसरी तरफ, हिमाचल प्रदेश में भी मौसम विभाग द्वारा रेड अलर्ट जारी किए जाने के बाद कांगड़ा जिले के सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूलों को अगले दो दिनों के लिए बंद करने का आदेश दिया गया है। वहीं, उत्तर प्रदेश के पीलीभीत में शारदा नदी में 1 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद नदी उफान पर है और वहाँ भी कक्षा 1 से 8 तक के स्कूल बंद कर दिए गए हैं। ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 20 Jul 2026 16:05:59 +0000</pubDate>
        <dc:creator>Piyush Raghuwanshi</dc:creator>
        <media:keywords>जम्मू कश्मीर बाढ़ 10 मौत, अमरनाथ यात्रा रुकी बारिश, हिमाचल कांगड़ा स्कूल बंद मौसम, heavy rain alert updates hindi</media:keywords>
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