<?xml version="1.0" encoding="UTF-8"?>
<rss version="2.0"
     xmlns:dc="http://purl.org/dc/elements/1.1/"
     xmlns:sy="http://purl.org/rss/1.0/modules/syndication/"
     xmlns:admin="http://webns.net/mvcb/"
     xmlns:rdf="http://www.w3.org/1999/02/22-rdf-syntax-ns#"
     xmlns:content="http://purl.org/rss/1.0/modules/content/"
     xmlns:media="http://search.yahoo.com/mrss/">
<channel>
    <title>धाकड़ समाचार &amp; : ट्रेंडिंग</title>
    <link>https://dhakarsamachar.in/rss/category/Trending</link>
    <description>धाकड़ समाचार &amp; : ट्रेंडिंग</description>
    <dc:language>HI</dc:language>
    <dc:creator></dc:creator>
    <dc:rights>Copyright 2026 धाकड़ समाचार    &amp; All Rights Reserved.</dc:rights>
    <item>
        <title>दुर्गा पूजा, दिवाली और छठ के लिए 1000 से ज्यादा स्पेशल ट्रेनें</title>
        <link>https://dhakarsamachar.in/दुर्गा-पूजा-दिवाली-और-छठ-के-लिए-1000-से-ज्यादा-स्पेशल-ट्रेनें</link>
        <guid>https://dhakarsamachar.in/दुर्गा-पूजा-दिवाली-और-छठ-के-लिए-1000-से-ज्यादा-स्पेशल-ट्रेनें</guid>
        <description><![CDATA[ त्योहारी सीजन के दौरान रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में यात्रियों की संख्या बढ़ जाती है। इसे देखते हुए उत्तर मध्य रेलवे ने दुर्गा पूजा, दिवाली और छठ के दौरान 1000 से अधिक विशेष ट्रेन ट्रिप चलाने की योजना बनाई है।
इन विशेष ट्रेनों का उद्देश्य त्योहारों के दौरान बढ़ने वाली यात्री मांग को पूरा करना और प्रमुख रूटों पर अतिरिक्त परिवहन क्षमता उपलब्ध कराना है। उत्तर मध्य रेलवे ने इन सेवाओं से जुड़े टाइमटेबल और रूट की जानकारी जारी की है।
त्योहारों के दौरान बड़ी संख्या में लोग अपने घरों और परिवारों के पास जाने के लिए रेल यात्रा करते हैं। खासतौर पर उत्तर भारत के राज्यों में दुर्गा पूजा, दिवाली और छठ के समय लंबी दूरी की ट्रेनों में मांग काफी बढ़ जाती है।
स्पेशल ट्रेनों को ऐसे रूटों पर संचालित किया जाएगा जहां त्योहारी सीजन में यात्रियों की संख्या अधिक रहने की संभावना है। इससे नियमित ट्रेनों पर भीड़ को कम करने में मदद मिल सकती है।
यात्रियों के लिए ट्रेन की तारीख, समय, स्टेशन और उपलब्धता की जानकारी टिकट बुक करने से पहले जांचना जरूरी होगा। विशेष ट्रेनों के संचालन की अवधि और समय अलग-अलग रूट के अनुसार निर्धारित किए जाते हैं।
रेलवे की ओर से हर साल त्योहारी सीजन में अतिरिक्त ट्रेनें चलाई जाती हैं। इस बार भी दुर्गा पूजा, दिवाली और छठ को ध्यान में रखते हुए विशेष व्यवस्था की जा रही है। ]]></description>
        <enclosure url="http://dhakarsamachar.in/uploads/images/202609/image_870x580_6aaed96129b56.jpg" length="79257" type="image/jpeg"/>
        <pubDate>Wed, 23 Sep 2026 00:10:55 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Piyush Raghuwanshi</dc:creator>
        <media:keywords>Special Trains 2026, Indian Railways, North Central Railway, Diwali Train, Chhath Train</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>अरब सागर में INS Kolkata और पाकिस्तानी नौसैनिक जहाज की टक्कर, भारत ने दी जानकारी</title>
        <link>https://dhakarsamachar.in/अरब-सागर-में-ins-kolkata-और-पाकिस्तानी-नौसैनिक-जहाज-की-टक्कर-भारत-ने-दी-जानकारी</link>
        <guid>https://dhakarsamachar.in/अरब-सागर-में-ins-kolkata-और-पाकिस्तानी-नौसैनिक-जहाज-की-टक्कर-भारत-ने-दी-जानकारी</guid>
        <description><![CDATA[ नई दिल्ली, 19 सितंबर 2026। अरब सागर में भारतीय नौसेना के युद्धपोत INS Kolkata और पाकिस्तानी नौसेना के जहाज PNS Hunain के बीच 16 सितंबर को हुई टक्कर को लेकर भारत के विदेश मंत्रालय ने 19 सितंबर को आधिकारिक प्रतिक्रिया दी। मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि INS Kolkata नियमित तैनाती पर था और पाकिस्तानी जहाज की समुद्र में की गई एक खतरनाक ओवरटेकिंग गतिविधि के दौरान यह घटना हुई। भारत के अनुसार INS Kolkata को कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ और वह समुद्र में परिचालन में बना रहा।
उत्तर अरब सागर में हुई घटना
यह घटना अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में पश्चिमी अरब सागर में हुई। भारतीय विदेश मंत्रालय के मुताबिक INS Kolkata अपनी नियमित तैनाती पर था। मंत्रालय ने कहा कि PNS Hunain की गतिविधि के बाद दोनों जहाजों के बीच टक्कर हुई।
भारत ने इस घटना को समुद्र में नौवहन से जुड़े निर्धारित नियमों के संदर्भ में उठाया है। विदेश मंत्रालय के अनुसार पाकिस्तानी जहाज की गतिविधि ने दोनों देशों के बीच 1991 के समझौते में निर्धारित दूरी संबंधी प्रावधानों और समुद्र में टक्कर रोकने वाले अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन किया।
भारत ने सुरक्षा प्रोटोकॉल का मुद्दा उठाया
विदेश मंत्रालय ने कहा कि समुद्र में सैन्य जहाजों के बीच पर्याप्त दूरी बनाए रखना जरूरी है। भारत ने पाकिस्तान से सैन्य इकाइयों द्वारा स्थापित प्रोटोकॉल और संबंधित समझौतों का पालन सुनिश्चित करने को कहा है।
मंत्रालय के अनुसार 1991 के समझौते में समुद्र में दोनों देशों की नौसैनिक इकाइयों के बीच कम से कम तीन समुद्री मील की दूरी रखने का प्रावधान है। भारत ने कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए समुद्री सुरक्षा नियमों का पालन आवश्यक है।
INS Kolkata को बड़ा नुकसान नहीं
घटना के बाद भारतीय नौसेना के युद्धपोत की स्थिति को लेकर भी जानकारी सामने आई। विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि INS Kolkata को कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ है और जहाज समुद्र में अपनी गतिविधियां जारी रखे हुए है।
इस जानकारी से यह स्पष्ट हुआ कि टक्कर के बावजूद भारतीय युद्धपोत के परिचालन पर गंभीर असर नहीं पड़ा। हालांकि समुद्र में ऐसी घटनाओं के बाद संबंधित पक्षों की ओर से नौवहन प्रक्रियाओं और सुरक्षा नियमों की समीक्षा महत्वपूर्ण हो जाती है।
समुद्री नियमों पर जोर
समुद्र में विभिन्न देशों के सैन्य और वाणिज्यिक जहाज अंतरराष्ट्रीय नियमों के तहत परिचालन करते हैं। टक्कर से बचने, जहाजों के बीच उचित दूरी बनाए रखने और ओवरटेकिंग के दौरान सावधानी बरतने के लिए अंतरराष्ट्रीय समुद्री नियम निर्धारित हैं।
भारत ने इस घटना के संदर्भ में इन्हीं नियमों और द्विपक्षीय समझौतों के पालन की आवश्यकता पर जोर दिया है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि दोनों देशों की सैन्य इकाइयों को भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए आवश्यक सावधानी बरतनी चाहिए।
आगे की स्थिति पर नजर
भारत और पाकिस्तान के बीच समुद्री क्षेत्र में सैन्य जहाजों की गतिविधियां संवेदनशील मानी जाती हैं। ऐसे में किसी भी नौसैनिक घटना के बाद आधिकारिक बयानों और संबंधित जांच की जानकारी पर नजर रहती है।
फिलहाल भारत की ओर से उपलब्ध जानकारी के अनुसार INS Kolkata सुरक्षित है और समुद्र में परिचालन कर रहा है। घटना को लेकर भारत ने समुद्री सुरक्षा नियमों तथा दोनों देशों के बीच मौजूद समझौतों के पालन की आवश्यकता दोहराई है। ]]></description>
        <enclosure url="http://dhakarsamachar.in/uploads/images/202609/image_870x580_6aaed37053fd2.jpg" length="53942" type="image/jpeg"/>
        <pubDate>Sat, 19 Sep 2026 23:55:03 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Piyush Raghuwanshi</dc:creator>
        <media:keywords>INS Kolkata, PNS Hunain, अरब सागर टक्कर, Indian Navy, Pakistan Navy, नौसैनिक घटना, भारत पाकिस्तान</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>भारत&amp;अमेरिका व्यापार वार्ता में टैरिफ पर प्रगति</title>
        <link>https://dhakarsamachar.in/भारत-अमेरिका-व्यापार-वार्ता-में-टैरिफ-पर-प्रगति</link>
        <guid>https://dhakarsamachar.in/भारत-अमेरिका-व्यापार-वार्ता-में-टैरिफ-पर-प्रगति</guid>
        <description><![CDATA[  ]]></description>
        <enclosure url="http://dhakarsamachar.in/uploads/images/202608/image_870x580_6a70c0a5a7b72.jpg" length="357949" type="image/jpeg"/>
        <pubDate>Sun, 16 Aug 2026 09:49:19 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Piyush Raghuwanshi</dc:creator>
        <media:keywords>बिजनेस न्यूज़, भारत, अर्थव्यवस्था</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>हैदराबाद पुलिस ने Meta India प्रमुख के खिलाफ दर्ज किया मामला, PM मोदी से जुड़े Facebook वीडियो का मामला</title>
        <link>https://dhakarsamachar.in/hyderabad-police-case-meta-india-head-facebook-videos-pm-modi-july-31-2026</link>
        <guid>https://dhakarsamachar.in/hyderabad-police-case-meta-india-head-facebook-videos-pm-modi-july-31-2026</guid>
        <description><![CDATA[ नई दिल्ली/हैदराबाद, 31 जुलाई 2026: हैदराबाद पुलिस ने Meta India के प्रमुख अरुण श्रीनिवास के खिलाफ मामला दर्ज किया है। यह कार्रवाई Facebook पर प्रकाशित किए गए कई वीडियो को लेकर की गई है, जिनमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को कथित तौर पर आपत्तिजनक तरीके से प्रस्तुत किए जाने का आरोप लगाया गया है। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने शुक्रवार को इस मामले की जानकारी दी।

Reuters की रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस अब इस मामले में Meta को नोटिस भेजने की तैयारी कर रही है। यह मामला ऐसे समय सामने आया है जब भारत में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और ऑनलाइन कंटेंट को लेकर नियामकीय निगरानी लगातार बढ़ रही है। Facebook भारत में सबसे बड़े सोशल मीडिया बाजारों में से एक है, इसलिए किसी बड़े राजनीतिक व्यक्ति से जुड़े कंटेंट पर पुलिस कार्रवाई का व्यापक प्रभाव हो सकता है।

क्या है पूरा मामला?

हैदराबाद पुलिस के अनुसार, Facebook पर प्रकाशित कुछ वीडियो में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को कथित तौर पर &quot;abusive manner&quot; में दिखाया गया था। इन वीडियो को लेकर पुलिस ने Meta India के प्रमुख अरुण श्रीनिवास के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

हालांकि, उपलब्ध जानकारी के अनुसार पुलिस की कार्रवाई का केंद्र Facebook प्लेटफॉर्म पर मौजूद इन वीडियो से जुड़ा मामला है। अभी जांच की प्रक्रिया शुरुआती चरण में है और पुलिस आगे की कार्रवाई के लिए Meta से संबंधित जानकारी हासिल करने की तैयारी कर रही है।

Meta India के प्रमुख के खिलाफ कार्रवाई क्यों महत्वपूर्ण?

Meta दुनिया की प्रमुख टेक्नोलॉजी कंपनियों में से एक है और भारत उसके लिए एक बेहद महत्वपूर्ण बाजार है। Facebook और Instagram जैसे प्लेटफॉर्म भारत में बड़ी संख्या में लोग इस्तेमाल करते हैं।

ऐसे में किसी राजनीतिक नेता से संबंधित विवादित कंटेंट को लेकर Meta के एक वरिष्ठ अधिकारी के खिलाफ पुलिस मामला दर्ज होना महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है। इससे सोशल मीडिया कंपनियों की कंटेंट मॉडरेशन नीतियों और स्थानीय कानूनों के पालन को लेकर चर्चा और तेज हो सकती है।

पुलिस आगे क्या कर सकती है?

पुलिस अधिकारी के अनुसार, Meta को इस मामले में नोटिस भेजने की तैयारी की जा रही है। इसके जरिए जांच से संबंधित आवश्यक जानकारी या स्पष्टीकरण मांगा जा सकता है।

जांच एजेंसियां आमतौर पर ऐसे मामलों में संबंधित डिजिटल कंटेंट, उसके प्रकाशन से जुड़ी जानकारी और प्लेटफॉर्म की भूमिका जैसे पहलुओं की जांच करती हैं। हालांकि इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई किस दिशा में जाएगी, यह पुलिस की जांच और उपलब्ध सबूतों पर निर्भर करेगा।

भारत में सोशल मीडिया नियमों पर बढ़ता ध्यान

पिछले कुछ समय से भारत में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रकाशित होने वाले कंटेंट को लेकर सरकार और नियामक संस्थाओं की निगरानी बढ़ी है। सरकार का जोर इस बात पर रहा है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म भारतीय कानूनों का पालन करें और आपत्तिजनक या गैरकानूनी सामग्री से संबंधित शिकायतों पर उचित कार्रवाई करें।

दूसरी ओर, सोशल मीडिया कंपनियों को कंटेंट मॉडरेशन और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के बीच संतुलन बनाए रखने की चुनौती का सामना करना पड़ता है। यही वजह है कि राजनीतिक नेताओं से जुड़े सोशल मीडिया मामलों में कानूनी और तकनीकी दोनों पहलू महत्वपूर्ण हो जाते हैं।

Facebook की भूमिका पर भी नजर

इस मामले में एक महत्वपूर्ण सवाल यह भी है कि संबंधित वीडियो Facebook पर किस तरह प्रकाशित हुए और प्लेटफॉर्म की कंटेंट मॉडरेशन प्रक्रिया ने उनके साथ क्या कार्रवाई की। पुलिस द्वारा Meta को नोटिस भेजे जाने के बाद इस बारे में अधिक जानकारी सामने आने की संभावना है।

Meta की ओर से मामले पर विस्तृत प्रतिक्रिया आने के बाद स्थिति और स्पष्ट हो सकती है। फिलहाल पुलिस की ओर से दर्ज मामले और प्रस्तावित नोटिस के आधार पर जांच आगे बढ़ रही है।

भारत के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह मामला?

भारत Facebook के सबसे बड़े उपयोगकर्ता बाजारों में से एक है। ऐसे में भारत में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से जुड़े किसी भी बड़े कानूनी मामले का असर केवल एक कंपनी तक सीमित नहीं रहता। इससे भविष्य में सोशल मीडिया कंपनियों द्वारा राजनीतिक और संवेदनशील कंटेंट को संभालने के तरीके पर भी चर्चा हो सकती है।

यह मामला यह भी दिखाता है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्रकाशित सामग्री को लेकर कंपनियों और स्थानीय कानून-प्रवर्तन एजेंसियों के बीच किस तरह की जिम्मेदारियां और कानूनी सवाल सामने आ सकते हैं।

निष्कर्ष

31 जुलाई 2026 को सामने आए इस मामले में हैदराबाद पुलिस ने Meta India के प्रमुख अरुण श्रीनिवास के खिलाफ Facebook पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से संबंधित कथित आपत्तिजनक वीडियो के मामले में केस दर्ज किया है। पुलिस Meta को नोटिस भेजने की तैयारी कर रही है और मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है।

फिलहाल यह मामला जांच के शुरुआती चरण में है। इसलिए आगे की कानूनी कार्रवाई और Meta की प्रतिक्रिया के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि मामले में कौन-कौन से अतिरिक्त तथ्य सामने आते हैं। ]]></description>
        <enclosure url="http://dhakarsamachar.in/uploads/images/202607/image_870x580_6a6715df32e60.jpg" length="65874" type="image/jpeg"/>
        <pubDate>Fri, 31 Jul 2026 09:52:03 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Piyush Raghuwanshi</dc:creator>
        <media:keywords>Meta India Head, Arun Srinivas, Hyderabad Police, Facebook Videos, PM Modi, Meta India News, India News July 2026, Social Media News</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>RBI इस साल ब्याज दरों में बदलाव के मूड में नहीं, आर्थिक विकास को प्राथमिकता मिलने के संकेत</title>
        <link>https://dhakarsamachar.in/rbi-likely-to-keep-repo-rate-unchanged-through-2026</link>
        <guid>https://dhakarsamachar.in/rbi-likely-to-keep-repo-rate-unchanged-through-2026</guid>
        <description><![CDATA[ नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) इस वर्ष अपनी प्रमुख नीतिगत ब्याज दर (रेपो रेट) में बदलाव करने के पक्ष में नहीं दिख रहा है। रॉयटर्स के ताजा सर्वे में शामिल अधिकांश अर्थशास्त्रियों का मानना है कि केंद्रीय बैंक 2026 के शेष महीनों में रेपो रेट को 5.25% पर स्थिर रख सकता है।

विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल RBI की प्राथमिकता महंगाई पर नियंत्रण के साथ-साथ आर्थिक विकास की रफ्तार को बनाए रखना है। वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और भू-राजनीतिक तनाव के बीच ब्याज दर बढ़ाने से आर्थिक गतिविधियों पर असर पड़ सकता है। इसी वजह से केंद्रीय बैंक फिलहाल &quot;वेट एंड वॉच&quot; की रणनीति अपना सकता है।

सर्वे के मुताबिक, अधिकांश अर्थशास्त्रियों का अनुमान है कि अगस्त में होने वाली मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक में भी रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। हालांकि यदि आने वाले महीनों में महंगाई लगातार बढ़ती है या वैश्विक परिस्थितियों में बड़ा बदलाव आता है, तो RBI अपनी नीति की समीक्षा कर सकता है।

विशेषज्ञों के अनुसार, ब्याज दरों को स्थिर रखने से उद्योगों, कारोबार और उपभोक्ताओं को राहत मिल सकती है। वहीं, बैंकिंग और निवेश क्षेत्र की नजर अब RBI की अगली मौद्रिक नीति बैठक पर रहेगी, जहां भविष्य की आर्थिक रणनीति को लेकर महत्वपूर्ण संकेत मिल सकते हैं। ]]></description>
        <enclosure url="http://dhakarsamachar.in/uploads/images/202607/image_870x580_6a67187960b00.jpg" length="409806" type="image/jpeg"/>
        <pubDate>Mon, 27 Jul 2026 08:36:25 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Piyush Raghuwanshi</dc:creator>
        <media:keywords>रॉयटर्स के सर्वे के अनुसार भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) 2026 के बाकी महीनों में रेपो रेट 5.25% पर स्थिर रख सकता है। जानिए इसकी वजह।</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>NEET&amp;UG प्रदर्शन मामले में पुलिस कार्रवाई पर आज सुनवाई करेगा सुप्रीम कोर्ट, छात्रों की याचिका पर नजर</title>
        <link>https://dhakarsamachar.in/supreme-court-hearing-neet-ug-protest-police-action-july-27</link>
        <guid>https://dhakarsamachar.in/supreme-court-hearing-neet-ug-protest-police-action-july-27</guid>
        <description><![CDATA[ नई दिल्ली। NEET-UG 2026 परीक्षा से जुड़े कथित पेपर लीक के विरोध में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के आरोपों को लेकर सुप्रीम कोर्ट आज महत्वपूर्ण सुनवाई करेगा। अदालत के समक्ष दायर याचिकाओं में प्रदर्शनकारियों पर कथित बल प्रयोग की न्यायिक समीक्षा और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की गई है।

याचिकाकर्ताओं का कहना है कि दिल्ली के जंतर-मंतर सहित कई स्थानों पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ पुलिस ने आवश्यकता से अधिक बल प्रयोग किया। उनका आरोप है कि इस कार्रवाई में कई छात्रों को चोटें आईं और उनके संवैधानिक अधिकार प्रभावित हुए।

सुप्रीम कोर्ट द्वारा इस मामले की सुनवाई स्वीकार किए जाने के बाद छात्रों और अभिभावकों की नजरें अदालत की कार्यवाही पर टिकी हैं। याचिका में मांग की गई है कि घटना की स्वतंत्र जांच कराई जाए और यदि किसी स्तर पर नियमों का उल्लंघन हुआ है तो जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए।

इस बीच, NEET-UG परीक्षा को लेकर देशभर में पारदर्शिता और परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग लगातार उठ रही है। शिक्षा व्यवस्था में भरोसा बनाए रखने के लिए सरकार और संबंधित एजेंसियों से ठोस कदम उठाने की अपेक्षा की जा रही है। सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई को इस पूरे मामले में अहम माना जा रहा है। ]]></description>
        <enclosure url="http://dhakarsamachar.in/uploads/images/202607/image_870x580_6a6716b802988.jpg" length="97255" type="image/jpeg"/>
        <pubDate>Mon, 27 Jul 2026 08:29:15 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Piyush Raghuwanshi</dc:creator>
        <media:keywords>NEET-UG 2026 पेपर लीक के विरोध में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर सुप्रीम कोर्ट आज सुनवाई करेगा। याचिका में निष्पक्ष जांच और जवाबदेही की मांग की गई है।</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>यूपी के लाखों आउटसोर्स और संविदा कर्मियों के लिए बड़ी खुशखबरी: &amp;apos;उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम&amp;apos; को हरी झंडी, बिचौलियों से मिलेगी मुक्ति</title>
        <link>https://dhakarsamachar.in/up-outsource-sewa-nigam-approval-yogi-adityanath-decision</link>
        <guid>https://dhakarsamachar.in/up-outsource-sewa-nigam-approval-yogi-adityanath-decision</guid>
        <description><![CDATA[ उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने राज्य के लाखों आउटसोर्स और संविदा कर्मचारियों के हित में एक ऐतिहासिक और बड़ा फैसला लिया है। राज्य कैबिनेट ने &#039;उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम लिमिटेड&#039; के गठन और इसके सुचारू संचालन के लिए 20 करोड़ रुपये के ब्याज मुक्त ऋण (Interest-free loan) के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।  
सरकार के इस कदम से अब आउटसोर्स कर्मचारियों का शोषण समाप्त होगा, वेतन में पारदर्शिता आएगी और सीधे उनके खातों में समय पर मानदेय पहुंचेगा।  
क्या है &#039;उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम&#039; और कैसे मिलेगा फायदा?
कंपनीज एक्ट के तहत गठित हो रहा यह निगम एक नॉन-प्रॉफिट (पब्लिक लिमिटेड) संस्थान के रूप में काम करेगा। इसके गठन के बाद विभिन्न सरकारी विभागों में निजी एजेंसियों और बिचौलियों की मनमानी व धांधली पर पूरी तरह लगाम लगेगी।  
1. हर महीने 1 से 5 तारीख तक सीधे खाते में आएगा वेतन:
अब तक आउटसोर्सिंग एजेंसियों द्वारा कर्मचारियों का वेतन महीनों रोके रखने की शिकायतें आती थीं। नई व्यवस्था में हर महीने की 1 से 5 तारीख के भीतर तय मानदेय सीधे कर्मचारी के बैंक खाते में ट्रांसफर कर दिया जाएगा।  
2. EPF और ESI सुविधाओं का सीधा लाभ:
प्राइवेट सर्विस प्रोवाइडर के बजाय अब भविष्य निधि (EPF) और कर्मचारी राज्य बीमा (ESI) का अंशदान सीधे कर्मचारियों के खाते/कार्ड में जमा होगा। इससे कर्मचारियों को मुफ्त इलाज, 180 दिन का मातृत्व अवकाश (Maternity Leave) और पेंशन जैसी सुविधाएं आसानी से मिल सकेंगी।  
3. तय मानदेय और जॉब सिक्योरिटी:
निगम के जरिए जुड़ने वाले कर्मियों का न्यूनतम मानदेय 16,000 से 20,000 रुपये प्रतिमाह तक निर्धारित किया गया है। इसके अलावा शुरुआती नियुक्ति 3 वर्ष की अवधि के लिए होगी और GeM (जेम) पोर्टल के जरिए पारदर्शी तरीके से पारदर्शी प्रक्रिया अपनाई जाएगी।  
संचालन के लिए 20 करोड़ का फंड
योगी कैबिनेट ने इस निगम को मजबूती से खड़ा करने के लिए 20 करोड़ रुपये का बजट शून्य ब्याज दर पर स्वीकृत किया है। शुरुआती 5 वर्षों तक इस ऋण को चुकाने की बाध्यता नहीं होगी, जिसके बाद निगम 10 वर्षों में 2-2 करोड़ रुपये करके इसे वापस लौटाएगा।  
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का रुख:
&quot;आउटसोर्सिंग कर्मियों का किसी भी स्तर पर शोषण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यह निर्णय राज्य में श्रम गरिमा, पारदर्शिता और सामाजिक सुरक्षा की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम साबित होगा। ]]></description>
        <enclosure url="http://dhakarsamachar.in/uploads/images/202607/image_870x580_6a5fb902c5856.jpg" length="121159" type="image/jpeg"/>
        <pubDate>Tue, 21 Jul 2026 18:23:38 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Piyush Raghuwanshi</dc:creator>
        <media:keywords>योगी कैबिनेट आउटसोर्स फैसला (Yogi Cabinet Outsource Decision), संविदा कर्मचारी गुड न्यूज यूपी (Contractual Workers Good News UP), उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम लिमिटेड (UP Outsource Sewa Nigam Limited)</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>संसद के मॉनसून सत्र के पहले ही दिन भारी हंगामा, NEET पेपर लीक और संसद मार्च को लेकर दिल्ली में बवाल, पुलिस एक्शन</title>
        <link>https://dhakarsamachar.in/संसद-के-मॉनसून-सत्र-के-पहले-ही-दिन-भारी-हंगामा-neet-पेपर-लीक-और-संसद-मार्च-को-लेकर-दिल्ली-में-बवाल-पुलिस-एक्शन</link>
        <guid>https://dhakarsamachar.in/संसद-के-मॉनसून-सत्र-के-पहले-ही-दिन-भारी-हंगामा-neet-पेपर-लीक-और-संसद-मार्च-को-लेकर-दिल्ली-में-बवाल-पुलिस-एक्शन</guid>
        <description><![CDATA[ [21:25, 20/07/2026] Piyush: संसद के मॉनसून सत्र की शुरुआत आज विपक्ष के भारी हंगामे और दिल्ली की सड़कों पर जबरदस्त बवाल के साथ हुई। NEET पेपर लीक मामले और बेरोजगारी के मुद्दे पर विपक्ष ने सदन के भीतर सरकार को घेरा, जिसके चलते लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही को बार-बार स्थगित करना पड़ा।
[21:26, 20/07/2026] Piyush: सदन के बाहर, &#039;चलो संसद&#039; मार्च के तहत प्रदर्शनकारी सुरक्षा घेरा तोड़ते हुए संसद भवन के बेहद करीब रेल भवन तक पहुंच गए। इसके बाद सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया और संसद के मुख्य द्वारों को बंद करना पड़ा। प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए दिल्ली पुलिस ने आंसू गैस के गोलों का इस्तेमाल किया और जंतर-मंतर को खाली कराया गया। इस हंगामे के चलते सेंट्रल दिल्ली, चिल्ला बॉर्डर और DND फ्लाईवे पर भीषण जाम लग गया, जिससे आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। ]]></description>
        <enclosure url="http://dhakarsamachar.in/uploads/images/202607/image_870x580_6a5e45efc2a55.jpg" length="49398" type="image/jpeg"/>
        <pubDate>Mon, 20 Jul 2026 16:00:09 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Piyush Raghuwanshi</dc:creator>
        <media:keywords>मॉनसून सत्र 2026 हंगामा, NEET पेपर लीक संसद मार्च, दिल्ली पुलिस आंसू गैस जंतर मंतर, Parliament Monsoon Session live update</media:keywords>
    </item>
    </channel>
</rss>