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    <title>धाकड़ समाचार &amp; Latest Posts</title>
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    <description>धाकड़ समाचार &amp; Latest Posts</description>
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    <dc:rights>Copyright 2026 धाकड़ समाचार    &amp; All Rights Reserved.</dc:rights>
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        <title>वाराणसी में बारिश के चलते 12वीं तक के सभी स्कूल शनिवार को बंद</title>
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        <description><![CDATA[ वाराणसी। जिले में लगातार हो रही बारिश और मौसम विभाग के पूर्वानुमान को देखते हुए प्रशासन ने 26 सितंबर, शनिवार को कक्षा 1 से 12वीं तक के सभी विद्यालयों में शिक्षण कार्य बंद रखने का आदेश जारी किया है।
जिलाधिकारी के निर्देश पर जारी आदेश के तहत वाराणसी के परिषदीय, मान्यता प्राप्त और सहायता प्राप्त विद्यालयों में शनिवार को विद्यार्थियों के लिए शिक्षण कार्य नहीं होगा। इसके अलावा सीबीएसई, आईसीएसई और अन्य बोर्ड से संचालित विद्यालयों पर भी यह आदेश लागू रहेगा।
प्रशासन ने लगातार बारिश और मौसम की संभावित स्थिति को देखते हुए विद्यार्थियों की सुरक्षा के मद्देनजर यह फैसला लिया है। डीआईओएस वाराणसी और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी भूपेंद्र सिंह ने विद्यालय बंद रखने की जानकारी दी है।
हालांकि, आदेश के अनुसार विद्यालयों में शिक्षक और शिक्षणेत्तर कर्मचारी उपस्थित रहेंगे। उन्हें विद्यालय पहुंचकर विभागीय, प्रशासनिक और अन्य आवश्यक कार्य करने होंगे।
सभी विद्यालयों के प्रधानाचार्यों और संबंधित अधिकारियों को आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन की ओर से मौसम की स्थिति पर नजर रखी जा रही है और विद्यार्थियों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई है।
26 सितंबर को विद्यार्थियों के लिए कक्षा संचालन बंद रहेगा, जबकि शिक्षक एवं शिक्षणेत्तर कर्मचारी विद्यालय पहुंचकर अपने निर्धारित विभागीय कार्य करेंगे। ]]></description>
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        <pubDate>Fri, 25 Sep 2026 23:25:32 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Piyush Raghuwanshi</dc:creator>
        <media:keywords>वाराणसी स्कूल बंद, वाराणसी बारिश, 26 सितंबर स्कूल बंद, स्कूल बंद आदेश, भारी बारिश, यूपी मौसम, जिलाधिकारी वाराणसी, डीआईओएस वाराणसी, बेसिक शिक्षा विभाग</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>पूर्वांचल में भारी बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट, बिजली विभाग ने जारी किए सुरक्षा निर्देश</title>
        <link>https://dhakarsamachar.in/पूर्वांचल-में-बारिश-तेज-हवाओं-का-बिजली-अलर्ट</link>
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        <description><![CDATA[ वाराणसी। पूर्वांचल में 26 सितंबर को खराब मौसम को लेकर बिजली विभाग ने विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश जारी किए हैं। पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड, वाराणसी की ओर से 25 सितंबर की रात जारी सूचना के अनुसार छत्तीसगढ़ से उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ रहा डिप्रेशन रात करीब 11 बजे सिंगरौली और सोनभद्र सीमा के पास पहुंचने की संभावना जताई गई है। इसके बाद इसके प्रयागराज के पश्चिमी हिस्से से होते हुए लखनऊ की ओर बढ़ने का अनुमान है।
मौसम की स्थिति को देखते हुए पूर्वी उत्तर प्रदेश में 26 सितंबर को भारी से बहुत भारी बारिश और करीब 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी दी गई है। कुछ स्थानों पर हवा की गति 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
विभाग ने जोखिम के आधार पर जिलों को तीन श्रेणियों में बांटा है। कैटेगरी-1 में सोनभद्र, मिर्जापुर, प्रयागराज, कौशांबी, फतेहपुर और प्रतापगढ़ को रखा गया है। इन जिलों में आज रात से 26 सितंबर दोपहर तक सबसे अधिक सतर्कता बरतने के निर्देश हैं।
कैटेगरी-2 में महराजगंज, सिद्धार्थनगर, कुशीनगर, गोरखपुर, देवरिया, बस्ती और संत कबीर नगर शामिल हैं। यहां 26 सितंबर शाम से 27 सितंबर सुबह तक भारी बारिश का जोखिम बताया गया है। वहीं कैटेगरी-3 में वाराणसी, चंदौली, भदोही, जौनपुर, गाजीपुर, आजमगढ़, मऊ और बलिया को रखा गया है।
बिजली विभाग ने तेज हवा, पेड़ या बिजली के खंभे गिरने, तार टूटने अथवा स्पार्किंग की स्थिति में प्रभावित 11 केवी फीडर को तत्काल बंद करने के निर्देश दिए हैं। हालांकि पूरे जिले की बिजली आपूर्ति बंद नहीं की जाएगी, बल्कि केवल प्रभावित फीडर को जरूरत के अनुसार बंद किया जाएगा।
विभाग ने बिजली बहाल करने से पहले पूरी लाइन की जांच करने, टूटे कंडक्टर, झुके खंभों और पेड़ों की शाखाओं को हटाने के निर्देश दिए हैं। अस्पताल, वॉटर वर्क्स और अन्य आवश्यक सेवाओं वाले फीडरों को केवल अंतिम विकल्प के रूप में बंद करने और प्राथमिकता के आधार पर बहाल करने को कहा गया है।
इसके अलावा बिजली विभाग की टीमों को अतिरिक्त खंभे, कंडक्टर, इंसुलेटर, ट्रांसफार्मर, आरी, कुल्हाड़ी और अन्य जरूरी उपकरण पहले से तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं। उपभोक्ताओं से भी अपील की गई है कि तेज बारिश या आंधी के दौरान गिरे हुए बिजली के तारों को न छुएं और ऐसी स्थिति की सूचना 1912 पर दें। ]]></description>
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        <pubDate>Fri, 25 Sep 2026 23:20:26 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Piyush Raghuwanshi</dc:creator>
        <media:keywords>मौसम चेतावनी, पूर्वांचल मौसम, भारी बारिश, तेज हवा, बिजली विभाग, वाराणसी, सोनभद्र, मिर्जापुर, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश मौसम, विद्युत सुरक्षा, 26 सितंबर मौसम</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>खाद्य तेलों की कीमत घटाने पर सरकार का जोर, कंपनियों को शुल्क कटौती का लाभ देने को कहा</title>
        <link>https://dhakarsamachar.in/खाद्य-तेलों-की-कीमत-घटाने-पर-सरकार-का-जोर-कंपनियों-को-शुल्क-कटौती-का-लाभ-देने-को-कहा</link>
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        <description><![CDATA[ भारत में खाद्य तेल की कीमतों को लेकर सरकार ने कंपनियों को आयात शुल्क में कटौती का लाभ उपभोक्ताओं तक पहुंचाने को कहा है।
सरकार ने सूरजमुखी, सोयाबीन और पाम ऑयल जैसे खाद्य तेलों पर आयात शुल्क में बदलाव किया है। इसका उद्देश्य घरेलू बाजार में कीमतों को नियंत्रित करने और खाद्य महंगाई के दबाव को कम करना है।
भारत खाद्य तेल की घरेलू जरूरतों का एक हिस्सा आयात के जरिए पूरा करता है। इसलिए अंतरराष्ट्रीय कीमतों और आयात शुल्क में बदलाव का असर घरेलू बाजार में कीमतों पर पड़ सकता है।
सरकार की ओर से कंपनियों से कहा गया है कि शुल्क कटौती का लाभ खुदरा बाजार तक पहुंचाया जाए।
खाद्य तेल आम परिवारों के दैनिक भोजन का हिस्सा है। इसलिए इसकी कीमतों में बदलाव का असर घरेलू बजट पर पड़ सकता है।
आने वाले समय में अंतरराष्ट्रीय कीमतों और घरेलू आपूर्ति के आधार पर खाद्य तेलों की खुदरा कीमतों में बदलाव देखा जा सकता है।
मुख्य बिंदु
सरकार ने खाद्य तेल कीमतों पर ध्यान दिया।
आयात शुल्क में कटौती का लाभ उपभोक्ताओं तक पहुंचाने को कहा।
सूरजमुखी, सोयाबीन और पाम ऑयल शामिल।
उद्देश्य खाद्य महंगाई का दबाव कम करना।
घरेलू कीमतों पर अंतरराष्ट्रीय बाजार का भी असर पड़ता है। ]]></description>
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        <pubDate>Fri, 25 Sep 2026 23:13:05 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Piyush Raghuwanshi</dc:creator>
        <media:keywords>Edible Oil, Cooking Oil, Import Duty, India Economy, Food Inflation</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>केदारनाथ में पांच महीनों में 50 टन से ज्यादा कचरा, पिछले साल से ढाई गुना</title>
        <link>https://dhakarsamachar.in/केदारनाथ-में-पांच-महीनों-में-50-टन-से-ज्यादा-कचरा-पिछले-साल-से-ढाई-गुना</link>
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        <description><![CDATA[ केदारनाथ धाम में इस वर्ष तीर्थयात्रा के दौरान कचरा प्रबंधन एक महत्वपूर्ण पर्यावरणीय मुद्दा बनकर सामने आया है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार अप्रैल से अगस्त 2026 के पांच महीनों में 50.30 मीट्रिक टन कचरा दर्ज किया गया।
यह मात्रा 2025 के पूरे यात्रा सीजन में दर्ज 21.40 मीट्रिक टन कचरे से 2.5 गुना से अधिक है। 2023 में 32.58 टन और 2024 में 26.10 टन कचरा दर्ज किया गया था।
आंकड़े केदारनाथ नगर पंचायत द्वारा RTI के जवाब में उपलब्ध कराए गए। बढ़ता कचरा हिमालयी क्षेत्र में तीर्थ पर्यटन के पर्यावरणीय प्रभाव को लेकर चर्चा का विषय है।
केदारनाथ एक संवेदनशील हिमालयी क्षेत्र में स्थित है। यहां कचरा प्रबंधन के लिए संग्रह, परिवहन और निस्तारण की व्यवस्था महत्वपूर्ण है।
तीर्थयात्रियों की संख्या बढ़ने के साथ प्लास्टिक, पैकेजिंग और अन्य ठोस कचरे की मात्रा भी बढ़ सकती है। इसलिए स्थानीय प्रशासन के सामने कचरा प्रबंधन की क्षमता बनाए रखना चुनौती बनी रहती है।
मुख्य बिंदु
अप्रैल-अगस्त 2026 में 50.30 टन कचरा।
2025 के पूरे सीजन से 2.5 गुना से अधिक।
आंकड़े RTI के जरिए सामने आए।
केदारनाथ हिमालयी पर्यावरण के लिहाज से संवेदनशील क्षेत्र है।
कचरा प्रबंधन पर दबाव बढ़ा। ]]></description>
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        <pubDate>Fri, 25 Sep 2026 23:10:52 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Piyush Raghuwanshi</dc:creator>
        <media:keywords>Kedarnath Waste, Kedarnath Dham, Uttarakhand, Pilgrimage, Environment</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>भारत में AI इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार तेज, सेमीकंडक्टर क्षमता पर भी जोर</title>
        <link>https://dhakarsamachar.in/भारत-में-ai-इंफ्रास्ट्रक्चर-विस्तार-तेज-सेमीकंडक्टर-क्षमता-पर-भी-जोर</link>
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        <description><![CDATA[ AI के बढ़ते इस्तेमाल के बीच भारत में डिजिटल और तकनीकी इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की गतिविधियां तेज हुई हैं। डेटा सेंटर, सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग को रणनीतिक क्षेत्रों में शामिल किया जा रहा है।
24 सितंबर को Microsoft ने तेलंगाना में अपने India South Central data centre region को लाइव किया। यह क्लाउड और AI सेवाओं के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध कराने की दिशा में कदम है।
Economic Affairs Secretary Anuradha Thakur ने भी 24 सितंबर को कहा कि भारत को सेमीकंडक्टर जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में क्षमता निर्माण की जरूरत है ताकि वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच देश की तकनीकी क्षमता मजबूत हो।
सेमीकंडक्टर चिप्स मोबाइल फोन, कंप्यूटर, ऑटोमोबाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स और AI सिस्टम समेत कई क्षेत्रों में इस्तेमाल होते हैं। इसलिए इनके उत्पादन और आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करना महत्वपूर्ण माना जाता है।
भारत में इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण बढ़ने के साथ सेमीकंडक्टर की घरेलू मांग भी बढ़ रही है।
मुख्य बिंदु
AI और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर पर भारत में जोर।
Microsoft ने तेलंगाना डेटा सेंटर लाइव किया।
सेमीकंडक्टर को रणनीतिक क्षेत्र बताया गया।
इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग में चिप्स की मांग बढ़ रही है।
डेटा सेंटर AI सेवाओं का आधार हैं। ]]></description>
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        <pubDate>Fri, 25 Sep 2026 23:07:57 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Piyush Raghuwanshi</dc:creator>
        <media:keywords>AI India, Semiconductor India, Data Centre, Electronics Manufacturing, Technology</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>दक्षिण छत्तीसगढ़ के दूरदराज क्षेत्र तक रेलवे ट्रैक पहुंचा</title>
        <link>https://dhakarsamachar.in/दक्षिण-छत्तीसगढ़-के-दूरदराज-क्षेत्र-तक-रेलवे-ट्रैक-पहुंचा</link>
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        <description><![CDATA[ दक्षिण छत्तीसगढ़ के दूरदराज क्षेत्रों में रेल कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए चल रही परियोजना में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। भारतीय रेलवे के अनुसार दल्लीराजहरा-रावघाट नई रेल लाइन के तारोकी-रावघाट सेक्शन तक ट्रैक पहुंच गया है।
यह परियोजना क्षेत्रीय कनेक्टिविटी के लिहाज से महत्वपूर्ण है। नए रेल मार्ग से दूरदराज इलाकों को देश के अन्य हिस्सों से रेल नेटवर्क के माध्यम से जोड़ने में मदद मिल सकती है।
रेल कनेक्टिविटी से यात्रियों के साथ-साथ माल ढुलाई की क्षमता भी बढ़ सकती है। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था और परिवहन व्यवस्था पर प्रभाव पड़ सकता है।
रेल मंत्रालय ने 23 सितंबर को इस प्रगति की जानकारी जारी की। ]]></description>
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        <pubDate>Fri, 25 Sep 2026 23:05:52 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Piyush Raghuwanshi</dc:creator>
        <media:keywords>Chhattisgarh Railway, Rowghat Railway Line, Indian Railways, Taroki, Connectivity</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>दक्षिण मध्य रेलवे में पहली बार Kavach 4.0 शुरू, सुरक्षा तकनीक को बढ़ावा</title>
        <link>https://dhakarsamachar.in/दक्षिण-मध्य-रेलवे-में-पहली-बार-kavach-40-शुरू-सुरक्षा-तकनीक-को-बढ़ावा</link>
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        <description><![CDATA[ भारतीय रेलवे ने रेल सुरक्षा तकनीक के क्षेत्र में Kavach 4.0 को दक्षिण मध्य रेलवे में पहली बार कमीशन किया है। इसकी जानकारी रेल मंत्रालय ने 23 सितंबर को जारी की।
Kavach एक स्वदेशी Automatic Train Protection प्रणाली है। इसका उद्देश्य कुछ परिस्थितियों में ट्रेन संचालन के दौरान सुरक्षा बढ़ाना है।
Kavach 4.0 के कमीशन होने से दक्षिण मध्य रेलवे के संबंधित रेल मार्गों पर आधुनिक ट्रेन सुरक्षा तकनीक का उपयोग बढ़ेगा।
भारतीय रेलवे अलग-अलग जोन और मार्गों पर Kavach प्रणाली के विस्तार पर काम कर रहा है। इसके लिए ट्रैक, सिग्नलिंग और ट्रेन से जुड़े उपकरणों को तकनीकी प्रणाली के साथ जोड़ा जाता है।
रेल सुरक्षा में ऐसी तकनीकों का इस्तेमाल मानव त्रुटि से जुड़े कुछ जोखिमों को कम करने के लिए किया जाता है। हालांकि रेलवे संचालन में लोको पायलट, सिग्नलिंग और अन्य सुरक्षा व्यवस्थाएं भी महत्वपूर्ण रहती हैं। ]]></description>
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        <pubDate>Fri, 25 Sep 2026 23:03:50 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Piyush Raghuwanshi</dc:creator>
        <media:keywords>Kavach 4.0, Indian Railways, Railway Safety, South Central Railway, Train Protection</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>कानपुर सेंट्रल से आनंद विहार के बीच नई दैनिक ट्रेन को मंजूरी</title>
        <link>https://dhakarsamachar.in/कानपुर-सेंट्रल-से-आनंद-विहार-के-बीच-नई-दैनिक-ट्रेन-को-मंजूरी</link>
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        <description><![CDATA[ भारतीय रेलवे ने यात्रियों के लिए एक नई दैनिक ट्रेन सेवा को मंजूरी दी है। यह ट्रेन कानपुर सेंट्रल और आनंद विहार टर्मिनल के बीच चलेगी।
रेल मंत्रालय की ओर से 24 सितंबर 2026 को इस सेवा को मंजूरी दिए जाने की जानकारी जारी की गई।
कानपुर और दिल्ली के बीच बड़ी संख्या में यात्री रोजाना यात्रा करते हैं। नई दैनिक सेवा से इस रूट पर यात्रियों के लिए एक अतिरिक्त विकल्प उपलब्ध होगा।
उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहरों को दिल्ली से जोड़ने वाली रेल सेवाओं में कानपुर का महत्वपूर्ण स्थान है। नई ट्रेन सेवा से दैनिक यात्रियों, छात्रों, कर्मचारियों और अन्य यात्रियों को सुविधा मिलने की उम्मीद है।
नई ट्रेन के संचालन की समय-सारिणी, ठहराव और टिकट बुकिंग से जुड़ी जानकारी रेलवे की ओर से अलग से जारी की जाएगी। ]]></description>
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        <pubDate>Fri, 25 Sep 2026 22:52:30 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Piyush Raghuwanshi</dc:creator>
        <media:keywords>Indian Railways, Kanpur Anand Vihar Train, Railway News, Uttar Pradesh, Delhi</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>Microsoft ने तेलंगाना में नया डेटा सेंटर शुरू किया, AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस</title>
        <link>https://dhakarsamachar.in/microsoft-ने-तेलंगाना-में-नया-डेटा-सेंटर-शुरू-किया-ai-इंफ्रास्ट्रक्चर-पर-फोकस</link>
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        <description><![CDATA[ Microsoft ने तेलंगाना में अपने नए India South Central data centre region को लाइव कर दिया है। यह भारत में कंपनी के क्लाउड और AI इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार से जुड़ा कदम है।
डेटा सेंटर क्लाउड कंप्यूटिंग, AI सेवाओं और डिजिटल एप्लीकेशन के संचालन के लिए महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा होते हैं। भारत में AI और डिजिटल सेवाओं का इस्तेमाल बढ़ने के साथ डेटा सेंटर की मांग भी बढ़ रही है।
Business Standard की रिपोर्ट के अनुसार तेलंगाना सरकार 2029 तक लगभग 5 GW डेटा सेंटर क्षमता और करीब 30 अरब डॉलर के AI एवं डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश का लक्ष्य लेकर चल रही है।
नए डेटा सेंटर क्षेत्र से Microsoft की क्लाउड सेवाओं की स्थानीय उपलब्धता और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर क्षमता को बढ़ावा मिल सकता है।
AI के बढ़ते इस्तेमाल के साथ डेटा प्रोसेसिंग और स्टोरेज की जरूरत भी बढ़ रही है। ऐसे में बड़े डेटा सेंटर AI आधारित सेवाओं के लिए महत्वपूर्ण आधार तैयार करते हैं। ]]></description>
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        <pubDate>Fri, 25 Sep 2026 22:49:23 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Piyush Raghuwanshi</dc:creator>
        <media:keywords>Microsoft India, Telangana Data Centre, AI Infrastructure, Cloud Computing, Data Centre</media:keywords>
    </item>
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        <title>Google Photos में आया AI Wardrobe फीचर, तस्वीरों से बनेगा डिजिटल क्लोजेट</title>
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        <description><![CDATA[ Google Photos में 25 सितंबर को कई नए फीचर जोड़े गए। इनमें AI-powered Wardrobe फीचर भी शामिल है, जो यूजर्स की तस्वीरों में दिखाई देने वाले कपड़ों को डिजिटल कलेक्शन में व्यवस्थित करता है।
यूजर अपने फोटो में मौजूद कपड़ों को एक डिजिटल वॉर्डरोब के रूप में देख सकता है। इसके जरिए अलग-अलग कपड़ों को मिलाकर आउटफिट तैयार करने और वर्चुअली देखने की सुविधा दी गई है। यह फीचर भारत समेत अमेरिका और ब्राजील में योग्य Android और iOS यूजर्स के लिए उपलब्ध है।
Google Photos में Moods नाम का नया एडिटिंग फीचर भी जोड़ा गया है। इसके जरिए तस्वीरों पर 35mm फिल्म और 2000s digicam जैसे स्टाइल लागू किए जा सकते हैं।
इसके अलावा ऐप में नए Remix templates और Markup टूल में सुधार किए गए हैं। Markup में संवेदनशील जानकारी को ब्लर करने के लिए redact pen भी जोड़ा गया है।
Google के अनुसार नए फीचर्स का उद्देश्य फोटो लाइब्रेरी को व्यवस्थित करने और तस्वीरों को जल्दी एडिट करने के विकल्प बढ़ाना है। ]]></description>
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        <pubDate>Fri, 25 Sep 2026 22:10:30 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Piyush Raghuwanshi</dc:creator>
        <media:keywords>Google Photos, AI Wardrobe, Gemini, Artificial Intelligence, Google India</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>शूटिंग में भारत को स्वर्ण और रजत, पदक तालिका में बढ़त</title>
        <link>https://dhakarsamachar.in/शूटिंग-में-भारत-को-स्वर्ण-और-रजत-पदक-तालिका-में-बढ़त</link>
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        <description><![CDATA[ एशियन गेम्स 2026 में भारतीय निशानेबाजों ने 25 सितंबर को शानदार प्रदर्शन किया। दिन की शुरुआत में कमलजीत और सुरूची सिंह की भारतीय जोड़ी ने 10 मीटर एयर पिस्टल मिश्रित टीम स्पर्धा में स्वर्ण पदक हासिल किया।
इस जीत के बाद भारत के स्वर्ण पदकों की संख्या बढ़कर दो हो गई। पहला स्वर्ण भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने जीता था।
इसके बाद पुरुषों की 50 मीटर राइफल 3 पोजीशन टीम स्पर्धा में ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर, रुद्रांक्ष पाटिल और नीरज कुमार की भारतीय टीम ने रजत पदक जीता।
शूटिंग भारतीय दल के लिए इस एशियन गेम्स में लगातार महत्वपूर्ण पदक स्रोत बना हुआ है। 25 सितंबर तक भारत के कुल 19 पदकों में शूटिंग के 9 पदक शामिल थे।
भारतीय निशानेबाजों के प्रदर्शन से देश की पदक तालिका में लगातार इजाफा हुआ है। आने वाले दिनों में भी शूटिंग की कई स्पर्धाओं में भारतीय खिलाड़ी पदक की दौड़ में रहेंगे। ]]></description>
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        <pubDate>Fri, 25 Sep 2026 22:08:27 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Piyush Raghuwanshi</dc:creator>
        <media:keywords>Indian Shooting, Asian Games 2026, Suruchi Singh, Kamaljeet, Aishwary Pratap</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>एशियन गेम्स में भारत की पुरुष और महिला कबड्डी टीमें फाइनल में</title>
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        <description><![CDATA[ एशियन गेम्स में भारतीय कबड्डी टीमों ने 25 सितंबर को शानदार प्रदर्शन किया। पुरुष और महिला दोनों टीमों ने अपने-अपने सेमीफाइनल मुकाबले जीतकर स्वर्ण पदक के मुकाबले में जगह बनाई।
महिला टीम का सामना नेपाल से हुआ। भारतीय खिलाड़ियों ने शुरुआत से ही मैच पर पकड़ बनाए रखी और अंत में 48-24 के अंतर से जीत दर्ज की।
इसके बाद पुरुष टीम ने थाईलैंड के खिलाफ सेमीफाइनल खेला। भारत ने आक्रामक खेल दिखाते हुए 66-28 से मुकाबला अपने नाम किया।
दोनों टीमों के फाइनल में पहुंचने के साथ भारत के पास कबड्डी में दो स्वर्ण पदक जीतने का अवसर है। हालांकि फाइनल के परिणाम अलग से तय होंगे।
कबड्डी एशियन गेम्स में भारत के प्रमुख खेलों में शामिल है। भारतीय टीमों ने पिछले संस्करणों में भी इस खेल में पदक हासिल किए हैं। ]]></description>
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        <pubDate>Fri, 25 Sep 2026 22:04:42 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Piyush Raghuwanshi</dc:creator>
        <media:keywords>India Kabaddi, Asian Games Kabaddi, पुरुष कबड्डी, महिला कबड्डी</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>एशियन गेम्स में भारत के 19 पदक, शूटिंग ने दिलाए सबसे ज्यादा मेडल</title>
        <link>https://dhakarsamachar.in/एशियन-गेम्स-में-भारत-के-19-पदक-शूटिंग-ने-दिलाए-सबसे-ज्यादा-मेडल</link>
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        <description><![CDATA[ जापान के आइची-नागोया में चल रहे एशियन गेम्स 2026 में भारतीय खिलाड़ियों का अभियान जारी है। 25 सितंबर तक भारत ने कुल 19 पदक हासिल किए हैं।
भारत को दो स्वर्ण पदक मिले हैं। इनमें भारतीय महिला क्रिकेट टीम का स्वर्ण और शूटिंग में कमलजीत तथा सुरूची सिंह का 10 मीटर एयर पिस्टल मिश्रित टीम स्वर्ण शामिल है।
शूटिंग भारतीय दल के लिए महत्वपूर्ण पदक स्रोत बना हुआ है। 25 सितंबर को पुरुषों की 50 मीटर राइफल 3 पोजीशन टीम स्पर्धा में ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर, रुद्रांक्ष पाटिल और नीरज कुमार ने रजत पदक जीता।
एथलेटिक्स में भी भारत ने पदक हासिल किए। गुलवीर सिंह ने रजत पदक जीता और महिलाओं के शॉटपुट में मनप्रीत कौर ने कांस्य पदक हासिल किया।
कबड्डी में भारत की पुरुष और महिला दोनों टीमें सेमीफाइनल मुकाबले जीतकर फाइनल में पहुंच गईं। इससे भारत के पदक खाते में और इजाफा होने की संभावना बनी है। ]]></description>
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        <pubDate>Fri, 25 Sep 2026 21:53:24 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Piyush Raghuwanshi</dc:creator>
        <media:keywords>Asian Games 2026, India medals, भारत पदक, शूटिंग, Aichi Nagoya</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>कुनो नेशनल पार्क में प्रोजेक्ट चीता के शुरुआती चीतों में शामिल गौरव की मौत</title>
        <link>https://dhakarsamachar.in/कुनो-नेशनल-पार्क-में-प्रोजेक्ट-चीता-के-शुरुआती-चीतों-में-शामिल-गौरव-की-मौत</link>
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        <description><![CDATA[ मध्य प्रदेश के कुनो नेशनल पार्क से वन्यजीव संरक्षण से जुड़ी खबर सामने आई है। प्रोजेक्ट चीता के शुरुआती चरण में नामीबिया से भारत लाए गए चीतों में शामिल गौरव की मौत हो गई।
गौरव को मूल रूप से Elton नाम दिया गया था। वह सितंबर 2022 में नामीबिया से भारत लाए गए शुरुआती आठ चीतों में शामिल था। बाद में उसका नाम गौरव रखा गया।
प्रोजेक्ट चीता का उद्देश्य भारत में चीतों की आबादी को फिर से स्थापित करना है। नामीबिया से चीतों को भारत लाने के बाद उन्हें कुनो नेशनल पार्क में रखा गया और उनकी निगरानी की गई।
कुनो में चीतों के स्वास्थ्य, गतिविधियों और अनुकूलन पर लगातार नजर रखी जाती है। विशेषज्ञों और वन विभाग की टीमों द्वारा चीतों की निगरानी की जाती है।
गौरव की मौत प्रोजेक्ट चीता के लिए एक और महत्वपूर्ण घटना है। कुनो में चीतों की संख्या और उनके स्वास्थ्य से जुड़े आंकड़ों की लगातार समीक्षा की जाती है ताकि संरक्षण कार्यक्रम को वैज्ञानिक तरीके से आगे बढ़ाया जा सके।
प्रोजेक्ट चीता के तहत भारत में अफ्रीकी चीतों को लाने की प्रक्रिया 2022 में शुरू हुई थी। इसके बाद दक्षिण अफ्रीका से भी चीते भारत लाए गए। ]]></description>
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        <pubDate>Wed, 23 Sep 2026 00:28:54 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Piyush Raghuwanshi</dc:creator>
        <media:keywords>Kuno National Park, Cheetah Gaurav, Project Cheetah, Namibia, Wildlife India</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>IT शेयरों में दबाव से बाजार गिरा, सेंसेक्स 329 अंक नीचे बंद</title>
        <link>https://dhakarsamachar.in/it-शेयरों-में-दबाव-से-बाजार-गिरा-सेंसेक्स-329-अंक-नीचे-बंद</link>
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        <description><![CDATA[ भारतीय शेयर बाजार ने मंगलवार के कारोबार का अंत गिरावट के साथ किया। शुरुआती कारोबार में बाजार को कुछ समर्थन मिला, लेकिन बाद में IT शेयरों में बिकवाली के कारण प्रमुख सूचकांक नीचे आ गए।
Sensex 329.91 अंक यानी 0.44 प्रतिशत गिरकर 74,529.08 पर बंद हुआ। वहीं Nifty 50 में 85.30 अंकों की गिरावट दर्ज हुई और यह 23,329 पर बंद हुआ।
IT इंडेक्स में करीब 0.9 प्रतिशत की गिरावट रही। रिपोर्ट के अनुसार IT कंपनियों की मांग और भविष्य की कमाई को लेकर बाजार में कुछ चिंता रही।
बाजार पर विदेशी निवेश और वैश्विक घटनाक्रम का असर भी बना रहा। कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट से शुरुआत में बाजार को समर्थन मिला था, लेकिन बाद में IT शेयरों में कमजोरी ने उस बढ़त को खत्म कर दिया।
दिन के अंत में 16 प्रमुख सेक्टरों में से 14 में गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा छोटे और मिड-कैप सूचकांकों में भी मामूली कमजोरी रही।
बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच निवेशकों की नजर वैश्विक तेल कीमतों, विदेशी पूंजी के प्रवाह और अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम पर बनी हुई है। ]]></description>
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        <pubDate>Wed, 23 Sep 2026 00:27:10 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Piyush Raghuwanshi</dc:creator>
        <media:keywords>Sensex, Nifty, Indian Stock Market, IT Stocks, Share Market</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>यूपी के 36 रेलवे स्टेशनों पर बनेंगे हाई&amp;लेवल प्लेटफॉर्म, यात्रियों को मिलेगी सुविधा</title>
        <link>https://dhakarsamachar.in/यूपी-के-36-रेलवे-स्टेशनों-पर-बनेंगे-हाई-लेवल-प्लेटफॉर्म-यात्रियों-को-मिलेगी-सुविधा</link>
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        <description><![CDATA[ उत्तर प्रदेश के रेलवे यात्रियों के लिए रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी महत्वपूर्ण योजना सामने आई है। उत्तर मध्य रेलवे 36 रेलवे स्टेशनों पर हाई-लेवल प्लेटफॉर्म विकसित कर रहा है।
हाई-लेवल प्लेटफॉर्म होने से ट्रेन के दरवाजे और प्लेटफॉर्म के बीच ऊंचाई का अंतर कम होता है। इससे यात्रियों के लिए ट्रेन में चढ़ना और उतरना आसान हो सकता है।
रेलवे के अनुसार इस व्यवस्था से वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांग यात्रियों को विशेष सुविधा मिल सकती है। भारी सामान लेकर यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए भी चढ़ने-उतरने की प्रक्रिया आसान होने की उम्मीद है।
रेलवे स्टेशनों पर यात्री सुविधाओं का विस्तार भारतीय रेलवे के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास का हिस्सा है। हाई-लेवल प्लेटफॉर्म के साथ स्टेशन पर अन्य सुविधाओं को भी जरूरत के अनुसार बेहतर किया जाता है।
उत्तर मध्य रेलवे के अधिकार क्षेत्र में उत्तर प्रदेश के कई महत्वपूर्ण रेलवे रूट आते हैं। इन रूटों पर यात्रियों की बड़ी संख्या को देखते हुए स्टेशन सुविधाओं का आधुनिकीकरण लगातार किया जा रहा है।
36 स्टेशनों पर प्लेटफॉर्म अपग्रेड होने के बाद यात्रियों को स्टेशन पर ट्रेन पकड़ने और उतरने के दौरान पहले की तुलना में बेहतर सुविधा मिल सकती है। ]]></description>
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        <pubDate>Wed, 23 Sep 2026 00:24:58 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Piyush Raghuwanshi</dc:creator>
        <media:keywords>UP Railway Stations, North Central Railway, High Level Platform, Uttar Pradesh, Railway</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>भारत&amp;जापान ने रक्षा तकनीक और सैन्य अभ्यास बढ़ाने पर की चर्चा</title>
        <link>https://dhakarsamachar.in/भारत-जापान-ने-रक्षा-तकनीक-और-सैन्य-अभ्यास-बढ़ाने-पर-की-चर्चा</link>
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        <description><![CDATA[ भारत और जापान के बीच रक्षा सहयोग को लेकर मंगलवार को महत्वपूर्ण चर्चा हुई। बातचीत में दोनों देशों के रक्षा तकनीकी सहयोग को आगे बढ़ाने, संयुक्त सैन्य अभ्यास और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में सुरक्षा समन्वय जैसे विषय शामिल रहे।
दोनों देशों के बीच पिछले कुछ वर्षों में रक्षा और सुरक्षा क्षेत्र में सहयोग बढ़ा है। सैन्य अभ्यासों के जरिए दोनों देशों की सेनाएं संयुक्त संचालन क्षमता और आपसी समन्वय को मजबूत करने पर काम करती रही हैं।
बैठक में रक्षा तकनीक का क्षेत्र भी प्रमुख विषय रहा। आधुनिक सैन्य प्रणालियों में तकनीक की भूमिका बढ़ने के साथ भारत और जापान के बीच तकनीकी सहयोग को आगे बढ़ाने के अवसरों पर चर्चा हुई।
इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता भी दोनों देशों के सहयोग का महत्वपूर्ण हिस्सा है। भारत और जापान दोनों इस क्षेत्र में विभिन्न बहुपक्षीय और द्विपक्षीय मंचों पर सहयोग करते हैं।
22 सितंबर की चर्चा में संयुक्त सैन्य अभ्यासों को और मजबूत करने तथा रक्षा सहयोग के विभिन्न क्षेत्रों में समन्वय बढ़ाने पर भी जोर दिया गया। ]]></description>
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        <pubDate>Wed, 23 Sep 2026 00:22:35 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Piyush Raghuwanshi</dc:creator>
        <media:keywords>India Japan Defence, रक्षा तकनीक, सैन्य अभ्यास, Indo Pacific, भारत जापान</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>बेंगलुरु में Electronica India 2026 शुरू, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग पर जोर</title>
        <link>https://dhakarsamachar.in/बेंगलुरु-में-electronica-india-2026-शुरू-इलेक्ट्रॉनिक्स-मैन्युफैक्चरिंग-पर-जोर</link>
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        <description><![CDATA[ भारत में इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण और उत्पादन तकनीक से जुड़े क्षेत्र को एक मंच देने के उद्देश्य से बेंगलुरु में Electronica India और productronica India 2026 का आयोजन शुरू हुआ।
Bangalore International Exhibition Centre में आयोजित इस कार्यक्रम में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग से जुड़ी कंपनियां, कंपोनेंट सप्लायर, उत्पादन तकनीक उपलब्ध कराने वाली कंपनियां, खरीदार और उद्योग विशेषज्ञ शामिल हो रहे हैं।
आयोजन में इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स, मैन्युफैक्चरिंग सिस्टम और उत्पादन से जुड़ी नई तकनीकों को प्रदर्शित किया जा रहा है। भारत में इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण क्षमता बढ़ने के साथ ऐसे आयोजनों को उद्योग के लिए नए कारोबारी संपर्क और तकनीकी सहयोग का मंच माना जाता है।
कार्यक्रम में भारत के अलावा अंतरराष्ट्रीय स्तर की कंपनियों और उद्योग प्रतिनिधियों की भागीदारी भी है। इससे घरेलू निर्माताओं को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला से जुड़े अवसरों और नई उत्पादन तकनीकों को समझने का मौका मिल सकता है।
इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में सेमीकंडक्टर, कंपोनेंट निर्माण और इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों की असेंबली जैसे क्षेत्रों में निवेश और उत्पादन बढ़ाने पर भारत लगातार जोर दे रहा है। ऐसे में यह आयोजन उद्योग जगत के लिए महत्वपूर्ण है। ]]></description>
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        <pubDate>Wed, 23 Sep 2026 00:19:44 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Piyush Raghuwanshi</dc:creator>
        <media:keywords>Electronica India 2026, productronica India, Bengaluru, electronics manufacturing, semiconductor</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>ग्रामीण सड़कों के गड्ढे और दरार अब AI से होंगे चिन्हित</title>
        <link>https://dhakarsamachar.in/ग्रामीण-सड़कों-के-गड्ढे-और-दरार-अब-ai-से-होंगे-चिन्हित</link>
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        <description><![CDATA[ ग्रामीण सड़कों की निगरानी और रखरखाव को तकनीक आधारित बनाने की दिशा में केंद्र सरकार नई AI तकनीक का परीक्षण कर रही है। यह सिस्टम प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत बनी सड़कों की स्थिति का आकलन करने में इस्तेमाल किया जा रहा है।
इस तकनीक में मोबाइल फोन से रिकॉर्ड किए गए सड़क वीडियो का इस्तेमाल किया जाता है। AI वीडियो में दिखाई देने वाली विभिन्न खराबियों को पहचानने की कोशिश करता है। इनमें गड्ढे, सड़क की लंबवत और क्षैतिज दरारें, किनारों का टूटना, सतह का धंसना, पैच और वनस्पति से जुड़ी बाधाएं शामिल हैं।
यह सिस्टम Centre for Development of Advanced Computing यानी C-DAC और National Rural Infrastructure Development Agency यानी NRIDA के सहयोग से विकसित किया जा रहा है।
फिलहाल AI के आकलन को अंतिम निर्णय नहीं माना जा रहा है। इंजीनियर मौके पर जाकर सड़क की स्थिति का भौतिक सत्यापन करेंगे और AI से मिले परिणामों के साथ उनकी तुलना करेंगे। यदि दोनों आकलनों में अंतर मिलता है तो उसे परीक्षण प्रक्रिया के तहत जांचा जाएगा।
सरकार का उद्देश्य सड़क निरीक्षण में तकनीक का इस्तेमाल बढ़ाना और रखरखाव की जरूरतों को अधिक व्यवस्थित तरीके से पहचानना है। भविष्य में इस तरह की तकनीक का इस्तेमाल कितने व्यापक स्तर पर किया जाएगा, यह मौजूदा परीक्षणों के परिणाम और आगे की मंजूरियों पर निर्भर करेगा। ]]></description>
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        <pubDate>Wed, 23 Sep 2026 00:15:45 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Piyush Raghuwanshi</dc:creator>
        <media:keywords>AI Road Inspection, ग्रामीण सड़क, PMGSY, सड़क गड्ढे, C-DAC, NRIDA</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>दुर्गा पूजा, दिवाली और छठ के लिए 1000 से ज्यादा स्पेशल ट्रेनें</title>
        <link>https://dhakarsamachar.in/दुर्गा-पूजा-दिवाली-और-छठ-के-लिए-1000-से-ज्यादा-स्पेशल-ट्रेनें</link>
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        <description><![CDATA[ त्योहारी सीजन के दौरान रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में यात्रियों की संख्या बढ़ जाती है। इसे देखते हुए उत्तर मध्य रेलवे ने दुर्गा पूजा, दिवाली और छठ के दौरान 1000 से अधिक विशेष ट्रेन ट्रिप चलाने की योजना बनाई है।
इन विशेष ट्रेनों का उद्देश्य त्योहारों के दौरान बढ़ने वाली यात्री मांग को पूरा करना और प्रमुख रूटों पर अतिरिक्त परिवहन क्षमता उपलब्ध कराना है। उत्तर मध्य रेलवे ने इन सेवाओं से जुड़े टाइमटेबल और रूट की जानकारी जारी की है।
त्योहारों के दौरान बड़ी संख्या में लोग अपने घरों और परिवारों के पास जाने के लिए रेल यात्रा करते हैं। खासतौर पर उत्तर भारत के राज्यों में दुर्गा पूजा, दिवाली और छठ के समय लंबी दूरी की ट्रेनों में मांग काफी बढ़ जाती है।
स्पेशल ट्रेनों को ऐसे रूटों पर संचालित किया जाएगा जहां त्योहारी सीजन में यात्रियों की संख्या अधिक रहने की संभावना है। इससे नियमित ट्रेनों पर भीड़ को कम करने में मदद मिल सकती है।
यात्रियों के लिए ट्रेन की तारीख, समय, स्टेशन और उपलब्धता की जानकारी टिकट बुक करने से पहले जांचना जरूरी होगा। विशेष ट्रेनों के संचालन की अवधि और समय अलग-अलग रूट के अनुसार निर्धारित किए जाते हैं।
रेलवे की ओर से हर साल त्योहारी सीजन में अतिरिक्त ट्रेनें चलाई जाती हैं। इस बार भी दुर्गा पूजा, दिवाली और छठ को ध्यान में रखते हुए विशेष व्यवस्था की जा रही है। ]]></description>
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        <pubDate>Wed, 23 Sep 2026 00:10:55 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Piyush Raghuwanshi</dc:creator>
        <media:keywords>Special Trains 2026, Indian Railways, North Central Railway, Diwali Train, Chhath Train</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, ओडिशा और आंध्र पर विशेष नजर</title>
        <link>https://dhakarsamachar.in/कई-राज्यों-में-भारी-बारिश-का-अलर्ट-ओडिशा-और-आंध्र-पर-विशेष-नजर</link>
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        <description><![CDATA[ सितंबर के अंतिम चरण में देश के कई हिस्सों में मानसूनी गतिविधियां बनी हुई हैं। IMD के अनुसार 22 सितंबर को ओडिशा और आंध्र प्रदेश के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। मौसम विभाग ने बंगाल की खाड़ी के ऊपर कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना से जुड़ी गतिविधियों पर भी नजर रखी है।
इसके अलावा कर्नाटक, महाराष्ट्र, गुजरात और कुछ अन्य क्षेत्रों में भी बारिश और गरज-चमक की संभावना बताई गई है। दिल्ली में इसके विपरीत मौसम मुख्यतः शुष्क रहने का अनुमान है।
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार बारिश की गतिविधियां अलग-अलग क्षेत्रों में अलग-अलग तीव्रता की रह सकती हैं। कुछ स्थानों पर तेज हवाओं और आंधी के साथ बारिश होने की संभावना है।
मानसून की वापसी के चरण में इस तरह की मौसम प्रणालियां स्थानीय स्तर पर बारिश को प्रभावित कर सकती हैं। भारी बारिश वाले क्षेत्रों में जलभराव और यातायात प्रभावित होने जैसी समस्याएं सामने आ सकती हैं।
लोगों को स्थानीय मौसम विभाग और प्रशासन की ओर से जारी चेतावनियों पर ध्यान देने की सलाह दी गई है। विशेष रूप से भारी बारिश की संभावना वाले क्षेत्रों में यात्रा और बाहरी गतिविधियों की योजना मौसम की स्थिति देखकर बनाना उपयोगी रहेगा। ]]></description>
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        <pubDate>Wed, 23 Sep 2026 00:07:20 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Piyush Raghuwanshi</dc:creator>
        <media:keywords>IMD Rain Alert, भारी बारिश, ओडिशा, आंध्र प्रदेश, मौसम, मानसून</media:keywords>
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        <title>NSE IPO को मिला मजबूत निवेशक रिस्पॉन्स, 5.71 गुना सब्सक्रिप्शन</title>
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        <description><![CDATA[ नेशनल स्टॉक एक्सचेंज यानी NSE के IPO को निवेशकों से अच्छी भागीदारी मिली। 22 सितंबर 2026 को इश्यू बंद होने के बाद उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार कुल 8.86 करोड़ शेयरों की पेशकश के मुकाबले 50.58 करोड़ शेयरों के लिए बोलियां आईं।
इस आधार पर IPO को कुल 5.71 गुना सब्सक्रिप्शन प्राप्त हुआ। IPO में अलग-अलग श्रेणियों के निवेशकों की भागीदारी रही। NSE देश के प्रमुख स्टॉक एक्सचेंजों में शामिल है और भारतीय शेयर बाजार के कारोबार में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका है।
IPO के जरिए किसी कंपनी के शेयर पहली बार सार्वजनिक रूप से निवेशकों के लिए उपलब्ध होते हैं। NSE के मामले में बाजार की भागीदारी विशेष रूप से चर्चा में रही क्योंकि कंपनी स्वयं भारतीय पूंजी बाजार के बुनियादी ढांचे का एक प्रमुख हिस्सा है।
IPO में प्राप्त बोलियों की संख्या निवेशकों की मांग का एक संकेत होती है, लेकिन इससे शेयर के भविष्य के प्रदर्शन का निश्चित अनुमान नहीं लगाया जा सकता। IPO बंद होने के बाद आवंटन और लिस्टिंग से जुड़ी प्रक्रियाएं आगे बढ़ती हैं।
भारतीय शेयर बाजार में IPO गतिविधि पिछले कुछ समय से लगातार चर्चा में रही है। नई कंपनियों के अलावा स्थापित वित्तीय और बाजार संस्थानों से जुड़े इश्यू भी निवेशकों का ध्यान आकर्षित कर रहे हैं।
NSE IPO के अंतिम आंकड़ों के बाद अब निवेशकों की नजर शेयर आवंटन और आगामी लिस्टिंग प्रक्रिया पर रहेगी। ]]></description>
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        <pubDate>Wed, 23 Sep 2026 00:04:43 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Piyush Raghuwanshi</dc:creator>
        <media:keywords>NSE IPO, National Stock Exchange, IPO subscription, शेयर बाजार, निवेश</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>राजस्थान के RAPP&amp;8 परमाणु रिएक्टर में ईंधन लोडिंग शुरू</title>
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        <description><![CDATA[ राजस्थान के रावतभाटा में भारत के परमाणु ऊर्जा कार्यक्रम से जुड़ी एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया आगे बढ़ी है। NPCIL ने RAPP-8 की यूनिट-8 में प्रारंभिक ईंधन लोडिंग शुरू कर दी है। यह गतिविधि 19 सितंबर 2026 को शुरू हुई थी और इसके लिए परमाणु ऊर्जा नियामक बोर्ड से आवश्यक अनुमति प्राप्त की गई थी।
RAPP-8 की क्षमता 700 मेगावाट इलेक्ट्रिक है और इसमें स्वदेशी Pressurised Heavy Water Reactor तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। ईंधन लोडिंग के बाद अगला प्रमुख चरण First Approach to Criticality होगा, जिसके दौरान नियंत्रित परमाणु श्रृंखला अभिक्रिया शुरू करने की दिशा में प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
NPCIL के अनुसार, ईंधन लोडिंग से पहले सुरक्षा मूल्यांकन, सिस्टम इंटीग्रिटी ऑडिट और साइट की तैयारी से जुड़े परीक्षण पूरे किए गए। इसके बाद नियामक अनुमति मिलने पर प्रक्रिया शुरू की गई।
RAPP-8 देश में स्थापित किए जा रहे 700 मेगावाट क्षमता वाले 16 स्वदेशी PHWR रिएक्टरों की श्रृंखला में चौथा रिएक्टर है। इससे पहले गुजरात के काकरापार की यूनिट-3 और यूनिट-4 तथा रावतभाटा की यूनिट-7 व्यावसायिक संचालन में आ चुकी हैं।
इसी साइट पर RAPP की यूनिट-9 और 10 के लिए जियोटेक्निकल जांच भी शुरू की गई है। इन जांचों में भविष्य के निर्माण कार्यों के लिए मिट्टी और चट्टानों की स्थिति का तकनीकी आकलन किया जाएगा। ]]></description>
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        <pubDate>Wed, 23 Sep 2026 00:01:41 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Piyush Raghuwanshi</dc:creator>
        <media:keywords>RAPP-8, राजस्थान परमाणु संयंत्र, NPCIL, परमाणु ऊर्जा, रावतभाटा, न्यूक्लियर पावर</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>भारत का कच्चा तेल आयात बिल 48 प्रतिशत बढ़ा, पांच महीनों में खर्च 74.8 अरब डॉलर</title>
        <link>https://dhakarsamachar.in/भारत-का-कच्चा-तेल-आयात-बिल-48-प्रतिशत-बढ़ा-पांच-महीनों-में-खर्च-748-अरब-डॉलर</link>
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        <description><![CDATA[ भारत की अर्थव्यवस्था पर अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों का असर एक बार फिर सामने आया है। अप्रैल से अगस्त 2026 के बीच देश का कच्चे तेल का आयात बिल 74.8 अरब डॉलर तक पहुंच गया, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 48 प्रतिशत अधिक है।
रिपोर्ट के अनुसार इस अवधि में भारत द्वारा आयात किए गए कच्चे तेल की मात्रा में लगभग 0.4 प्रतिशत की कमी आई। इसके बावजूद आयात बिल में तेज वृद्धि हुई। इसका मुख्य कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की ऊंची कीमतें रहीं।
Petroleum Planning and Analysis Cell यानी PPAC के आंकड़ों के अनुसार भारतीय क्रूड बास्केट की कीमत 2 सितंबर को 99.35 डॉलर प्रति बैरल से बढ़कर 18 सितंबर को 123.86 डॉलर प्रति बैरल हो गई थी।
भारत दुनिया के बड़े कच्चे तेल आयातकों में शामिल है। इसलिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों में तेज बदलाव का सीधा प्रभाव देश के आयात खर्च, व्यापार संतुलन और विदेशी मुद्रा मांग पर पड़ सकता है।
तेल की कीमतों में वृद्धि का असर परिवहन और औद्योगिक गतिविधियों पर भी पड़ सकता है। हालांकि घरेलू ईंधन कीमतों पर वास्तविक प्रभाव कई अन्य कारकों पर निर्भर करता है।
अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार में आपूर्ति संबंधी चिंताओं और पश्चिम एशिया से जुड़े घटनाक्रमों के कारण कीमतों में उतार-चढ़ाव बना हुआ है। ऐसे में आने वाले महीनों में भारत के तेल आयात बिल पर वैश्विक बाजार की दिशा का असर महत्वपूर्ण रहेगा। ]]></description>
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        <pubDate>Tue, 22 Sep 2026 23:50:37 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Piyush Raghuwanshi</dc:creator>
        <media:keywords>भारत तेल आयात, कच्चा तेल, आयात बिल, पेट्रोलियम, अर्थव्यवस्था, क्रूड ऑयल</media:keywords>
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    <item>
        <title>UPI पर नए शुल्क की तैयारी, 2000 रुपये से ऊपर भुगतान पर MDR की अनुमति</title>
        <link>https://dhakarsamachar.in/upi-पर-नए-शुल्क-की-तैयारी-2000-रुपये-से-ऊपर-भुगतान-पर-mdr-की-अनुमति</link>
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        <description><![CDATA[ UPI भारत में डिजिटल भुगतान का प्रमुख माध्यम बन चुका है। छोटे दुकानदारों से लेकर बड़े व्यापारियों तक इसका इस्तेमाल रोजमर्रा के भुगतान के लिए किया जाता है। अब UPI के शुल्क ढांचे में प्रस्तावित बदलाव को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
Reuters की रिपोर्ट के अनुसार 15 अक्टूबर 2026 से 2,000 रुपये से अधिक के कुछ व्यापारी लेनदेन पर 0.4 प्रतिशत तक MDR लेने की अनुमति होगी। यह बदलाव छह वर्षों तक मुफ्त UPI नेटवर्क के बाद शुल्क व्यवस्था में महत्वपूर्ण परिवर्तन के रूप में देखा जा रहा है।
रिपोर्ट के मुताबिक PhonePe और Google Pay वर्तमान में UPI भुगतान मूल्य का लगभग 80 प्रतिशत हिस्सा संभालते हैं। शुल्क व्यवस्था में बदलाव से बड़े प्लेटफॉर्म और छोटे प्रतिस्पर्धियों पर अलग-अलग प्रभाव पड़ सकता है।
हालांकि यह जरूरी नहीं है कि पूरा शुल्क सीधे ग्राहकों से वसूला जाए। शुल्क का वास्तविक प्रभाव व्यापारी, बैंक और भुगतान सेवा प्रदाता के बीच व्यवस्था पर निर्भर करेगा।
UPI की पहुंच देश के शहरों के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों तक भी बढ़ी है। ऐसे में शुल्क व्यवस्था में बदलाव का असर डिजिटल भुगतान के कारोबार और भुगतान कंपनियों की रणनीतियों पर पड़ सकता है।
नियामकीय स्तर पर भी बाजार में प्रतिस्पर्धा और UPI में हिस्सेदारी से जुड़े नियम महत्वपूर्ण बने हुए हैं। आने वाले समय में भुगतान कंपनियां और व्यापारी इस नई व्यवस्था के अनुसार अपनी रणनीति तैयार कर सकते हैं। ]]></description>
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        <pubDate>Tue, 22 Sep 2026 23:45:21 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Piyush Raghuwanshi</dc:creator>
        <media:keywords>UPI शुल्क, UPI MDR, NPCI, PhonePe, Google Pay, डिजिटल पेमेंट</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>रुपये में लगातार पांचवें दिन सुधार, डॉलर के मुकाबले 95.59 पर बंद</title>
        <link>https://dhakarsamachar.in/रुपये-में-लगातार-पांचवें-दिन-सुधार-डॉलर-के-मुकाबले-9559-पर-बंद</link>
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        <description><![CDATA[ भारतीय मुद्रा बाजार में रुपये के लिए लगातार पांचवां मजबूत कारोबारी सत्र रहा। मंगलवार को रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 95.59 के स्तर पर बंद हुआ। इससे पहले के सत्रों में भी रुपये में मजबूती देखने को मिली थी।
बाजार रिपोर्ट के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट ने रुपये को कुछ राहत दी। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए बड़ी मात्रा में कच्चे तेल का आयात करता है। इसलिए अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतों में बदलाव का असर देश के आयात बिल और विदेशी मुद्रा मांग पर पड़ता है।
इसके अलावा सरकारी बैंकों द्वारा डॉलर की संभावित बिक्री को भी रुपये की मजबूती से जोड़ा गया। विदेशी मुद्रा बाजार में डॉलर की उपलब्धता बढ़ने पर रुपये पर दबाव कम हो सकता है।
बॉन्ड बाजार में भी गतिविधियां देखने को मिलीं। रिपोर्ट के अनुसार 10 वर्षीय सरकारी बॉन्ड की यील्ड में चार बेसिस प्वाइंट की गिरावट दर्ज की गई।
हालांकि रुपये की स्थिति पर वैश्विक घटनाक्रम का असर बना हुआ है। तेल बाजार, अमेरिकी डॉलर की दिशा, विदेशी निवेश और पश्चिम एशिया से जुड़े घटनाक्रम भारतीय मुद्रा बाजार के लिए महत्वपूर्ण बने हुए हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार मुद्रा बाजार में एक दिन का बदलाव लंबे समय की दिशा तय नहीं करता। इसलिए आने वाले कारोबारी सत्रों में रुपये की चाल पर निवेशक वैश्विक तेल कीमतों और डॉलर की मांग सहित कई संकेतकों पर नजर रखेंगे। ]]></description>
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        <pubDate>Tue, 22 Sep 2026 23:39:16 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Piyush Raghuwanshi</dc:creator>
        <media:keywords>भारतीय रुपया, डॉलर, रुपये की कीमत, RBI, क्रूड ऑयल, भारतीय अर्थव्यवस्था</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>भारत&amp;जापान के बीच ऐतिहासिक टी20 मुकाबला, पहली बार आमने&amp;सामने आईं टीमें</title>
        <link>https://dhakarsamachar.in/भारत-जापान-के-बीच-ऐतिहासिक-टी20-मुकाबला-पहली-बार-आमने-सामने-आईं-टीमें</link>
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        <description><![CDATA[ भारत और जापान के बीच क्रिकेट के मैदान पर एक नया अध्याय जुड़ा। 22 सितंबर 2026 को दोनों देशों की पुरुष टीमों ने पहली बार अंतरराष्ट्रीय टी20 मुकाबले में एक-दूसरे का सामना किया।
यह मुकाबला जापान के सानो इंटरनेशनल क्रिकेट ग्राउंड में आयोजित किया गया। मैच को दोनों देशों के बीच क्रिकेट संबंधों के विस्तार की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना गया। मुकाबला भारत और जापान के राजनयिक संबंधों के 75 वर्ष पूरे होने के अवसर से भी जुड़ा था।
भारतीय टीम की कप्तानी श्रेयस अय्यर कर रहे थे। मैच से पहले उन्होंने कहा कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि वह जापान में क्रिकेट खेलेंगे। यह मुकाबला जापान में क्रिकेट के विकास और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस खेल के विस्तार को भी दर्शाता है।
मुकाबले से पहले मौसम भी चर्चा का विषय रहा। जापान के कांतो क्षेत्र में बारिश और तूफान के प्रभाव के कारण भारतीय टीम का अभ्यास प्रभावित हुआ था। सानो मैदान पर इससे पहले जापान और हांगकांग के बीच मैच भी बारिश के कारण बिना गेंद फेंके रद्द हुआ था।
भारत और जापान के बीच इस ऐतिहासिक मुकाबले से दोनों देशों में क्रिकेट को लेकर रुचि बढ़ने की संभावना है। भारत पहले से ही क्रिकेट की वैश्विक ताकतों में शामिल है, जबकि जापान में क्रिकेट धीरे-धीरे अपना आधार मजबूत कर रहा है। ]]></description>
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        <pubDate>Tue, 22 Sep 2026 23:33:49 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Piyush Raghuwanshi</dc:creator>
        <media:keywords>भारत जापान टी20, India Japan T20, क्रिकेट, 22 सितंबर 2026, एशियन गेम्स</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>एशियन गेम्स में भारत ने जीता महिला क्रिकेट गोल्ड, श्रीलंका को 147 रन से हराया</title>
        <link>https://dhakarsamachar.in/एशियन-गेम्स-में-भारत-ने-जीता-महिला-क्रिकेट-गोल्ड-श्रीलंका-को-147-रन-से-हराया</link>
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        <description><![CDATA[ एशियन गेम्स 2026 में भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए श्रीलंका को फाइनल में 147 रन से हराकर स्वर्ण पदक जीत लिया। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए मजबूत स्कोर खड़ा किया और इसके बाद गेंदबाजों ने श्रीलंका की पारी को नियंत्रित रखा।
भारत की पारी में शीर्ष क्रम के बल्लेबाजों ने महत्वपूर्ण योगदान दिया। स्मृति मंधाना और शेफाली वर्मा की साझेदारी ने टीम को तेज शुरुआत दिलाई। दोनों बल्लेबाजों ने शुरुआती ओवरों में श्रीलंकाई गेंदबाजों पर दबाव बनाया और भारत के बड़े स्कोर की नींव रखी।
फाइनल में भारत के बल्लेबाजों ने आक्रामक रवैया अपनाया। इसके बाद लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंका की टीम भारतीय गेंदबाजी के सामने लगातार दबाव में रही। भारत ने नियमित अंतराल पर विकेट हासिल किए और श्रीलंका को मुकाबले में वापसी का मौका नहीं दिया।
इस जीत के साथ भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने एशियन गेम्स में अपना दबदबा कायम रखा। टीम के प्रदर्शन में बल्लेबाजी, गेंदबाजी और क्षेत्ररक्षण तीनों विभागों का योगदान रहा।
इस मुकाबले की जीत भारतीय क्रिकेट के लिए भी महत्वपूर्ण रही, क्योंकि एशियन गेम्स में क्रिकेट की मौजूदगी बढ़ रही है और भारतीय टीम ने इस मंच पर मजबूत प्रदर्शन दर्ज किया है। ]]></description>
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        <pubDate>Tue, 22 Sep 2026 23:29:09 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Piyush Raghuwanshi</dc:creator>
        <media:keywords>एशियन गेम्स 2026, भारत महिला क्रिकेट, श्रीलंका, गोल्ड मेडल, स्मृति मंधाना</media:keywords>
    </item>
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        <title>ग्रामीण सड़कों की खराबी अब AI बताएगा, मोबाइल वीडियो से होगी पहचान</title>
        <link>https://dhakarsamachar.in/ग्रामीण-सड़कों-की-खराबी-अब-ai-बताएगा-मोबाइल-वीडियो-से-होगी-पहचान</link>
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        <description><![CDATA[ नई तकनीक का परीक्षण प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के तहत बनी ग्रामीण सड़कों पर किया जा रहा है। इसके लिए ग्रामीण विकास मंत्रालय ने AI आधारित रोड-कंडीशन असेसमेंट सिस्टम के ट्रायल को सैद्धांतिक मंजूरी दी है। यह सिस्टम Centre for Development of Advanced Computing (C-DAC) और National Rural Infrastructure Development Agency (NRIDA) के सहयोग से विकसित किया जा रहा है।
रिपोर्ट के अनुसार, देशभर में इस तकनीक का फील्ड-वैलिडेशन अभ्यास सितंबर की शुरुआत से शुरू किया गया है। इसमें राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की चयनित Programme Implementation Units को शामिल किया गया है।
पारंपरिक व्यवस्था में सड़क की स्थिति जानने के लिए अधिकारियों द्वारा मौके पर जाकर निरीक्षण किया जाता है और eMARG मोबाइल एप के जरिए जियो-टैग्ड तस्वीरें अपलोड की जाती हैं। नई व्यवस्था में वाहनों पर मौजूद मोबाइल उपकरणों से सड़क के वीडियो रिकॉर्ड किए जा रहे हैं।
AI सिस्टम परीक्षण के दौरान सात तरह की दिखाई देने वाली खराबियों की पहचान करने पर केंद्रित है। इनमें गड्ढे, सड़क की लंबवत और क्षैतिज दरारें, किनारों का टूटना, सतह का धंसना, पैच और वनस्पति से जुड़ी बाधाएं शामिल हैं।
हालांकि AI से मिलने वाले परिणामों को अंतिम फैसला नहीं माना जाएगा। इंजीनियर मौके पर सड़क की खराबियों का भौतिक सत्यापन करेंगे और AI से प्राप्त आकलन के साथ वास्तविक स्थिति की तुलना करेंगे। यानी फिलहाल तकनीक का इस्तेमाल मानव निरीक्षण की जगह लेने के बजाय सड़क रखरखाव से जुड़े फैसलों में सहायता के लिए किया जा रहा है।
इस परीक्षण का उद्देश्य सड़क निरीक्षण को तकनीक आधारित बनाना और खराबियों की पहचान की प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित करना है। परीक्षण सफल रहने पर ऐसी तकनीक ग्रामीण सड़क रखरखाव की निगरानी में उपयोगी हो सकती है। ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 21 Sep 2026 15:48:06 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Piyush Raghuwanshi</dc:creator>
        <media:keywords>AI सड़क निरीक्षण, ग्रामीण सड़क, PMGSY, मोबाइल वीडियो, सड़क खराबी, C-DAC, NRIDA</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>मनीव्यू 24 सितंबर से आईपीओ लाएगी, वैल्यूएशन 624 मिलियन डॉलर तक</title>
        <link>https://dhakarsamachar.in/मनीव्यू-24-सितंबर-से-आईपीओ-लाएगी-वैल्यूएशन-624-मिलियन-डॉलर-तक</link>
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        <description><![CDATA[ मनीव्यू, जिसे पहले Whizdm Innovations के नाम से जाना जाता था, भारतीय फिनटेक क्षेत्र की कंपनियों में शामिल है। कंपनी बैंकों, गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनियों, बीमा कंपनियों और अन्य वित्तीय संस्थानों के साथ साझेदारी के माध्यम से उपयोगकर्ताओं को विभिन्न वित्तीय उत्पाद उपलब्ध कराती है।
Reuters की 21 सितंबर 2026 की रिपोर्ट के मुताबिक मनीव्यू का IPO 24 सितंबर से सार्वजनिक सदस्यता के लिए खुलेगा। कंपनी ने IPO के लिए लगभग 59.85 अरब रुपये तक की वैल्यूएशन का लक्ष्य रखा है, जो करीब 623.89 मिलियन डॉलर के बराबर है।
कंपनी का IPO ऐसे समय आ रहा है जब भारतीय पूंजी बाजार में सार्वजनिक निर्गमों की गतिविधि बनी हुई है। निवेशकों की भागीदारी, बाजार की स्थिति और कंपनियों की ओर से तय किए गए मूल्यांकन IPO की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
मनीव्यू का कारोबार डिजिटल वित्तीय सेवाओं से जुड़ा है। प्लेटफॉर्म विभिन्न वित्तीय संस्थानों के साथ साझेदारी करके अपने उपयोगकर्ताओं तक ऋण, बीमा और अन्य वित्तीय उत्पादों से जुड़े विकल्प पहुंचाता है। कंपनी के कारोबार का बड़ा हिस्सा डिजिटल माध्यमों और साझेदार संस्थानों के नेटवर्क पर आधारित है।
मनीव्यू के IPO का आकार और मूल्यांकन बाजार में कंपनी की मौजूदा स्थिति तथा निवेशकों की मांग को समझने के लिए महत्वपूर्ण होगा। IPO खुलने के बाद योग्य निवेशक निर्धारित प्रक्रिया के तहत इसमें आवेदन कर सकेंगे। हालांकि किसी भी IPO में निवेश से जुड़े फैसले बाजार जोखिम और कंपनी की वित्तीय स्थिति को ध्यान में रखकर किए जाते हैं।
भारतीय शेयर बाजार में IPO गतिविधि के बीच मनीव्यू का निर्गम भी निवेशकों और फिनटेक क्षेत्र की नजर में रहेगा। कंपनी का सार्वजनिक बाजार में प्रवेश डिजिटल वित्तीय सेवाओं के क्षेत्र से जुड़ी कंपनियों के लिए भी महत्वपूर्ण घटनाक्रम है। ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 21 Sep 2026 15:45:12 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Piyush Raghuwanshi</dc:creator>
        <media:keywords>Moneyview IPO, IPO 2026, भारतीय फिनटेक, शेयर बाजार, Moneyview valuation, NSE IPO</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>रुपये पर तेल कीमतों का दबाव, RBI की लिक्विडिटी नीति पर बाजार की नजर</title>
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        <description><![CDATA[ भारतीय रुपया सोमवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार की परिस्थितियों और घरेलू वित्तीय संकेतकों के बीच दबाव में रहा। बाजार प्रतिभागियों की नजर मुख्य रूप से कच्चे तेल की कीमतों, विदेशी पोर्टफोलियो निवेश और भारतीय रिजर्व बैंक की लिक्विडिटी प्रबंधन नीति पर रही। Reuters के अनुसार, रुपये ने पिछले सप्ताह डॉलर के मुकाबले 95.8725 का स्तर देखा था।
भारत के लिए कच्चे तेल की कीमतें महत्वपूर्ण हैं क्योंकि देश अपनी ऊर्जा जरूरतों के एक बड़े हिस्से के लिए आयात पर निर्भर है। तेल महंगा होने पर आयात बिल बढ़ सकता है और इससे डॉलर की मांग पर असर पड़ सकता है। मौजूदा समय में वैश्विक ऊर्जा बाजार और पश्चिम एशिया से जुड़े घटनाक्रमों के कारण तेल की कीमतों पर बाजार की नजर बनी हुई है।
दूसरी ओर, विदेशी पोर्टफोलियो निवेश से रुपये को कुछ समर्थन मिल सकता है। हालांकि, आयातकों की डॉलर मांग और तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव रुपये की चाल को प्रभावित कर सकते हैं। बाजार विश्लेषकों ने इस सप्ताह रुपये के लिए लगभग 95.30 से 96.00 प्रति डॉलर का संभावित ट्रेडिंग दायरा बताया था।
RBI की लिक्विडिटी नीति भी बाजार के लिए महत्वपूर्ण रही। Reuters के मुताबिक, केंद्रीय बैंक ने बैंकिंग प्रणाली में मौजूद अतिरिक्त नकदी को कम करने के लिए सरकारी बॉन्ड की बिक्री की है। पिछले सप्ताह RBI ने 500 अरब रुपये मूल्य के बॉन्ड की बिक्री की थी और आगे भी बॉन्ड बिक्री की योजना थी।
बैंकिंग प्रणाली में अतिरिक्त नकदी रहने से अल्पकालिक ब्याज दरों पर असर पड़ सकता है। RBI की ओर से लिक्विडिटी को नियंत्रित करने का उद्देश्य वित्तीय प्रणाली में नकदी की स्थिति को मौद्रिक नीति के अनुरूप रखना है। आने वाले दिनों में बाजार की नजर RBI के अगले कदम और घरेलू आर्थिक आंकड़ों पर रहेगी।
इसके अलावा सितंबर के विनिर्माण और सेवा क्षेत्र के प्रारंभिक PMI आंकड़े भी बाजार के लिए महत्वपूर्ण होंगे। ये आंकड़े भारतीय अर्थव्यवस्था में कारोबारी गतिविधियों की मौजूदा स्थिति का संकेत देंगे।
कुल मिलाकर, 21 सितंबर को रुपये की दिशा पर घरेलू और वैश्विक दोनों कारकों का प्रभाव रहा। तेल की कीमतें, विदेशी निवेश, डॉलर की मांग और RBI की लिक्विडिटी नीति आने वाले दिनों में रुपये तथा बॉन्ड बाजार के प्रमुख संकेतकों में शामिल रहेंगे। ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 21 Sep 2026 15:42:07 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Piyush Raghuwanshi</dc:creator>
        <media:keywords>भारतीय रुपया, RBI, कच्चा तेल, बॉन्ड बाजार, लिक्विडिटी, विदेशी निवेश, भारतीय अर्थव्यवस्था</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग 23 से 25 सितंबर तक अमेरिका दौरे पर</title>
        <link>https://dhakarsamachar.in/चीन-के-राष्ट्रपति-शी-जिनपिंग-23-से-25-सितंबर-तक-अमेरिका-दौरे-पर</link>
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        <description><![CDATA[ चीन और अमेरिका के बीच उच्चस्तरीय कूटनीतिक संपर्क को लेकर एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया है। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग 23 से 25 सितंबर 2026 तक अमेरिका की राजकीय यात्रा पर जाएंगे। चीन के विदेश मंत्रालय ने 21 सितंबर को यात्रा की घोषणा की। यह यात्रा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निमंत्रण पर आयोजित की जा रही है।
चीनी विदेश मंत्रालय के अनुसार, यात्रा के दौरान शी जिनपिंग और डोनाल्ड ट्रंप के बीच चीन-अमेरिका संबंधों से जुड़े प्रमुख मुद्दों पर बातचीत होगी। इसके अलावा विश्व शांति और विकास से संबंधित विषयों पर भी दोनों नेताओं के बीच विचारों का आदान-प्रदान होगा।
चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता गुओ जियाकुन ने कहा कि दोनों देशों के नेताओं की यह यात्रा और उच्चस्तरीय संपर्क चीन-अमेरिका संबंधों के लिए महत्वपूर्ण है। मंत्रालय ने बातचीत और सहयोग को मजबूत करने तथा दोनों देशों के बीच मतभेदों को उचित तरीके से संभालने की बात कही है।
यह दौरा ऐसे समय हो रहा है जब चीन और अमेरिका के बीच व्यापार, तकनीक, वैश्विक अर्थव्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय मामलों को लेकर लगातार उच्चस्तरीय संवाद जारी है। दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं का वैश्विक बाजारों पर बड़ा प्रभाव है, इसलिए शीर्ष नेतृत्व की बैठक को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
शी जिनपिंग की अमेरिका यात्रा के दौरान किन विशिष्ट मुद्दों पर समझौता या घोषणा होगी, यह बैठक के बाद स्पष्ट होगा। फिलहाल आधिकारिक तौर पर यात्रा का मुख्य एजेंडा दोनों देशों के संबंधों और व्यापक अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर बातचीत बताया गया है।
इस यात्रा का एक अन्य महत्वपूर्ण पहलू यह है कि दोनों देशों के शीर्ष नेताओं के बीच सीधे संवाद का अवसर मिलेगा। चीन के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि चीन अमेरिका के साथ संवाद और सहयोग बढ़ाने तथा मतभेदों को सही तरीके से संभालने के लिए काम करना चाहता है। ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 21 Sep 2026 15:38:39 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Piyush Raghuwanshi</dc:creator>
        <media:keywords>शी जिनपिंग, अमेरिका दौरा, डोनाल्ड ट्रंप, चीन अमेरिका संबंध, US China, अंतरराष्ट्रीय समाचार</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>इलाहाबाद हाईकोर्ट का बड़ा फैसला, रेल हादसा मुआवजा पूरी राशि में देने का निर्देश</title>
        <link>https://dhakarsamachar.in/इलाहाबाद-हाईकोर्ट-का-बड़ा-फैसला-रेल-हादसा-मुआवजा-पूरी-राशि-में-देने-का-निर्देश</link>
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        <description><![CDATA[ इलाहाबाद हाईकोर्ट ने रेलवे दुर्घटनाओं से जुड़े मुआवजा मामलों में दावेदारों को राहत देने वाला महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। अदालत ने रेलवे क्लेम्स ट्रिब्यूनल (RCT) को निर्देश दिया कि वयस्क और सक्षम प्रमुख दावेदारों को अदालत या ट्रिब्यूनल द्वारा निर्धारित मुआवजे की पूरी राशि उपलब्ध कराई जाए।
मामले में अदालत के सामने यह मुद्दा आया था कि मुआवजे की बड़ी राशि को लंबे समय तक फिक्स्ड डिपॉजिट में रखने की व्यवस्था किस हद तक उचित है। रिपोर्ट के अनुसार, कुछ मामलों में मुआवजे की 90 प्रतिशत राशि एफडी में रखने की प्रथा अपनाई जाती थी, जबकि दावेदार को तत्काल केवल सीमित राशि उपलब्ध होती थी। हाईकोर्ट ने इस व्यवस्था पर सवाल उठाया।
अदालत ने कहा कि किसी व्यक्ति की आर्थिक स्थिति या साक्षरता के आधार पर उसकी मुआवजा राशि को इस तरह रोकना समानता के संवैधानिक सिद्धांत से जुड़ा प्रश्न उठाता है। कोर्ट ने संविधान के अनुच्छेद 14 के संदर्भ में ऐसी व्यवस्था पर विचार किया और प्रमुख दावेदारों को पूरी राशि जारी करने का निर्देश दिया।
रेलवे दुर्घटनाओं के मामलों में मुआवजा राशि दुर्घटना में हुए नुकसान और लागू कानूनी प्रावधानों के आधार पर निर्धारित की जाती है। रेलवे क्लेम्स ट्रिब्यूनल ऐसे दावों की सुनवाई करता है और पात्र दावेदारों के पक्ष में मुआवजे का आदेश जारी कर सकता है।
अदालत के इस आदेश का महत्व इसलिए भी है क्योंकि मुआवजा पाने वाले परिवारों के लिए स्वीकृत राशि कई बार तत्काल आर्थिक जरूरतों को पूरा करने का महत्वपूर्ण माध्यम होती है। पूरी राशि उपलब्ध होने से पात्र दावेदार उसे अपनी जरूरत के अनुसार इस्तेमाल कर सकेंगे, हालांकि संबंधित मामले के आदेश और कानूनी प्रक्रिया लागू रहेंगी।
हाईकोर्ट का आदेश विशेष रूप से उन मामलों पर केंद्रित है जहां दावेदार वयस्क और सक्षम हैं। इसका मतलब यह नहीं है कि हर प्रकार के दावे में राशि बिना किसी कानूनी प्रक्रिया के तुरंत जारी हो जाएगी। नाबालिगों या विशेष परिस्थितियों वाले मामलों में अलग न्यायिक निर्देश लागू हो सकते हैं।
अदालत के इस फैसले के बाद रेलवे दुर्घटना मुआवजा मामलों में ट्रिब्यूनल की राशि जारी करने की प्रक्रिया पर भी ध्यान बढ़ा है। फैसला दावेदारों को मुआवजा उपलब्ध कराने और उनकी व्यक्तिगत परिस्थितियों के आधार पर राशि रोकने की न्यायिक प्रक्रिया से संबंधित है। ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 21 Sep 2026 15:35:44 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Piyush Raghuwanshi</dc:creator>
        <media:keywords>इलाहाबाद हाईकोर्ट, रेलवे मुआवजा, Railway Claims Tribunal, रेल हादसा, न्यायालय फैसला, मुआवजा राशि</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>भारत&amp;न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौता 20 अक्टूबर से लागू होगा</title>
        <link>https://dhakarsamachar.in/भारत-न्यूजीलैंड-मुक्त-व्यापार-समझौता-20-अक्टूबर-से-लागू-होगा</link>
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        <description><![CDATA[ भारत और न्यूजीलैंड के बीच व्यापार संबंधों को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम आगे बढ़ा है। दोनों देशों के बीच हुआ मुक्त व्यापार समझौता 20 अक्टूबर 2026 से लागू होगा। इसकी जानकारी 21 सितंबर को सामने आई। समझौते पर अप्रैल 2026 में हस्ताक्षर किए गए थे और अब इसके कार्यान्वयन की प्रक्रिया पूरी हो गई है।
इस समझौते के तहत न्यूजीलैंड भारतीय वस्तुओं को शुल्क-मुक्त बाजार पहुंच देने पर सहमत हुआ है। दूसरी ओर, न्यूजीलैंड से भारत आने वाले लगभग 95 प्रतिशत निर्यात पर शुल्क समाप्त या काफी कम किया जाएगा। इसमें न्यूजीलैंड के प्रमुख कृषि और खाद्य उत्पाद भी शामिल हैं।
भारत के लिए इस समझौते का एक महत्वपूर्ण पहलू निर्यात बाजार का विस्तार है। भारतीय कंपनियों को न्यूजीलैंड के बाजार में अपने उत्पाद पहुंचाने के लिए बेहतर व्यापारिक परिस्थितियां मिलने की उम्मीद है। इससे वस्तुओं के निर्यात के साथ-साथ दोनों देशों के बीच व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा देने का प्रयास किया गया है।
समझौते में निवेश से जुड़े प्रावधान भी शामिल हैं। न्यूजीलैंड ने अगले 15 वर्षों में भारत में 20 अरब डॉलर के निवेश की प्रतिबद्धता जताई है। दोनों देशों ने 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने का लक्ष्य भी रखा है।
भारत और न्यूजीलैंड के बीच पिछले 12 महीनों में जून 2026 तक द्विपक्षीय व्यापार लगभग 2.3 अरब डॉलर रहा। नए समझौते के लागू होने के बाद दोनों देशों को व्यापारिक संबंधों में और विस्तार की उम्मीद है।
समझौते में छात्रों और कामगारों की आवाजाही से जुड़े नियमों को आसान बनाने के प्रावधान भी हैं। इससे शिक्षा, रोजगार और पेशेवर सेवाओं के क्षेत्र में दोनों देशों के बीच संपर्क बढ़ाने का प्रयास किया गया है।
यह समझौता ऐसे समय लागू होने जा रहा है जब वैश्विक व्यापार व्यवस्था में कई देशों के बीच शुल्क और व्यापार बाधाओं को लेकर बदलाव चल रहे हैं। भारत ने हाल के महीनों में अलग-अलग देशों और आर्थिक क्षेत्रों के साथ व्यापारिक संबंधों को विस्तार देने पर ध्यान दिया है। ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 21 Sep 2026 15:31:44 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Piyush Raghuwanshi</dc:creator>
        <media:keywords>भारत न्यूजीलैंड व्यापार समझौता, FTA, मुक्त व्यापार समझौता, व्यापार, निवेश, निर्यात</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>स्मृति मंधाना बनीं महिला टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की सर्वाधिक रन बनाने वाली खिलाड़ी</title>
        <link>https://dhakarsamachar.in/स्मृति-मंधाना-बनीं-महिला-टी20-अंतरराष्ट्रीय-क्रिकेट-की-सर्वाधिक-रन-बनाने-वाली-खिलाड़ी</link>
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        <description><![CDATA[ अची-नागोया एशियन गेम्स 2026 में भारतीय महिला क्रिकेट टीम के लिए सेमीफाइनल मुकाबला खास रहा। बांग्लादेश के खिलाफ मुकाबले में भारतीय टीम की उपकप्तान स्मृति मंधाना ने बल्लेबाजी के दौरान अंतरराष्ट्रीय टी20 क्रिकेट में एक नया व्यक्तिगत रिकॉर्ड कायम किया।
मंधाना ने महिला टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे ज्यादा रन बनाने वाली बल्लेबाज बनने की उपलब्धि हासिल की। उन्होंने 4,788 रन का आंकड़ा पार करते हुए इस रिकॉर्ड को अपने नाम किया। यह उपलब्धि भारतीय महिला क्रिकेट के लिए भी महत्वपूर्ण रही, क्योंकि मंधाना लंबे समय से टीम की प्रमुख बल्लेबाजों में शामिल रही हैं।
मंधाना की यह उपलब्धि ऐसे समय आई जब भारतीय टीम एशियन गेम्स में महिला क्रिकेट के फाइनल में जगह बनाने के लिए बांग्लादेश के खिलाफ मैदान पर उतरी थी। एशियन गेम्स में महिला क्रिकेट की मौजूदगी ने भारतीय खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक और महत्वपूर्ण मंच दिया है।
इस टूर्नामेंट में भारत के लिए क्रिकेट के अलावा शूटिंग सहित कई खेलों में भी पदक आए हैं। 20 सितंबर तक भारतीय दल ने शूटिंग में दो रजत पदक हासिल किए थे, जबकि MMA में सुचिका तैरियाल ने भी पदक पक्का किया था।
स्मृति मंधाना भारतीय महिला क्रिकेट की उन खिलाड़ियों में शामिल हैं जिन्होंने टी20 प्रारूप में लगातार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लंबा करियर बनाया है। उनका नया रिकॉर्ड महिला टी20 क्रिकेट में उनकी निरंतरता और लंबे समय तक बनाए गए प्रदर्शन को दर्शाता है।
एशियन गेम्स 2026 में भारतीय महिला टीम का अभियान अभी भी महत्वपूर्ण चरण में है। सेमीफाइनल के बाद टीम की नजर प्रतियोगिता में आगे के मुकाबलों पर रही। वहीं, मंधाना के रिकॉर्ड ने भारतीय क्रिकेट प्रशंसकों के लिए टूर्नामेंट की एक अलग उपलब्धि भी जोड़ दी।
महिला टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सर्वाधिक रन का रिकॉर्ड समय के साथ बदल सकता है, लेकिन 21 सितंबर 2026 तक 4,788 रन के आंकड़े के साथ स्मृति मंधाना इस सूची में शीर्ष पर पहुंच चुकी थीं। ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 21 Sep 2026 15:28:22 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Piyush Raghuwanshi</dc:creator>
        <media:keywords>स्मृति मंधाना, Women T20I, Asian Games 2026, भारतीय क्रिकेट, क्रिकेट रिकॉर्ड, महिला क्रिकेट</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>एशियन गेम्स में भारत को शूटिंग में तीसरा पदक, पुरुष टीम ने जीता रजत</title>
        <link>https://dhakarsamachar.in/एशियन-गेम्स-में-भारत-को-शूटिंग-में-तीसरा-पदक-पुरुष-टीम-ने-जीता-रजत</link>
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        <description><![CDATA[ जापान के अची-नागोया में चल रहे एशियन गेम्स 2026 में भारतीय निशानेबाजों ने प्रतियोगिता के दूसरे दिन भी पदक जीतने का सिलसिला जारी रखा। पुरुषों की 10 मीटर एयर राइफल टीम स्पर्धा में भारत ने रजत पदक हासिल किया। यह शूटिंग में भारत का तीसरा पदक रहा।
भारतीय टीम के प्रदर्शन में रुद्रांक्ष पाटिल और हिमांशु ढिल्लों प्रमुख खिलाड़ियों में रहे। दोनों खिलाड़ियों ने इसी स्पर्धा के व्यक्तिगत फाइनल के लिए भी क्वालिफाई किया। टीम स्पर्धा के परिणाम के बाद भारतीय निशानेबाजी दल के पास प्रतियोगिता में आगे और पदक जीतने के अवसर बने हुए हैं।
एशियन गेम्स के शुरुआती चरण में शूटिंग भारत के लिए पदक दिलाने वाली प्रमुख स्पर्धाओं में रही है। प्रतियोगिता के पहले दिन भी भारतीय निशानेबाजों ने रजत पदक जीते थे। इसके बाद दूसरे दिन पुरुषों की 10 मीटर एयर राइफल टीम स्पर्धा में एक और रजत मिलने से भारत की पदक तालिका आगे बढ़ी।
21 सितंबर को शूटिंग के अलावा भारतीय खिलाड़ी तैराकी, हॉकी, कबड्डी, बैडमिंटन और अन्य खेलों में भी मैदान पर उतरे। पुरुषों की 50 मीटर बैकस्ट्रोक स्पर्धा में भारतीय तैराक श्रीहरि नटराज फाइनल के लिए क्वालिफाई करने में सफल रहे। उन्होंने अपनी हीट में तीसरा स्थान हासिल किया और कुल मिलाकर संयुक्त रूप से नौवें स्थान पर रहे।
भारतीय दल के लिए एशियन गेम्स 2026 में शूटिंग के अलावा अन्य खेलों से भी पदक की उम्मीद बनी हुई है। महिला क्रिकेट टीम ने भी प्रतियोगिता में आगे बढ़ते हुए फाइनल में जगह बनाई है, जबकि बैडमिंटन और हॉकी में भारतीय खिलाड़ियों ने अभियान जारी रखा है।
एशियन गेम्स में भारत का प्रदर्शन देश के खेल कार्यक्रम के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि पूरी प्रतियोगिता अभी बाकी है और अलग-अलग खेलों में मुकाबले आगे भी जारी रहेंगे। पदक तालिका में भारत की स्थिति आने वाले दिनों के परिणामों के साथ बदल सकती है। ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 21 Sep 2026 15:25:09 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Piyush Raghuwanshi</dc:creator>
        <media:keywords>Asian Games 2026, भारत पदक, शूटिंग, 10 मीटर एयर राइफल, रजत पदक, खेल समाचार</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>केरल में भारी बारिश, छह जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी</title>
        <link>https://dhakarsamachar.in/केरल-में-भारी-बारिश-छह-जिलों-में-ऑरेंज-अलर्ट-जारी</link>
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        <description><![CDATA[ केरल में दक्षिण-पश्चिम मानसून की सक्रियता के बीच कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी है। 21 सितंबर को IMD ने पठानमथिट्टा, अलप्पुझा, कोट्टायम, इडुक्की, एर्नाकुलम और त्रिशूर जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया। मौसम विभाग के अनुसार इन इलाकों में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। साथ ही गरज के साथ बारिश और तेज सतही हवाओं की संभावना भी जताई गई है।
बारिश को देखते हुए राज्य प्रशासन ने जिला स्तर पर निगरानी बढ़ा दी है। रिपोर्ट के अनुसार इडुक्की और कोट्टायम में लोगों को मौसम की स्थिति को लेकर अलर्ट किया गया है। अधिकारियों को संवेदनशील क्षेत्रों की स्थिति पर लगातार नजर रखने और आवश्यकता पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी रखने को कहा गया है।
पिछले दिनों भी राज्य के कई हिस्सों में तेज बारिश के कारण सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ। कुछ इलाकों में भूस्खलन और अचानक बाढ़ जैसी घटनाओं के बाद प्रशासन ने राहत एवं बचाव तैयारियों को सक्रिय रखा है। मौसम विभाग के अलर्ट के बाद स्थानीय प्रशासन के लिए अगले कुछ घंटे महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार भारी बारिश के दौरान निचले इलाकों, नदी-नालों के आसपास और पहाड़ी क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को स्थानीय प्रशासन की चेतावनियों पर ध्यान देना जरूरी है। सड़क यातायात और अन्य स्थानीय सेवाओं पर भी मौसम का असर पड़ सकता है।
राज्य में बारिश की स्थिति को देखते हुए प्रशासन और मौसम विभाग लगातार परिस्थितियों की समीक्षा कर रहे हैं। आने वाले दिनों में बारिश की तीव्रता में बदलाव के आधार पर अलर्ट की स्थिति भी बदली जा सकती है। ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 21 Sep 2026 15:22:10 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Piyush Raghuwanshi</dc:creator>
        <media:keywords>केरल बारिश, ऑरेंज अलर्ट, IMD, मौसम विभाग, भारी बारिश, बाढ़, मौसम समाचार</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>OneTag सुविधा शुरू, अब FASTag बदले बिना बदल सकेंगे जारीकर्ता बैंक</title>
        <link>https://dhakarsamachar.in/onetag-सुविधा-शुरू-अब-fastag-बदले-बिना-बदल-सकेंगे-जारीकर्ता-बैंक</link>
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        <description><![CDATA[ FASTag भारत के राष्ट्रीय राजमार्गों पर इलेक्ट्रॉनिक टोल भुगतान की व्यवस्था है। अब तक यदि किसी वाहन मालिक को FASTag का जारीकर्ता बैंक बदलना होता था, तो कई मामलों में नया FASTag लेना पड़ता था। OneTag सुविधा इस प्रक्रिया को अधिक पोर्टेबल बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई है।
NHAI के अनुसार, OneTag के जरिए उपयोगकर्ता अपने वाहन पर पहले से लगे FASTag को बरकरार रखते हुए दूसरे जारीकर्ता के पास पोर्ट कर सकता है। यानी बैंक बदलने के लिए वाहन की विंडस्क्रीन पर लगा भौतिक FASTag बदलना जरूरी नहीं होगा। इससे FASTag प्रबंधन से जुड़ी प्रक्रिया सरल होने की उम्मीद है।
यह सुविधा Rajmargyatra ऐप के माध्यम से उपलब्ध कराई गई है। ऐप उपयोगकर्ता को FASTag पोर्टेबिलिटी की प्रक्रिया में मार्गदर्शन करता है। उपयोगकर्ता को उपलब्ध विकल्पों के अनुसार अपने वाहन और मौजूदा FASTag से संबंधित जानकारी देकर पोर्टेबिलिटी प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
OneTag की खासियत यह है कि इसमें FASTag की भौतिक पहचान को बनाए रखते हुए जारीकर्ता बदलने की सुविधा दी गई है। इससे उन वाहन मालिकों के लिए प्रक्रिया आसान हो सकती है जो किसी दूसरे बैंक की FASTag सेवा का इस्तेमाल करना चाहते हैं, लेकिन वाहन पर लगा मौजूदा टैग हटाना नहीं चाहते।
NHAI ने Rajmargyatra ऐप में FASTag से जुड़ी अन्य सेवाएं भी उपलब्ध कराई हैं। इनमें FASTag Annual Pass, FASTag Local Pass और राष्ट्रीय राजमार्ग आपातकालीन हेल्पलाइन 1033 जैसी सुविधाएं शामिल हैं।
OneTag सुविधा को FASTag व्यवस्था में उपयोगकर्ता की पसंद और पोर्टेबिलिटी बढ़ाने की दिशा में एक कदम माना जा रहा है। हालांकि, बैंक बदलने की प्रक्रिया में संबंधित जारीकर्ता और ऐप द्वारा मांगी गई पात्रता, सत्यापन तथा KYC संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करना होगा।
नई सुविधा के बाद FASTag उपयोगकर्ताओं को बैंक बदलने के लिए हर बार नया भौतिक टैग लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इससे टैग बदलने से जुड़ी प्रक्रिया और वाहन पर नए टैग लगाने की आवश्यकता कम हो सकती है। ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 21 Sep 2026 15:18:14 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Piyush Raghuwanshi</dc:creator>
        <media:keywords>OneTag, FASTag, NHAI, Rajmargyatra App, FASTag portability, टोल भुगतान, राष्ट्रीय राजमार्ग</media:keywords>
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        <title>EPFO की वेतन सीमा बढ़कर 25 हजार रुपये, 51 लाख से अधिक कर्मचारियों को मिलेगा कवरेज</title>
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        <description><![CDATA[ नई व्यवस्था के तहत 15 हजार से 25 हजार रुपये प्रतिमाह वेतन पाने वाले कर्मचारियों का एक बड़ा वर्ग अब EPFO की अनिवार्य सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था में शामिल होगा। इससे संबंधित पात्र कर्मचारियों को लागू नियमों के अनुसार कर्मचारी भविष्य निधि (EPF), कर्मचारी पेंशन योजना (EPS) और कर्मचारी जमा लिंक्ड बीमा योजना (EDLI) जैसी सुविधाओं का लाभ मिल सकेगा।
EPFO की वेतन सीमा आखिरी बार सितंबर 2014 में बढ़ाई गई थी। उस समय इसे 6,500 रुपये से बढ़ाकर 15 हजार रुपये प्रतिमाह किया गया था। सितंबर 2026 में हुई नई वृद्धि के बाद सीमा 25 हजार रुपये हो गई है। सरकार के अनुसार, पिछले वर्षों में वेतन स्तर और औपचारिक रोजगार में बदलाव को देखते हुए यह संशोधन किया गया है।
इस फैसले का सबसे सीधा असर उन कर्मचारियों पर पड़ सकता है, जिनका वेतन 15 हजार से अधिक लेकिन 25 हजार रुपये प्रतिमाह तक है और जो पहले केवल वेतन सीमा के कारण अनिवार्य EPF कवरेज में नहीं आते थे। हालांकि, किसी कर्मचारी की वास्तविक पात्रता लागू वैधानिक और EPFO नियमों पर निर्भर करेगी।
EPFO के तहत मिलने वाली सामाजिक सुरक्षा में केवल भविष्य निधि बचत ही शामिल नहीं है। लागू प्रावधानों के अनुसार EPF से सेवानिवृत्ति के लिए बचत, EPS से पेंशन संबंधी सुरक्षा और EDLI के माध्यम से बीमा सुरक्षा जुड़ी होती है। नई सीमा के कारण इन योजनाओं की पहुंच पहले की तुलना में अधिक कर्मचारियों तक बढ़ सकती है।
सरकार के अनुमान के मुताबिक इस फैसले से 51 लाख से अधिक अतिरिक्त कर्मचारी अनिवार्य EPFO कवरेज में आ सकते हैं। वहीं, इस बदलाव से सरकार पर सालाना लगभग 11,339 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय भार आने का अनुमान है। पांच वर्षों में अनुमानित व्यय करीब 56,696 करोड़ रुपये बताया गया है।
श्रम एवं रोजगार मंत्रालय और EPFO को इस फैसले को लागू करने के लिए आवश्यक वैधानिक और प्रशासनिक प्रक्रियाएं पूरी करनी हैं। इसका उद्देश्य औपचारिक रोजगार से जुड़े अधिक कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था के दायरे में लाना है। ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 21 Sep 2026 15:14:31 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Piyush Raghuwanshi</dc:creator>
        <media:keywords>EPFO वेतन सीमा, EPF, कर्मचारी भविष्य निधि, सामाजिक सुरक्षा, पेंशन, केंद्र सरकार, श्रमिक</media:keywords>
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    <item>
        <title>AI डेटा सेंटरों के लिए चार कंपनियों को ₹3,000 करोड़ से अधिक ऋण</title>
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        <description><![CDATA[ भारत में AI और डिजिटल सेवाओं के विस्तार के साथ डेटा सेंटर इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरत तेजी से बढ़ रही है। इसी बीच NaBFID ने कम से कम चार डेटा सेंटर परियोजनाओं के लिए ₹3,000 करोड़ से अधिक के ऋण मंजूर किए हैं। प्रत्येक परियोजना के लिए स्वीकृत ऋण की राशि ₹3,000 करोड़ से अधिक बताई गई है।
डेटा सेंटर वे विशेष सुविधाएं हैं जहां बड़ी संख्या में सर्वर, स्टोरेज सिस्टम और नेटवर्क उपकरण संचालित किए जाते हैं। AI मॉडल को प्रशिक्षित करने और चलाने के लिए बड़ी कंप्यूटिंग क्षमता की आवश्यकता होती है। इसलिए AI के बढ़ते इस्तेमाल के साथ डेटा सेंटरों में निवेश भी महत्वपूर्ण होता जा रहा है।
भारत में क्लाउड कंप्यूटिंग, डिजिटल सेवाओं, ई-कॉमर्स और AI आधारित अनुप्रयोगों के विस्तार के कारण डेटा प्रोसेसिंग की मांग बढ़ रही है। इसके लिए कंपनियों को बड़े पैमाने पर सर्वर और कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर स्थापित करने की जरूरत पड़ती है।
NaBFID का यह वित्तपोषण इसी बढ़ती पूंजीगत जरूरत के बीच सामने आया है। रिपोर्ट के अनुसार, संस्था की ओर से डेटा सेंटर क्षेत्र में बड़े ऋणों को मंजूरी मिलना इस बात का संकेत है कि AI से जुड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर अब बड़े निवेश वाले क्षेत्रों में शामिल हो रहा है।
डेटा सेंटर परियोजनाओं में केवल भवन और सर्वर स्थापित करना ही शामिल नहीं होता। इनके लिए लगातार बिजली आपूर्ति, कूलिंग सिस्टम, नेटवर्क कनेक्टिविटी, बैकअप व्यवस्था और उच्च स्तर की सुरक्षा जैसी सुविधाओं की आवश्यकता होती है। इसलिए ऐसी परियोजनाओं में शुरुआती पूंजीगत निवेश काफी बड़ा हो सकता है।
AI के विस्तार के साथ कंप्यूटिंग क्षमता की मांग और बढ़ने की संभावना है। बड़े भाषा मॉडल, जनरेटिव AI, मशीन लर्निंग, क्लाउड सेवाओं और औद्योगिक AI अनुप्रयोगों के लिए लगातार अधिक डेटा प्रोसेसिंग क्षमता चाहिए। इस कारण भारत में डेटा सेंटर निर्माण को डिजिटल अर्थव्यवस्था के महत्वपूर्ण हिस्से के रूप में देखा जा रहा है।
NaBFID ने डेटा सेंटरों के अलावा व्यापक इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार के लिए भी बड़ी मात्रा में पूंजी जुटाने की योजना बनाई है। रिपोर्ट के अनुसार, संस्था लगभग ₹1 लाख करोड़ जुटाने की योजना पर भी काम कर रही है। इसका इस्तेमाल विभिन्न इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं के वित्तपोषण में किया जा सकता है।
भारत में डेटा सेंटर क्षेत्र के विस्तार का असर रोजगार और तकनीकी सेवाओं पर भी पड़ सकता है। निर्माण के दौरान इंजीनियरिंग और इंस्टॉलेशन से जुड़े काम पैदा होते हैं, जबकि संचालन के लिए नेटवर्किंग, आईटी, इलेक्ट्रिकल और कूलिंग सिस्टम से जुड़े विशेषज्ञों की आवश्यकता होती है।
हालांकि, डेटा सेंटरों के तेजी से विस्तार के साथ बिजली और पानी की खपत, ऊर्जा दक्षता तथा पर्यावरणीय प्रभाव जैसे मुद्दे भी महत्वपूर्ण रहेंगे। भविष्य में इस क्षेत्र के विकास में ऊर्जा-कुशल तकनीक और नवीकरणीय ऊर्जा का इस्तेमाल भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 21 Sep 2026 15:11:42 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Piyush Raghuwanshi</dc:creator>
        <media:keywords>AI Data Centres, NaBFID, डेटा सेंटर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, भारत टेक्नोलॉजी, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर, निवेश</media:keywords>
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        <title>भारत में सल्फर की कीमतों में तेज उछाल, खाद क्षेत्र पर बढ़ा दबाव</title>
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        <description><![CDATA[ भारत के कृषि और उर्वरक क्षेत्र के सामने कच्चे माल की कीमतों से जुड़ी एक नई चुनौती सामने आई है। हाल के महीनों में सल्फर की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में तेज बढ़ोतरी हुई है और इसका असर भारतीय आयात लागत पर भी दिखाई दे रहा है। भारतीय एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले एक साल में सल्फर की आयात कीमतें तीन गुने से अधिक बढ़ी हैं।
सल्फर उर्वरक उद्योग के लिए महत्वपूर्ण कच्चा माल है। इसका इस्तेमाल सुपरफॉस्फेट और अन्य कृषि इनपुट तैयार करने में किया जाता है। इसलिए इसकी कीमत में बड़ी वृद्धि उर्वरक निर्माताओं की लागत को प्रभावित कर सकती है। इसका प्रभाव आगे चलकर कृषि क्षेत्र की इनपुट लागत पर भी पड़ सकता है।
वैश्विक स्तर पर सल्फर की आपूर्ति मुख्य रूप से तेल और गैस प्रसंस्करण से जुड़ी होती है। इसलिए ऊर्जा क्षेत्र में होने वाले व्यवधानों का असर सल्फर बाजार पर भी पड़ सकता है। रूस और पश्चिम एशिया में ऊर्जा से जुड़े बुनियादी ढांचे को प्रभावित करने वाली घटनाओं के कारण वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला पर दबाव बढ़ा है।
भारत अपनी जरूरत का एक हिस्सा सल्फर और सल्फर आधारित कच्चे माल के आयात से पूरा करता है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय कीमत बढ़ने पर घरेलू कंपनियों की खरीद लागत भी बढ़ सकती है। उर्वरक उद्योग के लिए यह विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि कृषि क्षेत्र में उर्वरकों की मांग बड़े पैमाने पर बनी रहती है।
सल्फर की कीमतों में बढ़ोतरी का असर केवल उर्वरक निर्माण तक सीमित नहीं रहता। कृषि उत्पादन में इस्तेमाल होने वाले कई इनपुट की लागत एक-दूसरे से जुड़ी होती है। यदि कच्चे माल की कीमत लंबे समय तक ऊंची रहती है, तो कंपनियों की उत्पादन लागत और आयात बिल दोनों प्रभावित हो सकते हैं।
हालांकि, अंतरराष्ट्रीय कच्चे माल की कीमत और किसानों तक पहुंचने वाले अंतिम उत्पाद की कीमत के बीच सीधा संबंध हमेशा नहीं होता। इसमें सरकारी नीतियां, सब्सिडी, घरेलू उत्पादन, आयात व्यवस्था और कंपनियों की लागत संरचना जैसे कई कारक भूमिका निभाते हैं।
भारत के लिए स्थिति इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि कृषि उत्पादन और खाद की उपलब्धता खाद्य सुरक्षा से सीधे जुड़ी हुई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में किसी महत्वपूर्ण कच्चे माल की कीमत में लंबे समय तक अस्थिरता रहने पर सरकार और उद्योग दोनों को आपूर्ति और लागत प्रबंधन पर ध्यान देना पड़ता है।
आने वाले समय में वैश्विक ऊर्जा बाजार, रूस और पश्चिम एशिया से जुड़ी आपूर्ति परिस्थितियों तथा अंतरराष्ट्रीय सल्फर उत्पादन पर नजर रहेगी। यदि वैश्विक आपूर्ति सामान्य होती है तो कीमतों पर दबाव कम हो सकता है, जबकि व्यवधान लंबे रहने पर भारतीय आयात लागत प्रभावित रह सकती है। ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 21 Sep 2026 15:09:11 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Piyush Raghuwanshi</dc:creator>
        <media:keywords>सल्फर कीमत, Sulphur Prices, भारत खाद उद्योग, Fertiliser Industry, Sulphur Import, कृषि लागत, रूस, पश्चिम एशिया</media:keywords>
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    <item>
        <title>एशियन गेम्स 2026 में भारत का अभियान जारी, दूसरे दिन कई खेलों में मुकाबले</title>
        <link>https://dhakarsamachar.in/एशियन-गेम्स-2026-में-भारत-का-अभियान-जारी-दूसरे-दिन-कई-खेलों-में-मुकाबले</link>
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        <description><![CDATA[ एशियन गेम्स 2026 में भारतीय दल का अभियान दूसरे दिन भी जारी रहा। 21 सितंबर को भारत के खिलाड़ी शूटिंग, हॉकी, बैडमिंटन, कबड्डी और कई अन्य खेलों में मुकाबलों के लिए उतरे। प्रतियोगिता के शुरुआती चरण में भारतीय खिलाड़ियों के लिए कई महत्वपूर्ण मुकाबले निर्धारित थे।
शूटिंग में भारतीय निशानेबाजों ने अलग-अलग स्पर्धाओं में हिस्सा लिया। पुरुषों की 10 मीटर एयर राइफल व्यक्तिगत क्वालिफिकेशन में हिमांशु ढिल्लों, पार्थ राकेश माने और रुद्राक्ष पाटिल मैदान में उतरे। इसके अलावा स्कीट स्पर्धाओं में भी भारतीय निशानेबाजों ने अपनी चुनौती पेश की।
भारतीय महिला हॉकी टीम ने भी दूसरे दिन अपना मुकाबला खेला। टीम ने इससे पहले उज्बेकिस्तान के खिलाफ 19-0 की जीत दर्ज की थी और इसके बाद इंडोनेशिया के खिलाफ पूल बी का मुकाबला निर्धारित था। हॉकी प्रतियोगिता में टीमों के लिए शुरुआती पूल मुकाबले आगे की स्थिति तय करने में महत्वपूर्ण होते हैं।
बैडमिंटन में भारतीय पुरुष टीम ने भी प्रतियोगिता में अपना अभियान शुरू किया। टीम का पहला मुकाबला बांग्लादेश के खिलाफ निर्धारित था। इसी तरह कबड्डी में भारतीय पुरुष टीम का सामना जापान से और महिला टीम का मुकाबला बांग्लादेश से होना था।
मिश्रित मार्शल आर्ट्स में भारत की सुचिका तारियाल भी पदक की दौड़ में बनी हुई थीं। उन्होंने पहले दिन मंगोलिया की अल्तानचिमेग बैगलामा को क्वार्टर फाइनल में हराकर कम से कम एक पदक सुनिश्चित किया था। दूसरे दिन उनका मुकाबला सिंगापुर की तेओ हुई हून के खिलाफ निर्धारित था।
भारत ने प्रतियोगिता के पहले दिन ही अपना पदक खाता खोल लिया था। शुरुआती दिन शूटिंग में भारत को दो रजत पदक मिले। इससे भारतीय दल को शुरुआती बढ़त मिली और दूसरे दिन भी कई स्पर्धाओं में पदक की संभावनाओं पर ध्यान रहा।
एशियन गेम्स में अलग-अलग खेलों के मुकाबले कई दिनों तक चलेंगे। भारतीय दल में शूटिंग, हॉकी, बैडमिंटन, कबड्डी, एथलेटिक्स और अन्य खेलों के खिलाड़ी शामिल हैं। प्रतियोगिता के आगे बढ़ने के साथ पदक तालिका में भारत की स्थिति भी विभिन्न स्पर्धाओं के परिणामों के आधार पर बदलती रहेगी। ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 21 Sep 2026 15:06:35 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Piyush Raghuwanshi</dc:creator>
        <media:keywords>Asian Games 2026, भारत, भारतीय खिलाड़ी, शूटिंग, हॉकी, कबड्डी, बैडमिंटन, एशियन गेम्स</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>दिल्ली&amp;ग्वांगझू हवाई सेवा छह साल बाद आज से बहाल</title>
        <link>https://dhakarsamachar.in/दिल्ली-ग्वांगझू-हवाई-सेवा-छह-साल-बाद-आज-से-बहाल</link>
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        <description><![CDATA[ दिल्ली-ग्वांगझू मार्ग दोनों देशों के बीच यात्री और व्यावसायिक संपर्क के लिहाज से महत्वपूर्ण है। ग्वांगझू चीन के प्रमुख व्यापारिक और औद्योगिक केंद्रों में शामिल है। शहर दक्षिण चीन के बड़े विनिर्माण और कारोबारी क्षेत्र से जुड़ा हुआ है। वहीं दिल्ली भारत का प्रमुख अंतरराष्ट्रीय विमानन केंद्र है।
सीधी हवाई सेवा उपलब्ध होने से यात्रियों को दोनों शहरों के बीच यात्रा के लिए अन्य मार्गों पर निर्भरता कम करने का विकल्प मिलता है। इससे यात्रा समय और कनेक्टिंग फ्लाइट की आवश्यकता में भी बदलाव हो सकता है, हालांकि वास्तविक यात्रा अवधि एयरलाइन के शेड्यूल और परिचालन व्यवस्था पर निर्भर करेगी।
करीब छह साल तक सीधी सेवा बाधित रहने के बाद इसका दोबारा शुरू होना भारत-चीन के बीच नागरिक हवाई संपर्क में एक नया चरण है। दोनों देशों के बीच विमान सेवाओं की बहाली व्यापक द्विपक्षीय संपर्क और यात्रा गतिविधियों से भी जुड़ी हुई है।
विमानन क्षेत्र में किसी अंतरराष्ट्रीय मार्ग की बहाली के लिए स्लॉट, एयरपोर्ट संचालन, एयरलाइन शेड्यूल और दोनों देशों के संबंधित विमानन प्राधिकरणों से जुड़े कई परिचालन पहलुओं का समन्वय आवश्यक होता है। इसलिए सेवा शुरू होने के बाद नियमित संचालन भी इन व्यवस्थाओं पर निर्भर करेगा।
दिल्ली-ग्वांगझू कनेक्शन का महत्व केवल पर्यटन तक सीमित नहीं है। दोनों देशों के बीच व्यापार, शिक्षा, कारोबारी यात्राओं और अन्य वैध यात्रा उद्देश्यों के लिए सीधा हवाई संपर्क उपयोगी हो सकता है। ग्वांगझू दक्षिण चीन के बड़े औद्योगिक क्षेत्र से जुड़ा होने के कारण व्यापारिक यात्रियों के लिए भी महत्वपूर्ण शहर है।
भारत और चीन के बीच हवाई संपर्क में पिछले वर्षों में उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। ऐसे में किसी प्रमुख मार्ग की बहाली दोनों देशों के नागरिक विमानन नेटवर्क में अतिरिक्त कनेक्टिविटी उपलब्ध कराती है। ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 21 Sep 2026 15:04:37 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Piyush Raghuwanshi</dc:creator>
        <media:keywords>दिल्ली ग्वांगझू फ्लाइट, India China Flights, Delhi Guangzhou, हवाई सेवा, विमानन, भारत चीन संपर्क</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>राजस्थान परमाणु परियोजना में 700 मेगावाट रिएक्टर की ईंधन लोडिंग शुरू</title>
        <link>https://dhakarsamachar.in/राजस्थान-परमाणु-परियोजना-में-700-मेगावाट-रिएक्टर-की-ईंधन-लोडिंग-शुरू</link>
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        <description><![CDATA[ भारत के परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में राजस्थान स्थित एक महत्वपूर्ण परियोजना ने नया चरण पार किया है। NPCIL ने रावतभाटा स्थित RAPP-8 की प्रारंभिक ईंधन लोडिंग शुरू कर दी है। यह प्रक्रिया 19 सितंबर 2026 को शुरू हुई और इसके साथ 700 मेगावाट क्षमता वाले स्वदेशी प्रेसराइज्ड हेवी वाटर रिएक्टर (PHWR) को कमीशनिंग की दिशा में आगे बढ़ाया गया है।
प्रारंभिक ईंधन लोडिंग किसी परमाणु रिएक्टर के कमीशनिंग क्रम का एक महत्वपूर्ण चरण होता है। इसके बाद निर्धारित तकनीकी और सुरक्षा प्रक्रियाओं के तहत रिएक्टर को अगले चरणों की ओर ले जाया जाता है। RAPP-8 के मामले में इसके बाद First Approach to Criticality और फिर बिजली उत्पादन से संबंधित प्रक्रियाएं आगे बढ़ेंगी।
NPCIL के अनुसार, यूनिट-8 को प्रारंभिक ईंधन लोडिंग की अनुमति परमाणु ऊर्जा नियामक बोर्ड (AERB) से निर्धारित पूर्व-शर्तों और सुरक्षा संबंधी मूल्यांकन पूरे होने के बाद मिली। परियोजना के सिस्टम और आवश्यक तैयारियों की समीक्षा के बाद यह चरण शुरू किया गया।
RAPP-8 भारत में विकसित किए जा रहे 700 MWe PHWR डिजाइन की श्रृंखला का हिस्सा है। इससे पहले काकरापार परमाणु विद्युत परियोजना की यूनिट-3 और यूनिट-4 तथा राजस्थान परियोजना की यूनिट-7 इस श्रृंखला में आगे बढ़ चुकी हैं। RAPP-8 इस डिजाइन की 16 प्रस्तावित इकाइयों वाली व्यापक योजना का चौथा रिएक्टर है।
NPCIL के मुताबिक प्रारंभिक ईंधन लोडिंग से वाणिज्यिक संचालन तक सामान्य परिस्थितियों में करीब छह से आठ महीने का समय लग सकता है। इसलिए RAPP-8 के वाणिज्यिक संचालन की दिशा में आगे की गतिविधियां चालू वित्त वर्ष के दौरान जारी रहने की उम्मीद है। हालांकि वास्तविक समय तकनीकी और नियामकीय प्रक्रियाओं पर निर्भर करेगा।
परियोजना के साथ राजस्थान परमाणु स्थल पर भविष्य की इकाइयों की तैयारी भी चल रही है। NPCIL ने यूनिट-9 और यूनिट-10 के लिए जियोटेक्निकल जांच शुरू होने की जानकारी दी है। इसके अलावा देश के अलग-अलग हिस्सों में कई अन्य परमाणु रिएक्टर भी निर्माणाधीन हैं।
परमाणु ऊर्जा भारत के ऊर्जा मिश्रण में निरंतर बिजली उपलब्ध कराने वाले स्रोत के रूप में इस्तेमाल की जाती है। स्वदेशी 700 मेगावाट PHWR डिजाइन की कई इकाइयों को एक समान डिजाइन के आधार पर विकसित करना निर्माण और संचालन में मानकीकरण की दिशा में भी देखा जा रहा है। ]]></description>
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        <pubDate>Mon, 21 Sep 2026 15:01:37 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Piyush Raghuwanshi</dc:creator>
        <media:keywords>RAPP-8, राजस्थान परमाणु परियोजना, NPCIL, परमाणु ऊर्जा, 700 MW Reactor, PHWR, रावतभाटा, ऊर्जा</media:keywords>
    </item>
    <item>
        <title>आंध्र प्रदेश में ₹22,178 करोड़ के नए निवेश को मंजूरी, करीब 20 हजार रोजगार का अनुमान</title>
        <link>https://dhakarsamachar.in/आंध्र-प्रदेश-में-22178-करोड़-के-नए-निवेश-को-मंजूरी-करीब-20-हजार-रोजगार-का-अनुमान</link>
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        <description><![CDATA[ आंध्र प्रदेश में औद्योगिक निवेश को लेकर बड़ा फैसला सामने आया है। राज्य सरकार ने 28 नई परियोजनाओं के लिए ₹22,177.84 करोड़ के निवेश को मंजूरी दी है। इन परियोजनाओं से लगभग 19,739 रोजगार के अवसर पैदा होने का अनुमान लगाया गया है। मंजूरी 18 सितंबर को हुई राज्य निवेश संवर्धन बोर्ड (SIPB) की 21वीं बैठक में दी गई।
नई परियोजनाओं का दायरा कई क्षेत्रों में फैला हुआ है। इनमें ऊर्जा, आईटी और संचार, खाद्य प्रसंस्करण, विनिर्माण और पर्यटन से संबंधित प्रस्ताव शामिल हैं। राज्य सरकार के अनुसार, इन क्षेत्रों में निवेश बढ़ने से औद्योगिक गतिविधियों और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा मिल सकता है।
इन नए प्रस्तावों के बाद राज्य निवेश संवर्धन बोर्ड द्वारा मंजूर की गई परियोजनाओं की कुल संख्या करीब 387 हो गई है। इन सभी परियोजनाओं में संभावित कुल निवेश लगभग ₹14.05 लाख करोड़ बताया गया है। इनके माध्यम से 10.79 लाख से अधिक रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना जताई गई है।
बैठक में आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्र में पोर्ट आधारित औद्योगिक और लॉजिस्टिक्स नेटवर्क विकसित करने पर भी जोर दिया गया। राज्य के पास करीब 974 किलोमीटर लंबी समुद्री तटरेखा है। सरकार बंदरगाहों को सड़क, रेल और हवाई संपर्क से जोड़कर व्यापक लॉजिस्टिक्स व्यवस्था विकसित करने की दिशा में काम कर रही है।
तकनीकी क्षेत्र में भी राज्य ने महत्वाकांक्षी योजनाएं सामने रखी हैं। आंध्र प्रदेश सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और क्वांटम टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में निवेश आकर्षित करने पर ध्यान दे रहा है। इसके अलावा फोटोनिक्स, ड्रोन और बायोटेक्नोलॉजी जैसे उभरते क्षेत्रों को भी औद्योगिक विकास की रणनीति में शामिल किया गया है।
ऊर्जा क्षेत्र में सौर और पवन ऊर्जा, बैटरी स्टोरेज तथा दुर्लभ खनिजों से जुड़ी परियोजनाओं पर भी काम किया जा रहा है। राज्य सरकार ने 160 GW के हरित ऊर्जा लक्ष्य की दिशा में अब तक 113.75 GW क्षमता सुरक्षित होने की जानकारी दी है।
सरकार की योजना पारंपरिक विनिर्माण के साथ-साथ उच्च तकनीक और शोध आधारित उद्योगों को भी बढ़ावा देने की है। इसके लिए कौशल विकास, महिला उद्यमिता और निर्यात बढ़ाने जैसे क्षेत्रों को भी निवेश नीति के साथ जोड़ा जा रहा है।
नई परियोजनाओं का वास्तविक प्रभाव उनके क्रियान्वयन, निवेश के जमीन पर उतरने और निर्धारित रोजगार अवसरों के बनने के बाद स्पष्ट होगा। फिलहाल मंजूरियां राज्य में औद्योगिक निवेश के प्रस्तावित विस्तार को दर्शाती हैं। ]]></description>
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        <pubDate>Sun, 20 Sep 2026 00:27:21 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Piyush Raghuwanshi</dc:creator>
        <media:keywords>आंध्र प्रदेश निवेश, Industrial Projects, Andhra Pradesh Investment, रोजगार, सेमीकंडक्टर, AI, क्वांटम टेक्नोलॉजी, उद्योग</media:keywords>
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        <title>दिल्ली एयरपोर्ट पर तीसरा रनवे शुरू, बढ़ेगी विमानों की संचालन क्षमता</title>
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        <description><![CDATA[ राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर विमान संचालन क्षमता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। एयरपोर्ट का तीसरा रनवे अब परिचालन में आ गया है। इसके साथ एयरपोर्ट के रनवे नेटवर्क में एक और महत्वपूर्ण सुविधा जुड़ गई है, जिससे बढ़ते हवाई यातायात को संभालने में मदद मिलने की उम्मीद है।
नए रनवे के साथ रैपिड एग्जिट टैक्सीवे भी विकसित किया गया है। इसका उद्देश्य विमानों को रनवे से तेजी से बाहर निकलने में सहायता करना है, ताकि रनवे को अगले विमान के लिए कम समय में उपलब्ध कराया जा सके। एयरपोर्ट के परिचालन में रनवे की उपलब्धता और विमानों के बीच समय का प्रबंधन महत्वपूर्ण होता है।
परियोजना में आधुनिक नेविगेशन और लाइटिंग सिस्टम को भी शामिल किया गया है। ये प्रणालियां विमानों के संचालन और रनवे के उपयोग को बेहतर ढंग से प्रबंधित करने में सहायता करती हैं। खासतौर पर व्यस्त हवाईअड्डों पर आधुनिक तकनीकी प्रणालियां परिचालन को अधिक व्यवस्थित बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।
दिल्ली एयरपोर्ट देश के सबसे व्यस्त विमानन केंद्रों में से एक है। यहां घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों तरह की उड़ानों का बड़ा नेटवर्क संचालित होता है। राजधानी की भौगोलिक स्थिति और दिल्ली-एनसीआर की बड़ी आबादी के कारण एयरपोर्ट पर हवाई यातायात लगातार महत्वपूर्ण बना हुआ है।
तीसरे रनवे के शुरू होने से एयरपोर्ट के पास विमानों के टेकऑफ और लैंडिंग के प्रबंधन के लिए अतिरिक्त बुनियादी ढांचा उपलब्ध हो गया है। हालांकि किसी भी रनवे की वास्तविक क्षमता मौसम, एयर ट्रैफिक कंट्रोल, विमान के प्रकार और अन्य परिचालन परिस्थितियों पर भी निर्भर करती है।
नई सुविधा दिल्ली के विमानन बुनियादी ढांचे के विस्तार का हिस्सा है। एयरपोर्ट पर यात्री संख्या और उड़ानों की संख्या बढ़ने के साथ टर्मिनल, रनवे, टैक्सीवे और एयर ट्रैफिक मैनेजमेंट जैसी सुविधाओं को भी विकसित करना आवश्यक होता है।
रैपिड एग्जिट टैक्सीवे और बेहतर लाइटिंग तथा नेविगेशन सिस्टम के साथ तीसरे रनवे का परिचालन एयरपोर्ट की क्षमता और परिचालन लचीलेपन को बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचागत बदलाव है। ]]></description>
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        <pubDate>Sun, 20 Sep 2026 00:24:20 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Piyush Raghuwanshi</dc:creator>
        <media:keywords>BEML, Bullet Train, Mumbai Ahmedabad High Speed Rail, NHSRCL, हाई स्पीड रेल, रेलवे प्रोजेक्ट, भारत रेलवे</media:keywords>
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        <title>BEML को मुंबई&amp;अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना से ₹5,400 करोड़ का बड़ा ऑर्डर</title>
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        <description><![CDATA[ मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन परियोजना को लेकर एक महत्वपूर्ण औद्योगिक विकास सामने आया है। सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी BEML को नेशनल हाई स्पीड रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड (NHSRCL) से ₹5,400 करोड़ से अधिक का ऑर्डर मिला है। यह ऑर्डर हाई-स्पीड रेल परियोजना के लिए ट्रेनसेट की आपूर्ति और उनके रखरखाव से संबंधित है।
मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर भारत की प्रमुख रेल अवसंरचना परियोजनाओं में शामिल है। इसका उद्देश्य दोनों प्रमुख आर्थिक केंद्रों के बीच तेज गति वाली रेल सेवा विकसित करना है। परियोजना में आधुनिक हाई-स्पीड ट्रेन तकनीक, समर्पित ट्रैक और संबंधित रेल बुनियादी ढांचे का विकास शामिल है।
BEML को मिला नया ऑर्डर भारतीय विनिर्माण क्षेत्र के लिए भी महत्वपूर्ण है। हाई-स्पीड रेल के लिए ट्रेनसेट तैयार करने में अत्याधुनिक इंजीनियरिंग, डिजाइन, परीक्षण और रखरखाव क्षमताओं की आवश्यकता होती है। ऐसे प्रोजेक्ट घरेलू रेल निर्माण कंपनियों को उच्च तकनीक वाले रेलवे उपकरणों के क्षेत्र में काम करने का अवसर देते हैं।
ऑर्डर में केवल ट्रेनसेट की आपूर्ति ही नहीं, बल्कि लंबे समय तक रखरखाव से जुड़ी जिम्मेदारियां भी शामिल हैं। भारतीय रेल क्षेत्र में आधुनिक ट्रेनसेट के रखरखाव के लिए विशेष तकनीकी व्यवस्था, प्रशिक्षित इंजीनियर और निर्धारित मानकों के अनुसार नियमित निरीक्षण जरूरी होता है।
मुंबई-अहमदाबाद कॉरिडोर के विकास के साथ भारत में हाई-स्पीड रेल तकनीक से जुड़ा अनुभव भी बढ़ेगा। इससे भविष्य में देश के अन्य संभावित हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर के लिए तकनीकी क्षमता विकसित करने में मदद मिल सकती है।
रेलवे क्षेत्र में हाल के वर्षों में ट्रेन निर्माण और आधुनिक रेल नेटवर्क के विस्तार पर भी जोर दिया गया है। इसी क्रम में BEML को मिला यह ऑर्डर देश के रेल विनिर्माण क्षेत्र में बड़े औद्योगिक अनुबंधों में शामिल हो गया है।
इस परियोजना में घरेलू कंपनियों की भागीदारी बढ़ने से स्थानीय आपूर्ति श्रृंखला को भी काम मिलने की संभावना रहती है। ट्रेन निर्माण के साथ-साथ इलेक्ट्रॉनिक्स, मैकेनिकल सिस्टम, कोच उपकरण, परीक्षण और रखरखाव जैसी कई गतिविधियां इससे जुड़ी होती हैं। ]]></description>
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        <pubDate>Sun, 20 Sep 2026 00:20:21 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Piyush Raghuwanshi</dc:creator>
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        <title>भारत के प्रत्यक्ष कर संग्रह में 13 प्रतिशत बढ़ोतरी, ₹12.12 लाख करोड़ पहुंचा आंकड़ा</title>
        <link>https://dhakarsamachar.in/भारत-के-प्रत्यक्ष-कर-संग्रह-में-13-प्रतिशत-बढ़ोतरी-1212-लाख-करोड़-पहुंचा-आंकड़ा</link>
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        <description><![CDATA[ भारत के सरकारी राजस्व से जुड़ा एक महत्वपूर्ण आंकड़ा सामने आया है। 17 सितंबर 2026 तक देश का शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रह 13 प्रतिशत बढ़कर ₹12.12 लाख करोड़ पहुंच गया। यह वृद्धि पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में दर्ज की गई है। प्रत्यक्ष कर में मुख्य रूप से व्यक्तिगत आयकर और कॉर्पोरेट आयकर जैसे कर शामिल होते हैं।
आंकड़ों के अनुसार, इस अवधि में सकल प्रत्यक्ष कर संग्रह ₹14.32 लाख करोड़ से अधिक रहा। सकल संग्रह में रिफंड को घटाने से शुद्ध कर संग्रह का आंकड़ा प्राप्त होता है। इस साल रिफंड में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है, जिसके बावजूद शुद्ध संग्रह में दोहरे अंक की वृद्धि दर्ज की गई।
कर संग्रह में कॉर्पोरेट टैक्स के साथ-साथ सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स यानी STT का भी योगदान रहा। शेयर बाजार में होने वाले निर्धारित लेनदेन पर STT लगाया जाता है और बाजार गतिविधियों के बढ़ने या घटने का असर इसके संग्रह पर पड़ सकता है।
प्रत्यक्ष कर संग्रह सरकार के वित्तीय प्रबंधन के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। इससे केंद्र सरकार को विभिन्न सार्वजनिक खर्चों और विकास से जुड़े कार्यक्रमों के लिए राजस्व उपलब्ध होता है। हालांकि कर संग्रह में वृद्धि को केवल एक कारण से जोड़ना उचित नहीं होता, क्योंकि इसमें आर्थिक गतिविधि, कर अनुपालन, कंपनियों के मुनाफे, व्यक्तिगत आय और बाजार से जुड़े लेनदेन सहित कई कारकों की भूमिका रहती है।
इसी अवधि में भारत की अर्थव्यवस्था से जुड़े अन्य संकेतक भी चर्चा में रहे। Business Standard के अनुसार, सरकार के शुद्ध प्रत्यक्ष कर संग्रह में वृद्धि के साथ विदेशी मुद्रा भंडार, प्रत्यक्ष विदेशी निवेश और अन्य आर्थिक संकेतकों में भी बदलाव दर्ज किए गए हैं।
प्रत्यक्ष कर संग्रह में बढ़ोतरी का एक पहलू करदाताओं की संख्या और अनुपालन से भी जुड़ा है। डिजिटल माध्यमों के बढ़ते इस्तेमाल के साथ आय और लेनदेन से संबंधित जानकारी के मिलान की क्षमता बढ़ी है। इससे कर प्रशासन को संभावित अंतर की पहचान करने और रिटर्न तथा भुगतान की निगरानी में मदद मिल सकती है।
हालांकि, कर संग्रह बढ़ने का अर्थ यह नहीं है कि हर व्यक्ति या हर क्षेत्र पर कर समान रूप से बढ़ा है। कुल आंकड़ा पूरे देश के कर संग्रह को दर्शाता है और इसमें अलग-अलग प्रकार के करदाताओं तथा आर्थिक गतिविधियों का संयुक्त प्रभाव शामिल होता है।
आने वाले महीनों में प्रत्यक्ष कर संग्रह का रुझान सरकार की राजस्व स्थिति और वित्तीय योजना के लिए महत्वपूर्ण रहेगा। वित्त वर्ष 2026-27 के दौरान कर संग्रह के अंतिम आंकड़े पूरे वर्ष के प्रदर्शन के बाद ही स्पष्ट होंगे। ]]></description>
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        <pubDate>Sun, 20 Sep 2026 00:17:03 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Piyush Raghuwanshi</dc:creator>
        <media:keywords>प्रत्यक्ष कर संग्रह, Direct Tax Collection, भारत अर्थव्यवस्था, आयकर, कॉर्पोरेट टैक्स, सरकारी राजस्व, Tax Revenue</media:keywords>
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        <title>भारत में सेमीकंडक्टर निर्माण को नई गति, Semicon India 2026 में वैश्विक कंपनियों की भागीदारी</title>
        <link>https://dhakarsamachar.in/भारत-में-सेमीकंडक्टर-निर्माण-को-नई-गति-semicon-india-2026-में-वैश्विक-कंपनियों-की-भागीदारी</link>
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        <description><![CDATA[ भारत में सेमीकंडक्टर उद्योग को विकसित करने की दिशा में चल रहे प्रयासों के बीच Semicon India 2026 का पांचवां संस्करण 17 से 19 सितंबर तक आयोजित किया गया। तीन दिवसीय सम्मेलन और प्रदर्शनी का विषय “Silicon to Systems: Building the Ecosystem” रखा गया। इसमें सेमीकंडक्टर उद्योग से जुड़ी भारतीय और अंतरराष्ट्रीय कंपनियों, विशेषज्ञों, शोधकर्ताओं तथा नीति-निर्माताओं ने हिस्सा लिया।
सम्मेलन का मुख्य फोकस केवल चिप निर्माण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पूरे सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम को मजबूत करने पर रहा। इसमें डिजाइन, विनिर्माण, पैकेजिंग, डिस्प्ले तकनीक, इलेक्ट्रॉनिक्स और प्रतिभा विकास जैसे क्षेत्रों पर चर्चा हुई। विभिन्न सत्रों में उद्योग और सरकार के बीच सहयोग बढ़ाने तथा वैश्विक कंपनियों के साथ तकनीकी साझेदारी को मजबूत करने के मुद्दे सामने आए।
सम्मेलन से एक दिन पहले प्रमुख वैश्विक चिप कंपनियों के शीर्ष अधिकारियों के साथ एक राउंडटेबल बैठक भी हुई। इसमें Micron Technology, ASML, Intel और Tata Electronics जैसी कंपनियों के प्रतिनिधियों ने भारत में तकनीकी सहयोग, निवेश और प्रतिभा विकास से जुड़े विषयों पर चर्चा की।
भारत के लिए सेमीकंडक्टर क्षेत्र इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि आधुनिक इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादों में चिप्स की आवश्यकता लगातार बढ़ रही है। स्मार्टफोन, कंप्यूटर, ऑटोमोबाइल, दूरसंचार उपकरण, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और कई औद्योगिक प्रणालियां सेमीकंडक्टर तकनीक पर निर्भर हैं। घरेलू स्तर पर उत्पादन क्षमता बढ़ने से वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में भारत की भूमिका बढ़ सकती है।
Semicon India 2026 में डिस्प्ले तकनीक और महिला नेतृत्व जैसे विषयों पर भी विशेष सत्र आयोजित किए गए। इसके अलावा विभिन्न देशों के साथ तकनीकी और औद्योगिक सहयोग बढ़ाने के लिए छह कंट्री राउंडटेबल आयोजित किए गए। इसका उद्देश्य भारत के सेमीकंडक्टर क्षेत्र को अंतरराष्ट्रीय साझेदारियों से जोड़ना और निवेश के नए अवसर विकसित करना था।
भारत में सेमीकंडक्टर उद्योग के विस्तार का असर इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग और इससे जुड़े रोजगार क्षेत्रों पर भी पड़ सकता है। चिप निर्माण के साथ-साथ डिजाइन, टेस्टिंग, पैकेजिंग, उपकरण निर्माण और तकनीकी सेवाओं के लिए प्रशिक्षित इंजीनियरों और विशेषज्ञों की मांग बढ़ने की संभावना है।
सम्मेलन के दौरान उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने भारत में तेजी से विकसित हो रहे सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम का उल्लेख किया। सरकार की ओर से भी निवेश और तकनीकी सहयोग को आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया। इससे भारत की इलेक्ट्रॉनिक्स और चिप निर्माण क्षमता को अगले चरण में ले जाने की दिशा में प्रयास जारी रहने का संकेत मिलता है। ]]></description>
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        <pubDate>Sun, 20 Sep 2026 00:14:08 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Piyush Raghuwanshi</dc:creator>
        <media:keywords>Semicon India 2026, Semiconductor India, सेमीकंडक्टर, चिप निर्माण, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग, भारत निवेश, टेक्नोलॉजी</media:keywords>
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        <title>LPG सब्सिडी के लिए आधार बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण 1 अक्टूबर से अनिवार्य</title>
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        <description><![CDATA[ केंद्र सरकार ने घरेलू LPG सब्सिडी से जुड़ी व्यवस्था में बदलाव की घोषणा की है। 1 अक्टूबर 2026 से सब्सिडी वाले घरेलू LPG रिफिल का लाभ लेने के लिए पात्र उपभोक्ताओं को आधार आधारित बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण कराना होगा। इसकी जानकारी 19 सितंबर को सरकारी स्तर पर जारी की गई।
बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण का उद्देश्य लाभार्थी की पहचान को आधार रिकॉर्ड से सत्यापित करना है। इसके तहत पात्र उपभोक्ता की पहचान की पुष्टि होने के बाद ही संबंधित सब्सिडी लाभ की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। सरकार की ओर से यह कदम सब्सिडी व्यवस्था में पहचान सत्यापन को मजबूत करने के तौर पर बताया गया है।
LPG देश के घरेलू ऊर्जा उपयोग का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। बड़ी संख्या में परिवार खाना पकाने के लिए LPG सिलेंडर का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में सब्सिडी से जुड़े नियमों में बदलाव का सीधा असर उन उपभोक्ताओं पर पड़ सकता है जो सरकारी सहायता के लिए पात्र हैं।
नई व्यवस्था में आधार प्रमाणीकरण की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। उपभोक्ताओं को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनका आधार विवरण संबंधित LPG कनेक्शन और लाभार्थी रिकॉर्ड के साथ सही तरीके से जुड़ा हो। किसी तरह की जानकारी में अंतर होने पर सत्यापन प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।
सरकार की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, नया नियम सब्सिडी वाले घरेलू LPG रिफिल पर लागू होगा। इसका अर्थ यह है कि सभी LPG उपभोक्ताओं को समान रूप से सब्सिडी लाभ नहीं मिलता और बायोमेट्रिक आवश्यकता का संबंध सब्सिडी प्राप्त करने की पात्रता से है।
यह बदलाव ऐसे समय में किया जा रहा है जब सरकार विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं में आधार आधारित पहचान सत्यापन का इस्तेमाल बढ़ा रही है। आधार प्रमाणीकरण के जरिए लाभ को वास्तविक पात्र व्यक्ति तक पहुंचाने और रिकॉर्ड को अपडेट रखने की प्रक्रिया को मजबूत करने का प्रयास किया जाता है।
उपभोक्ताओं के लिए महत्वपूर्ण तारीख 1 अक्टूबर 2026 है। जिन लोगों को घरेलू LPG पर सरकारी सब्सिडी मिलती है, उन्हें नए नियम के अनुसार बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण की आवश्यकता को ध्यान में रखना होगा। संबंधित LPG वितरण व्यवस्था और सरकारी दिशानिर्देशों के अनुसार प्रक्रिया पूरी की जा सकेगी। ]]></description>
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        <pubDate>Sun, 20 Sep 2026 00:11:37 +0530</pubDate>
        <dc:creator>Piyush Raghuwanshi</dc:creator>
        <media:keywords>LPG Subsidy, Aadhaar Biometric Authentication, घरेलू गैस, LPG, आधार सत्यापन, भारत सरकार, गैस सब्सिडी</media:keywords>
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