भारत के विदेशी मुद्रा भंडार ने बनाया नया रिकॉर्ड, 729.33 अरब डॉलर के पार

नई दिल्ली, 28 अगस्त 2026। भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 21 अगस्त को समाप्त सप्ताह में बढ़कर 729.33 अरब डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, एक सप्ताह में देश के विदेशी मुद्रा भंडार में करीब 12.42 अरब डॉलर की बढ़ोतरी हुई है। यह भारत की बाहरी वित्तीय स्थिति के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।एक सप्ताह में 12.42 अरब डॉलर की बढ़ोतरी आरबीआई के आंकड़ों के मुताबिक 21 अगस्त को समाप्त सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार में 12.42 अरब डॉलर की वृद्धि हुई। इससे कुल भंडार 729.33 अरब डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। इस बढ़ोतरी में विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियों का सबसे बड़ा योगदान रहा। सप्ताह के दौरान विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियों में लगभग 9.5 अरब डॉलर की वृद्धि हुई। इसके अलावा सोने के भंडार के मूल्य में भी करीब 2.8 अरब डॉलर की बढ़ोतरी दर्ज की गई। विदेशी मुद्रा भंडार में क्या-क्या शामिल है? भारत का विदेशी मुद्रा भंडार केवल अमेरिकी डॉलर के रूप में रखा पैसा नहीं होता। इसमें विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियां, सोना, अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) में भारत की विशेष आहरण अधिकार यानी SDR और रिजर्व ट्रांच पोजिशन भी शामिल होती हैं। 21 अगस्त तक भारत के कुल भंडार में करीब 591.3 अरब डॉलर की विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियां, 114.2 अरब डॉलर का सोना, 18.9 अरब डॉलर के SDR और लगभग 4.9 अरब डॉलर की IMF रिजर्व ट्रांच पोजिशन शामिल थी।विदेशी निवेश और एनआरआई जमा से मिला सहारा विदेशी मुद्रा भंडार में इस तेज बढ़ोतरी के पीछे विदेशी पूंजी प्रवाह को प्रमुख कारणों में माना जा रहा है। जून में आरबीआई ने विदेशों से होने वाली उधारी और विदेशी मुद्रा जमा से जुड़े कुछ नियमों में बदलाव किए थे। इसके तहत कुछ विदेशी मुद्रा लेनदेन और हेजिंग सुविधाओं को अधिक आकर्षक बनाया गया था। इन उपायों के बाद देश में विदेशी मुद्रा का प्रवाह बढ़ा। रिपोर्ट के अनुसार 5 जून से 21 अगस्त के बीच आरबीआई से जुड़े इन प्रोत्साहनों के माध्यम से करीब 73 अरब डॉलर का प्रवाह हुआ, जिसमें लगभग 65 अरब डॉलर एनआरआई जमा से आया।रुपये और अर्थव्यवस्था के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह रिकॉर्ड? विदेशी मुद्रा भंडार किसी देश की बाहरी आर्थिक मजबूती का महत्वपूर्ण संकेतक होता है। पर्याप्त विदेशी मुद्रा भंडार होने से देश को आयात भुगतान, वैश्विक आर्थिक संकट और मुद्रा बाजार में अचानक आने वाले दबावों से निपटने में मदद मिलती है। भारत जैसे बड़े आयातक देश के लिए यह भंडार विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। कच्चा तेल, इलेक्ट्रॉनिक सामान, मशीनरी और कई अन्य आवश्यक वस्तुओं के आयात के लिए विदेशी मुद्रा की जरूरत होती है। मजबूत भंडार होने से अंतरराष्ट्रीय भुगतान क्षमता बेहतर बनी रहती है। इसके अलावा जब वैश्विक बाजार में अस्थिरता बढ़ती है और किसी देश की मुद्रा पर दबाव आता है, तब केंद्रीय बैंक के पास बाजार में हस्तक्षेप करने के लिए पर्याप्त विदेशी मुद्रा उपलब्ध रहती है। आरबीआई ने एक सुविधा समय से पहले बंद की विदेशी मुद्रा के बड़े प्रवाह को देखते हुए आरबीआई ने अपनी एक विदेशी मुद्रा जमा संबंधी हेजिंग सुविधा को निर्धारित समय से करीब एक महीने पहले बंद करने का फैसला किया। इसका कारण यह बताया गया कि इस सुविधा के जरिए अपेक्षा से काफी अधिक विदेशी मुद्रा देश में आ गई थी। इससे संकेत मिलता है कि विदेशी पूंजी का प्रवाह इतना मजबूत रहा कि केंद्रीय बैंक को संबंधित सुविधा को निर्धारित अवधि से पहले ही समाप्त करना पड़ा। सोने के भंडार का भी बढ़ा योगदान विदेशी मुद्रा भंडार में सोने का योगदान भी लगातार महत्वपूर्ण बना हुआ है। 21 अगस्त तक भारत के स्वर्ण भंडार का मूल्य करीब 114.2 अरब डॉलर बताया गया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों में बदलाव का असर भी भारत के स्वर्ण भंडार के डॉलर मूल्य पर पड़ता है। इसलिए सोने के मूल्य में बढ़ोतरी होने पर कुल विदेशी मुद्रा भंडार में भी वृद्धि दिखाई दे सकती है। बाहरी क्षेत्र के लिए सकारात्मक संकेत अर्थशास्त्रियों के अनुसार विदेशी मुद्रा भंडार का रिकॉर्ड स्तर भारत की बाहरी वित्तीय स्थिति के लिए सकारात्मक संकेत है। इससे देश की आयात भुगतान क्षमता मजबूत होती है और वैश्विक निवेशकों के बीच भी भारत की वित्तीय स्थिरता को लेकर भरोसा बढ़ सकता है। हालांकि, विदेशी मुद्रा भंडार में वृद्धि का अर्थ यह नहीं है कि अर्थव्यवस्था की सभी चुनौतियां समाप्त हो गई हैं। वैश्विक व्यापार, तेल की कीमतें, विदेशी निवेश, रुपये की विनिमय दर और अंतरराष्ट्रीय बाजार की परिस्थितियां आगे भी भारत के बाहरी क्षेत्र को प्रभावित करती रहेंगी। फिलहाल 729.33 अरब डॉलर का रिकॉर्ड विदेशी मुद्रा भंडार भारत के लिए एक महत्वपूर्ण आर्थिक उपलब्धि है। लगातार बढ़ता भंडार देश को वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं से निपटने के लिए अतिरिक्त वित्तीय सुरक्षा प्रदान करता है।

Aug 29, 2026 - 04:59
 0  2
भारत के विदेशी मुद्रा भंडार ने बनाया नया रिकॉर्ड, 729.33 अरब डॉलर के पार

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow