यूपी में बाढ़ का खतरा बढ़ा, गंगा-यमुना समेत कई नदियों का जलस्तर बढ़ा
लखनऊ/वाराणसी, 29 अगस्त 2026। उत्तर प्रदेश के कई जिलों में लगातार बारिश और पहाड़ी क्षेत्रों से आने वाले पानी के कारण नदियों का जलस्तर बढ़ गया है। गंगा, यमुना और उनकी सहायक नदियों के आसपास के इलाकों में प्रशासन ने निगरानी बढ़ा दी है। नदी किनारे बसे गांवों और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। गंगा के जलस्तर पर प्रशासन की नजर पूर्वी उत्तर प्रदेश में गंगा के जलस्तर में बढ़ोतरी के कारण नदी किनारे के कई इलाकों में चिंता बढ़ी है। वाराणसी, गाजीपुर, बलिया और आसपास के क्षेत्रों में प्रशासन लगातार जलस्तर की निगरानी कर रहा है। नदी के किनारे रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए तैयार रहने की सलाह दी गई है। जलस्तर बढ़ने की स्थिति में निचले इलाकों में पानी पहुंचने का खतरा रहता है। वाराणसी में बढ़ी निगरानी वाराणसी में गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए घाटों और नदी के आसपास सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई है। निचले घाटों पर गतिविधियों को लेकर प्रशासन और पुलिस की निगरानी जारी है। नाव संचालन और नदी में जाने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर भी विशेष सावधानी बरती जा रही है। लोगों से नदी के तेज बहाव वाले हिस्सों से दूर रहने की अपील की गई है। ग्रामीण इलाकों में चिंता गंगा और अन्य नदियों के किनारे बसे ग्रामीण क्षेत्रों में जलस्तर बढ़ने से लोगों की चिंता बढ़ी है। कुछ स्थानों पर खेतों में पानी पहुंचने से फसलों को नुकसान की आशंका है। प्रशासन ने बाढ़ की स्थिति बनने पर लोगों को निकालने के लिए सुरक्षित स्थानों और राहत शिविरों की व्यवस्था तैयार रखने के निर्देश दिए हैं। यमुना और सहायक नदियों का भी असर प्रदेश के पश्चिमी और मध्य हिस्सों में यमुना तथा उसकी सहायक नदियों के जलस्तर पर भी निगरानी रखी जा रही है। लगातार बारिश होने पर नदियों में पानी और बढ़ सकता है। नदी किनारे के संवेदनशील इलाकों में राजस्व, पुलिस और आपदा प्रबंधन से जुड़े अधिकारियों को सतर्क रखा गया है। राहत शिविर तैयार जिला प्रशासन ने संभावित बाढ़ प्रभावित लोगों के लिए राहत शिविरों की व्यवस्था तैयार रखने के निर्देश दिए हैं। इन स्थानों पर पीने का पानी, भोजन, दवाइयां और अन्य आवश्यक सामान उपलब्ध कराने की तैयारी की गई है। जरूरत पड़ने पर नावों और बचाव दलों के माध्यम से लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया जा सकता है। किसानों की बढ़ी मुश्किल बारिश और नदी के बढ़ते जलस्तर का असर किसानों पर भी पड़ रहा है। खेतों में पानी जमा होने से खरीफ फसलों को नुकसान की संभावना है। कृषि विभाग द्वारा प्रभावित क्षेत्रों का आकलन किया जा रहा है। जलस्तर सामान्य होने के बाद फसल नुकसान का वास्तविक आकलन किया जाएगा। लोगों से सावधानी बरतने की अपील प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने को कहा है। लोगों को नदी, नाले और जलभराव वाले इलाकों में जाने से बचने की सलाह दी गई है। विशेष रूप से बच्चों और बुजुर्गों को नदी के किनारे न जाने देने की अपील की गई है। प्रशासन पूरी स्थिति पर नजर रख रहा उत्तर प्रदेश में बाढ़ की स्थिति फिलहाल अलग-अलग जिलों में अलग-अलग है। सभी क्षेत्रों में एक जैसी स्थिति नहीं है, लेकिन लगातार बारिश और बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने एहतियाती तैयारियां तेज कर दी हैं। आने वाले दिनों में बारिश और नदियों के जलस्तर के आधार पर स्थिति में बदलाव हो सकता है। जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं।
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