भारत सरकार 6.5% हिस्सेदारी बेचेगी LIC में, ₹30,000 करोड़ से अधिक जुटाने की तैयारी
नई दिल्ली, 3 अगस्त 2026: केंद्र सरकार ने देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी Life Insurance Corporation of India (LIC) में अपनी 6.5% तक हिस्सेदारी बेचने का फैसला किया है। यह बिक्री Offer for Sale (OFS) के माध्यम से की जाएगी। इस कदम से सरकार को ₹30,000 करोड़ से अधिक जुटाने की उम्मीद है। यह भारत के इतिहास के सबसे बड़े विनिवेश (Disinvestment) कार्यक्रमों में से एक माना जा रहा है। सरकार फिलहाल LIC में सबसे बड़ी हिस्सेदार है। इस हिस्सेदारी बिक्री का उद्देश्य पूंजी जुटाने के साथ-साथ कंपनी में सार्वजनिक हिस्सेदारी (Public Shareholding) बढ़ाना भी है। भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) के नियमों के अनुसार सूचीबद्ध कंपनियों में न्यूनतम सार्वजनिक हिस्सेदारी बनाए रखना आवश्यक है। क्या है पूरा मामला? स्टॉक एक्सचेंज को दी गई सूचना के अनुसार, सरकार OFS के जरिए अपनी हिस्सेदारी बाजार में बेचेगी। OFS में संस्थागत और खुदरा दोनों तरह के निवेशक भाग ले सकते हैं। सरकार द्वारा बेची जाने वाली हिस्सेदारी अधिकतम 6.5% होगी। इससे सरकार की हिस्सेदारी कम होगी, लेकिन वह कंपनी की सबसे बड़ी शेयरधारक बनी रहेगी। क्यों किया जा रहा है विनिवेश? सरकार हर वर्ष अपने विनिवेश कार्यक्रम के तहत सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों में हिस्सेदारी बेचकर राजस्व जुटाती है। इससे सरकारी वित्तीय संसाधनों को मजबूती मिलती है और पूंजी बाजार में कंपनियों की सार्वजनिक हिस्सेदारी भी बढ़ती है। LIC के मामले में यह कदम SEBI के न्यूनतम सार्वजनिक शेयरधारिता नियमों का पालन करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। निवेशकों पर क्या असर पड़ेगा? इतने बड़े OFS के कारण LIC के शेयरों में अल्पकालिक उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। हालांकि बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि LIC भारत की सबसे बड़ी जीवन बीमा कंपनी है और दीर्घकालिक निवेशकों की नजर कंपनी के व्यवसाय, प्रीमियम संग्रह और लाभप्रदता पर रहेगी। OFS के दौरान खुदरा निवेशकों को अक्सर विशेष छूट (Discount) भी दी जाती है, हालांकि इसकी अंतिम शर्तें सरकार द्वारा जारी दस्तावेजों में तय की जाती हैं। LIC का महत्व LIC भारत की सबसे बड़ी जीवन बीमा कंपनी है और करोड़ों पॉलिसीधारकों को सेवाएं प्रदान करती है। कंपनी का निवेश भारतीय शेयर बाजार और सरकारी प्रतिभूतियों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। सरकार द्वारा हिस्सेदारी बिक्री के बाद भी LIC का संचालन सामान्य रूप से जारी रहेगा और पॉलिसीधारकों की सेवाओं पर इसका कोई प्रत्यक्ष प्रभाव नहीं पड़ेगा। निष्कर्ष 3 अगस्त 2026 को सरकार ने LIC में 6.5% तक हिस्सेदारी OFS के जरिए बेचने की घोषणा की। इस बिक्री से ₹30,000 करोड़ से अधिक जुटाने का लक्ष्य है। यह कदम सरकार के विनिवेश कार्यक्रम और LIC में सार्वजनिक हिस्सेदारी बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण फैसला माना जा रहा है।
What's Your Reaction?