भारत के खाद्य सुरक्षा नियामक ने Diageo को Whisky Labeling पर चेतावनी दी, ‘American Oak Casks’ दावा बताया भ्रामक
नई दिल्ली, 8 अगस्त 2026: भारत के खाद्य सुरक्षा नियामक ने शराब बनाने वाली प्रमुख कंपनी Diageo को उसकी whisky की labeling को लेकर चेतावनी दी है। नियामक ने कंपनी के उस दावे पर आपत्ति जताई है जिसमें whisky को “matured in American oak casks” यानी अमेरिकी ओक के पीपों में परिपक्व किया गया बताया गया था। नियामक के अनुसार, यह दावा उपभोक्ताओं को उत्पाद की वास्तविक प्रकृति के बारे में भ्रमित कर सकता है। यह मामला भारत में खाद्य और पेय पदार्थों की labeling तथा उपभोक्ताओं को दी जाने वाली जानकारी की सटीकता से जुड़ा है। नियामक का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि पैकेजिंग पर किसी उत्पाद के बारे में ऐसे दावे न किए जाएं जो उपभोक्ता को गलत धारणा दे सकते हैं। क्या है पूरा मामला? Reuters की रिपोर्ट के अनुसार, भारत के खाद्य सुरक्षा नियामक ने Diageo की whisky labeling की जांच के बाद कंपनी को चेतावनी दी। विवाद whisky के उस description को लेकर है जिसमें American oak casks में maturation का दावा किया गया था। ऐसे दावे whisky की गुणवत्ता, स्वाद और उत्पादन प्रक्रिया को लेकर उपभोक्ताओं की धारणा को प्रभावित कर सकते हैं। इसलिए नियामक labeling में इस्तेमाल होने वाले शब्दों और दावों को लेकर काफी सतर्क रहता है। Labeling क्यों महत्वपूर्ण है? किसी भी packaged product पर दी गई जानकारी उपभोक्ताओं के लिए महत्वपूर्ण होती है। उत्पाद की सामग्री, निर्माण प्रक्रिया, मात्रा और अन्य विशेषताओं से जुड़ी जानकारी ग्राहक के खरीदारी के फैसले को प्रभावित कर सकती है। यदि किसी उत्पाद के बारे में ऐसा दावा किया जाता है जो वास्तविक उत्पादन प्रक्रिया से पूरी तरह मेल नहीं खाता, तो उपभोक्ता भ्रमित हो सकते हैं। इसी वजह से food safety authorities कंपनियों के labeling claims की निगरानी करते हैं। Diageo के लिए क्या मायने रखता है? Diageo वैश्विक स्तर पर बड़ी beverage companies में शामिल है और भारत में भी इसके कई लोकप्रिय alcoholic beverage brands मौजूद हैं। ऐसे में नियामक की चेतावनी कंपनी के लिए labeling practices की समीक्षा करने का संकेत हो सकती है। कंपनी को यह सुनिश्चित करना होगा कि उसके उत्पादों पर इस्तेमाल किए जाने वाले descriptions और marketing claims भारतीय नियमों के अनुरूप हों। उपभोक्ताओं पर संभावित प्रभाव इस मामले का सीधा संबंध consumer information से है। उपभोक्ता किसी whisky या अन्य beverage को खरीदते समय packaging पर लिखी जानकारी के आधार पर उत्पाद की विशेषताओं का अनुमान लगाते हैं। यदि labeling में इस्तेमाल किया गया कोई दावा भ्रामक पाया जाता है, तो नियामक कार्रवाई का उद्देश्य ऐसी जानकारी को अधिक स्पष्ट और सटीक बनाना होता है। भारत में खाद्य सुरक्षा व्यवस्था भारत में खाद्य और पेय उत्पादों की सुरक्षा तथा labeling को नियंत्रित करने के लिए Food Safety and Standards Authority of India (FSSAI) महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। नियामक समय-समय पर विभिन्न packaged food और beverage products की labeling, ingredients तथा advertising claims की जांच करता है। उद्योग के लिए संदेश यह मामला beverage industry की अन्य कंपनियों के लिए भी महत्वपूर्ण हो सकता है। कंपनियों को अपने products की packaging और advertising में इस्तेमाल होने वाले claims की regulatory compliance सुनिश्चित करनी होती है। विशेष रूप से premium products में इस्तेमाल होने वाले production-method और origin से जुड़े claims उपभोक्ताओं के खरीदारी निर्णय को प्रभावित कर सकते हैं। निष्कर्ष 8 अगस्त 2026 को सामने आई Reuters की रिपोर्ट के अनुसार, भारत के खाद्य सुरक्षा नियामक ने Diageo को उसकी whisky के “matured in American oak casks” दावे को लेकर चेतावनी दी। नियामक ने इस दावे को भ्रामक माना और मामला product labeling की सटीकता से जुड़ा है। यह घटना भारत में consumer information और food-and-beverage labeling standards के महत्व को सामने लाती है।
What's Your Reaction?