भारत के सॉफ्टवेयर निर्यात में 8.2% की बढ़ोतरी, 221.4 अरब डॉलर पहुंचा आंकड़ा

नई दिल्ली, 19 सितंबर 2026। भारत के सॉफ्टवेयर और आईटी-सक्षम सेवाओं के निर्यात में वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान 8.2 प्रतिशत की सालाना वृद्धि दर्ज की गई है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के वार्षिक सर्वेक्षण के अनुसार, इस अवधि में भारत का सॉफ्टवेयर सेवा निर्यात बढ़कर करीब 221.4 अरब डॉलर हो गया। इससे देश के आईटी और डिजिटल सेवा क्षेत्र की वैश्विक मौजूदगी का पता चलता है। 221.4 अरब डॉलर का निर्यात RBI के सर्वेक्षण के मुताबिक वित्त वर्ष 2025-26 में भारत की सॉफ्टवेयर सेवाओं के निर्यात में पिछले वित्त वर्ष की तुलना में 8.2 प्रतिशत की वृद्धि हुई। इस सर्वेक्षण में देश की हजारों सॉफ्टवेयर और आईटी सेवा कंपनियों से जुड़ी जानकारी शामिल की गई। भारत लंबे समय से वैश्विक आईटी और सॉफ्टवेयर सेवा बाजार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहा है। भारतीय कंपनियां अमेरिका, यूरोप और अन्य क्षेत्रों के ग्राहकों को सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट, आईटी कंसल्टिंग, बिजनेस प्रोसेस सेवाएं और डिजिटल समाधान उपलब्ध कराती हैं। हजारों कंपनियां सर्वेक्षण में शामिल RBI के अनुसार इस वार्षिक सर्वेक्षण के लिए 7,569 सॉफ्टवेयर निर्यात कंपनियों से जानकारी जुटाई गई। इसमें सॉफ्टवेयर सेवाओं के साथ आईटी-सक्षम सेवाओं और अन्य संबंधित गतिविधियों का डेटा शामिल किया गया। इस तरह के आंकड़े भारत के सेवा क्षेत्र के अंतरराष्ट्रीय व्यापार में योगदान को समझने के लिए महत्वपूर्ण होते हैं। सॉफ्टवेयर निर्यात से देश को विदेशी मुद्रा आय भी प्राप्त होती है और वैश्विक बाजारों में भारतीय तकनीकी कंपनियों की गतिविधियां बढ़ती हैं। डिजिटल सेवाओं की बढ़ती मांग दुनियाभर में क्लाउड कंप्यूटिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सुरक्षा, डेटा एनालिटिक्स और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन जैसी तकनीकों की मांग बढ़ने के साथ आईटी सेवाओं का बाजार भी बदल रहा है। भारतीय आईटी कंपनियां इन क्षेत्रों में सेवाएं उपलब्ध करा रही हैं। इसके चलते सॉफ्टवेयर निर्यात केवल पारंपरिक एप्लिकेशन डेवलपमेंट तक सीमित नहीं है, बल्कि आधुनिक डिजिटल सेवाओं का हिस्सा भी लगातार बढ़ रहा है। रोजगार के अवसरों पर भी असर आईटी और सॉफ्टवेयर सेवा क्षेत्र भारत में बड़ी संख्या में इंजीनियरों, प्रोग्रामरों, डेटा विशेषज्ञों, डिजाइनरों और अन्य पेशेवरों को रोजगार देता है। निर्यात कारोबार में वृद्धि से कंपनियों के अंतरराष्ट्रीय प्रोजेक्ट और सेवा कारोबार बढ़ने पर रोजगार के नए अवसर भी बन सकते हैं। हालांकि रोजगार की वास्तविक वृद्धि कंपनी की मांग, वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों और नई तकनीकों को अपनाने की गति पर निर्भर करती है। वैश्विक बाजार में भारत की भूमिका सॉफ्टवेयर निर्यात में वृद्धि ऐसे समय में हुई है जब दुनिया भर की कंपनियां डिजिटल तकनीक, क्लाउड और AI आधारित सेवाओं में निवेश बढ़ा रही हैं। भारत के लिए यह क्षेत्र सेवा निर्यात और विदेशी आय का महत्वपूर्ण स्रोत बना हुआ है। RBI के ताजा आंकड़े बताते हैं कि वित्त वर्ष 2025-26 में भारतीय सॉफ्टवेयर सेवा निर्यात ने पिछले वर्ष की तुलना में बेहतर प्रदर्शन किया। आने वाले समय में AI और अन्य नई तकनीकों के विस्तार के साथ इस क्षेत्र में सेवाओं की प्रकृति और बाजार की मांग में और बदलाव देखने को मिल सकता है।

Sep 20, 2026 - 00:00
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