रुपये में लगातार पांचवें दिन सुधार, डॉलर के मुकाबले 95.59 पर बंद
भारतीय मुद्रा बाजार में रुपये के लिए लगातार पांचवां मजबूत कारोबारी सत्र रहा। मंगलवार को रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 95.59 के स्तर पर बंद हुआ। इससे पहले के सत्रों में भी रुपये में मजबूती देखने को मिली थी। बाजार रिपोर्ट के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट ने रुपये को कुछ राहत दी। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए बड़ी मात्रा में कच्चे तेल का आयात करता है। इसलिए अंतरराष्ट्रीय तेल कीमतों में बदलाव का असर देश के आयात बिल और विदेशी मुद्रा मांग पर पड़ता है। इसके अलावा सरकारी बैंकों द्वारा डॉलर की संभावित बिक्री को भी रुपये की मजबूती से जोड़ा गया। विदेशी मुद्रा बाजार में डॉलर की उपलब्धता बढ़ने पर रुपये पर दबाव कम हो सकता है। बॉन्ड बाजार में भी गतिविधियां देखने को मिलीं। रिपोर्ट के अनुसार 10 वर्षीय सरकारी बॉन्ड की यील्ड में चार बेसिस प्वाइंट की गिरावट दर्ज की गई। हालांकि रुपये की स्थिति पर वैश्विक घटनाक्रम का असर बना हुआ है। तेल बाजार, अमेरिकी डॉलर की दिशा, विदेशी निवेश और पश्चिम एशिया से जुड़े घटनाक्रम भारतीय मुद्रा बाजार के लिए महत्वपूर्ण बने हुए हैं। विशेषज्ञों के अनुसार मुद्रा बाजार में एक दिन का बदलाव लंबे समय की दिशा तय नहीं करता। इसलिए आने वाले कारोबारी सत्रों में रुपये की चाल पर निवेशक वैश्विक तेल कीमतों और डॉलर की मांग सहित कई संकेतकों पर नजर रखेंगे।
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