कूनो में चीता संरक्षण को बढ़ावा, देश में चीतों की संख्या 56 पहुंची

भोपाल, 19 सितंबर 2026। मध्य प्रदेश के कूनो राष्ट्रीय उद्यान में चीता संरक्षण कार्यक्रम के तहत एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि सामने आई है। दक्षिण अफ्रीका से लाई गई एक मादा चीता की संतानों में अब नई पीढ़ी के चार शावक भी शामिल हो गए हैं। इन नए जन्मों के साथ भारत में चीतों की कुल संख्या 56 पहुंच गई है, जिनमें 36 चीते भारत में जन्मे हैं। कूनो बना चीता संरक्षण का प्रमुख केंद्र कूनो राष्ट्रीय उद्यान भारत में चीता पुनर्स्थापन कार्यक्रम का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। यहां अफ्रीकी चीतों को अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराने और उनकी आबादी बढ़ाने के लिए लगातार निगरानी की जाती है। भारत में चीता दोबारा बसाने की योजना के तहत दक्षिण अफ्रीका और नामीबिया से चीतों को लाया गया था। इसके बाद कूनो में कई शावकों का जन्म हुआ, जिससे देश में चीतों की संख्या धीरे-धीरे बढ़ी है। नई पीढ़ी के चार शावक ताजा जानकारी के अनुसार दक्षिण अफ्रीका से लाई गई एक मादा चीता की संतानों ने भी अब प्रजनन किया है। इस प्रक्रिया से भारत में जन्मे चीतों की अगली पीढ़ी सामने आई है। नए शावकों के जन्म को संरक्षण कार्यक्रम के लिए इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इससे केवल बाहर से लाए गए चीतों की संख्या बढ़ने के बजाय भारत में ही उनकी प्राकृतिक आबादी विकसित होने की प्रक्रिया आगे बढ़ती है। 56 हुई कुल संख्या ताजा आंकड़ों के अनुसार कूनो और भारत में चीतों की कुल संख्या अब 56 हो गई है। इनमें 36 चीते ऐसे हैं जिनका जन्म भारत में हुआ है। चीता संरक्षण परियोजना के तहत अधिकारियों और विशेषज्ञों की टीमें चीतों की गतिविधियों, स्वास्थ्य और प्रजनन पर लगातार निगरानी रखती हैं। उनके आवास और भोजन की उपलब्धता पर भी ध्यान दिया जाता है। संरक्षण के लिए लंबी प्रक्रिया चीता जैसी प्रजाति को नए वातावरण में स्थापित करना एक लंबी प्रक्रिया है। इसके लिए केवल चीतों को जंगल में छोड़ना पर्याप्त नहीं होता, बल्कि उनके आवास, शिकार की उपलब्धता, स्वास्थ्य और प्रजनन की निगरानी भी जरूरी होती है। भारत में चीता संरक्षण कार्यक्रम के सामने कई जैविक और पर्यावरणीय चुनौतियां भी हैं। इसलिए आबादी बढ़ने के साथ-साथ चीतों के दीर्घकालिक संरक्षण और सुरक्षित आवास को बनाए रखना भी महत्वपूर्ण है। भारत में बढ़ रही है नई आबादी कूनो में लगातार हो रहे जन्मों से भारत में चीतों की नई आबादी विकसित हो रही है। 36 भारतीय-जन्मे चीतों की संख्या यह दर्शाती है कि पुनर्स्थापन कार्यक्रम में अब स्थानीय स्तर पर प्रजनन भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। आने वाले वर्षों में चीतों की संख्या और उनके आवास का विस्तार इस परियोजना की दिशा तय करेगा। फिलहाल 56 चीतों की संख्या कूनो में चल रहे संरक्षण प्रयासों की मौजूदा स्थिति को दर्शाती है।

Sep 20, 2026 - 00:05
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कूनो में चीता संरक्षण को बढ़ावा, देश में चीतों की संख्या 56 पहुंची

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