जुलाई में भारत की खुदरा महंगाई बढ़कर 4.45% पहुंची, लेकिन RBI की ब्याज दरों में तत्काल बदलाव की संभावना कम
नई दिल्ली, 12 अगस्त 2026: भारत की खुदरा महंगाई (Consumer Price Index–CPI) जुलाई 2026 में बढ़कर 4.45% हो गई। यह लगातार दूसरा महीना है जब महंगाई भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के 4% के मध्यम अवधि लक्ष्य से ऊपर रही, हालांकि यह अभी भी RBI की 2%–6% की स्वीकार्य सीमा के भीतर है। Reuters राष्ट्रीय सांख्यिकी से जुड़े आंकड़ों के अनुसार, जुलाई में महंगाई बढ़ने की सबसे बड़ी वजह खाद्य पदार्थों की कीमतों में तेजी रही। विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल यह वृद्धि इतनी अधिक नहीं है कि RBI को तुरंत ब्याज दरें बढ़ानी पड़ें। Reuters जुलाई में क्या रहे प्रमुख आंकड़े? संकेतक जुलाई 2026 खुदरा महंगाई (CPI) 4.45% जून 2026 CPI 4.08% खाद्य महंगाई 5.52% RBI लक्ष्य 4% जुलाई का CPI आंकड़ा लगभग Reuters के अर्थशास्त्रियों के अनुमान (4.5%) के अनुरूप रहा। Reuters खाद्य महंगाई क्यों बढ़ी? महंगाई बढ़ने का सबसे बड़ा कारण खाद्य वस्तुओं की कीमतों में तेजी रही। जुलाई में Food Inflation 5.52% रही, जो जून के 5.32% से अधिक है। सब्जियों, खाद्यान्न और कुछ आवश्यक उपभोक्ता वस्तुओं की कीमतों में बढ़ोतरी ने CPI पर दबाव डाला। Reuters विशेषज्ञों के अनुसार, अनियमित मानसून और कुछ क्षेत्रों में कमजोर वर्षा से कृषि उत्पादन को लेकर चिंता बनी हुई है, जिससे आने वाले महीनों में खाद्य कीमतों पर असर पड़ सकता है। क्या RBI Repo Rate बढ़ाएगा? अधिकांश अर्थशास्त्रियों का मानना है कि नहीं, फिलहाल नहीं। Reuters के सर्वे के अनुसार, जुलाई की महंगाई RBI की नीति बदलने के लिए पर्याप्त नहीं मानी जा रही है। केंद्रीय बैंक निकट भविष्य में Repo Rate 5.25% पर ही बनाए रख सकता है। Reuters हालांकि कुछ विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यदि खाद्य और तेल की कीमतों का दबाव लगातार बना रहा, तो सितंबर के बाद महंगाई 5% से ऊपर जा सकती है। आम लोगों पर क्या असर होगा? महंगाई बढ़ने का सीधा असर रोजमर्रा के खर्च पर पड़ता है। सब्जियों और खाद्य पदार्थों की कीमतें ऊंची रह सकती हैं। घरेलू बजट पर दबाव बढ़ सकता है। फिलहाल होम लोन और EMI में तत्काल बदलाव की संभावना कम है क्योंकि RBI के ब्याज दर स्थिर रखने की उम्मीद है। अर्थव्यवस्था के लिए संकेत भारत की अर्थव्यवस्था अभी भी मजबूत विकास दर बनाए हुए है, लेकिन खाद्य महंगाई नीति निर्माताओं के लिए सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है। यदि मानसून सामान्य रहता है और आपूर्ति बेहतर होती है, तो आने वाले महीनों में कीमतों पर दबाव कम हो सकता है। Reuters निष्कर्ष 12 अगस्त 2026 को जारी आंकड़ों के अनुसार, भारत की खुदरा महंगाई जुलाई में बढ़कर 4.45% पहुंच गई। खाद्य महंगाई 5.52% रहने से कीमतों पर दबाव बढ़ा, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल RBI के Repo Rate में तत्काल बदलाव की संभावना कम है।
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