केदारनाथ में पांच महीनों में 50 टन से ज्यादा कचरा, पिछले साल से ढाई गुना
केदारनाथ धाम में इस वर्ष तीर्थयात्रा के दौरान कचरा प्रबंधन एक महत्वपूर्ण पर्यावरणीय मुद्दा बनकर सामने आया है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार अप्रैल से अगस्त 2026 के पांच महीनों में 50.30 मीट्रिक टन कचरा दर्ज किया गया। यह मात्रा 2025 के पूरे यात्रा सीजन में दर्ज 21.40 मीट्रिक टन कचरे से 2.5 गुना से अधिक है। 2023 में 32.58 टन और 2024 में 26.10 टन कचरा दर्ज किया गया था। आंकड़े केदारनाथ नगर पंचायत द्वारा RTI के जवाब में उपलब्ध कराए गए। बढ़ता कचरा हिमालयी क्षेत्र में तीर्थ पर्यटन के पर्यावरणीय प्रभाव को लेकर चर्चा का विषय है। केदारनाथ एक संवेदनशील हिमालयी क्षेत्र में स्थित है। यहां कचरा प्रबंधन के लिए संग्रह, परिवहन और निस्तारण की व्यवस्था महत्वपूर्ण है। तीर्थयात्रियों की संख्या बढ़ने के साथ प्लास्टिक, पैकेजिंग और अन्य ठोस कचरे की मात्रा भी बढ़ सकती है। इसलिए स्थानीय प्रशासन के सामने कचरा प्रबंधन की क्षमता बनाए रखना चुनौती बनी रहती है। मुख्य बिंदु अप्रैल-अगस्त 2026 में 50.30 टन कचरा। 2025 के पूरे सीजन से 2.5 गुना से अधिक। आंकड़े RTI के जरिए सामने आए। केदारनाथ हिमालयी पर्यावरण के लिहाज से संवेदनशील क्षेत्र है। कचरा प्रबंधन पर दबाव बढ़ा।
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