गंगा जलस्तर में 17 सेंटीमीटर की गिरावट:उन्नाव में जलकुंभी का अंबार, कटान तेज होने से चिंता बढ़ी SDM ने व्यवस्था देखी
उन्नाव में गंगा नदी के जलस्तर में पिछले एक सप्ताह से उतार-चढ़ाव जारी है। शुक्रवार और शनिवार को जलस्तर में गिरावट दर्ज की गई, लेकिन इसके बावजूद नदी का बहाव तेज बना हुआ है। गंगा में भारी मात्रा में जलकुंभी जमा होने लगी है, जबकि कई स्थानों पर कटान भी तेज हो गया है, जिससे तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है। केन्द्रीय जल आयोग के अनुसार, बुधवार शाम छह बजे गंगा का जलस्तर 110.580 मीटर था। इसके बाद इसमें लगातार कमी आई। शुक्रवार सुबह 10 बजे यह 110.520 मीटर, शाम छह बजे 110.380 मीटर और शनिवार सुबह 110.350 मीटर दर्ज किया गया। दोपहर 12 बजे तक जलस्तर स्थिर रहा। इस प्रकार, बीते 24 घंटे में गंगा के जलस्तर में कुल 17 सेंटीमीटर की गिरावट दर्ज की गई है। जलस्तर घटने के बावजूद नदी का बहाव अभी भी तेज बना हुआ है। आसपास के तालाबों, निचले क्षेत्रों और जलभराव वाले स्थानों का पानी गंगा में मिलने से बड़ी मात्रा में जलकुंभी नदी में बहकर आ रही है। कई घाटों और किनारों पर जलकुंभी का अंबार लग गया है, जिससे नावों के संचालन और घाटों पर आवाजाही करने वाले लोगों को परेशानी हो रही है।
दूसरी ओर, गंगा के किनारे कई स्थानों पर कटान की रफ्तार भी बढ़ गई है। लगातार बदल रहे जलस्तर और तेज बहाव के कारण नदी किनारे की मिट्टी खिसक रही है। तटीय इलाकों के ग्रामीण स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और प्रशासन से कटान रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग कर रहे हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से गंगा के जलस्तर में लगातार हो रहे उतार-चढ़ाव के कारण स्थिति सामान्य नहीं हो पा रही है। जलस्तर में गिरावट के बावजूद नदी का स्वरूप अभी भी उफनती धारा जैसा दिखाई दे रहा है। ऐसे में लोग किसी भी संभावित बदलाव को लेकर सतर्क हैं।
उन्नाव में गंगा नदी के जलस्तर में पिछले एक सप्ताह से उतार-चढ़ाव जारी है। शुक्रवार और शनिवार को जलस्तर में गिरावट दर्ज की गई, लेकिन इसके बावजूद नदी का बहाव तेज बना हुआ है। गंगा में भारी मात्रा में जलकुंभी जमा होने लगी है, जबकि कई स्थानों पर कटान भी तेज हो गया है, जिससे तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है। केन्द्रीय जल आयोग के अनुसार, बुधवार शाम छह बजे गंगा का जलस्तर 110.580 मीटर था। इसके बाद इसमें लगातार कमी आई। शुक्रवार सुबह 10 बजे यह 110.520 मीटर, शाम छह बजे 110.380 मीटर और शनिवार सुबह 110.350 मीटर दर्ज किया गया। दोपहर 12 बजे तक जलस्तर स्थिर रहा। इस प्रकार, बीते 24 घंटे में गंगा के जलस्तर में कुल 17 सेंटीमीटर की गिरावट दर्ज की गई है। जलस्तर घटने के बावजूद नदी का बहाव अभी भी तेज बना हुआ है। आसपास के तालाबों, निचले क्षेत्रों और जलभराव वाले स्थानों का पानी गंगा में मिलने से बड़ी मात्रा में जलकुंभी नदी में बहकर आ रही है। कई घाटों और किनारों पर जलकुंभी का अंबार लग गया है, जिससे नावों के संचालन और घाटों पर आवाजाही करने वाले लोगों को परेशानी हो रही है।
दूसरी ओर, गंगा के किनारे कई स्थानों पर कटान की रफ्तार भी बढ़ गई है। लगातार बदल रहे जलस्तर और तेज बहाव के कारण नदी किनारे की मिट्टी खिसक रही है। तटीय इलाकों के ग्रामीण स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं और प्रशासन से कटान रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग कर रहे हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से गंगा के जलस्तर में लगातार हो रहे उतार-चढ़ाव के कारण स्थिति सामान्य नहीं हो पा रही है। जलस्तर में गिरावट के बावजूद नदी का स्वरूप अभी भी उफनती धारा जैसा दिखाई दे रहा है। ऐसे में लोग किसी भी संभावित बदलाव को लेकर सतर्क हैं।