दिल्ली के सत्य निकेतन में बहुमंजिला इमारत गिरी, राहत-बचाव अभियान जारी
नई दिल्ली, 7 सितंबर 2026। राजधानी दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में एक पुरानी बहुमंजिला इमारत के गिरने की घटना ने इलाके में चिंता बढ़ा दी। हादसा रविवार को हुआ, जिसके बाद पुलिस, दमकल विभाग और आपदा राहत दलों ने मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। इमारत में मुख्य रूप से छात्र और अन्य किरायेदार रह रहे थे। घटना के बाद आसपास के इलाके को सुरक्षा कारणों से घेर लिया गया और मलबे को हटाने का काम शुरू किया गया। पुरानी इमारत में चल रहा था निर्माण कार्य प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह इमारत काफी पुरानी थी और हाल के समय में इसमें कुछ निर्माण या मरम्मत का काम भी हुआ था। अधिकारियों ने इमारत की स्थिति और वहां किए गए निर्माण कार्यों की जांच शुरू कर दी है। हादसे के संभावित कारणों में इमारत की पुरानी संरचना, निर्माण गतिविधियां और बारिश के कारण पैदा हुई परिस्थितियों को भी देखा जा रहा है। दिल्ली में मानसून के दौरान पुरानी और कमजोर इमारतों को लेकर पहले से ही चिंता बनी रहती है। लगातार बारिश के कारण जमीन और इमारतों की संरचनाओं पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है। ऐसे में पुराने भवनों की नियमित जांच और सुरक्षा मानकों का पालन महत्वपूर्ण माना जाता है। बचाव दलों ने संभाला मोर्चा इमारत गिरने की सूचना मिलते ही दमकल विभाग, पुलिस और आपदा राहत दल मौके पर पहुंचे। बचावकर्मियों ने मलबे को सावधानी से हटाकर अंदर फंसे लोगों की तलाश की। राहत अभियान के दौरान कई लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया और जरूरत पड़ने पर घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया। घटना के बाद प्रशासन ने आसपास के भवनों और क्षेत्र की सुरक्षा को लेकर भी निरीक्षण शुरू किया। अधिकारियों का प्रयास रहा कि राहत कार्य के दौरान किसी अन्य व्यक्ति को खतरा न हो। प्रशासन ने जांच के दिए निर्देश हादसे के बाद दिल्ली सरकार और स्थानीय प्रशासन की ओर से भवन सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जा रही है। घटना ने राजधानी में पुराने मकानों, पीजी और छात्रावासों की सुरक्षा जांच को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। दिल्ली में बड़ी संख्या में छात्र और नौकरीपेशा लोग पीजी तथा किराये के भवनों में रहते हैं। ऐसे भवनों में पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था, संरचनात्मक मजबूती, आपातकालीन निकासी और अग्नि सुरक्षा जैसी व्यवस्थाओं का होना बेहद जरूरी है। घटना के बाद भवन मालिक की भूमिका और निर्माण से जुड़े नियमों के पालन की भी जांच की जा रही है। प्रशासन यह पता लगाने में जुटा है कि भवन में किए गए निर्माण के दौरान निर्धारित नियमों का पालन किया गया था या नहीं। पुरानी इमारतों की सुरक्षा फिर चर्चा में सत्य निकेतन की घटना ने दिल्ली में पुरानी इमारतों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर बहस तेज कर दी है। राजधानी के कई इलाकों में दशकों पुराने भवन मौजूद हैं, जिनमें बड़ी संख्या में लोग रहते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे भवनों की समय-समय पर संरचनात्मक जांच जरूरी है। खासकर छात्र और कामकाजी लोगों के रहने वाले पीजी तथा किराये के भवनों में सुरक्षा नियमों की नियमित जांच की आवश्यकता है। प्रशासन की ओर से भी भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए भवनों का सुरक्षा ऑडिट और आवश्यक कार्रवाई किए जाने पर जोर दिया जा रहा है। यह घटना दिल्ली में शहरी सुरक्षा और पुराने भवनों के रखरखाव से जुड़ी चुनौतियों को सामने लाती है। राहत अभियान के बाद प्रशासन की जांच से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि इमारत गिरने की वास्तविक वजह क्या थी और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए किन कदमों की जरूरत होगी।
What's Your Reaction?