भारत एथेनॉल नीति में बदलाव पर विचार कर रहा है
सरकार चीनी की उपलब्धता बढ़ाने और E20 लक्ष्य बनाए रखने के लिए नई रणनीति तैयार कर रही है भारत सरकार देश की एथेनॉल ब्लेंडिंग नीति में महत्वपूर्ण बदलाव पर विचार कर रही है। प्रस्तावित बदलाव का मुख्य उद्देश्य घरेलू बाजार में चीनी की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करना, बढ़ती चीनी कीमतों पर नियंत्रण रखना और साथ ही पेट्रोल में 20% एथेनॉल मिश्रण (E20) के राष्ट्रीय लक्ष्य को बनाए रखना है। कमजोर मानसून और गन्ना उत्पादन में संभावित गिरावट को देखते हुए सरकार नई नीति के तहत एथेनॉल उत्पादन के स्रोतों में बदलाव की तैयारी कर रही है।वर्तमान में भारत दुनिया के सबसे बड़े एथेनॉल उत्पादकों में शामिल है और 2025 में उसने तय समय से पहले E20 ब्लेंडिंग लक्ष्य हासिल कर लिया था। अब सरकार का फोकस केवल एथेनॉल की मात्रा बढ़ाने पर नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करने पर है कि ईंधन और खाद्य सुरक्षा के बीच संतुलन बना रहे। इसी कारण गन्ने के रस और अधिक चीनी वाले मोलासिस से बनने वाले एथेनॉल पर सीमाएं लगाने का प्रस्ताव सामने आया है।क्या बदल सकती है नीति? सरकार जिस प्रस्ताव पर विचार कर रही है, उसके अनुसार अगले एथेनॉल सप्लाई वर्ष से गन्ने के रस (Sugarcane Juice) और B-Heavy Molasses से एथेनॉल उत्पादन को सीमित किया जा सकता है। इसके बजाय एथेनॉल बनाने के लिए C-Heavy Molasses, मक्का और अतिरिक्त चावल जैसे वैकल्पिक कच्चे माल को प्राथमिकता दी जाएगी। C-Heavy Molasses वह उप-उत्पाद होता है जो अधिकांश चीनी निकालने के बाद बचता है, इसलिए इससे एथेनॉल बनाने पर चीनी उत्पादन पर अपेक्षाकृत कम असर पड़ता है।सरकार का मानना है कि यदि गन्ने का बड़ा हिस्सा पहले चीनी उत्पादन में इस्तेमाल किया जाए तो घरेलू बाजार में चीनी की कमी नहीं होगी और त्योहारों के मौसम में कीमतों को स्थिर रखा जा सकेगा। साथ ही, मक्का और चावल के पर्याप्त भंडार का उपयोग करके E20 कार्यक्रम भी जारी रखा जा सकता है।बदलाव की जरूरत क्यों पड़ी? महाराष्ट्र और कर्नाटक जैसे प्रमुख गन्ना उत्पादक राज्यों में इस वर्ष सामान्य से कम वर्षा दर्ज की गई है। इससे अगले सीजन में चीनी उत्पादन घटने की आशंका बढ़ गई है। दूसरी ओर, पिछले वर्ष लगभग 30 लाख टन चीनी एथेनॉल उत्पादन के लिए डायवर्ट की गई थी। यदि यही मात्रा चीनी के रूप में बाजार में उपलब्ध रहे तो संभावित कमी की भरपाई हो सकती है और आयात की आवश्यकता भी टल सकती है।
भारत एथेनॉल नीति में बदलाव पर विचार कर रहा है पर आधारित विस्तृत हिंदी समाचार। यह 12–15 अगस्त 2026 की प्रमुख आर्थिक/बिजनेस खबरों के लिए bulk upload demo content है।
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