जुलाई में भारत के सेवा क्षेत्र की रफ्तार 4 साल के निचले स्तर पर, मांग में कमजोरी से PMI घटा

ई दिल्ली, 5 अगस्त 2026: भारत के सेवा (Services) क्षेत्र की वृद्धि जुलाई 2026 में चार वर्षों से अधिक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई। S&P Global द्वारा जारी HSBC India Services PMI के अनुसार, नए ऑर्डर मिलने की गति धीमी हुई और मांग में कमी आने से सेवा क्षेत्र की गतिविधियों में नरमी देखने को मिली। रिपोर्ट के अनुसार, जुलाई में Services PMI घटकर 57.1 रह गया, जबकि जून में यह 60.4 था। हालांकि 50 से ऊपर का PMI अभी भी क्षेत्र में विस्तार (Expansion) को दर्शाता है, लेकिन जुलाई का आंकड़ा पिछले चार वर्षों में सबसे कमजोर वृद्धि का संकेत देता है। क्या होता है Services PMI? Purchasing Managers' Index (PMI) एक आर्थिक संकेतक है जो यह बताता है कि किसी देश के सेवा क्षेत्र में गतिविधियां बढ़ रही हैं या घट रही हैं। 50 से ऊपर का आंकड़ा विस्तार (Growth) दर्शाता है। 50 से नीचे का आंकड़ा गिरावट (Contraction) का संकेत देता है। इसलिए जुलाई का 57.1 का आंकड़ा यह बताता है कि सेवा क्षेत्र अभी भी बढ़ रहा है, लेकिन उसकी गति पहले की तुलना में काफी धीमी हो गई है। मांग में क्यों आई कमी? रिपोर्ट के अनुसार, घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों बाजारों से नए ऑर्डर मिलने की रफ्तार धीमी हुई है। कई कंपनियों ने ग्राहकों द्वारा खर्च में सावधानी बरतने और ऑर्डर टालने की बात कही है। यही कारण रहा कि सेवा क्षेत्र की वृद्धि जून के मुकाबले जुलाई में कमजोर पड़ी। किन क्षेत्रों पर पड़ सकता है असर? सेवा क्षेत्र में बैंकिंग, आईटी, पर्यटन, होटल, परिवहन, स्वास्थ्य सेवाएं, शिक्षा और प्रोफेशनल सर्विसेज जैसे कई उद्योग शामिल हैं। यदि मांग में सुस्ती लंबे समय तक बनी रहती है, तो इन क्षेत्रों की आय और रोजगार वृद्धि की रफ्तार भी प्रभावित हो सकती है। हालांकि फिलहाल PMI 50 से ऊपर है, इसलिए किसी गिरावट (Contraction) की स्थिति नहीं बनी है। रोजगार पर क्या असर? रिपोर्ट के अनुसार कंपनियों ने कर्मचारियों की भर्ती जारी रखी, लेकिन नई नियुक्तियों की गति भी पहले की तुलना में धीमी रही। कंपनियां भविष्य की मांग को लेकर सतर्क रुख अपनाए हुए हैं। अर्थव्यवस्था के लिए क्या संकेत? भारत की GDP में सेवा क्षेत्र का योगदान 50% से अधिक है। ऐसे में इस क्षेत्र की गति धीमी होना अर्थव्यवस्था के लिए एक महत्वपूर्ण संकेत माना जाता है। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि मजबूत घरेलू मांग, सरकारी खर्च और निवेश गतिविधियां आने वाले महीनों में सेवा क्षेत्र को फिर से गति दे सकती हैं। निष्कर्ष जुलाई 2026 में भारत का Services PMI 57.1 पर आ गया, जो चार साल से अधिक का सबसे निचला स्तर है। हालांकि PMI अभी भी 50 से ऊपर है, जिससे सेवा क्षेत्र में विस्तार जारी रहने का संकेत मिलता है, लेकिन मांग में कमजोरी के कारण वृद्धि की रफ्तार पहले की तुलना में धीमी पड़ गई है।

Aug 5, 2026 - 17:42
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