अफवाहों पर दिल्ली पुलिस का पूर्णविराम: प्रदर्शन में मौत के दावे खारिज, हिरासत में लिए गए सभी लोग रिहा
राजधानी दिल्ली में हाल ही में हुए विरोध-प्रदर्शन और पुलिस कार्रवाई को लेकर फैली भ्रम की स्थिति पर दिल्ली पुलिस और केंद्र सरकार ने स्थिति पूरी तरह साफ कर दी है। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा कारणों से प्रिवेंटिव डिटेंशन (रोकथाम हिरासत) में लिए गए सभी प्रदर्शनकारियों को रिहा कर दिया गया है। इसके साथ ही, सोशल मीडिया पर प्रदर्शन के दौरान किसी की मौत होने या भारी हिंसा के दावों को सिरे से खारिज करते हुए 'फेक न्यूज' करार दिया गया है। मौत और हिंसा के दावे पूरी तरह फर्जी: दिल्ली पुलिस व PIB Fact Check प्रदर्शन के बाद सोशल मीडिया पर एक लड़की की मौत होने और पेलेट गन के इस्तेमाल से दर्जनों लोगों के गंभीर रूप से घायल होने की खबरें वायरल होने लगी थीं। PIB Fact Check का बयान: सरकार की आधिकारिक तथ्य-जांच एजेंसी ने कहा कि प्रदर्शन में किसी भी मौत का दावा पूरी तरह झूठा, भ्रामक और मनगढ़ंत है। दिल्ली पुलिस की चेतावनी: पुलिस ने आधिकारिक 'Fake News Alert' जारी करते हुए कहा कि स्थिति को नियंत्रित करने के लिए केवल मानक प्रक्रियाओं का पालन किया गया था। पुलिस ने चेतावनी दी है कि माहौल खराब करने के उद्देश्य से अफवाह फैलाने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। हिरासत में लिए गए सभी प्रदर्शनकारी हुए रिहा दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिन नेताओं व प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया था, उन्हें कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद छोड़ दिया गया है। रिहाई की पुष्टि होने के बाद प्रदर्शनकारी संगठनों ने भी पुलिस मुख्यालय (PHQ) के बाहर प्रस्तावित अपना घेराव व धरना रद्द कर दिया है। सुरक्षा बल मुस्तैद, शांति बनाए रखने की अपील दिल्ली पुलिस ने बताया कि जंतर-मंतर और आसपास के संवेदनशील इलाकों में निषेधाज्ञा (धारा 163 BNSS) लागू थी। बैरिकेड्स तोड़ने और प्रतिबंधित क्षेत्र की ओर बढ़ने की कोशिश के दौरान हुई हल्की झड़प में कुछ पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं। पुलिस ने आम जनता से सोशल मीडिया पर चल रही बिना पुष्टि वाली खबरों पर विश्वास न करने और शांति बनाए रखने की अपील की है।
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