VDA और IIT BHU के बीच हुआ ऐतिहासिक समझौता, 115 कॉलेजों में छात्रों को सिखाया जाएगा 'शहरी नियोजन' का पाठ
वाराणसी विकास प्राधिकरण (VDA) और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (काशी हिंदू विश्वविद्यालय) यानी IIT BHU के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इस साझेदारी का मुख्य उद्देश्य काशी और आसपास के क्षेत्रों को सुव्यवस्थित, टिकाऊ (Sustainable) और आधुनिक मानकों के अनुरूप विकसित करना है। इस पहल के तहत क्षेत्र के 115 से अधिक कॉलेजों के युवाओं को शहरी नियोजन (Urban Planning) और स्मार्ट सिटी विकास से जोड़ा जाएगा। युवाओं को अर्बन प्लानिंग से जोड़ने की अनोखी पहल इस एमओयू के तहत VDA और IIT BHU मिलकर एक विशेष जागरूकता व प्रशिक्षण अभियान चलाएंगे। पूर्वांचल के लगभग 115 डिग्री और तकनीकी कॉलेजों में कार्यशालाओं (Workshops), सेमिनार और इंटरैक्टिव सत्रों का आयोजन किया जाएगा। छात्रों को मिलेगी व्यावहारिक सीख: छात्रों को केवल किताबी ज्ञान ही नहीं, बल्कि ट्रैफिक मैनेजमेंट, जीआईएस (GIS) मैपिंग, ग्रीन बिल्डिंग तकनीक और वेस्ट मैनेजमेंट जैसे व्यावहारिक विषयों की जानकारी दी जाएगी। भविष्य के प्लानर्स तैयार करना: इसका मकसद युवाओं में शहर के विकास के प्रति जिम्मेदारी का भाव जगाना और उन्हें अर्बन डेवलपमेंट के नए कॉन्सेप्ट्स से अवगत कराना है। काशी के विकास को मिलेगी नई गति VDA अधिकारियों के अनुसार, IIT BHU के विशेषज्ञ शोधकर्ताओं और प्रोफेसरों की तकनीकी दक्षता का उपयोग वाराणसी के मास्टर प्लान को बेहतर ढंग से लागू करने में किया जाएगा। प्रमुख बिंदु: स्मार्ट और टिकाऊ विकास: IIT BHU की तकनीकी टीम वाराणसी के बुनियादी ढांचे (Infrastructure) को मजबूत और पर्यावरण के अनुकूल बनाने में VDA का मार्गदर्शन करेगी। इंटर्नशिप के अवसर: इस पहल के तहत चुनिंदा मेधावी छात्रों को VDA की लाइव अर्बन प्लानिंग परियोजनाओं में इंटर्नशिप और काम करने का मौका भी मिल सकता है।
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