OneTag सुविधा शुरू, अब FASTag बदले बिना बदल सकेंगे जारीकर्ता बैंक
FASTag भारत के राष्ट्रीय राजमार्गों पर इलेक्ट्रॉनिक टोल भुगतान की व्यवस्था है। अब तक यदि किसी वाहन मालिक को FASTag का जारीकर्ता बैंक बदलना होता था, तो कई मामलों में नया FASTag लेना पड़ता था। OneTag सुविधा इस प्रक्रिया को अधिक पोर्टेबल बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई है। NHAI के अनुसार, OneTag के जरिए उपयोगकर्ता अपने वाहन पर पहले से लगे FASTag को बरकरार रखते हुए दूसरे जारीकर्ता के पास पोर्ट कर सकता है। यानी बैंक बदलने के लिए वाहन की विंडस्क्रीन पर लगा भौतिक FASTag बदलना जरूरी नहीं होगा। इससे FASTag प्रबंधन से जुड़ी प्रक्रिया सरल होने की उम्मीद है। यह सुविधा Rajmargyatra ऐप के माध्यम से उपलब्ध कराई गई है। ऐप उपयोगकर्ता को FASTag पोर्टेबिलिटी की प्रक्रिया में मार्गदर्शन करता है। उपयोगकर्ता को उपलब्ध विकल्पों के अनुसार अपने वाहन और मौजूदा FASTag से संबंधित जानकारी देकर पोर्टेबिलिटी प्रक्रिया पूरी करनी होगी। OneTag की खासियत यह है कि इसमें FASTag की भौतिक पहचान को बनाए रखते हुए जारीकर्ता बदलने की सुविधा दी गई है। इससे उन वाहन मालिकों के लिए प्रक्रिया आसान हो सकती है जो किसी दूसरे बैंक की FASTag सेवा का इस्तेमाल करना चाहते हैं, लेकिन वाहन पर लगा मौजूदा टैग हटाना नहीं चाहते। NHAI ने Rajmargyatra ऐप में FASTag से जुड़ी अन्य सेवाएं भी उपलब्ध कराई हैं। इनमें FASTag Annual Pass, FASTag Local Pass और राष्ट्रीय राजमार्ग आपातकालीन हेल्पलाइन 1033 जैसी सुविधाएं शामिल हैं। OneTag सुविधा को FASTag व्यवस्था में उपयोगकर्ता की पसंद और पोर्टेबिलिटी बढ़ाने की दिशा में एक कदम माना जा रहा है। हालांकि, बैंक बदलने की प्रक्रिया में संबंधित जारीकर्ता और ऐप द्वारा मांगी गई पात्रता, सत्यापन तथा KYC संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करना होगा। नई सुविधा के बाद FASTag उपयोगकर्ताओं को बैंक बदलने के लिए हर बार नया भौतिक टैग लेने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इससे टैग बदलने से जुड़ी प्रक्रिया और वाहन पर नए टैग लगाने की आवश्यकता कम हो सकती है।
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