केंद्रीय कैबिनेट ने PM-KISAN योजना को 2031 तक बढ़ाने को दी मंजूरी, ₹3.16 लाख करोड़ होंगे खर्च
नई दिल्ली, 31 जुलाई 2026: केंद्र सरकार ने देश के करोड़ों किसानों के लिए एक बड़ा फैसला लेते हुए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-KISAN) योजना को अगले पांच वर्षों तक जारी रखने की मंजूरी दे दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में इस योजना को वित्त वर्ष 2027 से 2031 तक बढ़ाने का निर्णय लिया गया। इस अवधि के लिए सरकार ने ₹3.16 लाख करोड़ के बजट को मंजूरी दी है। सरकार का कहना है कि इस फैसले का उद्देश्य किसानों की आय को स्थिर समर्थन देना, कृषि निवेश को बढ़ावा देना और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है। PM-KISAN देश की सबसे बड़ी प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) योजनाओं में से एक है, जिसके तहत पात्र किसान परिवारों के बैंक खातों में सीधे आर्थिक सहायता भेजी जाती है। क्या है PM-KISAN योजना? प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की शुरुआत फरवरी 2019 में की गई थी। इस योजना के तहत पात्र किसान परिवारों को हर वर्ष ₹6,000 की आर्थिक सहायता दी जाती है। यह राशि ₹2,000 की तीन समान किस्तों में सीधे किसानों के बैंक खातों में भेजी जाती है। योजना का मुख्य उद्देश्य छोटे और सीमांत किसानों को खेती से जुड़े खर्चों में सहायता प्रदान करना और उन्हें साहूकारों या अनौपचारिक ऋण पर निर्भरता से बचाना है। ₹3.16 लाख करोड़ की मंजूरी कैबिनेट ने योजना को अगले पांच वर्षों तक जारी रखने के लिए ₹3.16 ट्रिलियन (₹3.16 लाख करोड़) की स्वीकृति दी है। यह राशि वित्त वर्ष 2027 से 2031 के दौरान किसानों को सहायता राशि देने के लिए उपयोग की जाएगी। सरकार के अनुसार, यह निर्णय कृषि क्षेत्र में स्थिरता बनाए रखने और ग्रामीण क्षेत्रों में नकदी प्रवाह (Cash Flow) बढ़ाने के उद्देश्य से लिया गया है। अब तक कितने किसानों को मिला लाभ? सरकारी आंकड़ों के अनुसार, योजना शुरू होने के बाद से अब तक 4.47 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि किसानों के खातों में सीधे ट्रांसफर की जा चुकी है। अब तक 23 किस्तों के माध्यम से 9.49 करोड़ से अधिक किसानों को लाभ मिला है। सबसे हालिया किस्त में लगभग ₹18,984 करोड़ सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजे गए। महिला किसानों को भी बड़ा लाभ सरकार ने बताया कि इस योजना का लाभ बड़ी संख्या में महिला किसानों तक भी पहुंचा है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, अब तक ₹1.06 लाख करोड़ से अधिक की राशि महिला लाभार्थियों के खातों में ट्रांसफर की जा चुकी है। महिला किसान कुल लाभार्थियों का लगभग एक-चौथाई हिस्सा हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि महिलाओं के बैंक खातों में सीधे सहायता पहुंचने से ग्रामीण परिवारों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने में भी मदद मिली है। किसानों पर क्या होगा असर? योजना के विस्तार से किसानों को अगले पांच वर्षों तक नियमित आर्थिक सहायता मिलती रहेगी। खेती के लिए बीज, उर्वरक, कीटनाशक और अन्य कृषि सामग्री खरीदने में यह राशि उपयोगी साबित हो सकती है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि यद्यपि ₹6,000 वार्षिक सहायता खेती की पूरी लागत को पूरा नहीं करती, लेकिन यह छोटे और सीमांत किसानों के लिए एक महत्वपूर्ण अतिरिक्त आर्थिक सहयोग है। सरकार का उद्देश्य सरकार का कहना है कि PM-KISAN केवल एक सहायता योजना नहीं बल्कि किसानों की आय बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है। प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) प्रणाली के माध्यम से राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी जाती है, जिससे पारदर्शिता बढ़ती है और बिचौलियों की भूमिका समाप्त होती है। निष्कर्ष 31 जुलाई 2026 को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने PM-KISAN योजना को 2031 तक बढ़ाने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया। इसके लिए ₹3.16 लाख करोड़ की मंजूरी दी गई है। इस फैसले से करोड़ों किसानों को अगले पांच वर्षों तक ₹6,000 वार्षिक सहायता मिलती रहेगी, जिससे कृषि निवेश और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को समर्थन मिलने की उम्मीद है।
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