कानपुर में फर्जी प्लॉट सौदे में 12 पर केस:केडीए के नकली आवंटन पत्र से 18 लाख की ठगी का आरोप

कानपुर के कल्याणपुर में जमीन की खरीद-फरोख्त के नाम पर बड़ी धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। केडीए के कथित फर्जी आवंटन पत्र, नकली स्टांप पेपर और जाली दस्तावेजों के जरिए प्लॉट का सौदा कर 18 लाख रुपये की ठगी करने के आरोप में पुलिस ने दंपति समेत 12 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस आयुक्त के निर्देश पर कल्याणपुर पुलिस ने धोखाधड़ी, जालसाजी, कूटरचना, आपराधिक षड्यंत्र और जान से मारने की धमकी सहित गंभीर धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। केडीए का आवंटित प्लॉट बताकर बेचने का प्रस्ताव दिया कल्याणपुर के इंद्रानगर निवासी विष्णु प्रसाद दुबे ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि गौरव शुक्ला और उसकी पत्नी जागृति शुक्ला ने उन्हें प्लॉट संख्या सी-1/173 को केडीए का आवंटित प्लॉट बताकर बेचने का प्रस्ताव दिया। भरोसा दिलाने के लिए उन्हें केडीए का कथित आवंटन पत्र और अन्य दस्तावेज दिखाए गए। सौदा तय होने पर आरोपियों ने सबसे पहले एक लाख रुपये बयाने के रूप में ले लिए। पीड़ित के अनुसार बाद में उन्हें ग्वालटोली स्थित आवास पर बुलाया गया, जहां प्रमोद शुक्ला, रमन जोशी और आशुतोष मिश्रा भी मौजूद थे। वहां उनसे डेढ़ लाख रुपये और ले लिए गए। इसके बाद विजयनगर स्थित अधिवक्ता रमाथ्र के आवास पर बुलाकर सीमा श्रीवास्तव, रुचि श्रीवास्तव, प्रशांत श्रीवास्तव और सुमित श्रीवास्तव को प्लॉट का वास्तविक स्वामी बताकर परिचय कराया गया। आरोप है कि इसी दौरान जागृति शुक्ला की मां रमा जोशी ने पूरी धनराशि बैंक खातों में ट्रांसफर करने के लिए कहा। पीड़ित ने पांच लाख रुपये जागृति शुक्ला के खाते में तथा करीब दस लाख रुपये सीमा श्रीवास्तव के खाते में अलग-अलग किस्तों में ऑनलाइन भेज दिए। अन्य भुगतान मिलाकर आरोपियों को कुल 18 लाख रुपये दिए गए। पूरी रकम मिलने के बाद एक एग्रीमेंट तैयार कर पीड़ित को सौंप दिया गया। कब्जा लेने पहुंचे तो खुली फर्जीवाड़े की पोल पीड़ित जब प्लॉट पर कब्जा लेने पहुंचे तो उन्हें एग्रीमेंट और दस्तावेजों पर संदेह हुआ। जांच कराने पर पता चला कि एग्रीमेंट नकली स्टांप पेपर पर तैयार किया गया था। इसके साथ लगाए गए केडीए के कथित आवंटन पत्र और अन्य दस्तावेज भी फर्जी निकले। इसके बाद उन्होंने आरोपियों से अपने रुपये वापस मांगे, लेकिन उन्हें लगातार टालमटोल किया जाता रहा। पीड़ित का आरोप है कि बाद में अधिवक्ता रमाथ्र के माध्यम से दो लाख रुपये तथा हिरदेश सिंह की ओर से 80 हजार रुपये का चेक दिया गया, लेकिन पूरी रकम वापस नहीं की गई। जब उन्होंने पुलिस में शिकायत करने की बात कही तो आरोपियों ने पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी दी। दंपति समेत 12 नामजद, पुलिस ने शुरू की जांच डीसीपी पश्चिम एस.एम. कासिम आबिदी ने बताया कि मामले में गौरव शुक्ला, जागृति शुक्ला, प्रमोद शुक्ला, रमन जोशी, आशुतोष मिश्रा, सीमा श्रीवास्तव, रुचि श्रीवास्तव, प्रशांत श्रीवास्तव, सुमित श्रीवास्तव, रमा जोशी, अधिवक्ता रमाथ्र और हिरदेश सिंह के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस पूरे प्रकरण की जांच कर रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

Jul 18, 2026 - 13:53
 0  0
कानपुर में फर्जी प्लॉट सौदे में 12 पर केस:केडीए के नकली आवंटन पत्र से 18 लाख की ठगी का आरोप
कानपुर के कल्याणपुर में जमीन की खरीद-फरोख्त के नाम पर बड़ी धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। केडीए के कथित फर्जी आवंटन पत्र, नकली स्टांप पेपर और जाली दस्तावेजों के जरिए प्लॉट का सौदा कर 18 लाख रुपये की ठगी करने के आरोप में पुलिस ने दंपति समेत 12 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस आयुक्त के निर्देश पर कल्याणपुर पुलिस ने धोखाधड़ी, जालसाजी, कूटरचना, आपराधिक षड्यंत्र और जान से मारने की धमकी सहित गंभीर धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। केडीए का आवंटित प्लॉट बताकर बेचने का प्रस्ताव दिया कल्याणपुर के इंद्रानगर निवासी विष्णु प्रसाद दुबे ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि गौरव शुक्ला और उसकी पत्नी जागृति शुक्ला ने उन्हें प्लॉट संख्या सी-1/173 को केडीए का आवंटित प्लॉट बताकर बेचने का प्रस्ताव दिया। भरोसा दिलाने के लिए उन्हें केडीए का कथित आवंटन पत्र और अन्य दस्तावेज दिखाए गए। सौदा तय होने पर आरोपियों ने सबसे पहले एक लाख रुपये बयाने के रूप में ले लिए। पीड़ित के अनुसार बाद में उन्हें ग्वालटोली स्थित आवास पर बुलाया गया, जहां प्रमोद शुक्ला, रमन जोशी और आशुतोष मिश्रा भी मौजूद थे। वहां उनसे डेढ़ लाख रुपये और ले लिए गए। इसके बाद विजयनगर स्थित अधिवक्ता रमाथ्र के आवास पर बुलाकर सीमा श्रीवास्तव, रुचि श्रीवास्तव, प्रशांत श्रीवास्तव और सुमित श्रीवास्तव को प्लॉट का वास्तविक स्वामी बताकर परिचय कराया गया। आरोप है कि इसी दौरान जागृति शुक्ला की मां रमा जोशी ने पूरी धनराशि बैंक खातों में ट्रांसफर करने के लिए कहा। पीड़ित ने पांच लाख रुपये जागृति शुक्ला के खाते में तथा करीब दस लाख रुपये सीमा श्रीवास्तव के खाते में अलग-अलग किस्तों में ऑनलाइन भेज दिए। अन्य भुगतान मिलाकर आरोपियों को कुल 18 लाख रुपये दिए गए। पूरी रकम मिलने के बाद एक एग्रीमेंट तैयार कर पीड़ित को सौंप दिया गया। कब्जा लेने पहुंचे तो खुली फर्जीवाड़े की पोल पीड़ित जब प्लॉट पर कब्जा लेने पहुंचे तो उन्हें एग्रीमेंट और दस्तावेजों पर संदेह हुआ। जांच कराने पर पता चला कि एग्रीमेंट नकली स्टांप पेपर पर तैयार किया गया था। इसके साथ लगाए गए केडीए के कथित आवंटन पत्र और अन्य दस्तावेज भी फर्जी निकले। इसके बाद उन्होंने आरोपियों से अपने रुपये वापस मांगे, लेकिन उन्हें लगातार टालमटोल किया जाता रहा। पीड़ित का आरोप है कि बाद में अधिवक्ता रमाथ्र के माध्यम से दो लाख रुपये तथा हिरदेश सिंह की ओर से 80 हजार रुपये का चेक दिया गया, लेकिन पूरी रकम वापस नहीं की गई। जब उन्होंने पुलिस में शिकायत करने की बात कही तो आरोपियों ने पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी दी। दंपति समेत 12 नामजद, पुलिस ने शुरू की जांच डीसीपी पश्चिम एस.एम. कासिम आबिदी ने बताया कि मामले में गौरव शुक्ला, जागृति शुक्ला, प्रमोद शुक्ला, रमन जोशी, आशुतोष मिश्रा, सीमा श्रीवास्तव, रुचि श्रीवास्तव, प्रशांत श्रीवास्तव, सुमित श्रीवास्तव, रमा जोशी, अधिवक्ता रमाथ्र और हिरदेश सिंह के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस पूरे प्रकरण की जांच कर रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow