किशोर को सांप ने डसा, इलाज के दौरान मौत:परिजन झाड़-फूंक के लिए ले गए दतिया, नहीं बचा सके जान
अछल्दा थाना क्षेत्र के ग्राम लिधौरा में 13 वर्षीय अंश शाक्य की सर्पदंश से मौत हो गई। शुक्रवार सुबह हुई इस घटना के बाद परिजन उसे इलाज के लिए अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद पारिजन झाड़ फूँक के चक्कर में फंस गए। झाड़ फूँक के बाद परिजन शनिवार सुबह 11 बजे शव गांव लाए। जानकारी के अनुसार, शुक्रवार सुबह करीब आठ बजे अंश अपने घर के बाहर मोबाइल चला रहा था। इसी दौरान एक जहरीले सर्प ने उसके पैर में काट लिया। सर्पदंश के बावजूद वह अपनी मां और दादी के साथ धान की रोपाई के लिए खेत चला गया। करीब दो-तीन घंटे बाद खेत से लौटने पर अंश को चक्कर आने लगे। उसने अपनी मां स्वाति और दादी को सर्पदंश की जानकारी दी। इसके बाद परिजन उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अछल्दा ले गए। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉ. ललित मोहन ने अंश को प्राथमिक उपचार दिया, लेकिन उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे मेडिकल कॉलेज चिचौली रेफर कर दिया। मेडिकल कॉलेज में उपचार के दौरान चिकित्सकों ने अंश को मृत घोषित कर दिया।
चिकित्सकों द्वारा मृत घोषित किए जाने के बावजूद, परिजन इस बात को स्वीकार नहीं कर सके। अंधविश्वास के चलते वे किशोर को झाड़-फूंक के लिए पहले जसवंतनगर, इटावा ले गए और फिर मध्य प्रदेश के रत्नगढ़ देवी मंदिर पहुंचे। रत्नगढ़ देवी मंदिर में करीब दो घंटे तक झाड़-फूंक की गई, लेकिन कोई लाभ नहीं हुआ और परिजन खाली हाथ घर लौट आए। इस बीच, मौत की सूचना मिलने के बाद परिजनों ने एक सपेरे को बुलाकर घटनास्थल पर सर्प की तलाश कराई। करीब 20 मिनट की खोजबीन के बाद सपेरे ने सर्प को पकड़कर एक डिब्बे में बंद कर दिया। मृतक अंश के पिता नीलेश शाक्य अहमदाबाद में मजदूरी करते हैं। अंश अपने दो भाइयों में बड़ा था। उसकी असमय मौत से परिवार में गहरा सदमा है और पूरे गांव में शोक का माहौल है।
अछल्दा थाना क्षेत्र के ग्राम लिधौरा में 13 वर्षीय अंश शाक्य की सर्पदंश से मौत हो गई। शुक्रवार सुबह हुई इस घटना के बाद परिजन उसे इलाज के लिए अस्पताल ले गए, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद पारिजन झाड़ फूँक के चक्कर में फंस गए। झाड़ फूँक के बाद परिजन शनिवार सुबह 11 बजे शव गांव लाए। जानकारी के अनुसार, शुक्रवार सुबह करीब आठ बजे अंश अपने घर के बाहर मोबाइल चला रहा था। इसी दौरान एक जहरीले सर्प ने उसके पैर में काट लिया। सर्पदंश के बावजूद वह अपनी मां और दादी के साथ धान की रोपाई के लिए खेत चला गया। करीब दो-तीन घंटे बाद खेत से लौटने पर अंश को चक्कर आने लगे। उसने अपनी मां स्वाति और दादी को सर्पदंश की जानकारी दी। इसके बाद परिजन उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अछल्दा ले गए। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉ. ललित मोहन ने अंश को प्राथमिक उपचार दिया, लेकिन उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे मेडिकल कॉलेज चिचौली रेफर कर दिया। मेडिकल कॉलेज में उपचार के दौरान चिकित्सकों ने अंश को मृत घोषित कर दिया।
चिकित्सकों द्वारा मृत घोषित किए जाने के बावजूद, परिजन इस बात को स्वीकार नहीं कर सके। अंधविश्वास के चलते वे किशोर को झाड़-फूंक के लिए पहले जसवंतनगर, इटावा ले गए और फिर मध्य प्रदेश के रत्नगढ़ देवी मंदिर पहुंचे। रत्नगढ़ देवी मंदिर में करीब दो घंटे तक झाड़-फूंक की गई, लेकिन कोई लाभ नहीं हुआ और परिजन खाली हाथ घर लौट आए। इस बीच, मौत की सूचना मिलने के बाद परिजनों ने एक सपेरे को बुलाकर घटनास्थल पर सर्प की तलाश कराई। करीब 20 मिनट की खोजबीन के बाद सपेरे ने सर्प को पकड़कर एक डिब्बे में बंद कर दिया। मृतक अंश के पिता नीलेश शाक्य अहमदाबाद में मजदूरी करते हैं। अंश अपने दो भाइयों में बड़ा था। उसकी असमय मौत से परिवार में गहरा सदमा है और पूरे गांव में शोक का माहौल है।