गोखपुर के राप्ती कॉम्प्लेक्स में बारिश बनी आफत:नाला टूटते ही 200 दुकानों में घुसा गंदा पानी, करोड़ों का हुआ नुकसान
गोरखपुर में लगातार हुई मूसलाधार बारिश ने शनिवार को शहर के सबसे बड़े व्यावसायिक केंद्रों में शामिल राप्ती कॉम्प्लेक्स के व्यापारियों की वर्षों की मेहनत पर पानी फेर दिया। देर रात कॉम्प्लेक्स के सामने बना नाला अचानक टूट गया, जिसके बाद तेज बहाव के साथ गंदा पानी ग्राउंड फ्लोर की सभी करीब 200 दुकानों और गोदामों में घुस गया। कुछ ही देर में पूरा ग्राउंड फ्लोर कई फीट पानी में डूब गया। दुकानों में रखा कपड़ा, गिफ्ट आइटम, ज्वेलरी, इलेक्ट्रॉनिक सामान, फर्नीचर, स्टेशनरी सहित लाखों नहीं बल्कि करोड़ों रुपये का सामान पानी में डूबकर खराब हो गया। सुबह तक पूरा कॉम्प्लेक्स जलमग्न रहा और व्यापारियों में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। 200 दुकानें पानी में डूबी राप्ती कॉम्प्लेक्स दो मंजिला व्यावसायिक परिसर है, जहां करीब 400 दुकानें और गोदाम संचालित हैं। हादसे का सबसे ज्यादा असर ग्राउंड फ्लोर पर पड़ा, जहां मौजूद सभी दुकानों में गंदा पानी भर गया। कई दुकानों के शटर खोलते ही अंदर पानी ही पानी दिखाई दिया। कहीं कपड़े पानी में तैर रहे थे तो कहीं गिफ्ट आइटम और लकड़ी के सामान पूरी तरह भीग चुके थे। कई व्यापारी सुबह से ही कमर तक गंदे पानी में उतरकर अपनी दुकानों से सामान निकालते नजर आए। पूरे दिन व्यापार ठप रहा और कॉम्प्लेक्स में केवल नुकसान का मंजर दिखाई देता रहा। नाले में कचरा बना तबाही की सबसे बड़ी वजह दुकानदारों का कहना है कि यह केवल प्राकृतिक आपदा नहीं बल्कि नगर निगम की लापरवाही का नतीजा है। उनका आरोप है कि कॉम्प्लेक्स के सामने बना नाला लंबे समय से कूड़े-कचरे से पटा हुआ था। सड़क किनारे लगने वाले सब्जी, फल और अन्य ठेला संचालक रोजाना अपना कचरा उसी नाले में फेंक देते हैं। नियमित सफाई नहीं होने से नाले में कई जगह पानी का निकास पूरी तरह बाधित हो गया था। लगातार बारिश के दौरान जब पानी का दबाव बढ़ा तो नाला टूट गया और उसका पूरा पानी सीधे कॉम्प्लेक्स के अंदर घुस गया। व्यापारियों का कहना है कि यदि समय रहते नाले की सफाई कर दी जाती और कचरा हटाया जाता तो शायद यह हादसा नहीं होता। उनका आरोप है कि इस समस्या की जानकारी नगर निगम को पहले से थी, लेकिन कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया। कई बार शिकायत के बावजूद नहीं हुई कार्रवाई राप्ती कॉम्प्लेक्स व्यापार समिति के अध्यक्ष विनोद प्रताप गोविंद राव ने बताया कि कॉम्प्लेक्स के सामने बने नाले का निकास काफी समय से प्रभावित था। नाले में जमा कचरे के कारण पानी आगे नहीं बढ़ पा रहा था। लगातार बारिश के दौरान पानी का दबाव इतना बढ़ गया कि नाला टूट गया और पूरा पानी कॉम्प्लेक्स में भर गया। उन्होंने कहा कि इस समस्या को लेकर कई बार नगर निगम के अधिकारियों से शिकायत की गई थी और स्थायी समाधान की मांग भी की गई थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। अगर समय रहते नाले की सफाई और मरम्मत कर दी जाती तो आज व्यापारियों को करोड़ों रुपये का नुकसान नहीं उठाना पड़ता। राखी के लिए आया नया स्टॉक भी नहीं बच पाया कपड़ा व्यापारी अभिषेक गुप्ता ने बताया कि रक्षाबंधन का त्योहार नजदीक होने के कारण उन्होंने दो दिन पहले ही 75 हजार रुपये से अधिक का नया स्टॉक मंगाया था। बारिश की संभावना को देखते हुए उन्होंने अधिकांश सामान ऊंचाई पर रखवा दिया था ताकि यदि थोड़ा बहुत पानी भर भी जाए तो नुकसान न हो। लेकिन इस बार पानी इतनी तेजी और इतनी ऊंचाई तक भर गया कि पूरा नया स्टॉक भी भीगकर खराब हो गया। उन्होंने कहा कि त्योहारी सीजन से पहले हुआ यह नुकसान उनके कारोबार पर सीधा असर डालेगा और इसकी भरपाई कर पाना आसान नहीं होगा। पेंटिंग, फ्रेम और इलेक्ट्रॉनिक गिफ्ट आइटम हुए खराब गिफ्ट शॉप संचालक राज उत्सव ने बताया कि उनकी दुकान में महंगी पेंटिंग, लकड़ी के फ्रेम और इलेक्ट्रॉनिक गिफ्ट आइटम रखे थे। पानी भरने से पेंटिंग पूरी तरह खराब हो गईं। लकड़ी के फ्रेम पानी में भीगकर फूल गए, जबकि इलेक्ट्रॉनिक सामान भी खराब हो गया। उन्होंने गंदे पानी में उतरकर किसी तरह बचा हुआ सामान बाहर निकाला। राज उत्सव के अनुसार उनकी दुकान में ही करीब 60 से 65 हजार रुपये का नुकसान हुआ है। उनका कहना है कि त्योहारी सीजन से पहले हुआ यह नुकसान छोटे व्यापारियों के लिए किसी बड़े झटके से कम नहीं है। इस बार हालात सबसे ज्यादा खराब श्याम कलेक्शन के संचालक दुर्गेश कश्यप ने बताया कि हर वर्ष भारी बारिश के दौरान कॉम्प्लेक्स में पानी भरने की समस्या रहती है, लेकिन इस बार नाला टूटने के कारण स्थिति पूरी तरह बेकाबू हो गई। कुछ ही मिनटों में पूरी दुकान पानी में डूब गई। उन्होंने कहा कि इस समस्या को लेकर कई बार नगर निगम के अधिकारियों और मेयर से मुलाकात कर शिकायत की गई, लेकिन कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया। यदि पहले ही उचित व्यवस्था कर दी जाती तो व्यापारियों को इतनी बड़ी आर्थिक क्षति नहीं झेलनी पड़ती। गंदे पानी में उतरकर बचाया ज्वेलरी का सामान ज्वेलरी व्यापारी हरिओम वर्मा ने बताया कि देर रात उन्हें सूचना मिली कि नाला टूट गया है और तेजी से उनकी दुकान में पानी भर रहा है। सूचना मिलते ही वह घर से तुरंत कॉम्प्लेक्स पहुंचे। वहां पहुंचने पर दुकान के अंदर गंदा पानी भरा हुआ था। उन्होंने कर्मचारियों के साथ मिलकर पानी में उतरकर अपनी दुकान का कीमती सामान बाहर निकाला। उन्होंने कहा कि यदि थोड़ी भी देर हो जाती तो नुकसान और अधिक हो सकता था। नगर निगम ने शुरू कराया पानी निकासी का काम घटना की सूचना मिलने के बाद नगर निगम की टीम मौके पर पहुंची और मोटर लगाकर पानी निकालने का काम शुरू किया। कर्मचारियों ने बताया कि कॉम्प्लेक्स में भरे पानी को पूरी तरह निकालने में करीब छह से सात घंटे का समय लग सकता है। साथ ही नाले में जमा कचरे को हटाने का काम भी शुरू कराया गया। पूरे दिन बंद रहा राप्ती कॉम्प्लेक्स पानी भरने के कारण शनिवार को पूरा राप्ती कॉम्प्लेक्स बंद रहा। किसी भी दुकान पर कारोबार नहीं हो सका। व्यापारी अपनी दुकानों के बाहर खड़े होकर पानी निकलने का इंतजार करते रहे, जब
गोरखपुर में लगातार हुई मूसलाधार बारिश ने शनिवार को शहर के सबसे बड़े व्यावसायिक केंद्रों में शामिल राप्ती कॉम्प्लेक्स के व्यापारियों की वर्षों की मेहनत पर पानी फेर दिया। देर रात कॉम्प्लेक्स के सामने बना नाला अचानक टूट गया, जिसके बाद तेज बहाव के साथ गंदा पानी ग्राउंड फ्लोर की सभी करीब 200 दुकानों और गोदामों में घुस गया। कुछ ही देर में पूरा ग्राउंड फ्लोर कई फीट पानी में डूब गया। दुकानों में रखा कपड़ा, गिफ्ट आइटम, ज्वेलरी, इलेक्ट्रॉनिक सामान, फर्नीचर, स्टेशनरी सहित लाखों नहीं बल्कि करोड़ों रुपये का सामान पानी में डूबकर खराब हो गया। सुबह तक पूरा कॉम्प्लेक्स जलमग्न रहा और व्यापारियों में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। 200 दुकानें पानी में डूबी राप्ती कॉम्प्लेक्स दो मंजिला व्यावसायिक परिसर है, जहां करीब 400 दुकानें और गोदाम संचालित हैं। हादसे का सबसे ज्यादा असर ग्राउंड फ्लोर पर पड़ा, जहां मौजूद सभी दुकानों में गंदा पानी भर गया। कई दुकानों के शटर खोलते ही अंदर पानी ही पानी दिखाई दिया। कहीं कपड़े पानी में तैर रहे थे तो कहीं गिफ्ट आइटम और लकड़ी के सामान पूरी तरह भीग चुके थे। कई व्यापारी सुबह से ही कमर तक गंदे पानी में उतरकर अपनी दुकानों से सामान निकालते नजर आए। पूरे दिन व्यापार ठप रहा और कॉम्प्लेक्स में केवल नुकसान का मंजर दिखाई देता रहा। नाले में कचरा बना तबाही की सबसे बड़ी वजह दुकानदारों का कहना है कि यह केवल प्राकृतिक आपदा नहीं बल्कि नगर निगम की लापरवाही का नतीजा है। उनका आरोप है कि कॉम्प्लेक्स के सामने बना नाला लंबे समय से कूड़े-कचरे से पटा हुआ था। सड़क किनारे लगने वाले सब्जी, फल और अन्य ठेला संचालक रोजाना अपना कचरा उसी नाले में फेंक देते हैं। नियमित सफाई नहीं होने से नाले में कई जगह पानी का निकास पूरी तरह बाधित हो गया था। लगातार बारिश के दौरान जब पानी का दबाव बढ़ा तो नाला टूट गया और उसका पूरा पानी सीधे कॉम्प्लेक्स के अंदर घुस गया। व्यापारियों का कहना है कि यदि समय रहते नाले की सफाई कर दी जाती और कचरा हटाया जाता तो शायद यह हादसा नहीं होता। उनका आरोप है कि इस समस्या की जानकारी नगर निगम को पहले से थी, लेकिन कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया। कई बार शिकायत के बावजूद नहीं हुई कार्रवाई राप्ती कॉम्प्लेक्स व्यापार समिति के अध्यक्ष विनोद प्रताप गोविंद राव ने बताया कि कॉम्प्लेक्स के सामने बने नाले का निकास काफी समय से प्रभावित था। नाले में जमा कचरे के कारण पानी आगे नहीं बढ़ पा रहा था। लगातार बारिश के दौरान पानी का दबाव इतना बढ़ गया कि नाला टूट गया और पूरा पानी कॉम्प्लेक्स में भर गया। उन्होंने कहा कि इस समस्या को लेकर कई बार नगर निगम के अधिकारियों से शिकायत की गई थी और स्थायी समाधान की मांग भी की गई थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। अगर समय रहते नाले की सफाई और मरम्मत कर दी जाती तो आज व्यापारियों को करोड़ों रुपये का नुकसान नहीं उठाना पड़ता। राखी के लिए आया नया स्टॉक भी नहीं बच पाया कपड़ा व्यापारी अभिषेक गुप्ता ने बताया कि रक्षाबंधन का त्योहार नजदीक होने के कारण उन्होंने दो दिन पहले ही 75 हजार रुपये से अधिक का नया स्टॉक मंगाया था। बारिश की संभावना को देखते हुए उन्होंने अधिकांश सामान ऊंचाई पर रखवा दिया था ताकि यदि थोड़ा बहुत पानी भर भी जाए तो नुकसान न हो। लेकिन इस बार पानी इतनी तेजी और इतनी ऊंचाई तक भर गया कि पूरा नया स्टॉक भी भीगकर खराब हो गया। उन्होंने कहा कि त्योहारी सीजन से पहले हुआ यह नुकसान उनके कारोबार पर सीधा असर डालेगा और इसकी भरपाई कर पाना आसान नहीं होगा। पेंटिंग, फ्रेम और इलेक्ट्रॉनिक गिफ्ट आइटम हुए खराब गिफ्ट शॉप संचालक राज उत्सव ने बताया कि उनकी दुकान में महंगी पेंटिंग, लकड़ी के फ्रेम और इलेक्ट्रॉनिक गिफ्ट आइटम रखे थे। पानी भरने से पेंटिंग पूरी तरह खराब हो गईं। लकड़ी के फ्रेम पानी में भीगकर फूल गए, जबकि इलेक्ट्रॉनिक सामान भी खराब हो गया। उन्होंने गंदे पानी में उतरकर किसी तरह बचा हुआ सामान बाहर निकाला। राज उत्सव के अनुसार उनकी दुकान में ही करीब 60 से 65 हजार रुपये का नुकसान हुआ है। उनका कहना है कि त्योहारी सीजन से पहले हुआ यह नुकसान छोटे व्यापारियों के लिए किसी बड़े झटके से कम नहीं है। इस बार हालात सबसे ज्यादा खराब श्याम कलेक्शन के संचालक दुर्गेश कश्यप ने बताया कि हर वर्ष भारी बारिश के दौरान कॉम्प्लेक्स में पानी भरने की समस्या रहती है, लेकिन इस बार नाला टूटने के कारण स्थिति पूरी तरह बेकाबू हो गई। कुछ ही मिनटों में पूरी दुकान पानी में डूब गई। उन्होंने कहा कि इस समस्या को लेकर कई बार नगर निगम के अधिकारियों और मेयर से मुलाकात कर शिकायत की गई, लेकिन कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया। यदि पहले ही उचित व्यवस्था कर दी जाती तो व्यापारियों को इतनी बड़ी आर्थिक क्षति नहीं झेलनी पड़ती। गंदे पानी में उतरकर बचाया ज्वेलरी का सामान ज्वेलरी व्यापारी हरिओम वर्मा ने बताया कि देर रात उन्हें सूचना मिली कि नाला टूट गया है और तेजी से उनकी दुकान में पानी भर रहा है। सूचना मिलते ही वह घर से तुरंत कॉम्प्लेक्स पहुंचे। वहां पहुंचने पर दुकान के अंदर गंदा पानी भरा हुआ था। उन्होंने कर्मचारियों के साथ मिलकर पानी में उतरकर अपनी दुकान का कीमती सामान बाहर निकाला। उन्होंने कहा कि यदि थोड़ी भी देर हो जाती तो नुकसान और अधिक हो सकता था। नगर निगम ने शुरू कराया पानी निकासी का काम घटना की सूचना मिलने के बाद नगर निगम की टीम मौके पर पहुंची और मोटर लगाकर पानी निकालने का काम शुरू किया। कर्मचारियों ने बताया कि कॉम्प्लेक्स में भरे पानी को पूरी तरह निकालने में करीब छह से सात घंटे का समय लग सकता है। साथ ही नाले में जमा कचरे को हटाने का काम भी शुरू कराया गया। पूरे दिन बंद रहा राप्ती कॉम्प्लेक्स पानी भरने के कारण शनिवार को पूरा राप्ती कॉम्प्लेक्स बंद रहा। किसी भी दुकान पर कारोबार नहीं हो सका। व्यापारी अपनी दुकानों के बाहर खड़े होकर पानी निकलने का इंतजार करते रहे, जबकि कई लोग भीगा हुआ सामान बाहर निकालकर धूप में सुखाने और नुकसान का आकलन करने में जुटे रहे। पूरे परिसर में चारों ओर कीचड़, बदबू और बर्बाद सामान का ढेर दिखाई देता रहा। व्यापारियों ने प्रशासन और नगर निगम से पूरे मामले की जांच कराने, नुकसान का सर्वे कराकर उचित मुआवजा देने और कॉम्प्लेक्स के सामने बने नाले की स्थायी मरम्मत कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जल्द स्थायी समाधान नहीं किया गया तो हर बारिश में यही हालात दोहराए जाएंगे और व्यापारियों को बार-बार लाखों-करोड़ों रुपये का नुकसान उठाना पड़ेगा। उनका कहना है कि यह केवल बारिश से हुई घटना नहीं, बल्कि वर्षों से चली आ रही लापरवाही का परिणाम है, जिसकी कीमत आज सैकड़ों व्यापारियों को चुकानी पड़ रही है।