उत्तर प्रदेश को फूड प्रोसेसिंग हब बनाने की तैयारी, मेगा फूड पार्क और कोल्ड चेन पर जोर
लखनऊ, 18 सितंबर 2026। उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य को बड़े फूड प्रोसेसिंग हब के रूप में विकसित करने की योजना पर जोर दिया है। उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि कृषि और उद्योग के बीच बेहतर तालमेल बनाकर किसानों की आय, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और रोजगार के अवसरों को बढ़ाने पर काम किया जा रहा है। राज्य में मेगा फूड पार्क, कोल्ड चेन और एग्रो-प्रोसेसिंग क्लस्टर जैसी सुविधाओं के विस्तार की बात कही गई है। कृषि उत्पादों की प्रोसेसिंग पर जोर उत्तर प्रदेश देश के प्रमुख कृषि उत्पादक राज्यों में शामिल है। यहां गेहूं, धान, आलू, गन्ना, फल और सब्जियों समेत कई तरह की कृषि उपज का बड़े स्तर पर उत्पादन होता है। सरकार का फोकस अब केवल कृषि उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ इन उत्पादों की प्रोसेसिंग और बेहतर मार्केटिंग व्यवस्था विकसित करने पर है। फूड प्रोसेसिंग के जरिए कृषि उत्पादों को सीधे बाजार में भेजने के बजाय उन्हें पैकेजिंग, संरक्षण और अन्य प्रक्रियाओं से गुजारकर अधिक मूल्य वाले उत्पादों में बदला जा सकता है। इससे किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों में काम करने वाले छोटे उद्यमों के लिए बाजार के नए अवसर बन सकते हैं। कोल्ड चेन नेटवर्क का विस्तार फल और सब्जियों जैसे जल्दी खराब होने वाले कृषि उत्पादों के लिए कोल्ड स्टोरेज और कोल्ड चेन महत्वपूर्ण माने जाते हैं। सरकार राज्य में ऐसी सुविधाओं के विस्तार पर जोर दे रही है। कोल्ड चेन नेटवर्क मजबूत होने से कृषि उत्पादों को उत्पादन क्षेत्र से प्रसंस्करण इकाइयों और फिर बाजार तक पहुंचाने में मदद मिल सकती है। इससे भंडारण और परिवहन के दौरान होने वाली बर्बादी को कम करने का भी प्रयास किया जा सकता है। युवाओं और महिलाओं के लिए रोजगार फूड प्रोसेसिंग उद्योग में उत्पादन के साथ पैकेजिंग, गुणवत्ता जांच, लॉजिस्टिक्स, मार्केटिंग और मशीन संचालन जैसे कई क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बनते हैं। राज्य सरकार की योजनाओं में महिलाओं और युवाओं को प्रशिक्षण देकर इस क्षेत्र से जोड़ने पर भी जोर दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण उद्यम उन्नयन योजना (PMFME) जैसी योजनाओं के जरिए छोटे उद्यमों को आगे बढ़ाने की कोशिश की जा रही है। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की कोशिश फूड प्रोसेसिंग इकाइयों के कृषि क्षेत्रों के नजदीक विकसित होने से किसानों और उद्योगों के बीच सीधा संपर्क बढ़ सकता है। इससे स्थानीय स्तर पर प्रसंस्करण, पैकेजिंग और परिवहन से जुड़ी गतिविधियां भी बढ़ने की संभावना रहती है। सरकार का कहना है कि कृषि और उद्योग के बीच बेहतर तालमेल से स्थानीय उत्पादों को बड़े बाजारों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी। इसके लिए एग्रो-प्रोसेसिंग क्लस्टर और मेगा फूड पार्क जैसी परियोजनाओं को विस्तार देने की दिशा में काम किया जा रहा है। निवेश और बाजार विस्तार पर नजर उत्तर प्रदेश सरकार फूड प्रोसेसिंग सेक्टर में निजी निवेश बढ़ाने और स्थानीय उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराने पर भी जोर दे रही है। राज्य में कृषि आधारित उद्योगों के विस्तार से किसानों के लिए अतिरिक्त बाजार और मूल्यवर्धन के अवसर पैदा हो सकते हैं। हालांकि इन योजनाओं का वास्तविक प्रभाव परियोजनाओं के क्रियान्वयन, निवेश, बुनियादी ढांचे और बाजार से जुड़ाव पर निर्भर करेगा। सरकार की मौजूदा रणनीति में कृषि उत्पादन को प्रसंस्करण, पैकेजिंग और बाजार व्यवस्था से जोड़ना प्रमुख लक्ष्य के रूप में सामने आया है।
What's Your Reaction?