भारत सरकार ने बायोगैस उत्पादन बढ़ाने के लिए ₹23,731 करोड़ की योजना को मंजूरी दी
नई दिल्ली, 6 अगस्त 2026: केंद्र सरकार ने देश में Compressed Biogas (CBG) के उत्पादन और वितरण को बढ़ावा देने के लिए एक बड़े निवेश कार्यक्रम को मंजूरी दी है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इस उद्देश्य के लिए ₹23,731 करोड़ यानी करीब 2.5 अरब डॉलर के निवेश को मंजूरी दी है। सरकार का लक्ष्य बायोगैस के उत्पादन को बढ़ाने के साथ-साथ देश में स्वच्छ और वैकल्पिक ईंधन के इस्तेमाल को बढ़ावा देना है। यह फैसला भारत की ऊर्जा सुरक्षा और Renewable Energy रणनीति के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों का एक बड़ा हिस्सा आयातित तेल और गैस से पूरा करता है। ऐसे में घरेलू स्तर पर तैयार होने वाले वैकल्पिक ईंधन को बढ़ावा देकर आयात पर निर्भरता कम करने की कोशिश की जा रही है। क्या है Compressed Biogas? Compressed Biogas यानी CBG एक ऐसा ईंधन है जिसे जैविक कचरे और अन्य जैविक पदार्थों से तैयार किया जाता है। इसके उत्पादन में कृषि अवशेष, पशुओं का गोबर, खाद्य अपशिष्ट और अन्य जैविक सामग्री का इस्तेमाल किया जा सकता है। प्रसंस्करण के बाद तैयार गैस में मीथेन की मात्रा अधिक होती है और इसे उचित शुद्धिकरण के बाद ईंधन के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। ₹23,731 करोड़ का निवेश क्यों महत्वपूर्ण? सरकार द्वारा स्वीकृत ₹23,731 करोड़ की राशि का उद्देश्य देश में CBG से जुड़ी उत्पादन और वितरण क्षमता को बढ़ाना है। इससे निजी कंपनियों और ऊर्जा क्षेत्र में काम करने वाले निवेशकों के लिए नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है। सरकार के इस कदम से बायोगैस प्लांट स्थापित करने, जैविक कचरे का उपयोग बढ़ाने और उससे ऊर्जा तैयार करने वाले प्रोजेक्ट्स को प्रोत्साहन मिल सकता है। किसानों को भी मिल सकता है फायदा CBG उत्पादन के लिए कृषि अवशेष और पशु अपशिष्ट जैसे जैविक संसाधनों का इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे किसानों और ग्रामीण क्षेत्रों में उपलब्ध जैविक सामग्री को आर्थिक उपयोग में लाने का अवसर मिल सकता है। यदि स्थानीय स्तर पर CBG प्लांट विकसित होते हैं, तो कृषि अवशेषों को केवल कचरा मानने के बजाय उन्हें ऊर्जा उत्पादन के लिए उपयोग किया जा सकेगा। आयातित ईंधन पर निर्भरता कम करने की कोशिश भारत अपनी कच्चे तेल की जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल और गैस की कीमतों में बदलाव का सीधा असर भारत की अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है। ऐसे में घरेलू स्तर पर तैयार होने वाले CBG जैसे वैकल्पिक ईंधन को बढ़ावा देना ऊर्जा सुरक्षा के लिए उपयोगी हो सकता है। सरकार Renewable Energy और Alternative Fuels के माध्यम से ऊर्जा स्रोतों में विविधता लाने की कोशिश कर रही है। पर्यावरण के लिहाज से भी महत्वपूर्ण बायोगैस उत्पादन का एक महत्वपूर्ण पहलू जैविक कचरे का बेहतर इस्तेमाल है। कृषि अवशेष और अन्य जैविक कचरे को खुले में जलाने या बिना उचित प्रबंधन के छोड़ने के बजाय उनका उपयोग ऊर्जा उत्पादन में किया जा सकता है। इससे Waste Management और Clean Energy दोनों क्षेत्रों को एक साथ बढ़ावा देने की संभावना है। रोजगार और निवेश के अवसर CBG क्षेत्र के विस्तार से प्लांट निर्माण, संचालन, कच्चे माल की आपूर्ति, परिवहन और रखरखाव जैसे क्षेत्रों में रोजगार के अवसर पैदा हो सकते हैं। इसके अलावा Renewable Energy और Clean Fuel Sector में निजी निवेश बढ़ने की संभावना भी है। सरकार की व्यापक ऊर्जा रणनीति केंद्र सरकार लगातार Solar Energy, Wind Energy, Green Hydrogen और Biofuels जैसे क्षेत्रों में निवेश बढ़ा रही है। CBG को बढ़ावा देने का फैसला इसी व्यापक रणनीति का हिस्सा माना जा सकता है। सरकार का उद्देश्य आने वाले वर्षों में देश के Energy Mix में स्वच्छ और घरेलू ऊर्जा स्रोतों की हिस्सेदारी बढ़ाना है। निष्कर्ष 6 अगस्त 2026 को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने Compressed Biogas के उत्पादन और वितरण को बढ़ावा देने के लिए ₹23,731 करोड़ के निवेश को मंजूरी दी। यह कदम भारत की Renewable Energy और Energy Security Strategy के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे घरेलू स्तर पर वैकल्पिक ईंधन का उत्पादन बढ़ाने, जैविक कचरे का उपयोग करने और भविष्य में आयातित जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है।
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