RBI इस साल ब्याज दरों में बदलाव के मूड में नहीं, आर्थिक विकास को प्राथमिकता मिलने के संकेत

नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) इस वर्ष अपनी प्रमुख नीतिगत ब्याज दर (रेपो रेट) में बदलाव करने के पक्ष में नहीं दिख रहा है। रॉयटर्स के ताजा सर्वे में शामिल अधिकांश अर्थशास्त्रियों का मानना है कि केंद्रीय बैंक 2026 के शेष महीनों में रेपो रेट को 5.25% पर स्थिर रख सकता है। विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल RBI की प्राथमिकता महंगाई पर नियंत्रण के साथ-साथ आर्थिक विकास की रफ्तार को बनाए रखना है। वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और भू-राजनीतिक तनाव के बीच ब्याज दर बढ़ाने से आर्थिक गतिविधियों पर असर पड़ सकता है। इसी वजह से केंद्रीय बैंक फिलहाल "वेट एंड वॉच" की रणनीति अपना सकता है। सर्वे के मुताबिक, अधिकांश अर्थशास्त्रियों का अनुमान है कि अगस्त में होने वाली मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक में भी रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया जाएगा। हालांकि यदि आने वाले महीनों में महंगाई लगातार बढ़ती है या वैश्विक परिस्थितियों में बड़ा बदलाव आता है, तो RBI अपनी नीति की समीक्षा कर सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार, ब्याज दरों को स्थिर रखने से उद्योगों, कारोबार और उपभोक्ताओं को राहत मिल सकती है। वहीं, बैंकिंग और निवेश क्षेत्र की नजर अब RBI की अगली मौद्रिक नीति बैठक पर रहेगी, जहां भविष्य की आर्थिक रणनीति को लेकर महत्वपूर्ण संकेत मिल सकते हैं।

Jul 27, 2026 - 08:36
Jul 27, 2026 - 08:42
 0  0
RBI इस साल ब्याज दरों में बदलाव के मूड में नहीं, आर्थिक विकास को प्राथमिकता मिलने के संकेत

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow