UPI पर नए शुल्क की तैयारी, 2000 रुपये से ऊपर भुगतान पर MDR की अनुमति
UPI भारत में डिजिटल भुगतान का प्रमुख माध्यम बन चुका है। छोटे दुकानदारों से लेकर बड़े व्यापारियों तक इसका इस्तेमाल रोजमर्रा के भुगतान के लिए किया जाता है। अब UPI के शुल्क ढांचे में प्रस्तावित बदलाव को लेकर चर्चा तेज हो गई है। Reuters की रिपोर्ट के अनुसार 15 अक्टूबर 2026 से 2,000 रुपये से अधिक के कुछ व्यापारी लेनदेन पर 0.4 प्रतिशत तक MDR लेने की अनुमति होगी। यह बदलाव छह वर्षों तक मुफ्त UPI नेटवर्क के बाद शुल्क व्यवस्था में महत्वपूर्ण परिवर्तन के रूप में देखा जा रहा है। रिपोर्ट के मुताबिक PhonePe और Google Pay वर्तमान में UPI भुगतान मूल्य का लगभग 80 प्रतिशत हिस्सा संभालते हैं। शुल्क व्यवस्था में बदलाव से बड़े प्लेटफॉर्म और छोटे प्रतिस्पर्धियों पर अलग-अलग प्रभाव पड़ सकता है। हालांकि यह जरूरी नहीं है कि पूरा शुल्क सीधे ग्राहकों से वसूला जाए। शुल्क का वास्तविक प्रभाव व्यापारी, बैंक और भुगतान सेवा प्रदाता के बीच व्यवस्था पर निर्भर करेगा। UPI की पहुंच देश के शहरों के साथ-साथ ग्रामीण क्षेत्रों तक भी बढ़ी है। ऐसे में शुल्क व्यवस्था में बदलाव का असर डिजिटल भुगतान के कारोबार और भुगतान कंपनियों की रणनीतियों पर पड़ सकता है। नियामकीय स्तर पर भी बाजार में प्रतिस्पर्धा और UPI में हिस्सेदारी से जुड़े नियम महत्वपूर्ण बने हुए हैं। आने वाले समय में भुगतान कंपनियां और व्यापारी इस नई व्यवस्था के अनुसार अपनी रणनीति तैयार कर सकते हैं।
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