भारत-कनाडा व्यापार समझौते की वार्ता तेज, 2026 के अंत तक लक्ष्य
नई दिल्ली, 19 सितंबर 2026। भारत और कनाडा ने व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (CEPA) पर चल रही बातचीत को आगे बढ़ाने और इसे तेज करने पर सहमति जताई है। दोनों देशों के वाणिज्य एवं व्यापार अधिकारियों के बीच हुई चर्चा में आर्थिक संबंधों को मजबूत करने और व्यापारिक बाधाओं को कम करने के मुद्दों पर बातचीत हुई। दोनों पक्ष 2026 के अंत तक समझौते को पूरा करने की दिशा में काम कर रहे हैं। व्यापार वार्ता को गति देने पर जोर भारत के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल और कनाडा के अंतरराष्ट्रीय व्यापार मंत्री मनिंदर सिद्धू के बीच हुई बैठक में CEPA वार्ता की प्रगति की समीक्षा की गई। दोनों पक्षों ने बातचीत को आगे बढ़ाने और लंबित मुद्दों पर काम तेज करने की प्रतिबद्धता जताई। CEPA का उद्देश्य दोनों देशों के बीच वस्तुओं और सेवाओं के व्यापार को आसान बनाना तथा निवेश और आर्थिक सहयोग के लिए अधिक अनुकूल परिस्थितियां तैयार करना है। अगले चरण में वार्ता उपलब्ध जानकारी के अनुसार भारतीय वार्ताकारों के अगले महीने कनाडा जाने की संभावना है। दोनों देशों के अधिकारी समझौते के अलग-अलग हिस्सों पर आगे चर्चा करेंगे। भारत और कनाडा के बीच व्यापार संबंधों में ऊर्जा, महत्वपूर्ण खनिज, तकनीक और अन्य क्षेत्रों को लेकर सहयोग की संभावनाओं पर भी चर्चा हो रही है। दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों को व्यापक बनाने के लिए इन क्षेत्रों को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ऊर्जा और महत्वपूर्ण खनिजों पर सहयोग भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों और औद्योगिक उत्पादन के लिए विभिन्न देशों के साथ दीर्घकालिक आर्थिक साझेदारी बढ़ा रहा है। कनाडा के पास ऊर्जा संसाधनों के साथ-साथ महत्वपूर्ण खनिजों के भी बड़े भंडार हैं। सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रिक वाहन, बैटरी और आधुनिक तकनीकी उद्योगों के विस्तार के साथ लिथियम, निकेल और अन्य महत्वपूर्ण खनिजों की वैश्विक मांग बढ़ी है। ऐसे में दोनों देशों के बीच इस क्षेत्र में सहयोग व्यापार वार्ता का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हो सकता है। निवेश के लिए भी अवसर CEPA के जरिए केवल वस्तुओं के व्यापार को बढ़ाने पर ही नहीं, बल्कि सेवाओं और निवेश से जुड़े मुद्दों को भी संबोधित करने का प्रयास किया जा रहा है। भारत की आईटी, फार्मास्यूटिकल्स, इंजीनियरिंग और सेवा कंपनियों के लिए कनाडा एक महत्वपूर्ण बाजार है। वहीं कनाडाई कंपनियों के लिए भारत का बड़ा उपभोक्ता बाजार और तेजी से बढ़ता औद्योगिक आधार निवेश के अवसर प्रदान करता है। 2026 के अंत तक समझौते का लक्ष्य दोनों देशों के बीच बातचीत का अगला महत्वपूर्ण लक्ष्य 2026 के अंत तक CEPA को अंतिम रूप देने की दिशा में आगे बढ़ना है। हालांकि किसी भी व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने से पहले विभिन्न क्षेत्रों में सहमति और कानूनी प्रक्रियाओं को पूरा करना आवश्यक होगा। भारत और कनाडा के अधिकारियों के बीच आगे होने वाली बैठकों से यह स्पष्ट होगा कि लंबित मुद्दों पर कितनी तेजी से सहमति बनती है। फिलहाल दोनों पक्षों ने वार्ता को आगे बढ़ाने और आर्थिक संबंधों को मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई है।
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